कक्षा 4 (हिंदी माध्यम) की NCERT पर्यावरण अध्ययन (EVS) पाठ्यपुस्तक हमारा अद्भुत संसार (अंग्रेज़ी: Our Wondrous World) के सभी 10 अध्यायों के महत्वपूर्ण तथ्य एक जगह। हर अध्याय में मुख्य तथ्य, महत्वपूर्ण शब्द और एक पंक्ति की याद रखने वाली बात दी गई है; अंत में त्वरित प्रश्नोत्तरी है। सभी तथ्य आधिकारिक पाठ्यपुस्तक (पुनर्मुद्रण 2026-27) से लिए गए हैं।
पुस्तक पाँच इकाइयों में बँटी है — हर इकाई में दो अध्याय।
अध्यायों की सूची
- अध्याय 1: मिलकर साथ रहना
- अध्याय 2: अपने परिवेश को जानना
- अध्याय 3: प्रकृति की पाठशाला
- अध्याय 4: प्रकृति की गोद में
- अध्याय 5: स्वास्थ्य के लिए भोजन
- अध्याय 6: स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो
- अध्याय 7: वस्तुएँ कैसे कार्य करती हैं?
- अध्याय 8: वस्तुओं का निर्माण
- अध्याय 9: जैसा देश, वैसा भेष
- अध्याय 10: हमारा आकाश
- त्वरित प्रश्नोत्तरी
इकाई 1: हमारा समुदाय (Our Community)
अध्याय 1: मिलकर साथ रहना (Living Together) — मुख्य तथ्य
- हम सब एक-दूसरे पर निर्भर हैं — दुकानदार, सड़क, स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस और विद्यालय सब हमारे समुदाय का हिस्सा हैं।
- पार्क, विद्यालय, अस्पताल, बस स्टॉप जैसे सार्वजनिक स्थान सबके हैं — इन्हें साफ़ और सुरक्षित रखना हम सबकी ज़िम्मेदारी है।
- वन महोत्सव (वृक्षारोपण उत्सव) हर वर्ष वर्षा ऋतु में 1 जुलाई से 7 जुलाई तक मनाया जाता है। चंदन के गाँव ने मिलकर पार्क साफ़ किया, बेंच और स्ट्रीट लाइट ठीक की और पौधे लगाए।
- कांकेर (छत्तीसगढ़) में 2024 की बरसात में ग्रामीणों ने बाँस और पत्थरों से केवल दो दिन में चिनार नदी पर पुल बना दिया।
- चींटियों और मधुमक्खियों की कॉलोनी भी समुदाय जैसी है — हर सदस्य का अलग काम।
- सामूहिक भोज के बाद केले के पत्ते गड्ढे में दबाए गए — गड्ढे में दबे पत्ते खाद बनकर मिट्टी की गुणवत्ता सुधारते हैं।
- असम में माघ बिहू का पहला दिन उरुका (14 जनवरी) — बाँस और पुआल से भेला घर बनाते हैं। सिक्किम में फ़सल काटने में मदद करने वाले खेती के जानकार खेतला कहलाते हैं।
महत्वपूर्ण शब्द: समुदाय • सार्वजनिक स्थान • वन महोत्सव • सहयोग • खाद
याद रखें: मिलकर काम करने से समुदाय की बड़ी समस्याएँ भी जल्दी हल होती हैं — जैसे कांकेर का पुल।
अध्याय 2: अपने परिवेश को जानना (Exploring Our Neighbourhood) — मुख्य तथ्य
- पहले लोग ढोल की थाप और चट्टानों पर नक्काशी से, फिर संदेशवाहकों और कबूतरों से संदेश भेजते थे; बाद में डाक सेवा, टेलीफ़ोन, रेडियो, टेलीविज़न और अब मोबाइल व इंटरनेट से पलभर में संपर्क होता है।
- डाकिया पत्र लाल डाकपेटी से डाकघर ले जाता है; डाकघर पत्रों को क्षेत्र के अनुसार छाँटकर आगे भेजता है।
- तेज़ संदेशों के साथ गलत सूचना भी जल्दी फैलती है — साझा करने से पहले ख़बर की सच्चाई जाँचें।
- मेट्रो और फ़्लाईओवर यात्रा का समय बचाते हैं, पर विकास के साथ पेड़ लगाकर पर्यावरण का संतुलन रखना ज़रूरी है।
