NCERT Class 4 EVS Revision Notes Hindi Medium (हमारा अद्भुत संसार | Hamara Adbhut Sansar)

इस गाइड में NCERT Class 4 EVS Revision Notes Hindi Medium के सभी 10 अध्यायों के रिवीजन नोट्स दिये गए हैं— जो परीक्षा या यूनिट टेस्ट से पहले रिवीजन के लिए उपयोगी हैं। These Class 4 EVS notes are ideal for quick revision just before exams.

ये नोट्स NCERT की आधिकारिक पाठ्यपुस्तक (कक्षा 4 EVS, 2026-27) के अध्यायों से तैयार किए गए हैं। हर अध्याय में — मुख्य बातें, “क्या आप जानते हैं?” और झटपट जाँच के दो प्रश्न हैं।

अध्याय पर जाएँ: 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10

अध्याय 1: मिलकर साथ रहना (Living Together)

मुख्य बातें

  • हम सब किसी न किसी रूप में एक-दूसरे पर निर्भर हैं — समुदाय में लोग जगह और संसाधन साझा करते हैं।
  • पार्क, स्कूल, अस्पताल, बस स्टॉप जैसी जगहें समुदाय की ज़रूरतें पूरी करती हैं; इन्हें साफ़ और सुरक्षित रखना सबकी ज़िम्मेदारी है।
  • पाठ में गाँव के लोग मिलकर वन महोत्सव मनाते हैं, पेड़ लगाते हैं और साथ भोजन करते हैं।
  • ज़मीन में गड्ढा करके दबाई गई पत्तियाँ खाद बन जाती हैं, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है।
  • स्कूल भी एक समुदाय है — शिक्षक, छात्र, बस चालक, देखभालकर्ता सब एक टीम की तरह काम करते हैं।
  • चींटियों और मधुमक्खियों की कॉलोनी भी एक समुदाय है, जहाँ हर सदस्य का अपना काम होता है।

क्या आप जानते हैं? वन महोत्सव (पेड़ लगाने का त्योहार) हर साल बरसात में 1 से 7 जुलाई तक मनाया जाता है। असम में माघ बिहू के पहले दिन (उरुका) लोग मिलकर बाँस और भूसे से “भेला घर” बनाते हैं।

झटपट जाँच

1. वन महोत्सव कब मनाया जाता है?
उ. 1 से 7 जुलाई (बरसात में)।

2. पत्तियों को जलाने की जगह क्या करना चाहिए?
उ. गड्ढे में दबाकर खाद बनानी चाहिए।

अध्याय 2: अपने परिवेश को जानना (Exploring Our Neighbourhood)

मुख्य बातें

  • डाकघर चिट्ठियाँ, पार्सल और मनीऑर्डर पहुँचाकर लोगों को जोड़ता है।
  • अस्पताल में डॉक्टर, नर्स, फ़ार्मासिस्ट, एम्बुलेंस चालक आदि मिलकर काम करते हैं।
  • बैंक में पैसे जमा किए और निकाले जाते हैं; ATM से कार्ड द्वारा कभी भी पैसे निकाले जा सकते हैं। पैसे बचाना ज़रूरी है।
  • पहले लोग चिट्ठियों से संवाद करते थे, आज फ़ोन और इंटरनेट से तुरंत बात होती है — खबर आगे भेजने से पहले उसकी सच्चाई जाँचना ज़रूरी है।
  • पुल, सुरंग और फ्लाइओवर जैसी संरचनाओं ने यात्रा तेज़ और जुड़ाव बेहतर बनाया है।
  • रास्ता बताने के लिए दिशाएँ (बाएँ-दाएँ, आगे-पीछे) और पहचान-चिह्न (लैंडमार्क) काम आते हैं।
  • पुलिस, अग्निशमन और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएँ समुदाय को सुरक्षित रखती हैं।

क्या आप जानते हैं? बहुत पहले लोग वस्तु-विनिमय (बार्टर) प्रणाली से सामान बदलते थे, जैसे गेहूँ के बदले दूध। सही साथी और सही मूल्य ढूँढना कठिन था, इसलिए पैसों का आविष्कार हुआ।

झटपट जाँच

1. वस्तु-विनिमय प्रणाली क्या थी?
उ. पैसों की जगह एक सामान के बदले दूसरा सामान लेना।

2. ATM का क्या उपयोग है?
उ. बैंक कार्ड से कभी भी पैसे निकालना।

अध्याय 3: प्रकृति की पाठशाला (Nature Trail)

