NCERT Class 5 EVS Solutions in Hindi (Hamara Adbhut Sansar)

कक्षा 5 (हिंदी माध्यम) की NCERT पर्यावरण अध्ययन (EVS) पाठ्यपुस्तक हमारा अद्भुत संसार (अंग्रेज़ी: Our Wondrous World) के सभी 10 पाठों के प्रश्नों के उत्तर और व्याख्या। हर पाठ में कहानी, गतिविधियों और ‘आइए, विचार करें’ के प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं। सभी तथ्य आधिकारिक पाठ्यपुस्तक (पुनर्मुद्रण 2026-27) से मिलाए गए हैं। जिन प्रश्नों का उत्तर बच्चे के अपने अनुभव या क्षेत्र पर निर्भर है, वहाँ उदाहरण उत्तर दिए गए हैं।

पाठों की सूची

अध्याय 1: जल — जीवन का आधार — हल एवं व्याख्या

मुख्य विचार: जल के रूप (ठोस, द्रव, वाष्प), मीठे और खारे जल के स्रोत, जल चक्र, भूजल, नदियाँ किस ओर बहती हैं और जल में रहने वाले पौधे-जंतु।

पृथ्वी पर कितना मीठा जल है?

प्र. क्या हम महासागरों का पानी पी सकते हैं?
उ. नहीं। महासागरों का पानी खारा (नमकीन) होता है, इसलिए यह पीने या खेती के लायक नहीं है। पृथ्वी की सतह का अधिकांश भाग पानी से ढका है, पर उसमें से ज़्यादातर खारा है और मीठा जल बहुत कम है।

प्र. महासागर के पानी का उपयोग किस काम में हो सकता है?
उ. समुद्री जल से नमक बनाया जाता है — जैसे गुजरात के नमक के मैदानों (साल्ट पैन) में समुद्री जल सुखाकर नमक निकाला जाता है, जो भारत के सबसे बड़े नमक उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। समुद्र में मछली पकड़ी जाती है और जहाज़ों से सामान व लोग एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं।

प्र. किताब में गिलास के उदाहरण से मीठे जल की मात्रा कैसे समझाई गई है?
उ. अगर पृथ्वी का सारा पानी 200 मिलीलीटर के एक गिलास में हो, तो उसमें मीठा जल केवल एक चम्मच (लगभग 5 मिलीलीटर) जितना होगा।

प्र. जोहड़ क्या हैं?
उ. राजस्थान में वर्षा का जल इकट्ठा करने और भूजल को फिर से भरने के लिए बनाए गए पारंपरिक छोटे मिट्टी के बाँध।

जल के स्रोत और रूप

प्र. गतिविधि 1: मीठा जल कहाँ मिलता है?
उ. नदी, झील, तालाब, कुआँ, झरना, हिमनद (ग्लेशियर) और वर्षा — ये मीठे जल के स्रोत हैं। उदाहरण: जम्मू और कश्मीर की वुलर झील एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक है, जो नदी के बहाव को नियंत्रित करके बाढ़ रोकने में मदद करती है।

प्र. गतिविधि 2: स्टील के गिलास में बर्फ़ डालने पर बाहर की ओर बूँदें कहाँ से आती हैं?
उ. हवा में मौजूद जलवाष्प ठंडे गिलास को छूकर ठंडी होती है और छोटी-छोटी पानी की बूँदों में बदल जाती है।

प्र. गिलास में कुछ देर रखी बर्फ़ का क्या होता है? पानी गरम करने पर क्या होगा?
उ. बर्फ़ पिघलकर पानी (द्रव) बन जाती है। पानी को गरम करने पर वह भाप (वाष्प) बनकर उड़ने लगता है। इस गतिविधि में जल के तीनों रूप दिखते हैं — ठोस (बर्फ़), द्रव (पानी) और वाष्प (भाप)।

प्र. इन प्रयोगों से हमने क्या सीखा?
उ. पानी बर्फ़ और भाप में बदल सकता है और फिर से द्रव रूप में लौट भी सकता है।

जल चक्र और भूजल

प्र. गतिविधि 3: धूप में रखे पारदर्शी थैले में रंगीन पानी का क्या हुआ?
उ. सूरज की गर्मी से पानी गरम होकर जलवाष्प बना। जलवाष्प ठंडी होकर थैले के अंदर छोटी बूँदों के रूप में जमा हुई और फिर नीचे गिर गई।

प्र. जल चक्र किसे कहते हैं?
उ. गर्मी से महासागरों, नदियों आदि का पानी जलवाष्प बनता है। जलवाष्प से बादल बनते हैं, जो वर्षा, बर्फ़ और ओलों के रूप में नीचे आते हैं। यह पानी फिर से नदियों, झीलों और महासागरों में पहुँच जाता है। प्रकृति में जल की इस लगातार चलने वाली चक्रीय गति को जल चक्र कहते हैं।

प्र. गतिविधि 4: गिलास की मिट्टी में धीरे-धीरे पानी डालने पर क्या होता है?
उ. मिट्टी पानी को सोख लेती है और पानी नीचे की ओर रिसता है। वर्षा का कुछ पानी इसी तरह मिट्टी और चट्टानों की परतों से होकर ज़मीन के अंदर गहराई में जमा हो जाता है — इसे भूजल कहते हैं।

प्र. भूजल हम कैसे निकालते हैं?
उ. कुएँ, बोरवेल, ट्यूबवेल और हैंडपंप से।

प्र. गतिविधि 5: कौन-सा चित्र भूजल के पुनर्भरण में मदद करेगा — कंक्रीट की सड़क, हरा लॉन या पक्का फ़र्श?
उ. हरा लॉन। खुली, कच्ची ज़मीन से पानी रिसकर नीचे जाता है। कंक्रीट और पक्के फ़र्श पर पानी अंदर नहीं जा पाता, इसलिए शहरों में भूजल कम भरता है। सोख्ता गड्ढे (सोक पिट), तालाब, मानव-निर्मित झीलें और ज़्यादा पेड़ लगाना भूजल भरने में मदद करते हैं।

सतही जल — नदियाँ कैसे बहती हैं

प्र. गतिविधि 6: मुड़े-तुड़े अख़बार की ढलान पर सरसों के दाने डालने पर क्या दिखा?
उ. दाने सीधी रेखा में नहीं चलते; वे ढलान के अनुसार अलग-अलग दिशाओं में फैलते और मुड़ते हैं और निचले हिस्सों में इकट्ठा हो जाते हैं — ठीक वैसे जैसे पानी झीलों और नदियों में जमा होता है। यानी पानी ज़मीन की बनावट के अनुसार बहता, रुकता या मुड़ता है, और पानी का बहाव ज़मीन का आकार भी बदल सकता है।

प्र. कुछ नदियाँ अरब सागर में और कुछ बंगाल की खाड़ी में क्यों गिरती हैं?
उ. नदियाँ ऊँचाई से निचली ज़मीन की ओर ढलान के अनुसार बहती हैं। जहाँ ज़मीन पूर्व की ओर ढलती है, वहाँ की नदियाँ (जैसे गंगा, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, महानदी) बंगाल की खाड़ी में जाती हैं; जहाँ ढलान पश्चिम की ओर है, वहाँ की नदियाँ (जैसे नर्मदा, तापी) अरब सागर में गिरती हैं।

प्र. भारत की कौन-सी प्रमुख नदी किसी समुद्र में नहीं गिरती?
उ. लूणी नदी — यह राजस्थान की अरावली पर्वतमाला से निकलती है और गुजरात के कच्छ के रण की दलदली भूमि में समाप्त हो जाती है।