- ATM = Automated Teller Machine — इससे कभी भी पैसे निकाले जा सकते हैं। बैंक पैसा सुरक्षित रखते हैं और भविष्य के लिए बचत में मदद करते हैं; पहले डाकघर से मनी ऑर्डर भेजा जाता था, अब मोबाइल से ऑनलाइन।
- पुराने समय में वस्तु विनिमय (barter) होता था — जैसे गेहूँ के बदले दूध; लेन-देन आसान बनाने के लिए पैसा बना।
- नक्शे में दिशाएँ: उत्तर ऊपर, दक्षिण नीचे, पूर्व दाएँ, पश्चिम बाएँ। उगते सूरज से पूर्व दिशा पहचानी जाती है। रास्ता बताने में लैंडमार्क (पहचान चिह्न) मदद करते हैं।
महत्वपूर्ण शब्द: संचार • परिवहन • ATM • बचत • वस्तु विनिमय • लैंडमार्क
याद रखें: नक्शे में उत्तर हमेशा ऊपर होता है; उसके दाएँ पूर्व, बाएँ पश्चिम और नीचे दक्षिण।
इकाई 2: हमारे परिवेश में जीवन (Life Around Us)
अध्याय 3: प्रकृति की पाठशाला (Nature Trail) — मुख्य तथ्य
- विद्यार्थी पचमढ़ी (मध्य प्रदेश) में प्रकृति वैज्ञानिक आभा दीदी के साथ प्रकृति भ्रमण (nature trail) पर गए।
- जंगल/चिड़ियाघर के नियम: जानवरों को न छेड़ें, न खिलाएँ; पेड़-फूल न तोड़ें; पॉलीथीन और कचरा न ले जाएँ।
- भारतीय विशाल गिलहरी बड़ी, लाल रंग की गिलहरी है जो पचमढ़ी में मिलती है। गौर भैंस जैसा पर अधिक ताकतवर और छोटे सींगों वाला होता है।
- चश्मेवाला बंदर (Spectacled Monkey) त्रिपुरा का राज्य पशु है — आँखों के चारों ओर सफ़ेद धब्बे।
- हॉर्नबिल के माथे पर सींग जैसी संरचना होती है। पक्षियों की चोंच और पंजे उनके भोजन के अनुसार: चील — नुकीली मुड़ी चोंच व तेज़ पंजे; सनबर्ड — फूलों का रस पीने के लिए लंबी चोंच; गौरैया — बीज तोड़ने के लिए छोटी मज़बूत चोंच।
- जलीय जीव: मछली पंख (fins) से तैरती है; घड़ियाल की लंबी, पतली थूथन मछली पकड़ने में मदद करती है; कछुए का कठोर खोल और जालीदार पैर; मेंढक जल और स्थल दोनों पर।
- कीट के तीन जोड़ी पैर और एक जोड़ी स्पर्शक (antennae) होते हैं; कुछ में दो जोड़ी पंख (टिड्डा, मक्खी)।
- पत्तियों में रंग, आकार और बनावट अलग होती है और उन पर रेखाएँ — शिराएँ — होती हैं जिनका विन्यास अलग-अलग होता है (पत्ती का ऑटोग्राफ़ गतिविधि)।
- ‘जीवन जाल’ (Web of Life) खेल दिखाता है कि प्रकृति में सब जुड़े हैं — एक कड़ी हटने पर पूरा जाल कमज़ोर हो जाता है। यह इकाई ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ (विश्व एक परिवार) की भावना सिखाती है।
महत्वपूर्ण शब्द: प्रकृति वैज्ञानिक • कीट • स्पर्शक • शिराएँ • जीवन जाल • अन्योन्याश्रयता
याद रखें: पक्षी की चोंच और पंजे देखकर उसके भोजन की आदत का अनुमान लगाया जा सकता है।
अध्याय 4: प्रकृति की गोद में (Growing up with Nature) — मुख्य तथ्य
- रीना और अमित अपने गाँव गए जो उस दिन पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलने वाला गाँव बन रहा था।
- पलाश के नारंगी-लाल फूलों से जंगल दूर से लाल दिखता है, इसलिए इसे ‘जंगल की आग’ (flame of forest) कहते हैं; गुजरात में इसे केसूडा कहते हैं।