मुख्य बातें

  • बच्चे आभा दीदी के साथ प्रकृति भ्रमण पर जाते हैं — जंगल/चिड़ियाघर में सुरक्षा नियमों का पालन ज़रूरी है।
  • ज़मीन पर पैरों के निशान से पता चलता है कि कौन-सा जानवर गुज़रा।
  • पक्षियों को ध्यान से देखकर “बर्ड डायरी” में लिखना — वे कैसे चलते हैं, क्या खाते हैं, कहाँ बैठते हैं।
  • पानी के जीवों की चाल अलग होती है — मछली तैरती है, केकड़ा चलता है, मेंढक कूदता है।
  • पत्तियों के रंग, आकार, बनावट और उन पर बनी रेखाएँ (शिराएँ) अलग-अलग होती हैं — पत्ती का “ऑटोग्राफ़” बनाकर इन्हें देखा जाता है।
  • “जीवन का जाल” खेल सिखाता है कि सभी पौधे और जानवर एक-दूसरे से जुड़े हैं।

क्या आप जानते हैं? स्पेक्टेकल्ड बंदर त्रिपुरा का राजकीय पशु है — इसकी आँखों के चारों ओर सफ़ेद घेरे चश्मे जैसे दिखते हैं।

झटपट जाँच

1. स्पेक्टेकल्ड बंदर किस राज्य का राजकीय पशु है?
उ. त्रिपुरा।

2. मेंढक कैसे चलता है?
उ. कूदकर (और पानी में तैरकर)।

अध्याय 4: प्रकृति की गोद में (Growing up with Nature)

मुख्य बातें

  • पलाश के पेड़ पर नारंगी-लाल फूल खिलते हैं, इसलिए इसे “जंगल की लौ” (flame of forest) कहते हैं; गुजरात में इसे केसूडा कहते हैं।
  • अनाज और सब्ज़ियों को सुरक्षित रखने के पारंपरिक तरीके हैं — धूप में सुखाना, नीम की पत्तियाँ मिलाना, अचार बनाना।
  • कई पौधों के भाग दवा के रूप में काम आते हैं; चोट लगने पर प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स काम आता है।
  • कई त्योहार प्रकृति से जुड़े हैं — वट पूर्णिमा (बरगद की पूजा), काज़ीरंगा हाथी महोत्सव।
  • प्राकृतिक संसाधनों का ज़्यादा उपयोग समस्याएँ पैदा करता है, इसलिए उनकी रक्षा ज़रूरी है।
  • सौर पैनल सूर्य की रोशनी से बिजली बनाते हैं, जिससे पंखा और बल्ब चल सकते हैं।

क्या आप जानते हैं? गोंड कला दीवारों पर प्राकृतिक रंगों से बनाई जाने वाली चित्रकला है, जिसमें पेड़, जानवर, पक्षी और मनुष्य बनाए जाते हैं।

झटपट जाँच

1. पलाश को “जंगल की लौ” क्यों कहते हैं?
उ. इसके नारंगी-लाल फूलों से पूरा जंगल दूर से लाल-नारंगी दिखता है।

2. वट पूर्णिमा पर किस पेड़ की पूजा होती है?
उ. बरगद।

अध्याय 5: स्वास्थ्य के लिए भोजन (Food for Health)

मुख्य बातें

  • कोई भी एक भोजन सारे पोषक तत्व नहीं देता, इसलिए अलग-अलग प्रकार का भोजन खाना ज़रूरी है।
  • ऊर्जा देने वाला भोजन: चावल, गेहूँ, आलू, मक्का, केला, शहद, मोटा अनाज (मिलेट्स); घी, मक्खन, तेल भी।
  • शरीर बनाने वाला भोजन: दालें, सोयाबीन, चना, मूँगफली, दूध, पनीर, अंडे, मछली — ये मांसपेशियाँ मज़बूत बनाते हैं।
  • बीमारियों से बचाने वाला भोजन: फल और सब्ज़ियाँ — गाजर, संतरा, नींबू, पपीता, पालक, आँवला, टमाटर।
  • खाना पकाने के तरीके — भाप में पकाना (इडली, इडियप्पम), उबालना, भूनना, ग्रिल करना, तलना और बेक करना; फल चाट और सलाद बिना पकाए खाए जाते हैं।
  • जंक फूड कम खाएँ और पैकेट बंद भोजन का लेबल (एक्सपायरी डेट, सामग्री) ज़रूर देखें।

क्या आप जानते हैं? आयुर्वेद में छह स्वादों — मीठा, खट्टा, नमकीन, तीखा, कड़वा और कसैला — को “षड्रस” कहते हैं। सौर कुकर में सूरज की रोशनी से खाना पकता है, धुआँ नहीं होता। “शेफ़” (Chef) फ़्रेंच शब्द है, जिसका अर्थ है रसोई का मुखिया।

झटपट जाँच

1. “षड्रस” क्या है?
उ. आयुर्वेद के छह स्वाद।

2. दाल और दूध किस खाद्य समूह में आते हैं?
उ. शरीर बनाने वाले भोजन में।

अध्याय 6: स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो (Happy and Healthy Living)

