NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला)- Free PDF
इस गाइड में NCERT Class 4 Maths Ganit Mela (गणित मेला) के सभी 14 पाठों की सूची और हर पाठ में सिखाई गई मुख्य अवधारणा नीचे दी गई है। यह गाइड बच्चों और अभिभावकों दोनों के लिए यह समझने में मदद करता है कि हर पाठ में क्या सीखा जाएगा, ताकि घर पर अभ्यास कराना आसान हो जाए। These Class 4 Maths Ganit Mela solutions are also useful as quick revision notes before exams.
Class 4 Maths Ganit Mela(गणित मेला)- Chapter 1 to 14 Solutions in Hindi: पाठों की सूची और मुख्य अवधारणा
- अध्याय 1: हमारे आस-पास की आकृतियाँ
- अध्याय 2: लुका-छिपी
- अध्याय 3: हमारे चारों ओर पैटर्न
- अध्याय 4: हमारे आस-पास हजार
- अध्याय 5: बाँटना और मापना
- अध्याय 6: लंबाई मापन
- अध्याय 7: स्वच्छतम गाँव
- अध्याय 8: तौलना और उड़ेलना
- अध्याय 9: समान समूह
- अध्याय 10: हाथी, बाघ और तेंदुए
- अध्याय 11: सममिति के साथ आनंद
- अध्याय 12: टिक-टिक करती घड़ियाँ और बदलते कैलेंडर
- अध्याय 13: परिवहन संग्रहालय
- अध्याय 14: आँकड़ों का प्रबंधन
NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला)| अध्याय 1: हमारे आस-पास की आकृतियाँ — हल एवं व्याख्या
यह भाग “गणित मेला” (कक्षा 4, हिंदी मीडियम) के अध्याय 1 “हमारे आस-पास की आकृतियाँ” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल देता है।
भवन का मॉडल बनाना
प्र. ब्लॉकों से किसी भवन (जैसे इंडिया गेट) का मॉडल बनाइए और बताइए कि आपने कौन-से भाग (छत, खंभे, आधार) किन आकृतियों से बनाए।
उ. खंभों के लिए बेलन (सिलिंडर), आधार के लिए घनाभ (क्यूबॉइड) और मेहराब/छत के लिए अर्ध-गोलाकार या त्रिकोणीय आकृतियाँ उपयुक्त होती हैं, क्योंकि असली भवन के इन हिस्सों का आकार इन्हीं ठोस आकृतियों से मिलता-जुलता है। यदि किसी एक भाग (जैसे खंभा) को हटा दिया जाए, तो मॉडल अस्थिर हो जाएगा या असली भवन जैसा नहीं दिखेगा।
प्रिज़्म और पिरामिड (नेट से बनाना)
प्र. प्रिज़्म (Prism) और पिरामिड (Pyramid) में क्या अंतर है?
उ. प्रिज़्म में दो सर्वसम (एक जैसी) समान्तर आधार होती हैं और बाकी सतहें आयताकार होती हैं। पिरामिड में केवल एक आधार होती है और बाकी सभी सतहें त्रिभुजाकार होती हैं जो एक ही शीर्ष बिंदु पर मिलती हैं।
प्र. क्या घन (Cube) भी एक प्रिज़्म है?
उ. हाँ। घन एक एसा प्रिज़्म है जिसकी सभी 6 सतहें वर्गाकार और बराबर होती हैं।
यूलर सूत्र (फलक + शीर्ष − किनारे = 2)
प्र. घन, घनाभ, त्रिकोणीय पिरामिड, वर्गाकार पिरामिड और त्रिकोणीय प्रिज़्म के फलकों (F), शीर्षों (V) और किनारों (E) की संख्या ज्ञात कर सारणी पूर्ण कीजिए, फिर F + V − E की जाँच कीजिए।
| आकृति | फलक (F) | शीर्ष (V) | किनारे (E) | F+V−E |
|---|---|---|---|---|
| घन (Cube) | 6 | 8 | 12 | 2 |
| घनाभ (Cuboid) | 6 | 8 | 12 | 2 |
| त्रिकोणीय पिरामिड | 4 | 4 | 6 | 2 |
| वर्गाकार पिरामिड | 5 | 5 | 8 | 2 |
| त्रिकोणीय प्रिज़्म | 5 | 6 | 9 | 2 |
नीचे दी गई आकृतियों के फलक (F), शीर्ष (V) और किनारे (E) — यूलर सूत्र की जांच के लिए दृश्य सहायता:
प्र. क्या हर बार F + V − E = 2 मिलता है?
उ. हाँ। यह नियम हर सीधी-भुजाओं वाली (polyhedron) आकृति के लिए सत्य होता है, और इसे यूलर का सूत्र कहते हैं।
पासे (Dice) की सम्मुख सतहें
प्र. एक सामान्य पासे में आमने-सामने की सतहों पर लिखे अंकों का जोड़ क्या होता है, और कौन-सी सतहें आमने-सामने होती हैं?
उ. सामान्य पासे में सम्मुख सतहों का जोड़ हमेशा 7 होता है: 1 के सामने 6, 2 के सामने 5, और 3 के सामने 4।
घनों के टॉवर गिनना
प्र. दी गई आकृतियों में कुल कितने छोटे घन (cubes) प्रयोग हुए हैं?
उ. पहले टॉवर में 30 घन और दूसरे (बफ़े) टॉवर में 66 घन प्रयोग हुए हैं। गिनते समय हर परत (layer) को अलग-अलग गिनकर जोड़ना आसान तरीका है, ताकि छिपे हुए घन भी न छूटें।
आकृति पहचानो (फलक/शीर्ष/किनारों के आधार पर)
नीचे दी गई पहेलियों में बताई गई विशेषताओं से आकृति पहचानिए:
(क) 5 सतहें, 5 शीर्ष, 8 किनारे, 1 वर्ग और 4 त्रिभुज → उ. वर्गाकार पिरामिड (Square Pyramid)
(ख) 1 समतल सतह + 1 वक्र (curved) सतह, 1 किनारा → उ. शंकु (Cone)
(ग) केवल 1 वक्र सतह, कोई किनारा/शीर्ष नहीं → उ. गोला (Sphere)
(घ) 2 समतल + 1 वक्र सतह, 2 किनारे → उ. बेलन (Cylinder)
(ङ) 5 सतहें, 6 शीर्ष, 9 किनारे, 2 त्रिभुज → उ. त्रिकोणीय प्रिज़्म (Triangular Prism)
(च) 6 सतहें, 12 किनारे, 8 शीर्ष → उ. घन/घनाभ (Cube/Cuboid)
कोण पहचानना — समकोण, न्यून कोण, अधिक कोण
प्र. कैंची, हैंगर, झूला (see-saw) और स्लाइड में बने कोणों को पहचानिए और बताइए कि वे किस प्रकार के हैं।
उ. जब दो भुजाओं के बीच का कोण ठीक 90° हो तो वह समकोण कहलाता है; 90° से कम कोण न्यून कोण और 90° से अधिक कोण अधिक कोण कहलाता है। कैंची व झूले में कोण खुलने-बंद होने के साथ बदलता रहता है, इसलिए वह कभी न्यून तो कभी अधिक कोण बन सकता है।
प्र. अंग्रेज़ी अक्षर V, A और Z में बने कोणों को न्यून/समकोण/अधिक कोण के अनुसार वर्गीकृत कीजिए।
उ. V और A में सामान्यतः न्यून कोण बनता है (भुजाएं पास आकर पतला कोण बनाती हैं), जबकि Z में ऊपर और नीचे तिरछी भुजा से अधिक कोण बनते हैं। (ध्यान दें: सही उत्तर अक्षर के ठीक आकार/लिखावट पर निर्भर करता है, अतः बच्चों को अपनी पाठ्यपुस्तक की तस्वीर देखकर स्वयं मापने के लिए प्रोत्साहित करें।)
तीलियों (Straws) से आकृतियाँ बनाना
प्र. तीलियों से त्रिभुज, आयत, पंचभुज और वृत्त बनाकर उन्हें हल्के से दबाइए। कौन-सी आकृति अपना आकार नहीं बदलती?
उ. त्रिभुज ही एकमात्र एसी आकृति है जो दबाने पर भी अपना आकार नहीं बदलती (यह दृढ़/स्थिर रहती है)। आयत को दबाने पर वह चतुर्भुज (समांतर चतुर्भुज) में बदल जाता है — इसके दो समकोण न्यून और दो समकोण अधिक कोण में बदल जाते हैं। पंचभुज भी इसी तरह अपना आकार बदल लेता है। वृत्त बनाने के लिए सभी तीलियाँ बराबर लंबाई की होनी चाहिए।
अद्भुत वृत्त — त्रिज्या और व्यास
प्र. एक गोल कागज़ को कई बार अलग-अलग दिशा में मोड़ने पर जो सिलवटें (creases) बनती हैं, वे सब कहाँ से गुज़रती हैं, और उन्हें क्या कहते हैं?
उ. सभी सिलवटें वृत्त के केंद्र से होकर गुज़रती हैं, और हर सिलवट को व्यास (diameter) कहते हैं। केंद्र से वृत्त की परिधि तक की दूरी को त्रिज्या (radius) कहते हैं, और व्यास सदैव त्रिज्या का दोगुना होता है (व्यास = 2 × त्रिज्या)।
प्र. दिए गए पहियों (wheels) में से किसकी त्रिज्या/व्यास सबसे बड़ा और सबसे छोटा है?