- गाँव के घर मिट्टी, पुआल, गोबर जैसी प्राकृतिक सामग्री से बने; दीवार चित्र चावल के आटे और पानी से।
- प्राकृतिक रंग फूल, पत्ती, छाल, जड़ (चुकंदर, गुड़हल, गेंदा) उबालकर बनाए जाते हैं। गोंड कला प्राकृतिक रंगों से दीवारों पर पेड़, जानवर, पक्षी आदि बनाने की चित्रकला है।
- अनाज की सुरक्षा: मिट्टी के मटकों में अंदर नीम के पत्ते और बाँस की टोकरियों पर बाहर से गोबर का लेप — कीटों से बचाव। उत्तराखंड में सूखी लौकी से बना तुमड़ी।
- कर्नाटक की जेनु कुरुबा जनजाति (‘जेनु’ = शहद) शहद इकट्ठा करते समय मधुमक्खियों से क्षमा माँगते गीत गाती है।
- नीम के तेल का मिश्रण मच्छरों से बचाता है; तुलसी, अजवाइन जैसे औषधीय पौधे; प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स का महत्व।
- पवित्र उपवन (Sacred Groves) स्थानीय समुदाय द्वारा संरक्षित छोटे वन हैं। वट पूर्णिमा (बरगद), हरी जिरोती (फलदार पेड़ लगाना), काज़ीरंगा हाथी उत्सव — प्रकृति से जुड़े त्योहार।
महत्वपूर्ण शब्द: सौर ऊर्जा • पलाश • प्राकृतिक रंग • गोंड कला • पवित्र उपवन • औषधीय पौधे
याद रखें: प्रकृति और संस्कृति जुड़ी हैं — कागज़ कम व्यर्थ करें, प्लास्टिक को ना कहें, पेड़ लगाएँ, पक्षियों के लिए दाना-पानी रखें।
इकाई 3 (Health and Well-being)
अध्याय 5: स्वास्थ्य के लिए भोजन (Food for Health) — मुख्य तथ्य
- विद्यालय के भोजन मेले में ढोकला, लिट्टी-चोखा, दाल-बाटी-चूरमा, छेना-पोड़ा, केर-सांगरी, ज्वार उपमा, रागी लड्डू जैसे कई व्यंजन।
- उगादि पचड़ी (आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना) में छह स्वाद होते हैं: मीठा, खट्टा, नमकीन, तीखा, कड़वा, कसैला — आयुर्वेद में इन्हें षड्रस कहते हैं। उदाहरण: गुड़ (मीठा), इमली (खट्टा), नीम (कड़वा), कच्चा आम (कसैला)।
- मिलेट (ज्वार, बाजरा, जौ) पोषक तत्वों के समृद्ध स्रोत हैं।
- भोजन के तीन समूह: ऊर्जा देने वाले (चावल, गेहूँ, आलू, शहद, मिलेट, घी, तेल), शरीर बनाने वाले (दालें, सोयाबीन, चना, मूँगफली, दूध, अंडे) और रोगों से बचाने वाले (सुरक्षात्मक) (गाजर, संतरा, पपीता, पालक, आँवला, टमाटर)।
- संतुलित थाली: सबसे अधिक सुरक्षात्मक भोजन (फल-सब्ज़ियाँ), फिर शरीर बनाने वाला, और कुछ ऊर्जा देने वाला भोजन।
- जंक फ़ूड (शीतल पेय, चिप्स, बर्गर, पिज़्ज़ा) में तेल, नमक, चीनी अधिक — घर का ताज़ा भोजन बेहतर है।
- पानी भोजन पचाने, त्वचा स्वस्थ रखने और मूत्र, पसीने व मल से अपशिष्ट निकालने में मदद करता है; तरबूज़, खीरा जैसे पानी वाले फल।
- पकाने की विधियाँ: भाप में पकाना (इडली, इडियप्पम), उबालना, भूनना, ग्रिल करना, तलना, बेक करना। सौर कुकर धुआँ-राख नहीं बनाता। पैक खाद्य के लेबल पर समाप्ति तिथि देखें।
महत्वपूर्ण शब्द: षड्रस • संतुलित आहार • सुरक्षात्मक भोजन • जंक फ़ूड • सौर कुकर • मिलेट
याद रखें: कोई भी एक भोजन सभी पोषक तत्व नहीं देता — इसलिए थाली में तीनों समूहों का भोजन रखें।
अध्याय 6: स्वस्थ रहो, प्रसन्न रहो (Happy and Healthy Living) — मुख्य तथ्य