प्र. जल-धनात्मक (वॉटर-पॉज़िटिव) गाँव का उदाहरण दो।
उ. महाराष्ट्र का हिवरे बाज़ार — यहाँ के लोगों ने जलग्रहण प्रबंधन और वर्षा जल संचयन में योगदान दिया।

प्र. भारत का पहला जल संग्रहालय कौन-सा है?
उ. नई दिल्ली का जल शक्ति संग्रहालय, जो भारत की जल विरासत दिखाता है और लोगों को जल बचाने के लिए प्रेरित करता है।

जल में जीवन

प्र. ज़मीन पर रहने वाले और पानी में रहने वाले जंतुओं में क्या अंतर हैं?
उ. ज़मीन के जंतु (जैसे गाय, कुत्ता) पैरों से चलते हैं और पानी में साँस नहीं ले सकते। पानी के जंतु (जैसे मछली) के पास तैरने के लिए पंख (फ़िन) होते हैं और वे पानी में ही साँस लेते हैं।

प्र. पानी में उगने वाले पौधों के प्रकार उदाहरण सहित बताओ।
उ. किनारे के पौधे — सरकंडे (रीड्स), जो तालाब के किनारे लंबे घास जैसे उगते हैं; जड़ वाले तैरते पौधे — कमल और कुमुदिनी (वॉटर लिली), जिनके फूल पानी पर तैरते हैं और जड़ें तल में रहती हैं; मुक्त तैरने वाले पौधे — जलकुंभी, जो तेज़ी से फैलती है।

प्र. जलीय जीवों के उदाहरण और उनकी विशेषता बताओ।
उ. ड्रैगनफ़्लाई तेज़ उड़ती है, पानी के पास अंडे देती है और मच्छर खाती है; वॉटर स्कॉर्पियन पानी के अंदर रहता है और पूँछ की नली से साँस लेता है; बगुला (पॉन्ड हेरॉन) लंबी टाँगों से स्थिर खड़ा रहकर मछली पकड़ता है; मुलायम खोल वाला मीठे पानी का कछुआ तालाबों-नदियों में रहता है; पानी का साँप हानिरहित होता है और मछली-मेंढक खाता है। भारत की आर्द्रभूमि की फ़िशिंग कैट के पंजे आंशिक रूप से जालीदार होते हैं, इसलिए वह अच्छी तैराक है।

प्र. गतिविधि 8 की तालिका — मछली और बगुले के मुँह/चोंच और गति के अंग।
उ. मछली — गोल, ऊपर की ओर खुलने वाला मुँह; गति के लिए पंख (फ़िन)। बगुला — लंबी और नुकीली चोंच; पतली लंबी टाँगें।

प्र. गतिविधि 9: सादे काग़ज़ पर और मोम के रंग (क्रेयॉन) से रंगे काग़ज़ पर पानी की बूँद में क्या अंतर दिखा?
उ. सादा काग़ज़ बूँद को सोख लेता है और गीला हो जाता है; मोम वाले काग़ज़ पर बूँद गोल होकर ऊपर टिकी रहती है। पत्तियों पर भी मोम जैसी परत होती है, जो उन्हें जलरोधी बनाती है और ज़रूरत से ज़्यादा पानी को पौधे में जाने से रोकती है।

प्र. गतिविधि 10 (कौन किसे खाता है): अगर नदी की सारी मछलियाँ ख़त्म हो जाएँ तो क्या होगा?
उ. मछली खाने वाले बगुले, ऊदबिलाव, मगरमच्छ और मनुष्य भोजन की कमी झेलेंगे, और मछलियाँ जिन छोटे जीवों को खाती थीं, वे बहुत बढ़ जाएँगे। पूरी भोजन शृंखला बिगड़ जाएगी।

प्र. कीबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान क्यों प्रसिद्ध है?
उ. मणिपुर का यह उद्यान दुनिया का एकमात्र तैरता राष्ट्रीय उद्यान है — यहाँ तैरते द्वीप ‘फुमदी’ और संकटग्रस्त संगाई हिरण मिलते हैं।

आइए, विचार करें (अभ्यास)

प्र. सही मिलान करो: (i) समुद्र का पानी (ii) बर्फ़ (हिम) (iii) भाप (iv) वर्षा का जल
उ. (i) — पीने योग्य नहीं; (ii) — जल का ठोस रूप; (iii) — जल का वाष्प रूप; (iv) — मीठा जल।

प्र. पृथ्वी का अधिकांश पानी पीने या खेती के काम क्यों नहीं आता?
उ. क्योंकि पृथ्वी का ज़्यादातर पानी महासागरों का खारा पानी है। मीठा जल बहुत कम मात्रा में है।

प्र. बहुत से जीव जल-स्रोतों के पास क्यों रहते हैं?
उ. सभी जीवों को पीने, भोजन (पौधे, मछली आदि) और रहने के लिए पानी चाहिए। पानी के पास पौधे अच्छे उगते हैं, इसलिए भोजन और आश्रय भी वहीं मिलता है।

प्र. अगर तुम्हारे क्षेत्र में दो साल तक वर्षा न हो तो क्या होगा?
उ. तालाब, कुएँ और नदियाँ सूख जाएँगी, भूजल नीचे चला जाएगा, फ़सलें नहीं होंगी, पीने के पानी और चारे की कमी होगी, पशु-पक्षी परेशान होंगे और लोगों को पानी की तलाश में दूसरी जगह जाना पड़ सकता है।

प्र. जंगल में और शहर में वर्षा के पानी के साथ क्या अलग होता है?
उ. जंगल में पेड़ और कच्ची मिट्टी पानी को धीमा करके सोख लेते हैं, जिससे भूजल भरता है। शहर में कंक्रीट और पक्की सड़कों के कारण पानी ज़मीन में नहीं जा पाता, नालियों में बह जाता है और कई बार जलभराव होता है।

प्र. क्या तुम पानी बचाने वाला घर या विद्यालय डिज़ाइन कर सकते हो? उसमें क्या होगा?
उ. उदाहरण उत्तर: छत के वर्षा जल को टंकी या सोख्ता गड्ढे में ले जाने की व्यवस्था, खुली हरी जगह, कम पानी गिराने वाले नल, रिसते नलों की तुरंत मरम्मत, और सब्ज़ी-फल धोने के पानी से पौधों की सिंचाई।

प्र. काग़ज़ मोड़कर मछली बनाओ।
उ. यह गतिविधि है — किताब में दिए छह चरणों के अनुसार काग़ज़ मोड़कर मछली बनाओ।

अध्याय 2: एक नदी की यात्रा — हल एवं व्याख्या

मुख्य विचार: गोदावरी नदी की कहानी — उद्गम से डेल्टा तक, सहायक नदियाँ, बाँध, प्रदूषण, बाढ़ और सूखा, और पानी को समझदारी से उपयोग करना।

गोदावरी — परिचय

प्र. गोदावरी नदी कहाँ से निकलती है और कहाँ मिलती है?
उ. गोदावरी महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर में पश्चिमी घाट (ब्रह्मगिरि पहाड़ियाँ) से निकलती है और 1,465 किलोमीटर बहकर बंगाल की खाड़ी में मिलती है। यह गंगा के बाद भारत की दूसरी सबसे लंबी नदी है।

प्र. सहायक नदी किसे कहते हैं?
उ. मुख्य नदी में आकर मिलने वाली छोटी नदियाँ और धाराएँ उसकी सहायक नदियाँ कहलाती हैं। इन्हीं के मिलने से गोदावरी चौड़ी और शक्तिशाली होती जाती है।

