कक्षा 5 (हिंदी मीडियम) की पर्यावरण अध्ययन (EVS) पाठ्यपुस्तक हमारा अद्भुत संसार (NCERT, NEP 2026-27 पाठ्यक्रम) के सभी 10 अध्यायों के मूल प्रश्न-उत्तर नीचे दिए गए हैं।
अध्याय 1: जल — जीवन का आधार (Water-The Essence of Life)
यह अध्याय पानी के विभिन्न स्रोतों, जल-चक्र और जल संरक्षण के महत्व के बारे में बताता है, और यह समझाता है कि पानी के बिना जीवन संभव नहीं है।
प्रश्न: पानी के मुख्य स्रोत कौन-कौन से हैं?
उत्तर: पानी के मुख्य स्रोतों में नदी, तालाब, झील, कुआँ, बारिश और भूजल (ज़मीन के नीचे का पानी) शामिल हैं। ये सभी स्रोत पीने, खेती और अन्य ज़रूरतों के लिए पानी उपलब्ध कराते हैं।
प्रश्न: जल-चक्र (Water Cycle) को सरल शब्दों में समझाइए।
उत्तर: सूरज की गर्मी से समुद्र, नदी आदि का पानी भाप बनकर ऊपर उठता है (वाष्पीकरण), बादल बनता है, ठंडा होकर वर्षा के रूप में वापस ज़मीन पर गिरता है — यह चक्र बार-बार दोहराया जाता है।
अध्याय 2: एक नदी की यात्रा (Journey of a River)
इस अध्याय में नदी के पहाड़ों से निकलकर समुद्र तक पहुँचने की यात्रा और रास्ते में बसने वाले जीवन व सभ्यताओं के बारे में बताया गया है।
प्रश्न: नदी अपनी यात्रा कहाँ से शुरू करती है और कहाँ खत्म होती है?
उत्तर: अधिकतर नदियाँ पहाड़ों या ग्लेशियर (हिमनद) से निकलती हैं, मैदानी इलाकों से होते हुए बहती हैं, और अंत में समुद्र या किसी बड़ी झील में मिल जाती हैं।
प्रश्न: नदियों के किनारे शहर और सभ्यताएँ क्यों बसती हैं?
उत्तर: नदियों से पीने का पानी, खेती के लिए सिंचाई, और आवागमन (परिवहन) की सुविधा मिलती है, इसलिए प्राचीन काल से ही नदियों के किनारे बड़ी सभ्यताएँ और शहर बसते आए हैं।
अध्याय 3: भोजन का रहस्य (The Mystery of Food)
यह अध्याय भोजन के पाचन (डाइजेस्टन), खाद्य शृंखला और भोजन को सुरक्षित रखने के तरीकों के बारे में बताता है।
प्रश्न: भोजन हमारे शरीर में पाचन की प्रक्रिया से किस तरह गुज़रता है (संक्षेप में)?
उत्तर: भोजन मुँह में चबाया जाता है, फिर भोजन-नली से होते हुए पेट में पहुँचता है जहाँ वह टूटकर छोटे हिस्सों में बदलता है, आँतों में पोषक तत्व खून में अवशोषित होते हैं, और बचा हुआ अपशिष्ट शरीर से बाहर निकल जाता है।
प्रश्न: खाद्य शृंखला (Food Chain) का एक उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर: उदाहरण: घास → हिरण → शेर। घास हिरण खाता है और हिरण को शेर खाता है — ऊर्जा एक स्तर से दूसरे स्तर तक इसी तरह स्थानांतरित होती है।
अध्याय 4: हमारा विद्यालय — एक आनंदमय स्थान (Our School-A Happy Place)
इस अध्याय में स्कूल के माहौल, दोस्ती, अनुशासन और मिलजुल कर सीखने के महत्व के बारे में बताया गया है, ताकि बच्चे स्कूल को एक खुशहाल जगह के रूप में देखें।
प्रश्न: आपका विद्यालय आपके लिए आनंदमय स्थान क्यों है?