- अनाज की यात्रा खेत से थाली तक लंबी है — किसान, विक्रेता, पशु और पानी, मिट्टी, धूप सबकी भूमिका है।
- सबके प्रति कृतज्ञता रखें — मकर संक्रांति, अक्षय तृतीया, रज उत्सव, ओणम, लोहड़ी जैसे त्योहारों में ‘प्रकृति माँ’ का धन्यवाद किया जाता है।
- सजग भोजन (mindful eating): धीरे-धीरे खाएँ, अच्छे से चबाएँ, स्वाद और बनावट पर ध्यान दें (मूँगफली वाली गतिविधि)।
- हर दाना कीमती है — भोजन व्यर्थ करना उसे उगाने वालों की मेहनत का अनादर है।
- खुले मैदान में खेलना, दौड़ना, साइकिल चलाना, रस्सी कूदना और योग शरीर को मज़बूत रखते हैं (शारीरिक शिक्षा की पुस्तक ‘खेल योग’ में और खेल-व्यायाम)।
- पूरी नींद थकान दूर करती है; नींद कम हो तो ध्यान लगाना कठिन, थकान और चिड़चिड़ापन।
- सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श में अंतर जानें — असहज लगे तो ‘नहीं’ कहें और शिक्षक या माता-पिता जैसे भरोसेमंद बड़े को बताएँ।
महत्वपूर्ण शब्द: सजग भोजन • कृतज्ञता • योग • नींद • सुरक्षित स्पर्श
याद रखें: स्वस्थ रहने के चार आधार: सही समय पर सही भोजन, खेल-व्यायाम, आराम/नींद और सुरक्षा का भाव।
इकाई 4 (Things Around Us)
अध्याय 7: वस्तुएँ कैसे कार्य करती हैं? (How Things Work) — मुख्य तथ्य
- मीरा और ध्रुव के साथ घूमना (spinning): सिक्का और चूड़ी घूमते हैं, रबड़ ठीक से नहीं घूमता; धीमा होते हुए सिक्का डगमगाने लगता है।
- गत्ते और टूथपिक की फिरकी: टूथपिक केंद्र में हो तो फिरकी सीधी घूमती है, केंद्र से दूर हो तो नहीं। वर्गाकार फिरकी घूमते समय गोल दिखती है।
- घूमने वाली वस्तुएँ: छत का पंखा, कुम्हार का चाक, चरखा (कपास से धागा; महात्मा गांधी ने इससे हाथ के बने कपड़े बनाए)। भारत में लट्टू हज़ारों वर्षों से हैं — पहले मिट्टी के, आज प्रायः लकड़ी के।
- तैरना-डूबना: लोहे की कील डूबती है, पत्ती तैरती है — पर केवल भारी या हल्का होना ही तय नहीं करता कि वस्तु तैरेगी या डूबेगी।
- आकार का प्रभाव: ऐल्यूमिनियम पन्नी फैली हुई या कटोरी जैसी हो तो तैरती है, कसकर गेंद बनाने पर डूब जाती है।
- कागज़, आइसक्रीम की तीलियों, नारियल के खोल से नाव बनाना — कुछ नावें संतुलन रखती हैं, कुछ पलट जाती हैं; डिज़ाइन सुधारकर बेहतर बनाएँ।
महत्वपूर्ण शब्द: फिरकी • लट्टू • चरखा • तैरना • डूबना • संतुलन
याद रखें: आकार बदलकर डूबने वाली वस्तु को तैराया और तैरने वाली को डुबाया जा सकता है (ऐल्यूमिनियम पन्नी)।
अध्याय 8: वस्तुओं का निर्माण (How Things are Made) — मुख्य तथ्य
- कागज़ पेड़ों से बनता है — कागज़ का पुनर्चक्रण करके पेड़ बचाए जा सकते हैं (पीहू की कहानी)।
- पुनर्चक्रित कागज़ बनाना: पुराने अख़बार फाड़कर पानी में भिगोएँ, मेथी के दाने (बाँधने वाला पदार्थ) डालकर रातभर छोड़ें → पीसकर लुगदी → पतली शीट बेलें → सुखाएँ।
- प्राकृतिक रंग पौधों के भागों से — हल्दी (पीला), पालक, चुकंदर, मेहंदी; ये सुरक्षित हैं।
- किताबों का कागज़ लकड़ी की लुगदी से बनता है — इसमें बहुत पेड़, पानी और ऊर्जा लगती है, इसलिए कागज़ ज़रूरत भर ही उपयोग करें।