उ. पहिया B की त्रिज्या/व्यास सबसे बड़ा है और पहिया D का सबसे छोटा है।
पहेली आकृतियाँ (छिपी हुई आकृतियाँ)
प्र. दी गई जटिल आकृति में छिपे हुए वर्ग, आयत, त्रिभुज और वृत्त ढूँढ़िए।
उ. आकृति को ध्यान से देखने पर उसमें कई सरल आकृतियाँ ओवरलैप होकर छिपी होती हैं; हर भाग को अलग-अलग रंग से चिह्नित करने पर पहचानना आसान हो जाता है।
प्र. एक त्रिभुज को केवल 2 रेखाएं खींचकर 1 वर्ग और 2 त्रिभुजों में बाँटिए। इसी तरह एक वर्ग को 2 रेखाओं से 3 त्रिभुजों में बाँटिए।
उ. त्रिभुज में आधार के समांतर एक रेखा खींचकर एक छोटा त्रिभुज ऊपर और एक समलंब (trapezium) नीचे बनता है; समलंब में एक विकर्ण खींचने पर वह वर्ग जैसा भाग और 2 त्रिभुज मिलकर कुल 1 वर्ग + 2 त्रिभुज बनते हैं। वर्ग में दोनों विकर्ण खींचने से वह 4 त्रिभुजों में बँटता है — अतः केवल 3 त्रिभुज पाने के लिए एक विकर्ण और एक मध्य-रेखा (bisector) का उपयोग करना पड़ता है।
माचिस की तीलियों की पहेलियाँ
प्र. 5 तीलियों से 2 त्रिभुज बनाइए।
उ. एक बड़ा त्रिभुज बनाकर उसके अंदर एक तीली से आधार को दो हिस्सों में बाँट दें, जिससे 2 छोटे त्रिभुज बन जाते हैं (यानी एक तीली साझा होती है)।
प्र. 2 तीलियाँ हटाकर बचे हुए तीलियों से आकृति बदलिए — कितने त्रिभुज बचते हैं?
उ. सावधानी से तीलियाँ हटाने पर शेष तीलियों से 4 त्रिभुज तक बनाए जा सकते हैं, बशर्ते हर तीली किसी-न-किसी त्रिभुज की भुजा बने।
मॉडल चुनौती (तीलियाँ = किनारे, गोलियाँ = शीर्ष)
प्र. यदि किसी मॉडल में 12 तीलियाँ (किनारे) और 8 मिट्टी की गोलियाँ (शीर्ष) प्रयोग हों, तो वह कौन-सी आकृति है? इसी तरह 9 किनारे/6 शीर्ष वाली आकृति बताइए।
उ. 12 किनारे और 8 शीर्ष वाली आकृति घन (Cube) है। 9 किनारे और 6 शीर्ष वाली आकृति त्रिकोणीय प्रिज़्म (Triangular Prism) है — दोनों की जाँच यूलर सूत्र (F + V − E = 2) से भी की जा सकती है।
NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला)| अध्याय 2: लुका-छिपी — हल एवं व्याख्या
यह भाग “गणित मेला” (कक्षा 4, हिंदी मीडियम) के अध्याय 2 “लुका-छिपी” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल देता है। इस अध्याय में बच्चे किसी वस्तु को अलग-अलग दिशाओं से देखने पर बनने वाले दृश्यों (ऊपर से, सामने से, बगल से), कक्षा/मैदान में किसी वस्तु या व्यक्ति की स्थिति व दिशा बताने, ग्रिड (पंक्ति-स्तंभ) में स्थान पहचानने, और नक्शे पर रास्ता खोजने जैसे विषय सीखते हैं।
चित्र देखकर उत्तर दीजिए — लुका-छिपी का खेल
प्र. (क) बच्चे कौन-सा खेल खेल रहे हैं?
उ. बच्चे लुका-छिपी (Hide and Seek) खेल रहे हैं।
प्र. (ख) ऊपर से कौन देख रहा है?
उ. बोलू पेड़ पर चढ़कर ऊपर से नीचे देख रहा है, इसलिए वह सबसे ऊँची जगह से दृश्य देख पा रहा है।
प्र. (ग) दृश्य 1 में, यदि रानी झोंपड़ी की ओर मुँह करके खड़ी हो, तो क्या वह झोंपड़ी के पास छिपे सभी बच्चों को देख पाएगी?
उ. नहीं। रानी की नज़र केवल उसके ठीक सामने की दिशा तक सीमित रहेगी, इसलिए झोंपड़ी के दोनों किनारों या पीछे छिपे बच्चे उसे दिखाई नहीं देंगे।
प्र. (घ) दृश्य 4 में, क्या मिनी खेल रहे सभी बच्चों को देख सकती है?
उ. नहीं। मिनी की स्थिति से उसका नज़ारा सीमित है — जो बच्चे किसी रुकावट (जैसे दीवार, पेड़ या झोंपड़ी) के पीछे या उसकी दृष्टि-रेखा से बाहर की दिशा में छिपे हैं, वे उसे दिखाई नहीं देंगे।
मुख्य विचार: एक ही स्थान से खड़े होकर हम चारों ओर की हर चीज़ एक साथ नहीं देख सकते — हमारा दृश्य हमारी स्थिति और दिशा पर निर्भर करता है।
एक ही ईंट के अलग-अलग चित्र — दृश्य (Views) पहचानना
प्र. मिनी, बोलू और रानी एक ही ईंट का चित्र बनाते हैं, फिर भी उनके चित्र अलग-अलग क्यों हैं?
उ. तीनों ने ईंट को अलग-अलग तरफ से देखा, इसलिए तीनों के चित्र अलग हैं। जिस तरफ पर ईंट का डिज़ाइन/अंक छपा था (जैसे “7777”), उस तरफ से देखने पर चित्र में डिज़ाइन दिखा। ईंट की लंबी बगल (side) से देखने पर सादा आयत दिखा, और सबसे छोटे सिरे (end) की तरफ से देखने पर चित्र छोटा और सँकरा दिखा। इसी से पता चलता है कि किसी ऍींट समने, ऊपर और बगल से देखे जाने पर तीन अलग-अलग चित्र बनते हैं — इन्हें क्रमशः “सामने का दृश्य”, “बगल का दृश्य” और “ऊपर का दृश्य” कहते हैं।
प्र. चित्र देखकर वस्तुओं के नाम बताइए और यह भी बताइए कि दिखाया गया चित्र सामने, ऊपर या बगल का दृश्य है।
उ. यह पहचानना पूरी तरह पाठ्यपुस्तक में दिखाई गई विशिष्ट तस्वीरों पर निर्भर करती है; सामान्य नियम यह है — जो आकृति चौकोर/आयत दिखती है वह प्रायः “सामने से का दृश्य” होता है, जो किनारेदार आकृति दिखती है वह प्रायः “ऊपर से का दृश्य” होता है।
प्र. जगत और रानी ने एक ही वस्तुओं के अलग-अलग चित्र बनाए हैं — दृश्यों का आकृतियों से मिलान कीजिए।
उ. घन (cube) के सामने और बगल दोनों से वर्ग दिखता है। त्रिकोणीय पिरामिड (triangular pyramid) का सामने से दृश्य त्रिभुज होता है और ऊपर से देखने पर भी भीतरी रेखाओं सहित त्रिभुज दिखता है। घनाभा/आयताकार घन (rectangular prism) का ऊपरी दृश्य त्रिभुजाकार हो सकता है (जब ऊपर से एक नुकीली कोण दिखती हो) जबकि सामने से देखने पर वह आयताकार ही दिखता है।
जगत को खोजना — कक्षा में स्थान
प्र. जगत की बिल्ली उसे पहली पंक्ति की तीसरी मेज पर बैठा देखती है। जगत की स्थिति को चित्र में चिह्नित कीजिए।
उ. जगत पहली पंक्ति की तीसरी मेज पर बैठा होगा।
प्र. नीले बैग की स्थिति बताइए।
उ. बैग की स्थिति कक्षा के नक्शे में दिखाई गई स्थिति के अनुसार बताई जाएगी (पंक्ति/स्तंभ के संदर्भ में)।
ग्रिड खेल — संकेतों से खाने भरना
प्र. रानी ने ग्रिड भरने के लिए ये संकेत दिए — रबड़ (eraser) ऊपरी दाएं कोने में; पेंसिल (pencil) ऊपरी बाएं कोने में; सेब (apple) दूसरी पंक्ति और दूसरे स्तंभ के बीच में; पानी की बोतल (water bottle) तीसरी पंक्ति और दूसरे स्तंभ में। इन संकेतों के अनुसार ग्रिड भरिए।
उ. प्रत्येक वस्तु को उसकी पंक्ति और स्तंभ संख्या वाले खाने में रखेंगे — जैसे “ऊपरी दाएं कोना” या “दूसरी पंक्ति, दूसरा स्तंभ”। यह ग्रिड (पंक्ति-स्तंभ) से स्थान बताने का वही तरीका है जो आगे चलकर गणित में “स्थान मान (coordinates)” सिखाने के काम आएगा।
ग्रिड खेल — खज़ाने की खोज
प्र. मिनी बाएं ओर के 2 कदम और ऊपर की ओर 1 कदम चलती है। वह किस चिन्ह (mark) पर पहुंचती है?
उ. मिनी “बिल्ली (बिल्ली)” (Cat) चिन्ह पर पहुंचती है। इस तरह के खेल में दिशा (बाएं/दाएं/ऊपर/नीचे) और कदमों की गिनती दोनों मिलाकर स्थान तक पहुंचा जाता है।
ड्रोन से स्कूल का दृश्य
प्र. ड्रोन से ली गई तस्वीर में आप कौन-कौन सी जगह या चीज़ें देख सकते हैं?