उत्तर: विद्यालय में दोस्तों के साथ खेलना, नई चीज़ें सीखना, शिक्षकों से मार्गदर्शन पाना और अलग-अलग गतिविधियों में भाग लेना स्कूल को एक खुशहाल जगह बनाता है।
प्रश्न: स्कूल में अनुशासन का पालन करना क्यों ज़रूरी है?
उत्तर: अनुशासन से कक्षा में सभी को समान रूप से सीखने का मौका मिलता है, समय का सही उपयोग होता है, और आपसी सम्मान बना रहता है — जिससे स्कूल का माहौल सुखद बना रहता है।
अध्याय 5: हमारा जीवंत देश (Our Vibrant Country)
यह अध्याय भारत की सांस्कृतिक, भाषाई और भौगोलिक विविधता को दर्शाता है और यह बताता है कि यह विविधता ही देश की सबसे बड़ी ताकत है।
प्रश्न: भारत को ‘विविधता में एकता’ का देश क्यों कहा जाता है?
उत्तर: भारत में अलग-अलग भाषाएँ, धर्म, त्योहार, पहनावे और खान-पान होने के बावजूद सभी लोग मिलकर एक राष्ट्र के रूप में रहते हैं और एक-दूसरे के त्योहार-संस्कृति का सम्मान करते हैं — इसीलिए इसे ‘विविधता में एकता’ कहा जाता है।
प्रश्न: भारत के किन्हीं दो राज्यों की सांस्कृतिक विशेषताओं की तुलना कीजिए।
उत्तर: उदाहरण: पंजाब में भांगड़ा नृत्य और गेहूँ आधारित भोजन प्रसिद्ध है, जबकि केरल में कथकली नृत्य और चावल-नारियल आधारित भोजन प्रसिद्ध है — दोनों राज्यों की अपनी अलग पहचान है।
अध्याय 6: कुछ अनूठे स्थान (Some Unique Places)
इस अध्याय में भारत की कुछ खास और अनोखी जगहों — जैसे ऐतिहासिक स्मारक, प्राकृतिक अजूबे और सांस्कृतिक धरोहर — के बारे में परिचय दिया गया है।
प्रश्न: भारत के किसी एक प्रसिद्ध और अनोखे स्थान के बारे में बताइए।
उत्तर: उदाहरण: ताजमहल (आगरा) — यह संगमर्मर से बना एक ऐतिहासिक स्मारक है, जिसे शाहज़ाहाँ ने अपनी पत्नी की याद में बनवाया था, और यह भारत की सबसे प्रसिद्ध विरासत स्थलों में से एक है।
प्रश्न: एसे स्थानों को संरक्षित (सुरक्षित) रखना क्यों ज़रूरी है?
उत्तर: ये स्थान हमारे इतिहास और संस्कृति की पहचान हैं; इन्हें संरक्षित रखने से आने वाली पीढ़ियाँ भी अपने अतीत के बारे में जान सकेंगी और यह पर्यटन के ज़रिए आर्थिक लाभ भी देता है।
अध्याय 7: ऊर्जा — वस्तुएँ कैसे कार्य करती हैं? (Energy-How Things Work)
यह अध्याय ऊर्जा के अलग-अलग रूपों (जैसे सौर, विद्युत, ईंधन से मिलने वाली ऊर्जा) और रोज़मर्रा की चीज़ों को चलाने में उनकी भूमिका के बारे में बताता है।
प्रश्न: ऊर्जा के किन्हीं तीन स्रोतों के नाम बताइए और वे किस काम आते हैं।
उत्तर: सूरज (सौर ऊर्जा — बिजली और गर्मी के लिए), बिजली (घरेलू उपकरण चलाने के लिए), और पेट्रोल/डीज़ल (वाहन चलाने के लिए) — ये सभी अलग-अलग रूपों में हमारी रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करते हैं।
प्रश्न: नवीकरणीय (Renewable) और गैर-नवीकरणीय (Non-renewable) ऊर्जा स्रोतों में क्या अंतर है?