- पहले लोग कपड़े, पत्तों, लकड़ी के पट्टों और ताड़ के पत्तों (तालपत्र) पर लिखते थे; केले के रेशे से भी कागज़ बनता है।
- कागज़ के प्रकार: टिशू पेपर पतला, नरम, पानी सोखने वाला (सफ़ाई के लिए); गत्ता मोटा, कठोर (डिब्बे के लिए)। ब्रेल लिपि दृष्टिबाधित लोगों को उभरे बिंदुओं को छूकर पढ़ने-लिखने में मदद करती है।
- अपशिष्ट प्रबंधन के 5R: Refuse (मना करना — एकल उपयोग कप), Reduce (कम करना — कागज़ के दोनों ओर लिखना), Reuse (पुनः उपयोग — गिफ़्ट बैग), Repurpose (नया उपयोग — अख़बार से खिलौने), Recycle (पुनर्चक्रण — अख़बार से हाथ का बना कागज़)।
महत्वपूर्ण शब्द: पुनर्चक्रण • लुगदी • प्राकृतिक रंग • तालपत्र • ब्रेल • 5R
याद रखें: 5R का क्रम: मना करें → कम करें → दोबारा उपयोग → नया उपयोग → पुनर्चक्रण।
इकाई 5 (Our Environment)
अध्याय 9: जैसा देश, वैसा भेष (Different Lands, Different Lives) — मुख्य तथ्य
- अलग-अलग भू-रूप — मैदान, मरुस्थल, तटीय क्षेत्र, पर्वत — वहाँ के लोगों के भोजन, कपड़े, घर और त्योहारों को प्रभावित करते हैं।
- मैदान (अमृतसर, पंजाब): उपजाऊ मिट्टी, खेती; मक्की दी रोटी, सरसों दा साग, लस्सी। स्वर्ण मंदिर (श्री हरमंदिर साहिब) का लंगर विश्व की सबसे बड़ी सामुदायिक सेवाओं में से है।
- मरुस्थल (राजस्थान): बहुत कम वर्षा; कैक्टस, खेजड़ी, बबूल — कैक्टस तने में पानी जमा करता है। ऊँट ‘रेगिस्तान का जहाज़’; घरों में पानी के लिए टांका; दाल-बाटी-चूरमा, केर-सांगरी; सुनहरे बलुआ पत्थर का जैसलमेर किला (सत्यजीत रे की फिल्म ‘सोनार केल्ला’)।
- तटीय क्षेत्र (पुरी, ओडिशा): मछली पकड़ना आजीविका; रेत कला, शंख; दालमा, पखाल, छेना पोड़ा, रसगोला; संबलपुरी साड़ी, ओडिसी नृत्य। श्री जगन्नाथ मंदिर और रथ यात्रा (जगन्नाथ, सुभद्रा, बलभद्र)।
- तटीय क्षेत्रों में तेज़ हवाएँ और चक्रवात आते हैं; ओडिशा सरकार को समय पर चेतावनी और तैयारी से लोगों को बचाने के लिए राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।
- पर्वत (सिक्किम): ठंडे, ढलान वाले, कई हिमालयी शिखर बर्फ़ से ढके; गंगटोक से कंचनजंघा; थुकपा, सेल रोटी; बखु, गुन्यो चोलो; याक से यात्रा; ओक, चीड़, अखरोट के पेड़; लकड़ी के ढलवाँ छत वाले घर।
- सिक्किम का नववर्ष उत्सव लूसोंग-नामसोंग — किसानों की मेहनत का उत्सव, मुखौटा नृत्य ‘छाम’। पहाड़ों में बरसात में भूस्खलन आम हैं।
महत्वपूर्ण शब्द: भू-रूप • मरुस्थल • तटीय क्षेत्र • चक्रवात • भूस्खलन • लंगर
याद रखें: जैसा भू-रूप और मौसम, वैसा भोजन, पहनावा और घर — यही ‘जैसा देश, वैसा भेष’ है।
अध्याय 10: हमारा आकाश (Our Sky) — मुख्य तथ्य
- आकाश का रंग सुबह, दोपहर और रात में बदलता है। आकाश की सबसे चमकीली वस्तु सूर्य है — इतना चमकीला कि उसके रहते दूसरे तारे नहीं दिखते; यह हमें प्रकाश और ऊष्मा देता है।
- सूर्य पूर्व से उगता दिखता है, दोपहर में सिर के ऊपर और शाम को पश्चिम में डूबता दिखता है।