प्र. चित्र देखकर बताओ: गोदावरी किन राज्यों से होकर बहती है?
उ. नक्शे में महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश मुख्य राज्य हैं; इसकी सहायक नदियों के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ और ओडिशा भी दिखाए गए हैं।

प्र. गोदावरी पर एक बाँध और एक वन्यजीव अभयारण्य का नाम बताओ।
उ. बाँध — श्रीराम सागर परियोजना (SRSP) या पोलावरम बाँध; अभयारण्य — कोरिंगा वन्यजीव अभयारण्य (कवाल टाइगर रिज़र्व भी नक्शे में है)।

प्र. गोदावरी में कौन-सी छोटी नदियाँ मिलती हैं?
उ. नक्शे में दिखाई गई सहायक नदियाँ — मंजीरा, इंद्रावती और सबरी।

प्र. गोदावरी को दक्षिण गंगा क्यों कहते हैं?
उ. क्योंकि यह दक्षिण भारत में बहती है और पवित्र मानी जाती है। इससे जुड़ी कई कहानियाँ रामायण और पुराणों में हैं। नासिक में लोग स्नान के लिए आते हैं, खासकर गोदावरी पुष्करम के समय।

नदी में जीवन

प्र. सदानीरा (बारहमासी) और मौसमी नदी में क्या अंतर है?
उ. जो नदी पूरे वर्ष बहती है, वह बारहमासी (सदानीरा) है — जैसे गोदावरी। जो नदी केवल वर्षा ऋतु में पानी पाकर बहती है, वह मौसमी नदी है।

प्र. गोदावरी के आस-पास के जंगलों में कौन-से जीव और पेड़ मिलते हैं?
उ. बाघ, बार्किंग डियर (काकड़), इंडियन गोल्डन गेको और प्रसिद्ध लाल चंदन के पेड़।

प्र. डेल्टा क्या है? गोदावरी की यात्रा कहाँ समाप्त होती है?
उ. समुद्र तक पहुँचकर नदी कई छोटी धाराओं में बँट जाती है — इसे डेल्टा कहते हैं। यहाँ मीठा पानी खारे समुद्र से मिलता है। गोदावरी की यात्रा कोरिंगा मैंग्रोव वनों में समाप्त होती है।

नदी हमारा सहारा

प्र. प्राचीन काल से लोग नदियों के पास घर क्यों बनाते आए हैं?
उ. नदी से पीने, खाना बनाने, नहाने, खेती और पशुओं के लिए पानी मिलता है; उपजाऊ मिट्टी, मछली और आने-जाने का रास्ता भी मिलता है।

प्र. लोग गोदावरी पर किन तीन तरीकों से निर्भर हैं?
उ. (1) पीने और घरेलू काम के लिए पानी, (2) खेतों की सिंचाई, (3) कारख़ानों में चीज़ें बनाना और रोज़गार — जैसे मछली पकड़ना, नाव चलाना और पर्यटन।

प्र. गोदावरी के पास लोग कौन-से व्यवसाय करते हैं?
उ. खेती, मछली पकड़ना, नाव चलाना और पर्यावरण-पर्यटन (इको-टूरिज़्म) से जुड़े काम।

प्र. पर्यावरण-पर्यटन (इको-टूरिज़्म) क्या है?
उ. जंगल, नदी या पहाड़ जैसी प्राकृतिक जगहों पर जाकर उनकी सुंदरता का आनंद लेना, जानवर-पक्षी देखना और प्रकृति के बारे में सीखना — पर्यावरण को नुक़सान पहुँचाए बिना।

प्र. तुम्हारे क्षेत्र में कौन-सी फ़सलें उगती हैं और सिंचाई का पानी कहाँ से आता है?
उ. उदाहरण उत्तर: हमारे क्षेत्र में गेहूँ और धान उगते हैं; सिंचाई का पानी नहर, ट्यूबवेल या वर्षा से आता है। (अपने क्षेत्र के अनुसार लिखो।)

बाँध — पानी रोकना, बहाव बदलना

प्र. गोदावरी पर कितने बाँध हैं और वे क्यों बनाए गए?
उ. 900 से ज़्यादा बाँध गोदावरी का पानी रोकते हैं, ताकि लोग सूखे मौसम में भी पीने, फ़सल उगाने और बिजली बनाने के लिए पानी पा सकें।

प्र. जलाशय क्या है?
उ. बाँध एक विशाल दीवार की तरह नदी का बहाव रोकता है और पानी को एक बड़े जल-भंडार में जमा करता है, जिसे जलाशय कहते हैं।

प्र. बाँध बनने के बाद कौन-सी समस्याएँ आती हैं? उनका हल क्या हो सकता है?
उ. जमा पानी से वह ज़मीन डूब जाती है जहाँ जंगल, जानवर और लोग रहते थे; बहुत से लोगों को घर छोड़कर दूसरी जगह बसना पड़ता है। हल: विस्थापित लोगों का ठीक से पुनर्वास, नए पेड़ लगाना, जीवों के लिए सुरक्षित स्थान बनाना और पानी का समझदारी से उपयोग करना ताकि नए बाँधों की ज़रूरत कम हो।

नदी को कौन प्रदूषित करता है

प्र. नदी कैसे प्रदूषित होती है?
उ. किनारों पर बढ़ती आबादी और कारख़ानों से कचरा, प्लास्टिक और गंदा पानी नदी में जाता है। इससे पानी बदबूदार और गंदा हो जाता है और उसे पीने वाले लोग बीमार हो सकते हैं; मछलियाँ, कछुए और पक्षी धीरे-धीरे ग़ायब होने लगते हैं।

प्र. जो प्लास्टिक के रैपर और थैलियाँ हम फेंकते हैं, वे कहाँ जाती हैं?
उ. वे नालियों और हवा-पानी के साथ बहकर नदियों, तालाबों और अंत में समुद्र में पहुँच जाती हैं और जलीय जीवों को नुक़सान पहुँचाती हैं।

प्र. गतिविधि 3: एक गिलास में चीनी और दूसरे में खाना पकाने का तेल घोलने पर क्या दिखा?
उ. चीनी पानी में घुल गई और पानी साफ़ दिखा; तेल नहीं घुला और ऊपर अलग परत बन गई। घुलने वाली चीज़ें — चीनी, नमक; न घुलने वाली — तेल, रेत, प्लास्टिक। इसलिए साफ़ दिखने वाले पानी में भी घुले हुए हानिकारक रसायन या साबुन हो सकते हैं।

प्र. नदी पर ‘हरी चादर’ क्यों बन जाती है?
उ. फ़सलों में डाले गए उर्वरक बहकर नदी में आते हैं और पौधे व अन्य जीव बहुत तेज़ी से बढ़कर सतह को ढक लेते हैं। इससे अंदर का जीवन घुटने लगता है, मछलियों को साँस लेने में कठिनाई होती है और पानी पीने लायक नहीं रहता।

प्र. जल-स्रोतों की रक्षा के लिए तुम कौन-से तीन काम कर सकते हो?
उ. (1) कूड़ा और प्लास्टिक नदी-तालाब में न डालें, (2) पर्यावरण-अनुकूल साबुन और उत्पाद अपनाएँ और कचरा कम करें, (3) पेड़ लगाएँ और पानी बचाएँ। नमामि गंगे कार्यक्रम गंगा को साफ़ रखने में मदद कर रहा है।

बाढ़ और सूखा

प्र. बाढ़ क्यों आती है? पेड़ इसमें क्या भूमिका निभाते हैं?
उ. बहुत ज़्यादा वर्षा होने पर सारा पानी नदी में आता है, नदी किनारों से ऊपर बहकर घर, खेत और सड़कें डुबो देती है। पेड़ वर्षा के पानी की रफ़्तार धीमी करते हैं और मिट्टी को पानी सोखने देते हैं; पेड़ न हों तो पानी तेज़ी से बहकर बाढ़ लाता है।