मुख्य बातें

  • अनाज की खेत से थाली तक की यात्रा लंबी है — किसान, विक्रेता और पशु इसे संभव बनाते हैं; पानी, मिट्टी और धूप भी ज़रूरी हैं।
  • सचेत भोजन: धीरे-धीरे चबाकर, स्वाद और बनावट महसूस करते हुए खाना।
  • भोजन का सम्मान करें — थाली में उतना ही लें जितना खा सकें, भोजन बर्बाद न करें।
  • खेल-कूद और व्यायाम शरीर को मज़बूत बनाते हैं; अच्छी नींद और आराम भी उतने ही ज़रूरी हैं।
  • असहज छूने या असुरक्षित स्थिति में ज़ोर से “नहीं” कहें और भरोसेमंद बड़े को बताएँ।

क्या आप जानते हैं? भारत में कई त्योहारों में भोजन के लिए प्रकृति का धन्यवाद किया जाता है — मकर संक्रांति, अक्षय तृतीया, रज उत्सव, ओणम, लोहड़ी आदि।

झटपट जाँच

1. अनाज की यात्रा में कौन-से प्राकृतिक तत्व ज़रूरी हैं?
उ. पानी, मिट्टी और धूप।

2. असुरक्षित स्थिति में क्या करें?
उ. “नहीं” कहें, वहाँ से हटें और भरोसेमंद बड़े को बताएँ।

अध्याय 7: वस्तुएँ कैसे कार्य करती हैं? (How Things Work)

मुख्य बातें

  • लट्टू, सिक्का और फिरकी घूम सकते हैं — सभी वस्तुएँ आसानी से नहीं घूमतीं।
  • फिरकी तभी अच्छे से घूमती है जब छेद ठीक बीच में हो; छेद की जगह बदलने से घूमना बदल जाता है।
  • रंगी फिरकी तेज़ घूमे तो रंग आपस में मिले हुए दिखते हैं।
  • तैरना या डूबना केवल भार पर नहीं — पदार्थ और आकार पर भी निर्भर करता है।
  • एल्युमिनियम फ़ॉयल की चपटी शीट तैरती है, पर कसकर बनाई गोली डूब जाती है।
  • कागज़ की नाव संतुलित हो तो ठीक तैरती है, वरना पलट सकती है।

क्या आप जानते हैं? भारत में लट्टू हज़ारों सालों से खेले जा रहे हैं। पहले इन्हें मिट्टी से बनाया जाता था; आज लट्टू आम तौर पर लकड़ी का होता है।

झटपट जाँच

1. फिरकी अच्छे से कब घूमती है?
उ. जब छेद ठीक बीच में हो।

2. फ़ॉयल की गोली क्यों डूब जाती है?
उ. क्योंकि आकार बदलने से वह पानी पर फैलकर नहीं टिक पाती।

अध्याय 8: वस्तुओं का निर्माण (How Things are Made)

मुख्य बातें

  • कागज़ पेड़ों की लकड़ी की लुगदी से बनता है — कागज़ बचाना यानी पेड़ बचाना।
  • पुराने अख़बार, मेथी के दाने (जोड़ने का काम) और पानी से घर पर पुनर्चक्रित कागज़ बनाया जा सकता है।
  • हल्दी, पालक, चुकंदर और मेंहदी से प्राकृतिक रंग मिलते हैं; प्राकृतिक रंग पौधों के भागों से बनते हैं और सुरक्षित हैं।
  • अलग कागज़, अलग उपयोग — टिश्यू पेपर पानी सोखता है, गत्ता डिब्बे बनाने में; ब्रेल लिपि से दृष्टिबाधित लोग उभरे बिंदुओं को छूकर पढ़ते-लिखते हैं।
  • कचरा प्रबंधन के 5R: Refuse (मना करना), Reduce (कम करना), Reuse (दोबारा उपयोग), Repurpose (नए तरीके से उपयोग), Recycle (पुनर्चक्रण)।

क्या आप जानते हैं? पहले कागज़ की जगह कपड़ा, पत्ते और लकड़ी की पट्टियाँ लिखने के काम आती थीं। भारत में ताड़ के पत्तों (तालपत्र) पर लिखा जाता था। केले के रेशे से भी कागज़ बन सकता है।

झटपट जाँच

1. पुनर्चक्रित कागज़ में मेथी के दाने क्यों डालते हैं?
उ. लुगदी को जोड़ने (बाइंडिंग) के लिए।

2. तालपत्र क्या है?
उ. ताड़ के पत्ते, जिन पर पहले लिखा जाता था।

अध्याय 9: जैसा देश, वैसा भेष (Different Lands Different Lives)