उत्तर: नवीकरणीय स्रोत (जैसे सूरज, हवा, पानी) बार-बार इस्तेमाल किए जा सकते हैं और खत्म नहीं होते, जबकि गैर-नवीकरणीय स्रोत (जैसे कोयला, पेट्रोल) सीमित मात्रा में हैं और एक बार खत्म होने पर दोबारा जल्दी नहीं बनते।
अध्याय 8: वस्त्र — वस्तुएँ कैसे निर्मित होती हैं? (Clothes-How Things are Made)
इस अध्याय में कपड़ों के लिए इस्तेमाल होने वाले रेशों (कपास, ऊन, रेशम) और कपड़ा बनाने (कताई-बुनाई) की प्रक्रिया के बारे में बताया गया है।
प्रश्न: कपड़े बनाने में इस्तेमाल होने वाले किन्हीं तीन रेशों (Fibres) के नाम बताइए और वे कहाँ से मिलते हैं।
उत्तर: कपास (पौधे से), ऊन (भेड़ के बालों से), और रेशम (रेशम के कीड़े के कोकून से) — ये प्राकृतिक रेशे हैं जिनसे अलग-अलग तरह के कपड़े बनाए जाते हैं।
प्रश्न: कताई और बुनाई में क्या अंतर है?
उत्तर: कताई में रेशों को मिलाकर धागा बनाया जाता है, और बुनाई में उन धागों को आपस में गूँथकर कपड़ा तैयार किया जाता है — कताई पहला चरण है और बुनाई उसके बाद का चरण।
अध्याय 9: प्रकृति की लय (Rhythms of Nature)
यह अध्याय ऋतुओं (मौसम), दिन-रात के चक्र और जीव-जंतुओं के प्रकृति के इन चक्रों के अनुसार खुद को ढालने (अनुकूलन) के बारे में बताता है।
प्रश्न: भारत में मुख्य रूप से कौन-कौन सी ऋतुएँ पाई जाती हैं?
उत्तर: भारत में मुख्यतः गर्मी, वर्षा (मानसून) और सर्दी की ऋतुएँ पाई जाती हैं, और इनके बीच बसंत व शरद जैसी संक्रमण ऋतुएँ भी अनुभव होती हैं।
प्रश्न: जानवर मौसम के बदलाव के अनुसार खुद को कैसे ढालते हैं? एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: उदाहरण: प्रवासी पक्षी सर्दी में गर्म इलाकों की ओर उड़ जाते हैं और मौसम अनुकूल होने पर वापस लौट आते हैं — यह उनका प्रकृति के चक्र के अनुसार खुद को ढालने का तरीका है।
अध्याय 10: पृथ्वी — हम सबका घर (Earth-Our Shared Home)
इस अध्याय में पृथ्वी को सभी जीवों का साझा घर बताते हुए पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ (सस्टेनेबल) जीवनशैली अपनाने के महत्व पर ज़ोर दिया गया है।
प्रश्न: पृथ्वी को ‘सबका साझा घर’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर: पृथ्वी पर इंसानों के साथ-साथ लाखों तरह के पौधे और जानवर भी रहते हैं, और सभी एक ही हवा, पानी और ज़मीन पर निर्भर हैं — इसीलिए इसे सभी जीवों का साझा घर कहा जाता है।
प्रश्न: पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हम अपने रोज़मर्रा के जीवन में क्या कदम उठा सकते हैं?
उत्तर: पेड़ लगाना, कूड़ा सही जगह डालना, पानी-बिजली बचाना, प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करना, और वस्तुओं का पुनः उपयोग (रीयूज़) करना — ये सभी छोटे कदम मिलकर पर्यावरण की रक्षा में मदद करते हैं।
यह गाइड क्यों उपयोगी है
यह सॉल्यूशन गाइड हमारा अद्भुत संसार पुस्तक के सभी अध्यायों को कवर करती है और सरल हिंदी में लिखी गई है ताकि माता-पिता व शिक्षक भी घर पर बच्चों की मदद कर सकें। संपूर्ण किताब का PDF और अध्याय-वार आधिकारिक डाउनलोड लिंक यहाँ NCERT Class 5 EVS Hindi Medium बुक पेज पर उपलब्ध हैं।