प्र. गतिविधि 5 — बाढ़ की समस्या और उसका असर मिलाओ।
उ. (i) गंदा पानी — सुरक्षित पेयजल, लोगों का स्वास्थ्य; (ii) टूटी सड़कें — यात्रा और परिवहन; (iii) नष्ट फ़सलें — भोजन आपूर्ति; (iv) बिजली नहीं — लाइट, पंखे और फ़ोन; (v) बीमारियाँ फैलना — लोगों का स्वास्थ्य; (vi) टूटे घर — लोगों का आश्रय; (vii) स्कूल बंद — पढ़ाई।

प्र. बाढ़ के समय सुरक्षा के कुछ उपाय बताओ।
उ. पहले: स्थानीय समाचार सुनते रहें, भोजन-दवाइयाँ-टॉर्च वाला आपातकालीन थैला तैयार रखें, सुरक्षित रास्ते जानें। दौरान: ऊँची जगह पर जाएँ, बिजली के तारों को न छुएँ, बाढ़ के पानी में न चलें, पशुओं को सुरक्षित स्थान पर ले जाएँ। बाद में: सुरक्षित घोषित होने तक घर न लौटें, सतहों को साफ़ और कीटाणुरहित करें।

प्र. जब नदी सूख जाती है तो क्या होता है?
उ. लंबे समय तक पानी न मिलने पर परिवारों को घर छोड़कर पानी वाली जगहों पर जाना पड़ सकता है; पशु भी कष्ट झेलते हैं। 2019 में चेन्नई के जलाशय सूखने पर दूसरे ज़िलों से विशेष जल-रेलगाड़ियाँ चलानी पड़ीं, जबकि 2022 में बेंगलुरु में भारी वर्षा से घर-सड़कें डूब गईं।

प्र. रोज़ पानी बचाने के उपाय लिखो।
उ. ब्रश करते समय नल बंद रखें, पीने का पानी बर्बाद न करें, बड़ों की मदद से रिसते नल ठीक कराएँ, फल-सब्ज़ी धोने का पानी पौधों में डालें और परिवार-मित्रों को भी याद दिलाएँ — हर बूँद क़ीमती है। कुछ जगहों पर जल-एटीएम से कार्ड या सिक्का डालकर साफ़ पानी मिलता है।

आइए, विचार करें (अभ्यास)

प्र. पता करो कि तुम्हारे राज्य में कौन-सी नदियाँ बहती हैं — उनका उपयोग क्या है और क्या उन पर बाँध हैं?
उ. अपने राज्य के अनुसार उत्तर लिखो। उदाहरण: बिहार में गंगा और कोसी बहती हैं — पीने, सिंचाई, मछली पकड़ने और नाव चलाने में उपयोग; कोसी पर बराज बना है।

प्र. पहले के लोग नदियों के पास घर और शहर क्यों बसाते थे? क्या आज भी नदियाँ उतनी ही ज़रूरी हैं?
उ. पानी, उपजाऊ मिट्टी, भोजन और आवागमन के कारण। आज भी नदियाँ पीने के पानी, सिंचाई, बिजली और रोज़गार के लिए उतनी ही ज़रूरी हैं।

प्र. अपने शहर या गाँव में नदियों की रक्षा के लिए एक नया नियम बनाना हो तो क्या बनाओगे?
उ. उदाहरण: नदी में कूड़ा, प्लास्टिक या बिना साफ़ किया गंदा पानी डालने पर रोक और जुर्माना।

प्र. रोज़मर्रा की चीज़ों से सरल जल-फ़िल्टर कैसे बनाओगे?
उ. एक कटी प्लास्टिक बोतल में नीचे से ऊपर — कपड़ा, कोयले के टुकड़े, बारीक रेत, मोटी रेत और कंकड़ की परतें। ऊपर से डाला गया गंदा पानी परतों से छनकर साफ़ दिखने लगता है। (ध्यान दें: ऐसा पानी बिना उबाले पीने के लिए सुरक्षित नहीं होता।)

प्र. नदी के पास नया शहर बसाना हो तो नदी साफ़ रखने, बाढ़ रोकने और हमेशा पानी उपलब्ध रखने के लिए क्या करोगे?
उ. (क) गंदे पानी को साफ़ करने के संयंत्र और कूड़ा प्रबंधन; (ख) किनारों पर पेड़, खुली ज़मीन और अच्छी जल-निकासी, नदी के बहुत पास निर्माण नहीं; (ग) वर्षा जल संचयन, तालाब और जलाशय, और पानी की बर्बादी पर रोक।

प्र. गंगा नदी डॉल्फ़िन के बारे में क्या ख़ास है?
उ. यह भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है; यह देख नहीं सकती और ध्वनि के सहारे पानी में रास्ता ढूँढती है।

अध्याय 3: भोजन का रहस्य — हल एवं व्याख्या

मुख्य विचार: जासूस दिशा के साथ — भोजन क्यों ख़राब होता है (सूक्ष्मजीव), भोजन परिरक्षण के तरीके, अच्छे सूक्ष्मजीव, मौसमी फल, दाँत, चबाना और मुख की स्वच्छता।

भोजन का ख़राब होना

प्र. दिशा का उत्तपम क्यों ख़राब हो गया?
उ. तीन दिन पुराने उत्तपम पर फफूँद लग गई थी। फफूँद हज़ारों छोटे-छोटे सूक्ष्मजीवों की कॉलोनी होती है, जिन्होंने भोजन पर बढ़कर उसका स्वाद और गंध बदल दी।

प्र. सूक्ष्मजीव क्या हैं और कहाँ मिलते हैं?
उ. बहुत छोटे जीव, जिन्हें देखने के लिए सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) चाहिए। ये मिट्टी, पानी, हवा, पौधों, जानवरों और हमारे शरीर के अंदर — हर जगह मिलते हैं। कुछ सूक्ष्मजीव दही बनाने और भोजन पचाने में मदद करते हैं।

प्र. कुछ भोजन जल्दी क्यों ख़राब होते हैं और कुछ देर तक ठीक क्यों रहते हैं?
उ. सूक्ष्मजीवों को बढ़ने के लिए नमी, हवा और सही तापमान चाहिए। ब्रेड जैसी नम चीज़ें जल्दी ख़राब होती हैं, जबकि तेल में डूबा अचार देर तक ठीक रहता है, क्योंकि तेल हवा को अंदर नहीं जाने देता।

प्र. ख़राब भोजन ग़लती से खा लें तो क्या हो सकता है?
उ. पेट ख़राब होना, उल्टी या दस्त हो सकते हैं। समस्या गंभीर हो तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

भोजन परिरक्षण के तरीके

प्र. सुखाना — मिर्च धूप में क्यों सुखाई जाती है?
उ. धूप नमी निकाल देती है और बिना नमी के सूक्ष्मजीव नहीं बढ़ सकते। सूखी मिर्च से मिर्च पाउडर बनता है, जो पूरे साल चल जाता है। इसी तरह पापड़, बड़ियाँ, मछली और कई मसाले भी सुखाए जाते हैं।

प्र. गतिविधि 1: आम से कौन-सी चीज़ें बनाई जाती हैं जिससे वह लंबे समय तक खाया जा सके?
उ. आम का अचार, आम पापड़, अमचूर, मुरब्बा, जैम और आम का रस (डिब्बाबंद)।

प्र. गतिविधि 2: धूप में रखी टमाटर की फाँकों में क्या बदलाव दिखा?
उ. फाँकें सिकुड़कर सूख गईं, क्योंकि उनका पानी उड़ गया। इसी तरह टमाटर जैसी चीज़ों को सुखाकर रखा जा सकता है।