उ. ड्रोन से ली गई तस्वीर “ऊपर से का दृश्य (bird’s-eye view)” दिखाती है, जिसमें स्कूल की इमारतें (प्राइमरी/मिडिल/सेकंडरी विंग), खेल का मैदान (हरा-भरा आयताकार खेत), पार्क, खेल कूद का कमरा, और प्रिंसिपल कार्यालय सभी ऊपर से साफ़ दिखते हैं।
विद्यालय का नक्शा और रास्ते
प्र. कक्षा 4 के कमरे से मंच (stage) तक का रास्ता खोजिए। की आप कितने रास्ते खोज पाए? सबसे छोटा रास्ता कौन-सा है?
उ. नक्शे पर आमतौर पर दो रास्ते मिलते हैं — एक रास्ता बीच के हॉल और मिड़िल विंग से होकर जाता है (लंबा), दूसरा रास्ता पार्क के किनारे-किनारे सीधा जाता है (छोटा)। जो रास्ता कम जगहों से होकर गुजरता है, वही छोटा होता है।
प्र. पानी का टैंकर (प्रवेश द्वार से बाएं मुड़कर) MDM रसोई तक कैसे पहुंचे?
उ. प्रवेश से बाएं मुड़ें, फिर सीधे चलें, पुस्तकालय से आगे बढ़ें, आईटी कक्ष के पास से दाएं मुड़ें, और आपको MDM रसोई दाईं ओर मिल जाएगी।
मुख्य विचार: नक्शे पढ़ना, रास्ते खोजना और दिशा-निर्देश (बाएँ/दाएँ/सीधा) देना — यह रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत काम आने वाला कौशल है।
NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला)| अध्याय 3: हमारे चारों ओर पैटर्न — हल एवं व्याख्या
यह भाग “गणित मेला” (कक्षा 4, हिंदी मीडियम) के अध्याय 3 “हमारे चारों ओर पैटर्न” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल देता है। इस अध्याय में बच्चे पंक्ति-रूप (array) में रखी चीज़ों को जल्दी गिनना, पैसों के अलग-अलग संयोजन बनाना, और सम (even) व विषम (odd) संख्याओं को पहचानना सीखते हैं।
चलिए गिनें — नारियल के पेड़
प्र. गुंडप्पा के पास कितने नारियल के पेड़ हैं, और आपको कैसे पता चला?
उ. 9 पेड़ों की प्रत्येक पंक्ति में 9 पेड़ हैं — गुंडप्पा के पास कुल 9 × 9 = 81 नारियल के पेड़ हैं। ईंट/पंक्ति रूप में रखी चीज़ों को पंक्तियों और पंक्तियों में गिनई चीज़ों से गुणा करके जल्दी और सही गिना जा सकता है।
प्र. यदि गुंडप्पा ने हर पेड़ से 5 नारियल तोड़े, तो उसने कुल कितने नारियल तोड़े?
उ. कुल नारियल = 81 पेड़ × 5 नारियल/पेड़ = 405 नारियल।
पैसों के पैटर्न (Patterns with Money)
प्र. शर्ली और शिव ने अपने खिलौने के पैसे एक खास पैटर्न में सजाए — पहले संयोजन में कुल कितने रुपये हैं?
उ. ₹ 80 (चार ₹5 के सिक्के, चार ₹10 के सिक्के और एक ₹20 का सिक्का: 4×₹5 + 4×₹10 + 1×₹20 = ₹80)।
प्र. दूसरे संयोजन में कुल कितने रुपये हैं, और उन्हें कैसे गिना?
उ. ₹ 108 (छह ₹10 के नोट, आठ ₹5 के सिक्के और चार ₹2 के सिक्के: 6×₹10 + 8×₹5 + 4×₹2 = ₹108)। इस तरह के पैटर्न को गिनने का सबसे आसान तरीका यह है कि पहले सबसे बड़े मूल्य के सिक्के/नोट गिनें, फिर छोटे मूल्य वाले जोड़ते जाएं।
प्र. ₹1, ₹2, ₹5 और ₹10 के खिलौने पैसों से ₹36, ₹125 और ₹183 बनाइए।
उ. ₹36: 3×₹10 + 6×₹1 = ₹36 (या वैकल्पिक: 7×₹5 + 1×₹1 = ₹36)। ₹125: 12×₹10 + 1×₹5 = ₹125 (या 6×₹10 + 13×₹5 = ₹125)। ₹183: 18×₹10 + 3×₹1 = ₹183। एक ही राशि को अलग-अलग मूल्यों के नोटों/सिक्कों के कई संयोजनों से बनाया जा सकता है।
सम और विषम संख्याएं (Even and Odd Numbers)
प्र. शिव ने अपने सिक्कों को 4, 6, 8, 12, 14 के समूहों में जोड़े में रखा; शर्ली के समूह 1, 3, 5, 7, 11, 17 थे और एक सिक्का बिना जोड़े के बच जाता था। इन्हें क्या कहते हैं?
उ. शिव की तरह पूरी-पूरी जोड़ों में बंटने वाली संख्याओं को “सम (even) संख्या” कहते हैं, और शर्ली की तरह जिन संख्याओं में एक सिक्का बिना जोड़े के रह जाता है उन्हें “विषम (odd) संख्या” कहते हैं।
प्र. सम संख्याओं की पहचान कैसे करें?
उ. जो संख्या 2 से पूरी-पूरी बट जाए (शेषफल 0 रहे) वह सम है; जो संख्या 2 से बटने पर 1 शेष छोड़े वह विषम है। सम संख्याएँ 0, 2, 4, 6, 8 पर समाप्त होती हैं, विषम संख्याएँ 1, 3, 5, 7, 9 पर।
प्र. क्या तिया-2 के पहाड़े (times-2 table) की सभी संख्याएँ सम होती हैं?
उ. हां, क्योंकि किसी भी संख्या को 2 से गुणा करने पर हमेशा सम संख्या ही बनती है।
प्र. 5, 51, 43, 37, 69, 30, 38, 52, 22, 8, 36 में से सम और विषम संख्याएँ छांटिए।
उ. विषम (आखिरी अंक 1/3/5/7/9): 5, 51, 43, 37, 69। सम (आखिरी अंक 0/2/4/6/8): 30, 38, 52, 22, 8, 36।
प्र. 1 से 100 तक सम संख्याएँ ज्यादा हैं या विषम?
उ. दोनों बराबर हैं — 1 से 100 तक 50 सम संख्याएँ (2, 4, …, 100) और 50 विषम संख्याएँ (1, 3, …, 99) हैं।
प्र. शर्ली ने देखा कि हर विषम संख्या के आगे-पीछे दोनों संख्याएँ सम होती हैं। क्या शिव की यह बात सही है कि हर सम संख्या के आगे-पीछे दोनों संख्याएँ विषम होंगी?
उ. हां, दोनों बातें सही हैं — जैसे 6 (सम), 7 (विषम), 8 (सम) में 7 के दोनों ओर सम हैं; और 5 (विषम), 6 (सम), 7 (विषम) में 6 के दोनों ओर विषम हैं। स्पष्ट है कि सम और विषम संख्याएँ हमेशा बारी-बारी आती हैं।
मुख्य विचार: 1, 2, 3, 4, 5… क्रम में गिनती करने पर संख्याएँ हमेशा सम-विषम-सम-विषम के क्रम में बदलती रहती हैं।
NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला)| अध्याय 4: हमारे आस-पास हज़ार — हल एवं व्याख्या
यह भाग “गणित मेला” (कक्षा 4, हिंदी मीडियम) के अध्याय 4 “हमारे आस-पास हज़ार” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल देता है। इस अध्याय में जसप्रीत और गुलनाज़ के गुरुद्वारे के लंगर की कहानी के साथ 3-4 अंकों वाली संख्याओं, स्थानीय मान (सैकड़ा-दहाई-इकाई), समूहन/पुनःसमूहन, और आगे-पीछे के क्रम बनाने जैसे विषय सीखते हैं।
लंगर में दान — संख्याएँ पहचानना
प्र. जसप्रीत और गुलनाज़ ने लंगर में लगभग 1000 लोगों को खिलाने की तैयारी की; उन्हें अलग-अलग स्रोतों से दान मिले, जिन्हें गिनकर संख्या में लिखना था।
उ. दिए गए चित्रों/वस्तुओं को गिनकर संख्या लिखी जाती है — जैसे 39, 74, 103, 93, 482, 25, 12, 50, 65, 322 आदि। यह अभ्यास गिनती की सटीकता (accuracy) बढ़ाता है।
प्र. अलग-अलग समय पर कितने लोग भोजन के लिए आए, इसे HTO (सैकड़ा-दहाई-इकाई) गुटकों से दर्शाओ, और बताओ किस समय स्लॉट में सबसे ज्यादा/सबसे कम लोग आए।
उ. सबसे ज्यादा लोग 1:30 से 2:00 के बीच आए; सबसे कम लोग 12:00 से 12:30 के बीच आए।
3-अंकों वाली संख्याएँ बनाना
प्र. अंक 3 और 7 का उपयोग करके (दोहराव के साथ) जितनी हो सकें 3-अंकों वाली संख्याएँ बनाइए। सबसे छोटी और सबसे बड़ी संख्या पहचानिए।
उ. बनने वाली संख्याएँ: 333, 337, 373, 377, 733, 737, 773, 777। सबसे छोटी: 333। सबसे बड़ी: 777।
प्र. अंक 3, 5, 0, 8 का उपयोग करके (दोहराव सहित) 550 से कम वाली 6 संख्याएँ बनाइए।
उ. 350, 358, 385, 503, 530, 538 — ये सभी 550 से कम हैं और संख्या-रेखा पर 300 और 550 के बीच अंकित की जा सकती हैं।
संख्याओं की संख्या-रेखा पूरी करना (आगे/पीछे के क्रम)
प्र. खाली स्थान भरें: क) 787 से आगे क्रम में 20 संख्याएँ; ख) 934 से पीछे की ओर 10 संख्याएँ; ग) 629 से 10-10 के अंतर पर आगे की ओर संख्याएँ; घ) 333 से 5-5 के अंतर पर आगे की ओर।