- परछाइयाँ: सुबह लंबी, दोपहर में छोटी, शाम को फिर लंबी — और शाम की परछाई सुबह की उलटी दिशा में; सूर्य की दिखने वाली गति से परछाई की दिशा बदलती है।
- टॉर्च वाली गतिविधि: वस्तु प्रकाश स्रोत के पास हो तो परछाई बड़ी; स्रोत की दिशा बदले तो परछाई की दिशा भी बदलती है।
- परछाई से समय जानने का यंत्र धूपघड़ी (sundial)। राजा जय सिंह ने जयपुर, उज्जैन, दिल्ली, वाराणसी और मथुरा में जंतर मंतर बनवाए; इसकी धूपघड़ी ‘सम्राट यंत्र’ है। भारत में छाया कठपुतली की परंपरा पुरानी है।
- रात के आकाश में तारों के पैटर्न (जैसे सप्तर्षि); चंद्रमा रात का सबसे बड़ा दिखने वाला पिंड है। पूरा गोल चंद्रमा = पूर्णिमा; चंद्रमा न दिखे = अमावस्या। चंद्रमा के आकार से दिन गिनने से सबसे पुराने कैलेंडर बने।
- चंद्रमा से जुड़े त्योहार: दीवाली (अमावस्या), रक्षाबंधन, गुरु पूर्णिमा, बुद्ध पूर्णिमा (पूर्णिमा), ईद (अमावस्या के बाद पहली रात चाँद दिखने पर)।
- 23 अगस्त 2023 को भारत का विक्रम लैंडर (चंद्रयान मिशन) सफलतापूर्वक चंद्रमा पर उतरा।
महत्वपूर्ण शब्द: परछाई • धूपघड़ी • जंतर मंतर • पूर्णिमा • अमावस्या • चंद्रयान
याद रखें: दोपहर की परछाई सबसे छोटी; सुबह और शाम की परछाइयाँ लंबी और एक-दूसरे की उलटी दिशा में।
त्वरित प्रश्नोत्तरी (एक नज़र में)
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| वन महोत्सव कब मनाया जाता है? | वर्षा ऋतु में, 1 से 7 जुलाई तक |
| ATM का पूरा नाम? | Automated Teller Machine |
| नक्शे में पूर्व किस ओर होता है? | दाईं ओर |
| त्रिपुरा का राज्य पशु? | चश्मेवाला बंदर (Spectacled Monkey) |
| कीट के कितने जोड़ी पैर होते हैं? | तीन जोड़ी (6 पैर) |
| ‘जंगल की आग’ किस पेड़ को कहते हैं? | पलाश |
| षड्रस के छह स्वाद? | मीठा, खट्टा, नमकीन, तीखा, कड़वा, कसैला |
| संतुलित थाली में सबसे अधिक कौन-सा भोजन? | सुरक्षात्मक भोजन (फल-सब्ज़ियाँ) |
| पुनर्चक्रित कागज़ में बाँधने के लिए क्या डालते हैं? | मेथी के दाने |
| ऐल्यूमिनियम पन्नी की कसी गेंद तैरेगी या डूबेगी? | डूबेगी |
| ‘रेगिस्तान का जहाज़’ किसे कहते हैं? | ऊँट |
| विक्रम लैंडर चंद्रमा पर कब उतरा? | 23 अगस्त 2023 |
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परीक्षा से पहले हर अध्याय के मुख्य तथ्य और महत्वपूर्ण शब्द दोहराएँ, फिर त्वरित प्रश्नोत्तरी के उत्तर ढककर खुद को जाँचें। विस्तार से समझने के लिए रिवीज़न नोट्स, पाठ्यपुस्तक के प्रश्नों के लिए NCERT हल और अभ्यास के लिए अतिरिक्त प्रश्न देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र. कक्षा 4 EVS (हमारा अद्भुत संसार) में कितने अध्याय हैं?
उ. 5 इकाइयों में कुल 10 अध्याय — पहला “मिलकर साथ रहना” और अंतिम “हमारा आकाश”।
प्र. इस पुस्तक का अंग्रेज़ी संस्करण कौन-सा है?
उ. Our Wondrous World; दोनों में अध्याय एक जैसे हैं।
प्र. क्या यह पुस्तक निःशुल्क डाउनलोड की जा सकती है?
उ. हाँ, NCERT की सभी पाठ्यपुस्तकें आधिकारिक रूप से निःशुल्क हैं।
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