प्र. अचार में तेल क्यों डाला जाता है? तेल न डालें तो क्या होगा?
उ. तेल हवा को अंदर जाने से रोकता है, जिससे सूक्ष्मजीव नहीं बढ़ते। तेल न हो तो अचार पर फफूँद लग सकती है और वह जल्दी ख़राब हो जाएगा।

प्र. फ़्रिज में भोजन ठीक क्यों रहता है?
उ. फ़्रिज का तापमान बहुत ठंडा होता है, जिसमें सूक्ष्मजीव बहुत धीरे बढ़ते हैं।

प्र. मक्खन को फ़्रिज चाहिए, पर घी को नहीं — क्यों?
उ. घी मक्खन को गर्म करके बनता है; गर्म करने पर मक्खन का पानी अलग होकर उड़ जाता है। घी में नमी नहीं रहती, इसलिए सूक्ष्मजीव नहीं बढ़ते और वह बिना फ़्रिज के भी ठीक रहता है।

प्र. भोजन बचाने के और कौन-से तरीके हैं?
उ. नमक, चीनी और काली मिर्च जैसे मसालों का उपयोग, और कारख़ानों में हवा-बंद डिब्बों व पैकिंग में भोजन रखना। मिट्टी का मटका पानी को ठंडा रखता है।

प्र. गतिविधि 3: अपने परिवार की भोजन परिरक्षण की एक परंपरा लिखो।
उ. उदाहरण: हमारी दादी गर्मियों में आम का अचार बनाकर सरसों के तेल में रखती हैं। (अपने घर की परंपरा लिखो।)

अच्छे सूक्ष्मजीव

प्र. इडली का घोल फूला हुआ क्यों बनता है?
उ. हवा में मौजूद सूक्ष्मजीव घोल में बढ़ते हैं और उसे फुला देते हैं।

प्र. पेट ख़राब होने पर दही या छाछ क्यों दी जाती है?
उ. दही में छोटे-छोटे अच्छे सूक्ष्मजीव होते हैं, जो पेट के अच्छे सूक्ष्मजीवों के साथ मिलकर पाचन में मदद करते हैं। ग़लत खान-पान की आदतों से भी अपच हो सकती है।

प्र. पखाला या कांजी क्या है?
उ. भारत के कई भागों में खाया जाने वाला किण्वित चावल; यह शरीर को ठंडक देता है और अच्छे बैक्टीरिया से भरपूर होता है।

मौसमी फल और बाज़ार

प्र. गतिविधि 4: बड़े लोग बाज़ार में फल-सब्ज़ी कैसे चुनते हैं?
उ. वे देखते हैं कि फल-सब्ज़ी ताज़ी, बिना दाग़ और सही रंग की हो, दबाकर देखते हैं कि ज़्यादा नरम या सड़ी न हो। (अपनी सीख को ‘खोज #9’ की तरह लिखो।)

प्र. मौसमी फल क्यों अच्छे हैं? अपने क्षेत्र के तीन मौसमी फल या सब्ज़ियाँ बताओ।
उ. मौसमी फल अपने मौसम में सबसे स्वादिष्ट होते हैं और स्थानीय फल दूर से न आने के कारण ताज़े रहते हैं; इंतज़ार से खाने का आनंद भी बढ़ता है। उदाहरण: सर्दी में आँवला, गर्मी में जामुन और आम, बरसात में लीची।

दाँत और चबाना

प्र. हमारे दाँत कितने प्रकार के हैं और उनका काम क्या है?
उ. कृंतक (इनसाइज़र) — काटना; रदनक (कैनाइन) — फाड़ना; अग्र-चर्वणक (प्रीमोलर) — कुचलना; चर्वणक (मोलर) — पीसना।

प्र. भोजन अच्छी तरह चबाना क्यों ज़रूरी है?
उ. चबाने से भोजन छोटे टुकड़ों में टूटता है और लार निकलती है, जो पाचन में मदद करती है। धीरे खाने से गले में भोजन अटकने (चोकिंग) का ख़तरा भी नहीं रहता।

प्र. चोकिंग से कैसे बचें?
उ. छोटे कौर लें, अच्छी तरह चबाकर निगलें, और मुँह में भोजन रहते हुए बात न करें या हँसें नहीं।

प्र. मुख की स्वच्छता के लिए क्या करना चाहिए?
उ. खाने के बाद कुल्ला करें, नियमित ब्रश करें और मिठाई कम खाएँ। दाँत में दर्द हो तो दंत चिकित्सक को दिखाएँ।

आइए, विचार करें (अभ्यास)

प्र. कुछ खाद्य पदार्थ हफ़्तों तक क्यों चलते हैं और कुछ कुछ ही दिनों में ख़राब क्यों हो जाते हैं?
उ. जिनमें नमी कम होती है या जिन्हें तेल, नमक, चीनी से या हवा-बंद रखा जाता है, वे लंबे चलते हैं (जैसे अचार, घी, सूखी मिर्च)। नमी वाले भोजन (जैसे पका चावल, ब्रेड) में सूक्ष्मजीव जल्दी बढ़ते हैं।

प्र. दो दिन की यात्रा पर ले जाने वाले पाँच खाद्य पदार्थ और उन्हें ख़राब होने से बचाने का तरीका बताओ।
उ. उदाहरण: भुने चने, खाखरा, सूखे मेवे, लड्डू और केले-सेब जैसे साबुत फल। इन्हें हवा-बंद डिब्बों में, ठंडी और सूखी जगह पर रखेंगे।

प्र. अगर भोजन का परिरक्षण न हो सके तो क्या होगा?
उ. भोजन जल्दी ख़राब होकर बर्बाद होगा, बेमौसम कई चीज़ें नहीं मिलेंगी, दूर तक भोजन नहीं भेजा जा सकेगा और भोजन की कमी हो सकती है।

प्र. मिलान करो — वस्तु, परिरक्षण की विधि और बना उत्पाद।
उ. रोटी — निर्जलीकरण (सुखाना) — खाखरा; पापड़ — धूप में सुखाना — सूखे पापड़; आम — सुखाना — आम पापड़; नींबू — अचार बनाना — नींबू का अचार; मक्खन — गर्म करना — घी; रस — डिब्बाबंदी — डिब्बाबंद रस; मिर्च — सुखाना — मिर्च पाउडर; मछली — सुखाना — सूखी मछली।

अध्याय 4: हमारा विद्यालय — एक आनंदमय स्थान — हल एवं व्याख्या

मुख्य विचार: हरित विद्यालय — कचरा प्रबंधन, पानी और बिजली की बचत, पेड़-पौधे, ठंडक, यातायात सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और अच्छा व्यवहार।

हरित विद्यालय क्या है?