उ. क) 787–806 तक क्रमशः गिनती। ख) 934, 933, … 925 तक घटती। ग) 629, 639, 649, … 729 (10-10 के अंतर पर)। घ) 333, 338, 343, … 378 (5-5 के अंतर पर)।
संख्याओं का उपयुक्त परिसर पहचानना
प्र. अपने गांव में बच्चों की संख्या, अपनी कक्षा में मेजों की संख्या, अपनी गणित की किताब के पृष्ठों की संख्या, और बांबी के चींटियों की संख्या — इनके लिए सबसे उपयुक्त परिसर (range) चुनें।
उ. गांव के बच्चे: 500–1000। कक्षा के मेज: 10–50। गणित किताब के पृष्ठ: 100–200। स्कूल के शिक्षक: 10–50। पेड़ की पत्तियां: 50–100। पुस्तकालय की किताबें: 500–1000। बांबी में चींटियां: 1000 से ज्यादा।
प्र. अपने आस-पास ऐसी चीज़ें पहचानिए जो 1000 से ज्यादा हों।
उ. रात के आसमान में तारे, समुद्र तट पर रेत के कण, बड़े पेड़ पर पत्ते, सिर के बाल, तरबूज के बीज, दीमक में चींटियां — ये सभी सामान्यतः 1000 से कहीं ज्यादा होते हैं।
1000 बनाना — जोड़ के तथ्य
प्र. हम 900 पर हैं। 1000 बनाने के लिए और कितना चाहिए? इसी तरह 800, 850, 760 और 400 के लिए भी बताइए।
उ. 900+100=1000। 800+200=1000। 850+150=1000। 760+240=1000। 400 के लिए: 1000−600=400, यानी 400, 1000 से 600 कम है।
प्र. 1000 बनाने वाले जोड़ के तथ्य पूरी कीजिए: 705+___, 830+___, 497+___, 895+___, 775+___, 980+___, 500+___, 670+___।
उ. 705+295=1000। 830+170=1000। 497+503=1000। 895+105=1000। 775+225=1000। 980+20=1000। 500+500=1000। 670+330=1000।
समूहन और पुनःसमूहन (Grouping and Regrouping)
प्र. नोटबुक में नीचे दी गई संख्याएँ लिखिए (सैकड़ा-दहाई-इकाई में बदलकर): क) 45 इकाई; ख) 39 इकाई; ग) 35 दहाई; घ) 86 दहाई; ङ) 10 दहाई और 1 इकाई; च) 15 दहाई और 23 इकाई; छ) 34 दहाई और 12 इकाई; ज) 19 दहाई और 10 इकाई; झ) 2 सैकड़ा, 13 दहाई और 7 इकाई।
उ. क) 45। ख) 39। ग) 350। घ) 860। ङ) 101। च) 15 दहाई+23 इकाई = 1सैकड़ा+7दहाई+3इकाई = 173। छ) 34दहाई+12इकाई = 3सैकड़ा+5दहाई+2इकाई = 352। ज) 19दहाई+10इकाई = 2सैकड़ा+0दहाई+0इकाई = 200। झ) 2सैकड़ा+13दहाई+7इकाई = 3सैकड़ा+3दहाई+7इकाई = 337।
मुख्य विचार: जब इकाई (ones) 10 या उससे ज्यादा हो जाएं, तो उन्हें दहाई (tens) में बदल दिया जाता है; इसी तरह 10 दहाई मिलकर 1 सैकड़ा (hundred) बनती है — इसे पुनःसमूहन (regrouping) कहते हैं।
आगे-पीछे के क्रम में संख्याएँ (बड़ी संख्याओं तक)
प्र. आगे और पीछे के क्रम में संख्याएँ लिखिए: क) 1027 से आगे; ख) 2007 से आगे; ग) 4885 से आगे; घ) 7996 से आगे।
उ. क) 1027, 1028, 1029, 1030, 1031, 1032, 1033, 1034। ख) 2007, 2008, … 2014। ग) 4885, 4886, 4887, 4889, 4890, … 4893। घ) 7996, 7997, 7998, 7999, 8000, 8001, 8002, 8003। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि 999 के बाद 1000 आता है — यहीं से 4 अंकों वाली संख्याओं की शुरुआत होती है।
NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला)| अध्याय 5: बाँटना और मापना — हल एवं व्याख्या
यह भाग “गणित मेला” (कक्षा 4, हिंदी मीडियम) के अध्याय 5 “बाँटना और मापना” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल देता है। यहां कागज़, ढोकला और फूलों के बगीचे जैसी रोजमर्रा की चीज़ों को बराबर भागों में बाँटकर भिन्नों (fractions) — आधा (1/2), चौथाई (1/4), पंचमांश (1/5) आदि — की समझ बनाई जाती है।
आधा और दो चौथाई क्या बराबर हैं?
प्र. आप कागज़ का कौन-सा हिस्सा चुनते — एक आधा या दो चौथाई? क्यों?
उ. दोनों बराबर हैं — चाहे कोई भी चुन लें, क्योंकि 1/2 = 2/4 होता है।
प्र. क्या इक्रा ने कागज़ को बराबर बाँटा? कैसे पता चले?
उ. हां, बराबर बाँटा — कागज़ को आधे में बाँटने पर 2 बराबर भाग मिलते हैं, चौथाई में बाँटने पर 4 बराबर भाग; दो चौथाई मिलाकर एक आधा बनते हैं, इसलिए परत कर देखने पर दोनों टुकड़े पूरी तरह एक-दूसरे पर मिल जाएंगे।
प्र. कैसे पता चलेगा कि कागज़ बराबर भागों में बटा है?
उ. परतकर देखें कि दोनों टुकड़े पूरी तरह एक-दूसरे पर आते हैं या नहीं; मापकर भी चेक कर सकते हैं कि दोनों भाग एक समान आकार के हैं।
ढोकला बाँटना — जितने ज्यादा लोग, उतना छोटा हिस्सा
प्र. सुमेधा का ढोकला में हिस्सा हर नए मेहमान के आने पर क्या होता जाता है?
उ. सुमेधा का हिस्सा हर नए मेहमान के साथ छोटा होता जाता है — पहले 1/2, फिर 1/3, फिर 1/4 और अंत में 1/5।
प्र. 9 लोगों में बाँटने पर सुमेधा को ज्यादा ढोकला मिलेगा या 11 लोगों में?
उ. 9 लोगों में बाँटने पर (1/9 हिस्सा) ज्यादा मिलेगा — क्योंकि 1/9, 1/11 से बड़ा है। यानी, जितने समान भागों में बाँटा जाए, हिस्सेदार (denominator) जितना बड़ा होगा, हर हिस्सा उतना ही छोटा होगा।
प्र. पूरा एक दोकला बनाने के लिए 1/6 के कितने टुकड़े चाहिए?
उ. 6 टुकड़े चाहिए (6 × 1/6 = 6/6 = 1 पूरा)।
प्र. यदि इष्का और विनायक दोनों अपना-अपना हिस्सा सुमेधा को दे दें, तो सुमेधा का कुल हिस्सा क्या होगा (5 लोगों में बाँटने पर)?
उ. प्रत्येक को 1/5 मिलता है; सुमेधा को अपना हिस्सा + इष्का का हिस्सा + विनायक का हिस्सा = 1/5 + 1/5 + 1/5 = 3/5 मिलेगा।
भिन्नों की तुलना
प्र. खाली जगह भरें: ___ , 1/4 से बड़ा है (1/5, 1/4)। 1/9, ___ 1/6 से। 1/6 ___ 1/8।
उ. 1/4, 1/5 से बड़ा है। 1/6, 1/9 से बड़ा है। 1/6 > 1/8। मुख्य नियम: जब हिस्सेदार (नीचे की संख्या) छोटा हो, तो हिस्सा बड़ा होता है।
फूलों का बगीचा — पंचमांश (fifths) और सेवेंश (sevenths)
प्र. बगीचे में मोगरा 1/5 भाग में है, गुलाब और चमेली कितने-कितने भाग में हैं, और गुलाब कुल 2/5 भाग में है — खाली जगह भरें।
उ. गुलाब 1/5 (एक भाग) में, चमेली 1/5 (एक भाग) में।
प्र. सात फूलों (मोगरा, गुलाब, चमेली, गुलाब, लिली, गुड़हल, पेरिविंकल) से बगीचा बनाएं — गुलाब 1/7 भाग में, गुड़हल और चमेली हर एक 3/7 भाग में।
उ. यहां सात भागों (सेवेंश) में से 1+3+3=7 भाग जोड़कर पूरा बगीचा (7/7) बनता है।
मुख्य विचार: जब किसी पूरी चीज़ (कागज़, ढोकला, बगीचा) को जितने ज्यादा बराबर भागों में बांटा जाए, हर भाग उतना ही छोटा होता जाता है — यही भिन्नों (fractions) की सबसे मूल समझ है।
NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला)| अध्याय 6: लंबाई मापन — हल एवं व्याख्या
यह भाग “गणित मेला” (कक्षा 4, हिंदी मीडियम) के अध्याय 6 “लंबाई मापन” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल देता है। इस अध्याय में बच्चे मीटर (m) और सेंटीमीटर (cm) में लंबाई नापना, अनुमान लगाना और परिधि (perimeter) निकालना सीखते हैं।
मीटर और सेंटीमीटर में बदलना
प्र. खाली जगह भरें: 2म = 200 cm; ___m = 400 cm; 6m = ___cm; ___m = 800 cm।
उ. 4m = 400cm। 6m = 600cm। 8m = 800cm। मुख्य नियम: 1 मीटर = 100 सेंटीमीटर, इसलिए मीटर से सेंटीमीटर में बदलने के लिए 100 से गुणा करते हैं।
प्र. बोर्ड की लंबाई 2 मीटर है। सोनू के पास 20 सेंटीमीटर लंबा सजावटी स्टिकर है। पूरे बोर्ड को ढकने के लिए कितने स्टिकर चाहिए?