मुख्य बातें

  • पाठ में बच्चे अलग-अलग जगहों के अनुभव बताते हैं — गुरप्रीत (अमृतसर, पंजाब — खेती वाला मैदानी इलाका), चाँदनी (समुद्र तट, ओडिशा), और नयन (सिक्किम के पहाड़)।
  • रेगिस्तान में बारिश कम होती है, पानी की कमी रहती है और यात्रा के लिए ऊँट उपयोगी है।
  • तटीय इलाकों में नारियल के पेड़, मछली पकड़ना और हल्के सूती कपड़े आम हैं; यहाँ तेज़ हवाएँ और चक्रवात आते हैं।
  • पहाड़ों में ठंड के कारण ऊनी कपड़े, लकड़ी के घर और ढलवाँ छतें होती हैं; चीड़-बलूत जैसे पेड़ और याक मिलते हैं।
  • बरसात में पहाड़ों पर भूस्खलन का ख़तरा रहता है।
  • हर जगह का भोजन, पहनावा और घर वहाँ की जलवायु और ज़मीन के अनुसार होता है।

क्या आप जानते हैं? चक्रवात की पहले से चेतावनी, तैयारी और अच्छे प्रबंधन से लोगों की जान बचाने के लिए ओडिशा सरकार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। सिक्किम का लूसोंग/नामसूंग त्योहार सिक्किमी नए साल की शुरुआत माना जाता है।

झटपट जाँच

1. नयन ने किस राज्य के पहाड़ों की यात्रा की?
उ. सिक्किम।

2. पहाड़ों के घरों की छत ढलवाँ क्यों होती है?
उ. ताकि बारिश का पानी और बर्फ़ फिसलकर गिर जाए।

अध्याय 10: हमारा आकाश (Our Sky)

मुख्य बातें

  • सुबह, दोपहर और रात का आकाश अलग दिखता है; दिन में सबसे चमकीली वस्तु सूर्य है।
  • सूर्य पूर्व से पश्चिम की ओर चलता हुआ दिखाई देता है।
  • परछाईं प्रकाश स्रोत की उलटी दिशा में बनती है — सुबह-शाम लंबी, दोपहर में सबसे छोटी।
  • परछाईं किसी भी प्रकाश स्रोत (टॉर्च, बल्ब) से बन सकती है; टॉर्च पास लाने पर परछाईं बड़ी होती है।
  • चंद्रमा का आकार एक क्रम में बदलता है (कलाएँ) — पूर्णिमा को पूरा गोल, अमावस्या को दिखाई नहीं देता।
  • पोंगल, छठ पूजा, करवा चौथ, ईद और दीवाली जैसे त्योहार सूर्य या चंद्रमा से जुड़े हैं।

क्या आप जानते हैं? 23 अगस्त 2023 को भारत के चंद्रयान मिशन का विक्रम लैंडर चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरा और चंद्रमा की सतह की जानकारी जुटाई।

झटपट जाँच

1. दोपहर में परछाईं कैसी होती है?
उ. सबसे छोटी।

2. विक्रम लैंडर चंद्रमा पर कब उतरा?
उ. 23 अगस्त 2023 को।

रिवीजन कैसे करें

हर अध्याय को दोहराते समय पहले उसका मुख्य विषय याद करें, फिर किताब में दिए गए चित्रों और उदाहरणों को दोबारा देखें। रोज़ 10-15 मिनट का छोटा रिवीजन परीक्षा से एक रात पहले पूरी किताब पढ़ने से कहीं ज्यादा असरदार होता है।

पूरी किताब और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए NCERT Class 4 EVS Hindi Medium बुक पेज देखें।

NCERT Class 4 EVS Revision Notes Hindi Medium (हमारा अद्भुत संसार | Hamara Adbhut Sansar) से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. ये रिविज़न नोट्स परीक्षा से पहले कैसे उपयोगी हैं?
उ. ये हर अध्याय के मुख्य बिंदुओं को संक्षेप में देते हैं, जिससे परीक्षा से पहले तेज़ी से दोहराना किया जा सकता है।

प्र. क्या रिविज़न नोट्स पूरी किताब की जगह पड़ी जा सकती हैं?
उ. नहीं, ये केवल दोहराने के लिए हैं; पूरी समझ के लिए पाठ्यपुस्तक और हमारे विस्तृत सॉल्यूशन पेज भी पड़ें।

प्र. क्या यह नोट्स सभी 10 अध्यायों को कवर करते हैं?
उ. हां, इसमें कक्षा 4 EVS “हमारा अद्भुत संसार” के सभी 10 अध्यायों की मुख्य बातें शामिल हैं।

Book Quiz — Chapter-wise Practice

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Written by Satish

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