प्र. हरित विद्यालय (ग्रीन स्कूल) किसे कहते हैं?
उ. ऐसा विद्यालय जहाँ हम अपना कचरा ठीक से संभालते हैं, पानी बचाते हैं, बिजली सावधानी से इस्तेमाल करते हैं और ज़्यादा पेड़ लगाकर व उनकी देखभाल करके परिसर को हरा-भरा बनाते हैं। आशा और मोहित अपने विद्यालय को ऐसा ही बनाना चाहते थे।

प्र. स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय क्या है?
उ. भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन का हिस्सा, जिसका उद्देश्य विद्यालयों को साफ़ और स्वस्थ रखना है — साफ़ शौचालय, सुरक्षित पेयजल, कचरे का सही प्रबंधन और स्वच्छता की शिक्षा। हर बच्चे को साफ़ और सुरक्षित वातावरण में पढ़ने का अधिकार है।

प्र. ‘एशिया का सबसे स्वच्छ गाँव’ किसे कहा जाता है?
उ. मेघालय के मावल्यन्नॉंग गाँव को।

प्र. विद्यालय अन्वेषक दल (स्कूल एक्सप्लोरर टीम) क्या-क्या देखते हैं?
उ. बिजली बचाने वाले — कोई न हो तब भी लाइट-पंखे चल रहे हैं क्या, कक्षा में प्राकृतिक रोशनी आती है क्या। हरियाली रक्षक — पेड़-पौधे, उनकी देखभाल, खाद का गड्ढा। जल प्रहरी — टपकते नल, पानी की बर्बादी, ढकी हुई साफ़ टंकियाँ, मच्छर पनपने वाली गीली जगहें। कचरा योद्धा — कूड़ा कहाँ है, पर्याप्त कूड़ेदान हैं क्या, गीले-सूखे कचरे के अलग डिब्बे। यातायात निरीक्षक — गेट पर भीड़, बच्चों के लिए पैदल पार-पथ, तेज़ वाहन।

कचरा प्रबंधन

प्र. सूखे और गीले कचरे के डिब्बों का रंग क्या होता है?
उ. सूखा कचरा — नीला डिब्बा; गीला कचरा — हरा डिब्बा। (किताब की छँटाई वाली गतिविधि में भी हरा डिब्बा गीले और नीला सूखे कचरे के लिए है, और तीसरा डिब्बा ‘कबाड़ीवाले के लिए सामान’ का।)

प्र. पुराने अख़बार कूड़ेदान में क्यों नहीं फेंके जाते?
उ. उन्हें अलग रखकर पारंपरिक कबाड़ीवालों (रद्दीवालों) को दिया जाता है, जो उन्हें पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के लिए भेजते हैं। अलग-अलग कबाड़ीवाले अलग-अलग चीज़ें — काग़ज़, प्लास्टिक, धातु, काँच — इकट्ठा करते हैं।

प्र. कचरा अलग-अलग न करें तो क्या होगा?
उ. गीला और सूखा कचरा मिलकर सड़ता और बदबू करता है, उपयोगी चीज़ें पुनर्चक्रित नहीं हो पातीं, गीले कचरे से खाद नहीं बन पाती और सफ़ाई कर्मचारियों का काम कठिन व असुरक्षित हो जाता है।

प्र. सफ़ाई कर्मचारियों का काम आसान और सुरक्षित बनाने के लिए हम क्या कर सकते हैं?
उ. कचरा घर पर ही गीला-सूखा अलग करें, टूटा काँच या धारदार चीज़ें लपेटकर अलग दें, कचरा कूड़ेदान में ही डालें, और उनके काम का सम्मान करें (श्रम की गरिमा)।

प्र. कम कचरा कैसे बनाएँ?
उ. उतना ही इस्तेमाल करें जितनी ज़रूरत हो, चीज़ों का दोबारा उपयोग करें और उपयोगी चीज़ें न फेंकें।

ठंडक, पानी और हरियाली

प्र. गतिविधि 3: धूप में रखी काली और सफ़ेद टाइल में से कौन-सी ठंडी लगी?
उ. सफ़ेद टाइल ठंडी लगी, क्योंकि सफ़ेद सतह सूरज की गर्मी को लौटा देती है, जबकि काली सतह गर्मी सोख लेती है। इसलिए छत को सफ़ेद रंगने से छत और कमरा ठंडे रहते हैं।

प्र. कुछ कमरे दूसरों से ज़्यादा ठंडे क्यों लगते हैं?
उ. छाया देने वाले पेड़, हवा आने वाली खिड़कियाँ और सफ़ेद छत कमरों को ठंडा रखती हैं।

प्र. अगर तुम्हारा क्षेत्र गर्म होता जा रहा है तो क्या किया जा सकता है?
उ. ज़्यादा पेड़ लगाना, छतें सफ़ेद या हल्के रंग की करना, हवा आने के लिए खिड़कियाँ खुली रखना, और पानी व हरियाली बचाना।

प्र. गतिविधि 4: टपकते नल से एक गिलास भरने में 30 मिनट लगें तो एक दिन में कितने गिलास भरेंगे?
उ. 1 घंटे में 2 गिलास, तो 24 घंटे में 24 × 2 = 48 गिलास। (अपना मापा हुआ समय लेकर इसी तरह हिसाब लगाओ।) छोटी-सी बूँद भी दिन भर में बहुत पानी बर्बाद करती है।

प्र. विद्यालय में पानी की बर्बादी कैसे रोकें और वर्षा का पानी कैसे इकट्ठा करें?
उ. टपकते नल तुरंत ठीक कराएँ, इस्तेमाल के बाद नल बंद करें, बचा पानी पौधों में डालें; छत के पानी को पाइप से टंकी या सोख्ता गड्ढे में ले जाकर वर्षा जल संचयन करें। जल शक्ति अभियान लोगों को पेड़ लगाने, वर्षा जल पकड़ने और पानी समझदारी से इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करता है।

प्र. गतिविधि 5: पेड़ के नीचे और धूप में रखे पानी के तापमान से क्या पता चलता है?
उ. एक घंटे बाद धूप वाले गिलास का पानी ज़्यादा गर्म और पेड़ के नीचे वाला ठंडा मिलता है — यानी पेड़ छाया देकर आस-पास को ठंडा रखते हैं।

प्र. पेड़ हमारे लिए क्यों ज़रूरी हैं?
उ. पेड़ कई जीवों का घर हैं, हवा साफ़ रखते हैं, छाया और पक्षियों-कीड़ों को भोजन देते हैं और वातावरण ठंडा रखते हैं। लद्दाख में विद्यार्थी ‘आइस स्तूप’ (बर्फ़ के ऊँचे स्तूप) बनाने में मदद करते हैं, जो गर्मियों में धीरे-धीरे पिघलकर विद्यालय के बगीचों को पानी देते हैं।

यातायात और अग्नि सुरक्षा

प्र. कम से कम तीन यातायात नियम लिखो।
उ. (1) सड़क ज़ेबरा क्रॉसिंग से ही पार करें, (2) ट्रैफ़िक सिग्नल का पालन करें, (3) दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनें और फ़ुटपाथ पर चलें।

प्र. विद्यालय के पास यातायात सुधारने के लिए साइनबोर्ड के अलावा क्या कर सकते हैं?
उ. गेट पर पैदल पार-पथ और गति-अवरोधक की माँग, छुट्टी के समय शिक्षकों/स्वयंसेवकों की निगरानी, अभिभावकों से गाड़ियाँ सही जगह खड़ी करने का अनुरोध और बच्चों का क़तार में बाहर निकलना।

प्र. आग लगने या धुआँ महसूस होने पर क्या करना चाहिए?
उ. घबराएँ नहीं, दौड़ें नहीं — शांति से नज़दीकी निकास से बाहर निकलें; धुएँ में मुँह ढककर झुककर/रेंगकर चलें; अलमारी या बाथरूम में न छिपें; बाहर निकलने के बाद इमारत में वापस न जाएँ; सभा स्थल (असेंबली पॉइंट) पर अपने समूह के साथ रहें और कोई ग़ायब या घायल हो तो तुरंत शिक्षक को बताएँ।

प्र. अपने विद्यालय में अग्निशामक यंत्र और सभा स्थल कहाँ हैं?
उ. यह अपने विद्यालय में देखकर लिखो — जैसे, अग्निशामक यंत्र बरामदे में कार्यालय के पास और सभा स्थल खेल का मैदान।