उ. बोर्ड = 2म = 200cm। स्टिकर = 20cm। स्टिकरों की संख्या = 200 ÷ 20 = 10।
अनुमान और वास्तविक माप
प्र. अपनी कक्षा की लंबाई-चौड़ाई का अनुमान लगाइए, फिर नापकर जांचिए।
उ. मेरे अनुमान से कक्षा लगभग 8 मीटर लंबी और 6 मीटर चौड़ी थी; नापने पर वास्तविक लंबाई 9 मीटर और चौड़ाई 6 मीटर निकली — मेरा अनुमान वास्तविक माप के करीब था।
प्र. एक बस और एक क्रिकेट बल्ले की लंबाई मीटर में कितनी है?
उ. बस लगभग 15 मीटर। क्रिकेट बल्ला लगभग 0.85–0.9 मीटर।
प्र. दो नीली व्हेल (blue whale) की लंबाई के बराबर कितनी बसें होंगी?
उ. एक व्हेल ≈ 30 मीटर; दो व्हेल = 60 मीटर। बसों की संख्या = 60 ÷ 15 = 4 बसें।
प्र. एक व्हेल की लंबाई नापने के लिए कितने मगरमच्छ (crocodile) चाहिए?
उ. मगरमच्छ ≈ 6 मीटर। संख्या = 30 ÷ 6 = 5 मगरमच्छ।
प्र. यदि दो शुतुरमुर्ग (ostrich) एक-दूसरे के ऐपर खड़े हों, तो उनकी कुल ऊंचाई किस जानवर के बराबर होगी?
उ. शुतुरमुर्ग ≈ 2.5म, दो शुतुरमुर्ग = 5म — यह एक जिराफ की ऊंचाई (≈ 5म) के बराबर होती है।
टूटा हुआ स्केल पढ़ना
प्र. अश्विन का स्केल (टूटी हुई पट्टी) टूटा है — नीली बर्फीले’ वाला कपड़ा 8cm से 14cm निशान तक रखा है, और हॉली पैटर्न वाला कपड़ा 12cm से 16cm निशान तक रखा है। हर कपड़े की लंबाई क्या है?
उ. नीली बर्फीले’ कपड़ा = 14−08 = 6cm। हॉली पैटर्न कपड़ा = 16−12 = 4cm। भले ही स्केल टूटा हो, दो निशानों का अंतर निकालकर भी सही लंबाई पाई जा सकती है।
परिधि (Perimeter) — आकृति के चारों ओर की कुल लंबाई
प्र. भोला ने अपने बगीचों की चारदीवारी (boundary) तीन अलग-अलग तरीकों से बनाई — पहले में 38 ईंटें, दूसरे में 40, तीसरे में 50 ईंटें लगीं। सबसे लंबी चारदीवारी कौन-सी है?
उ. तीसरे बगीचे की चारदीवारी सबसे लंबी है (50 ईंटें)। मुख्य विचार: जितनी ज्यादा ईंटें/इकाईयां चारों ओर लगीं, परिधि उतनी ही लंबी होती है।
प्र. क्या कुछ आकृतियों की परिधि एक समान हो सकती है, भले ही उनका आकार अलग-अलग हो?
उ. हां, दो अलग-अलग दिखने वाली आकृतियों (जैसे एक लंबी संकरी आयत और एक चौकोर) की परिधि बराबर हो सकती है। परिधि सिर्फ चारों ओर की कुल लंबाई पर निर्भर करती है, आकार पर नहीं।
प्र. 20 सेंटीमीटर परिधि वाली तीन अलग-अलग आकृतियां बनाइए।
उ. उदाहरण: 5cm भुजा वाला वर्ग (4×5=20cm), 4cm×6cm का आयत (2×(4+6)=20cm), और 8cm, 6cm, 3cm, 3cm भुजाओं वाला चतुर्भुज (8+6+3+3=20cm) — तीनों की परिधि 20cm है भले ही आकार अलग हैं।
मुख्य विचार: परिधि मतलब है किसी भी आकृति की चारों ओर की कुल लंबाई (बाहरी बॉर्डर) — इसे मीटर/सेंटीमीटर से नापा जा सकता है।
NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला)| अध्याय 7: स्वच्छतम गाँव — हल एवं व्याख्या
यह भाग “गणित मेला” (कक्षा 4, हिंदी मीडियम) के अध्याय 7 “स्वच्छतम गाँव” (मॉवलिन्नॉंग, एशिया का सबसे स्वच्छ गाँव) की गतिविधियों और प्रश्नों के हल देता है। इस अध्याय में खरीदारी, पैसों के लेन-देन, और रोजमर्रा की कहानियों के जरिए 3-4 अंकों वाली संख्याओं का जोड़-घटाव सीखते हैं।
खरीदारी और पैसों का हिसाब
प्र. 2 किलो सेम (beans) का मूल्य → एक किलो ₹95 है। 1 किलो कस्टर्ड एपल (₹45) और 1 किलो चीकू (₹70) का कुल मूल्य क्या होगा?
उ. 2 किलो सेम = ₹95×2 = ₹190। कस्टर्ड एपल+चीकू = ₹45+₹70 = ₹115।
प्र. माँ ने ₹163 में सामान खरीदा। उसने क्या-क्या खरीदा हो सकता है? (एक से अधिक संभावनाएं हो सकती हैं)
उ. 1 किलो सेम(₹95) + 1 किलो मूली(₹23) + 1 किलो जिमीकंद(₹45) = ₹163। या: चीकू(₹70) + आलू(₹37) + प्याज(₹32) + मूली(₹23) = ₹163।
प्र. 3 किलो केले (₹55/किलो) खरीदने हैं। किन नोटों/सिक्कों के संयोजन से पूरा मूल्य चुकाया जा सकता है?
उ. 3 किलो का मूल्य = ₹55×3 = ₹165। ₹200 का एक नोट देकर ₹35 वापस लेना (पर्याप्त), या ₹100+₹50+₹10+₹5 = ₹165 पूरे पैसे देना (पर्याप्त, शेष 0)।
जोड़-घटाव के वास्तविक जीवन के उदाहरण
प्र. राम चाचा को पिछले साल आम के पेड़ से 264 आम मिले; इस साल 527 आम मिले। इस साल कितने ज्यादा आम मिले?
उ. 527 − 264 = 263 आम ज्यादा।
प्र. रंगण्णा ने गौरी हब्बा के लिए 639 गुड़ियां बनाईं; 531 बेच गईं। कितनी गुड़ियां बची हैं?
उ. 639 − 531 = 108 गुड़ियां बची हैं।
प्र. रामी ने पंचतंत्र कीकहानियाँ (236 पृष्ठ) पढ़ीं; केसू ने अकबर-बीरबल (96), कारडी टेल्स (30) और ब्लू अम्ब्रेला (90) पढ़ीं। किसने ज्यादा प्रष्ठ पढ़े, और कितने ज्यादा?
उ. केसू के तीनों किताबों के पृष्ठ = 96+30+90 = 216। रामी के 236 − केसू के 216 = 20 पृष्ठ ज्यादा पढ़े।
ट्रेन में यात्री — जोड़ और घटाव साथ-साथ
प्र. नई दिल्ली से 894 यात्री चले। गाजियाबाद पर 158 चढ़े, 23 उतरे। दादरी पर 67 चढ़े, 75 उतरे। दादरी से चलते समय ट्रेन में कुल कितने यात्री थे?
उ. गाजियाबाद के बाद: 894+158−23 = 1029। दादरी के बाद: 1029+67−75 = 1021 यात्री।
प्र. नई दिल्ली में 894 यात्री थे; अलीगढ़ 1021 यात्री उतरे। कहां सबसे ज्यादा थे, और कितने ज्यादा?
उ. अलीगढ़ में 1021−894 = 127 ज्यादा यात्री थे।
संख्या-जोड़ी खोज (Number Pair Hunt)
प्र. ग्रिड में सटीक बगल-बगल (ऊपर-नीचे या दाएं-बाएं) की संख्या-जोड़ियों में से सबसे बड़ा और सबसे छोटा योग (जोड़) खोजिए।
उ. सबसे बड़ा योग: 300+111 = 411। सबसे छोटा योग: 68+54 = 122।
प्र. इसी ग्रिड में सबसे बड़ा और सबसे छोटा अंतर (difference) किस जोड़ी में है?