हमारा व्यवहार मायने रखता है

प्र. गतिविधि 6: दो विद्यार्थी नल पर धक्का देकर लाइन तोड़ रहे हैं — तुम क्या करोगे?
उ. उन्हें विनम्रता से अपनी बारी का इंतज़ार करने को कहेंगे; न मानें तो शिक्षक को बताएँगे। ऐसी घटनाएँ रोकने के लिए क़तार के नियम बनाकर सबको याद दिलाएँगे।

प्र. कोई विद्यार्थी दूसरे को चिढ़ा रहा हो या मज़ाक उड़ा रहा हो तो?
उ. चिढ़ाए जा रहे साथी का साथ देंगे, चिढ़ाने वाले को रोकेंगे और बात शिक्षक तक पहुँचाएँगे। सम्मान और दया हमारे व्यवहार से दिखती है — अपनी बारी का इंतज़ार, अच्छे शब्द, मदद करना और जगह साफ़ रखना।

आइए, विचार करें (अभ्यास)

प्र. ‘प्रसन्नता का पेड़’ (हैप्पीनेस ट्री) पर कौन-से छोटे काम लिखे जा सकते हैं?
उ. किसी का अभिवादन करना, खाली कमरे की लाइट बंद करना, जगह बाँटना, किसी नए साथी को खेल में शामिल करना, नल बंद करना, कूड़ा कूड़ेदान में डालना।

प्र. एक दिन के प्रधानाचार्य बनो तो प्रसन्नता, सुरक्षा और हरियाली बढ़ाने के लिए कौन-से तीन बदलाव करोगे?
उ. उदाहरण उत्तर: (1) हर कक्षा के लिए पेड़ गोद लेने और तितली उद्यान की योजना, (2) गेट पर सुरक्षित पार-पथ और नियमित अग्नि-अभ्यास, (3) गीले-सूखे कचरे के अलग डिब्बे और वर्षा जल संचयन।

प्र. किसी और के नज़रिए से विद्यालय का एक दिन — जैसे व्हीलचेयर इस्तेमाल करने वाला विद्यार्थी — डायरी में लिखो।
उ. उदाहरण: “आज रैंप होने से कक्षा तक पहुँचना आसान था, पर पुस्तकालय की सीढ़ियों ने मुझे रोक दिया। दोस्तों ने किताबें लाकर दीं तो मैं मुस्कुराया।” — ऐसा लिखते हुए सोचो कि क्या आसान था, क्या कठिन और विद्यालय में क्या बदला जा सकता है।

अध्याय 5: हमारा जीवंत देश — हल एवं व्याख्या

मुख्य विचार: गणतंत्र दिवस, संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और प्रतीक, मुद्रा नोट, भाषाएँ, पहनावा, संगीत-नृत्य और एकता की भावना।

गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस

प्र. राष्ट्रीय ध्वज के रंगों का क्या अर्थ है?
उ. ऊपर केसरिया — शक्ति और साहस; बीच में सफ़ेद — शांति और सत्य, जिसके बीच नीला अशोक चक्र कर्तव्य (धर्म) दर्शाता है; नीचे हरा — विकास और समृद्धि।

प्र. राष्ट्रगान में किन नदियों और पर्वत श्रृंखलाओं का नाम आता है?
उ. नदियाँ — यमुना और गंगा; पर्वत — विंध्य और हिमालय (हिमाचल)।

प्र. गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है?
उ. भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ। देश को सुचारु रूप से चलाने के लिए नियमों की एक विशेष पुस्तक — संविधान — बनाई गई, जिसका पालन हमने 26 जनवरी 1950 से शुरू किया। इसलिए हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं।

प्र. दिल्ली की गणतंत्र दिवस परेड में क्या-क्या होता है?
उ. लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन, राज्यों की झाँकियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भारतीय रक्षा बलों — थल सेना, नौसेना, वायुसेना, अर्धसैनिक और अन्य बलों — की टुकड़ियाँ।

प्र. गतिविधि 2: विद्यालय के पाँच नियम लिखो और एक नया नियम सुझाओ।
उ. उदाहरण: समय पर आना, वर्दी पहनना, क़तार में चलना, कक्षा साफ़ रखना, शिक्षकों और साथियों का सम्मान करना। नया नियम — हर कक्षा में ‘बिजली प्रहरी’ जो खाली कमरे की लाइट-पंखे बंद करे।

मुद्रा नोट में भारत

प्र. नोट को रोशनी में देखने पर क्या दिखता है?
उ. महात्मा गांधी की एक और छोटी छवि (वॉटरमार्क) — यानी हर नोट पर उनकी दो छवियाँ होती हैं।

प्र. नोट पर छोटा गोल चश्मा किस बात का प्रतीक है?
उ. यह ‘स्वच्छ भारत अभियान’ का प्रतीक है, जो गांधी जी के चश्मे पर आधारित है। गांधी जी चाहते थे कि सब अपने आस-पास सफ़ाई रखें; उनके आश्रम में सफ़ाई के कड़े नियम थे।

प्र. दृष्टिबाधित लोग नोट कैसे पहचानते हैं?
उ. कुछ नोटों पर उभरे हुए छापे और चिह्न होते हैं। MANI ऐप सुनकर और कंपन महसूस करके नोट पहचानने में मदद करता है।

प्र. राष्ट्रीय प्रतीक (राजचिह्न) में क्या है और यह क्या दर्शाता है?
उ. गोल चबूतरे पर खड़े तीन (दिखाई देने वाले) सिंह और नीचे अशोक चक्र — यह शक्ति, साहस और आत्मविश्वास दर्शाता है। यह कई दस्तावेज़ों, यहाँ तक कि आधार कार्ड पर भी मिलता है।

प्र. भारत में सिंह आज कहाँ पाए जाते हैं?
उ. केवल गुजरात के गिर वनों में। लगभग 150 वर्ष पहले उनकी संख्या कुछ दर्जन रह गई थी; संरक्षण के प्रयासों से आज जंगल में कई सौ सिंह हैं।

राष्ट्रीय प्रतीक और पहेलियाँ

प्र. पहेली: नारंगी पर काली धारियाँ, गहरे जंगल में घूमता, दहाड़ से राज करता — मैं कौन?
उ. बाघ — भारत का राष्ट्रीय पशु।

प्र. पहेली: बारिश में नाचता, हरे-नीले चमकीले पंख, सिर पर कलगी — मैं कौन?
उ. मोर — भारत का राष्ट्रीय पक्षी।

प्र. अगर राष्ट्रीय फल चुनना हो तो कौन-सा सुझाओगे और क्यों?
उ. उदाहरण: आम — यह देश भर में उगता है, सबको पसंद है और इसकी सैकड़ों किस्में हैं। (अपना कारण लिखो।)

प्र. अपने राज्य के प्रतीक पता करो।
उ. उदाहरण (बिहार): राज्य पशु — गौर (बाइसन), राज्य पक्षी — गौरैया, राज्य वृक्ष — पीपल, राज्य पुष्प — कचनार। अपने राज्य के लिए शिक्षक की मदद से लिखो।

जीवंत संस्कृति

प्र. भारत में कितनी भाषाएँ बोली जाती हैं?
उ. एक हज़ार से भी ज़्यादा।

प्र. गतिविधि 5: ‘आम’ को अलग-अलग भाषाओं में क्या कहते हैं?
उ. तमिल — मांपलम (Māmpalam); तेलुगु — मामिडि पंडु; मराठी — आंबा; बांग्ला — आम।