उ. सबसे बड़ा अंतर: 321−48 = 273। सबसे छोटा अंतर: 68−54 = 14।
मुख्य विचार: रोजमर्रा की खरीदारी, यात्रा और संग्रह जैसी स्थितियों में जोड़ और घटाव दोनों का उपयोग होता है — पहले समस्या को ध्यान से पढ़कर तय करें कि जोड़ना है या घटाना।
NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला)| अध्याय 8: तौलना और उड़ेलना — हल एवं व्याख्या
यह भाग “गणित मेला” (कक्षा 4, हिंदी मीडियम) के अध्याय 8 “तौलना और उड़ेलना” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल देता है। इस अध्याय में बच्चे वजन (ग्राम/किलोग्राम) और आयतन (मिलीलीटर/लीटर) मापना, तुलना करना और इकाईयों में बदलना सीखते हैं।
भारी से हल्का — जानवरों का क्रम
प्र. चित्रों में दिखाए गए जानवरों को सबसे भारी से सबसे हल्के के क्रम में लिखिए।
उ. हाथी, जिराफ, कुत्ता, गिलहरी, चूहा (छछूंदर)।
प्र. आपके घर में सबसे भारी चीज़ कौन-सी है, और आपको कैसे पता चला?
उ. घर में सबसे भारी चीज़ मंगला हे — इसे एक व्यक्ति अकेले नहीं उठा पाता, हिलाने-डुलाने के लिए कई लोगों की जरूरत पड़ती है।
ग्राम और किलोग्राम की समझ
प्र. 500 ग्राम दाल के पैकेट के बराबर लाने के लिए 250 ग्राम वाले कितने पैकेट चाहिए?
उ. 2 पैकेट (2×250ग = 500ग); यानी 250ग, 500ग का आधा है।
प्र. 50 ग्राम हल्दी के पैकेट के बराबर कितने रबड़ (हर एक ≈ 10ग) तुलेंगे? 100 ग्राम साबुन के बराबर? 250 ग्राम चीनी के बराबर?
उ. 5 रबड़ (50÷10)। 10 रबड़ (100÷10)। 25 रबड़ (250÷10)।
मिठाई के डिब्बे — 1 किलो को अलग-अलग पैकेटों में बांटना
प्र. श्रीनाथन की दुकान में 1 किलो काजू-कतली को डिब्बों में पैक करना है — 500g, 250g, 100g और 50g के डिब्बों में कितने-कितने डिब्बे चाहिए?
उ. 500g के डिब्बों में: 2 डिब्बे (2×500g=1000g=1kg)। 250g में: 4 डिब्बे। 100g में: 10 डिब्बे। 50g में: 20 डिब्बे।
लीटर और मिलीलीटर में आयतन
प्र. 1 लीटर (l) की बोतल भरने के लिए 500 ml वाली कितनी बोतलें चाहिए? 250 ml वाली कितनी? 100 ml वाली कितनी?
उ. 500ml: 2 बोतलें (2×500=1000ml=1l)। 250ml: 4 बोतलें। 100ml: 10 बोतलें।
प्र. भारी चीज़ों को ऊठाना क्यों मुश्किल लगता है?
उ. जितनी भारी चीज़, उतनी ही ज्यादा ताकत/बल लगता है; कई भारी चीज़ों (जैसे किताबों से भरा बस्ता) को दोनों हाथों से या दूसरों की मदद से उठाना पड़ता है।
मुख्य विचार: जैसे 1000 मीटर/सेंटीमीटर संबंध में था, वैसे ही 1 किलो = 1000 ग्राम और 1 लीटर = 1000 मिलीलीटर होता है — इसी संबंध से बड़ी इकाई को छोटी इकाईयों में बांटा जाता है।
NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला)| अध्याय 9: समान समूह — हल एवं व्याख्या
यह भाग “गणित मेला” (कक्षा 4, हिंदी मीडियम) के अध्याय 9 “समान समूह” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल देता है। इस अध्याय में छलांग लगाकर गिनना (skip counting), गुणज (multiples), पंक्ति-स्तंभ सरणी (array), और गुणा-भाग की कहानियों से समझ बनाई जाती है।
जानवरों की छलांग — गुणज (Multiples) पहचानना
प्र. मेंढक हर बार 3 कदम की छलांग लगाता है। क्या वह 67 संख्या पर छलांग लगाएगा?
उ. मेंढक 3 के गुणज पर छलांग लगाएगा: 0, 3, 6, 9, … आदि। 67 ÷ 3 = 22 शेषफल 1 — भागशेष बचता है, इसलिए 67, 3 का गुणज नहीं है — मेंढक 67 को नहीं छूएगा।
प्र. गिलहरी हर बार 4 कदम की छलांग लगाती है। 60 तक पहुंचने के लिए उसे कितनी बार छलांग लगानी पड़ेगी?
उ. 60 ÷ 4 = 15 बार।
प्र. खरगोश 6 कदम की छलांग लगाता है। सबसे छोटी 3-अंकों वाली संख्या कौन-सी होगी जिस पर वह छलांग लगाएगा?
उ. 6 के गुणज: 0, 6, 12, … 96, 102 … — सबसे छोटी 3-अंकों वाली संख्या 102 है; वहां पहुंचने के लिए 102 ÷ 6 = 17 बार छलांग लगानी पड़ी।
उभयनिष्ठ गुणज (Common Multiples)
प्र. खरगोश (6 कदम) और कंगारू (8 कदम) दोनों किन संख्याओं पर छलांग लगाएंगे?
उ. 6 और 8 दोनों के उभयनिष्ठ गुणज (जो 24 के गुणज होते हैं): 0, 24, 48, 72, 96…
प्र. बिल्ली 6 पर है और चूहा 12 पर। बिल्ली हर बार 3 कदम, चूहा हर बार 2 कदम आगे बढ़ता है। क्या बिल्ली चूहे को पकड़ पाएगी? अगर हां, तो किस संख्या पर?
उ. हां; छलांग-दर-छलांग: 6→9, 12→14, 9→12, 14→16, 12→15, 16→18, 15→18, 18→20, 18→21, 20→22, 21→24, 22→24 — छठे छलांग पर दोनों 24 पर मिल जाते हैं — बिल्ली चूहे को 24 पर पकड़ लेगी।
गुलाबो का बगीचा — गुणा और भाग
प्र. गुलाबो के बगीचे में गेंदे के फूल हैं, हर फूल में 3 पंखुड़ियां। 12 फूलों में कुल कितनी पंखुड़ियां होंगी?
उ. 10 फूलों में = 10×3=30 पंखुड़ियां। 2 फूलों में = 2×3=6। कुल 12 फूलों में = 30+6 = 36 पंखुड़ियां।
प्र. गुड़हल में 5 पंखुड़ियां होती हैं। गुलाबो ने कुल 80 पंखुड़ियां गिनीं। उसके पास कितने फूल थे?
उ. 80 ÷ 5 = 16 फूल। (10 पंखुड़ियों = 2 फूल; 50 पंखुड़ियों = 10 फूल; बचा हुआ 20 पंखुड़ियों = 4 फूल; कुल = 10+2+4 = 16 फूल)।
पंक्ति-स्तंभ सरणी (Array) — बॉक्स और ट्रे
प्र. “डेलीफ्रेश” सुपरमार्केट में स्ट्रॉबेरी बॉक्स 6 पंक्तियों और 15 स्तंभों में रखे हैं। कुल कितने बॉक्स हैं?
उ. 6 पंक्तियां × 15 स्तंभ = 90 बॉक्स।
प्र. राधा की बेकरी में एक ट्रे में 18 कपकेक बनते हैं। ओवन में एक साथ 2 ट्रे आ जाते हैं। एक बार में कुल कितने कपकेक बनते हैं? विशेष ऑर्डर में 108 कपकेक बने — कितनी ट्रे बेक हुईं?
उ. एक बार में = 2×18 = 36 कपकेक। 108 कपकेक के लिए = 108 ÷ 18 = 6 ट्रे।
मुख्य विचार: पंक्ति-स्तंभ सरणी (array) में कुल संख्या = पंक्तियों की संख्या × स्तंभों की संख्या — यही गुणा (multiplication) की बुनियादी समझ है, और इसे उलटाने पर भाग (division) बन जाता है।
NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला)| अध्याय 10: हाथी, बाघ और तेंदुए — हल एवं व्याख्या
यह भाग “गणित मेला” (कक्षा 4, हिंदी मीडियम) के अध्याय 10 “हाथी, बाघ और तेंदुए” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल देता है। इस अध्याय में संख्या-खेल, जोड़ सारणी के पैटर्न, और वन्यजीवों की जनगणना पर आधारित बड़ी संख्याओं के जोड़-घटाव सीखते हैं।
10 तक पहुंचने का खेल — जीतने की रणनीति
प्र. दूसरा खिलाड़ी 8 तक पहुंच चुका है और अब आपकी बारी है (हर बारी में 1 या 2 जोड़सकते हैं, जो 10 तक पहले पहुँचे वह जीते)। क्या आप जीत सकते हैं?
उ. हां, 2 जोड़कर 10 पर पहुंचें और जीत जाएं।
प्र. इस खेल में जीतने की “मुख्य स्थितियां” (key positions) कौन-सी हैं, जिन पर पहुंचकर जीत पक्की हो जाती है?
उ. लक्ष्य 10 के लिए मुख्य स्थितियां: 1, 4, 7 — इन में से किसी एक पर विरोधी को भेजकर आप हमेशा जीतेंगे, क्योंकि वह 1 या 2 जोड़े, आप हर बार अगली मुख्य स्थिति तक पहुंच जाएंगे।
जोड़ सारणी में पैटर्न
प्र. 0 से 12 तक की जोड़ सारणी में संख्या 9 कितनी बार दिखती है, और कौन-कौन सी पंक्तियों में?
उ. 9, उन सभी पंक्तियों में दिखता है जहां पंक्ति+स्तंभ = 9 हो: (0+9), (1+8), (2+7), (3+6), (4+5), (5+4), (6+3), (7+2), (8+1), (9+0) — कुल 10 जगह।
प्र. क्या जोड़ सारणी में कोई एसी पंक्ति/स्तंभ है जिसमें सिर्फ सम संख्याएँ हों?
उ. हां, 0 से शुरू होने वाली पंक्ति/स्तंभ में सिर्फ सम संख्याएँ (0,2,4,6,8,10,12…) आती हैं; कोई भी पंक्ति/स्तंभ पूरी तरह सिर्फ विषम संख्याओं से भरा नहीं हो सकता।
उलटा करके जोड़ना (Reverse and Add)
प्र. 27 को लेकर उसके अंक उलट दीजिए (72) और दोनों को जोड़िए। अलग-अलग 2-अंकों वाली संख्याओं के साथ भी दोहराएं।
उ. 27+72=99। 45+54=99। 36+63=99। मुख्य नियम: यह बजॉड़ हमेशा 11 का गुणज होता है।
प्र. क्या कभी 3-अंकों वाला संख्या भी बन सकता है? सबसे छोटा 3-अंकों वाला योग कौन-सा होगा?
उ. हां; जब अंकों का जोड़ 10 या उससे ज्यादा हो, तो जोड़ तीन अंकों का बनता है। सबसे छोटा: 46+64=110।
कितने जानवर? — बड़ी संख्याओं का जोड़-घटाव
प्र. कर्नाटक में 6049 हाथी हैं और केरल में 3045। दोनों राज्यों में कुल कितने हाथी हैं?
उ. 6049 + 3045 = 9094 हाथी।
प्र. महाराष्ट्र में 444 बाघ हैं। मध्य प्रदेश में इससे 341 ज्यादा हैं, और उत्तराखंड में 116 ज्यादा। तीनों राज्यों में कुल बाघ कितने?
उ. मध्य प्रदेश = 444+341 = 785। उत्तराखंड = 444+116 = 560। तीनों का कुल योग = 444+785+560 = 1789 बाघ।
प्र. असम में 5719 हाथी हैं, जो मेघालय से 3965 ज्यादा हैं। मेघालय में कितने हाथी हैं?
उ. 5719 − 3965 = 1754 हाथी।
मुख्य विचार: “इससे कितना ज्यादा” वाले प्रश्नों में जोड़ना होता है, और “कितना कम” वाले प्रश्नों में घटाना — किसी बज़ी संख्या को रूपरेखा करने से पहले यह पहचानना जरूरी है।
NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला)| अध्याय 11: सम्मिति के साथ आनंद — हल एवं व्याख्या
यह भाग “गणित मेला” (कक्षा 4, हिंदी मीडियम) के अध्याय 11 “सम्मिति के साथ आनंद” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल देता है। इस अध्याय में कागज़ मोड़ने, दर्पण प्रतिबिंब (mirror image), और सम्मिति-रेखा (line of symmetry) जैसे विषय सीखते हैं।
सम्मिति-रेखा — स्याही की डिज़ाइन
प्र. कागज़ मोड़कर उस पर स्याही फैलाई गई, फिर खोला — क्या यह डिज़ाइन सम्मित (symmetrical) है?
उ. हां; जब कागज़ मोड़कर स्याही फैलाई जाती है, तो खोलने पर एक तरफ का डिज़ाइन दूसरी तरफ का दर्पण प्रतिबिंब बन जाता है। मोड़ की रेखा ही इसकी सम्मिति-रेखा है, जो डिज़ाइन को दो बराबर हिस्सों में बांटती है।
कागज़ का हवाई जहाज़ — सम्मित बनाम असम्मित
प्र. क्या हवाई जहाज़ उड़ेगा अगर उसमें सम्मिति-रेखा न हो?
उ. बिना सम्मिति-रेखा वाला हवाई जहाज़ सीधा नहीं उड़ेगा — वह बड़े पंख की ओर मुड़ेगा या चक्कर खाएगा।
प्र. एक सम्मित और एक असम्मित जहाज़ उड़ाकर देखिए — कौन-सा ज्यादा देर तक उड़ेगा?
उ. सम्मित जहाज़ ज्यादा सीधा और ज्यादा देर तक उड़ता है; असम्मित जहाज़ जल्दी गिर जाता/भटक जाता है। मुख्य निष्कर्ष: सम्मिति जहाज़ को बेहतर उड़ने में मदद करती है।
दर्पण में अंक (Mirror Digits)
प्र. 0 से 9 तक किन अंकों का दर्पण प्रतिबिंब उन्हीं के समान दिखता है?
उ. 0, 1 और 8 का दर्पण प्रतिबिंब स्वयं उन्हीं के समान दिखता है।
प्र. एसी 4-अंकों वाली संख्याएँ बनाइए जिनका दर्पण प्रतिबिंब स्वयं उन्हीं के बराबर हो।
उ. 1001, 1111, 1881, 8008, 8118 आदि। नियम: पहला और चौथा अंक एक समान हो, दूसरा और तीसरा अंक एक समान हो, और सभी अंक केवल 0, 1 या 8 में से हों। दर्पण को संख्या के बीचोबीच रखने पर यह संख्या अपरिवर्तित दिखती है।
एंबुलेंस पर उलटे अक्षर
प्र. एंबुलेंस के आगे के हिस्से पर “AMBULANCE” शब्द उलटा हुआ (दर्पण प्रतिबिंब की तरह) क्यों लिखा होता है?
उ. ताकि जब आगे चल रही गाड़ी का चालक अपने पीछे के शीशे (rear-view mirror) में देखे, तो शब्द सीधा और स्पष्ट दिखाई दे — इससे वह जल्दी एंबुलेंस को पहचानकर रास्ता दे सके।
मुख्य विचार: जो आकृति मोड़कर या दर्पण में रखकर देखने पर दोनों आधे बिल्कुल एक-दूसरे पर फिट जाएं, उसे सम्मित (symmetrical) कहते हैं — यह प्रकृति (पत्ते, तितलियां) और रोजमर्रा की कई वस्तुओं में भी दिखती है।
NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला)| अध्याय 12: टिक-टिक करती घड़ियां और बदलता कैलेंडर — हल एवं व्याख्या
यह भाग “गणित मेला” (कक्षा 4, हिंदी मीडियम) के अध्याय 12 “टिक-टिक करती घड़ियां और बदलता कैलेंडर” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल देता है। इस अध्याय में लीप ईयर (अधिक वर्ष), दिन, तिथि, AM-PM, 24-घंटे की घड़ी, घंटे-मिनट जैसे विषय सीखते हैं।
लीप वर्ष (Leap Year) — फरवरी के दिन
प्र. 2024 और 2025 में फरवरी महीने में कितने दिन थे?
उ. फरवरी 2024 में = 29 दिन थे (लीप वर्ष); फरवरी 2025 में = 28 दिन थे।
प्र. 2024 से पहले और बाद के लगातार लीप वर्ष लिखिए।
उ. लीप वर्ष हर 4 साल बाद आता है। इसलिए: 2016, 2020, 2024, 2028, 2032, 2036।
प्र. सामान्य वर्ष में 365 दिन होते हैं; लीप वर्ष में कितने दिन होते हैं?
उ. लीप वर्ष में 366 दिन होते हैं — फरवरी में एक अतिरिक्त दिन जुड़ता है।
दिन और तिथि की गणना
प्र. यदि 1 जुलाई सोमवार है, तो अगले दो सोमवार की तारीख क्या होगी?
उ. सप्ताह में 7 दिन होते हैं, इसलिए अगला सोमवार (1 + 7 = ) 8 जुलाई को होगा, और उसके बाद वाला सोमवार (8 + 7 = ) 15 जुलाई को होगा।
प्र. लाली का जन्म 04/07/2014 को और छोटू का जन्म 04/12/2019 को हुआ। दोनों में कौन बड़ा है और कितना?
उ. लाली बड़ी है, क्योंकि उसका जन्म 2014 में और छोटू का जन्म 2019 में हुआ। वर्ष का अंतर = 2019 − 2014 = 5; महीने का अंतर = 12 − 7 = 5। इसलिए लाली, छोटू से ठीक 5 वर्ष 5 महीने बड़ी है। छोटू का 10वां जन्मदिन 4 दिसंबर 2029 को मनाया जाएगा।
AM-PM और 24-घंटे की घड़ी
प्र. AM और PM में क्या अंतर है?
उ. रात 12 बजे से दोपहर 12 बजे तक का समय AM (पूर्वाह्न) कहलाता है, और दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक का समय PM (अपराह्न) कहलाता है। 24-घंटे वाली घड़ी में पूरे दिन को 00:00 से 23:59 तक गिना जाता है, जिससे AM/PM लिखने की जरूरत नहीं पड़ती।
प्र. सुबह 6 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक कुल कितने घंटे होते हैं?
उ. पूरे 24 घंटे होते हैं — क्योंकि एक पूरे दिन (24 घंटे) में जो सभी गतिविधियों में बीता समय जोड़ा जाए, वह 24 घंटे ही होगा।
घंटे और मिनट (Hours and Minutes)
प्र. राघव घर से सुबह 8:20 बजे निकला और 8:35 बजे वापस आ गया। उसने कितना समय लिया?
उ. समय = 8:35 − 8:20 = 15 मिनट।
प्र. राघव ने सुबह 10:20 बजे होमवर्क शुरू किया और उसे पूरा करने में 25 मिनट लगे। उसने कितने बजे होमवर्क पूरा किया?
उ. 10:20 + 25 मिनट = 10:45 बजे।
प्र. 1 घंटा और 60 मिनट में क्या संबंध है?
उ. 1 घंटा = 60 मिनट होता है। दोनों समय को दर्शाने के अलग-अलग तरीके हैं, लेकिन दोनों का मतलब समान है। आधा घंटा = 30 मिनट।
मुख्य विचार: समय और कैलेंडर की समझ बच्चों को दैनिक जीवन की योजना बनाने, समय पर काम पूरा करने, और तारीखों को समझने में मदद करती है। लीप वर्ष हर 4 साल बाद आता है, और 1 घंटा हमेशा 60 मिनट के बराबर होता है।
NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला)| अध्याय 13: परिवहन संग्रहालय — हल एवं व्याख्या
यह भाग “गणित मेला” (कक्षा 4, हिंदी मीडियम) के अध्याय 13 “परिवहन संग्रहालय” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल देता है। इस अध्याय में बड़ी गुणा सारणी (11 से 20 तक), विभाजन-दुगुना विधि, और 10 से गुणा जैसे विषय सीखते हैं।
बड़ी गुणा सारणी — गुणा-10 + गुणा-N का पैटर्न
प्र. गुणा-1 सारणी और गुणा-11 सारणी में क्या संबंध है?
उ. गुणा-11 सारणी का हर जवाब गुणा-1 सारणी के जवाब से 10 गुना अधिक होता है (जैसे, 1×11=11, 2×11=22, 3×11=33)। पैटर्न: गुणा-11 = गुणा-10 + गुणा-1।
प्र. गुणा-2 सारणी और गुणा-12 सारणी में क्या संबंध है?
उ. गुणा-12 सारणी गुणा-10 सारणी और गुणा-2 सारणी को जोड़कर बनाई जा सकती है: गुणा-12 = गुणा-10 + गुणा-2। यही पैटर्न गुणा-13 से गुणा-20 तक सभी सारणियों पर लागू होता है — हर बड़ी सारणी, छोटी सारणी में गुणा-10 जोड़कर बनती है।
विभाजन और दुगुना विधि (Splitting and Doubling)
प्र. गुणा-14 सारणी को विभाजन-दुगुना विधि से कैसे बनाएं?
उ. 14 को 7+7 में बांटकर: 1×14 = 1×7+1×7 = 7+7 = 14; 2×14 = 2×7+2×7 = 14+14 = 28; 3×14 = 3×7+3×7 = 21+21 = 42; 4×14 = 28+28 = 56; 5×14 = 35+35 = 70; इसी तरह 10×14 = 70+70 = 140।
प्र. यह विधि किन संख्याओं के लिए काम करती है?
उ. यह विधि सम संख्याओं (even numbers) के लिए काम करती है, जहां संख्या को दो बराबर भागों में बांटा जा सकता है। जैसे गुणा-16 (8+8), गुणा-18 (9+9), गुणा-20 (10+10)।
10 से गुणा — सरल तरीका
प्र. 15 × 10, 19 × 10 और 20 × 10 कितने होते हैं?
उ. जब हम किसी संख्या को 10 से गुणा करते हैं, तो उसके अंत में बस एक शून्य जोड़ दिया जाता है: 15×10 = 150; 19×10 = 190; 20×10 = 200।
प्र. 21 × 10 और 42 × 10 कितने होते हैं?
उ. 21×10 = 21 दहाई = (20×10) + (1×10) = 200+10 = 210; 42×10 = (40×10)+(2×10) = 400+20 = 420।
मुख्य विचार: गुणा-11 से गुणा-20 तक की सभी सारणियां गुणा-10 और छोटी सारणी को जोड़कर आसानी से बनती हैं। सम संख्याओं की सारणियों को विभाजन-दुगुना विधि से भी आसानी से बनाया जा सकता है।
NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला)| अध्याय 14: आँकड़ों का प्रबंधन — हल एवं व्याख्या
यह भाग “गणित मेला” (कक्षा 4, हिंदी मीडियम) के अध्याय 14 “आँकड़ों का प्रबंधन” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल देता है। इस अंतिम अध्याय में सही प्रश्न पूछना, डेटा को तालिका और चित्रालेख (pictograph) में दर्ज करना, और डेटा की तुलना करना जैसे विषय सीखते हैं।
सही प्रश्न पूछना क्यों जरूरी है
प्र. “सबसे ज्यादा पसंदीदा विषय” जानने के लिए कौन-सा प्रश्न सबसे उपयुक्त है — “आपको कौन-कौन सा विषय पसंद है?” या “आपको सबसे ज्यादा कौन-सा विषय पसंद है?”
उ. दूसरा प्रश्न (“सबसे ज्यादा कौन-सा विषय पसंद है?”) ज्यादा उपयुक्त है, क्योंकि इसमें हर बच्चा सिर्फ एक ही विषय चुनता है, जिससे उत्तरों की गिनती करना और तुलना करना आसान हो जाता है। पहले वाले प्रश्न में एक से अधिक जवाब संभव हैं, जिससे सबसे ज्यादा पसंद विषय तय करना मुश्किल हो जाता है। अच्छी प्रश्न स्पष्ट होनी चाहिए और उससे एक ही जवाब मिलनी चाहिए।
पसंदीदा विषय — तालिका में डेटा
प्र. कक्षा में बच्चों की पसंद के विषय गणना किया गया: गणित (M) = 10, भाषा (L) = 8, हमारे आस-पास की दुनिया (T) = 7, कला (A) = 9, शारीरिक शिक्षा (P.E.) = 11। सबसे सामान्य और सबसे कम पसंद विषय कौन-सा है?
उ. सबसे सामान्य (ज्यादा पसंद) विषय — शारीरिक शिक्षा (11 बच्चे)। सबसे कम पसंद विषय — हमारे आस-पास की दुनिया (7 बच्चे)।
प्र. डेटा को सूची (लिस्ट) में लिखने की बजाय तालिका में दिखाना आसान क्यों है?
उ. तालिका रूप (option 2) ज्यादा आसान है क्योंकि यह डेटा को स्पष्ट रूप से व्यवस्थित करती है, जहां हर विषय की गिनती एक नजर में दिख जाती है, जबकि लंबी सूची में हर अक्षर को गिनना पड़ता है।
रंगीन गोले — चित्रालेख (Pictograph)
प्र. बच्चे सबसे ज्यादा और सबसे कम किस रंग का गोला खाते हैं?
उ. सबसे ज्यादा — पीला (10 गोले, सबसे ज्यादा)। सबसे कम — नीला। हर रंग के गोले की गिनती चित्रालेख में देखकर हम आसानी से बता सकते हैं कि कौन-सा रंग सबसे ज्यादा पसंद है।
प्र. लड़कों ने सबसे ज्यादा कौन-सा रंग खाया (6 गोले)? लड़कियों ने कौन-सा रंग सबसे ज्यादा खाया (4-4 गोले)?
उ. लड़कों ने पीला गोला सबसे ज्यादा (6) खाया। लड़कियों ने लाल, नारंगी और पीला — तीनों रंग समान मात्रा (4-4) में खाए।
बाल मेला — फल चाट और सैंडविच की बिक्री
प्र. तीन दिनों में फल चाट की बिक्री थी: दिन 1 = 7, दिन 2 = 12, दिन 3 = 9। कुल कितने फल चाट बिके?
उ. कुल फल चाट बिक्री = 7 + 12 + 9 = 28। सैंडविच की बिक्री (दिन 1=12, दिन 2=16, दिन 3=18) का कुल योग = 12 + 16 + 18 = 46।
प्र. किस दिन सबसे ज्यादा सैंडविच बिके और दिन 2 पर कौन सी वस्तु ज्यादा बिकी?
उ. दिन 3 पर सबसे ज्यादा (18) सैंडविच बिके। दिन 2 पर फल चाट (12) की तुलना में सैंडविच (16) ज्यादा बिके।
मुख्य विचार: सही डेटा इकट्ठा करने के लिए स्पष्ट प्रश्न पूछना जरूरी है। तालिका और चित्रालेख डेटा को समझने, तुलना करने और “सबसे ज्यादा” या “सबसे कम” संख्या पता करने में मदद करते हैं।
इस गाइड का उपयोग कैसे करें
पहले संबंधित पाठ को किताब में पढ़ें, फिर NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi में दी गई मुख्य अवधारणा को दोबारा पढ़कर जाँचें कि बच्चे को अवधारणा समझ आई या नहीं। शुरुआती कक्षाओं में समाधान से ज़्यादा ज़रूरी है कि बच्चा गिनती, आकृतियों और रोज़मर्रा की चीज़ों से जोड़कर सीखे — इसलिए हर पाठ के बाद घर की वस्तुओं (जैसे बर्तन, खिलौने, फल) का उपयोग करके अभ्यास कराएँ।
यह किताब क्यों महत्वपूर्ण है
NCERT Class 4 Maths Ganit Mela (गणित मेला) NCERT की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार तैयार की गई पाठ्यपुस्तक है, जिसमें कहानियों, खेलों, गतिविधियों और चित्रों के माध्यम से बुनियादी अवधारणाओं को विकसित करने पर ज़ोर दिया गया है। यह रटने पर जोर देने की बजाय समझ बनाने पर जौर देती है, इसलिए स्कूल और घर — दोनों जगह पर इसी तरीके से पढ़ाना सबसे फ़ायदेमंद रहता है।
NCERT Class 4 Maths Solutions in Hindi- Ganit Mela (गणित मेला) से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. इस किताब में कुल कितने पाठ हैं?
उ. वर्तमान NEP 2026-27 संस्करण में कुल 14 मुख्य पाठ हैं।
प्र. क्या यह पुस्तक निःशुल्क डाउनलोड की जा सकती है?
उ. हाँ, NCERT की सभी पाठ्यपुस्तकें आधिकारिक रूप से निःशुल्क हैं; लिंक नीचे दिए गए कैटलॉग पेज पर मिलेंगे।
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Class 4 Maths – Notes and Extra Questions
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