प्र. विविधता देश को कैसे मज़बूत बनाती है? (बगीचा और जंगल का उदाहरण)
उ. बगीचे में कम किस्म के पौधे होते हैं और उन्हें लगातार देखभाल चाहिए; जंगल में बहुत तरह के पेड़-पौधे और जीव होते हैं, जो मिलकर उसे अपनी देखभाल करने लायक़, मज़बूत और सुंदर बनाते हैं। इसी तरह विविधता हमारे देश को मज़बूत और आत्मनिर्भर बनाती है।

प्र. भारत में पहने जाने वाले कुछ सिरोवस्त्र बताओ।
उ. राजस्थान में पुरुष रंगीन साफ़ा या पगड़ी पहनते हैं, हिमाचल प्रदेश में टोपी। सिरोवस्त्र परंपरा, सम्मान और विरासत का प्रतीक हैं। सैनिकों, निर्माण और खदान कर्मियों के हेलमेट तथा दोपहिया वाहन पर हेलमेट सुरक्षा के लिए हैं — दोपहिया पर हेलमेट अनिवार्य है।

प्र. भारत के कुछ ढोल/वाद्य और संगीत के प्रकार बताओ।
उ. ढोल के प्रकार — नगाड़ा, तबला, थविल, इडक्का, खोल, ढोल, मृदंगम, ढोलक, पखावज, धामा, खंजीरा। कर्नाटक संगीत में मृदंगम, हिंदुस्तानी संगीत में सितार और शहनाई।

प्र. गतिविधि 7: इन नृत्य शैलियों का राज्य बताओ।
उ. भरतनाट्यम — तमिलनाडु; कथक — उत्तर प्रदेश; कथकली और मोहिनीअट्टम — केरल; कुचिपुड़ी — आंध्र प्रदेश; ओडिसी — ओडिशा; मणिपुरी — मणिपुर; सत्रिया — असम।

आइए, विचार करें (अभ्यास)

प्र. नए नोटों पर कौन-से स्मारक हैं? तालिका बनाओ।
उ.

नोटस्मारकराज्य
₹10कोणार्क का सूर्य मंदिरओडिशा
₹20एलोरा की गुफाएँमहाराष्ट्र
₹50हम्पी का पत्थर का रथकर्नाटक
₹100रानी की वावगुजरात
₹200साँची स्तूपमध्य प्रदेश
₹500लाल किलादिल्ली

प्र. भारत की मुद्रा का चिह्न पहचानो।
उ. ₹ (रुपया चिह्न) — यह हर नोट पर छपा है। दूसरे देशों के चिह्न के उदाहरण: $ (अमेरिकी डॉलर), £ (ब्रिटिश पाउंड), € (यूरो)।

प्र. कोई एक और भारतीय भाषा सीखनी हो तो कौन-सी और क्यों?
उ. उदाहरण: तमिल — यह विश्व की प्राचीन भाषाओं में से एक है और मैं दक्षिण भारत के दोस्तों से उनकी भाषा में बात करना चाहता हूँ। (अपना उत्तर लिखो।)

अध्याय 6: कुछ अनूठे स्थान — हल एवं व्याख्या

मुख्य विचार: शांति की भारत-यात्रा — अंडमान-निकोबार द्वीप, सुंदरबन के मैंग्रोव, पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी घाट; स्थानिक जीव, पारंपरिक ज्ञान और संरक्षित क्षेत्र।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

प्र. भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु कौन-सा है?
उ. इंदिरा पॉइंट, जो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में है। मुख्य भूमि का सबसे दक्षिणी बिंदु कन्याकुमारी है, जहाँ तीन समुद्र मिलते हैं।

प्र. द्वीप किसे कहते हैं? अंडमान-निकोबार किस समुद्र में हैं?
उ. चारों ओर से पानी से घिरी ज़मीन को द्वीप कहते हैं। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह बंगाल की खाड़ी (और अंडमान सागर) में हैं। इनकी राजधानी श्री विजयपुरम है। भारत के समुद्रों में एक हज़ार से ज़्यादा द्वीप हैं — जैसे लक्षद्वीप।

प्र. गतिविधि 1: काग़ज़ की नली नीचे त्रिकोण चिपकाने पर सीधी क्यों खड़ी रहती है?
उ. त्रिकोण चौड़ा आधार देते हैं, ठीक वैसे ही जैसे अंडमान के कुछ पेड़ों की बड़ी, फैली जड़ें पेड़ को सीधा खड़ा रखती हैं। प्रकृति के डिज़ाइन सबसे अच्छे होते हैं।

प्र. अंडमान में केवल वहीं मिलने वाले पक्षी कौन-से हैं? ऐसा क्यों?
उ. अंडमान वुड पिजन (कबूतर) और अंडमान हॉर्नबिल। द्वीप चारों ओर समुद्र से घिरे और अलग-थलग हैं, इसलिए यहाँ के जीव लंबे समय में अलग विकसित हुए और कहीं और नहीं मिलते।

प्र. नाव (फ़ेरी) पर चढ़ने से पहले कौन-सा सुरक्षा नियम बताया गया?
उ. तैरना आता हो तब भी सबको लाइफ़ जैकेट पहननी चाहिए; यह पानी में गिरने पर तैरते रहने में मदद करती है।

प्र. समुद्र में पाए जाने वाले तीन जीव बताओ। प्रवाल भित्ति (कोरल रीफ़) कैसे मदद करती है?
उ. मछली, ऑक्टोपस, जेलीफ़िश, समुद्री कछुआ, स्टारफ़िश। छोटे-छोटे प्रवाल मिलकर रंग-बिरंगी भित्तियाँ बनाते हैं जो मछलियों और कई समुद्री जीवों को आश्रय देती हैं। समुद्री जीवन केवल समुद्र के लिए नहीं, पूरी पृथ्वी के लिए ज़रूरी है।

प्र. उत्तरी सेंटिनल द्वीप के लोग 2004 की सुनामी में कैसे बचे होंगे?
उ. संभवतः उन्होंने हवा, समुद्र और जानवरों के व्यवहार में बदलाव जैसे प्रकृति के संकेत पहचान लिए। प्रकृति से उनके गहरे जुड़ाव ने उन्हें सुरक्षित रहने में मदद की होगी।

सुंदरबन — मैंग्रोव का घर

प्र. सुंदरबन क्या है और कहाँ है?
उ. विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन, जहाँ गंगा नदी समुद्र से मिलती है। यहाँ की ज़मीन दलदली और खारी है, जिसमें मैंग्रोव नाम के विशेष पेड़ उगते हैं।

प्र. पानी से बाहर निकली छोटी-छोटी डंडियाँ क्या हैं?
उ. ये मैंग्रोव की जड़ें हैं, जो दलदली खारे पानी में पेड़ को साँस लेने में मदद करती हैं।

प्र. मैंग्रोव क्यों महत्त्वपूर्ण हैं? लोग इन पर कैसे निर्भर हैं?
उ. मैंग्रोव की जड़ें मिट्टी को बाँधे रखती हैं और लहरों से ज़मीन को कटने से बचाती हैं। यहाँ के लोग रोज़मर्रा की ज़रूरतों — जैसे मछली, शहद और लकड़ी — के लिए वन पर निर्भर हैं और पीढ़ियों से प्रकृति के साथ तालमेल में रहते हैं।

प्र. सुंदरबन में लोग सिर के पीछे मुखौटा क्यों पहनते हैं?
उ. बाघ अपने शिकार पर पीछे से हमला करते हैं; सिर के पीछे का मुखौटा उन्हें भ्रमित कर सकता है।

पूर्वोत्तर भारत

प्र. पूर्वोत्तर भारत में कौन-कौन से राज्य हैं?
उ. ‘सात बहनें’ — अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड और त्रिपुरा — और सिक्किम, मिलकर पूर्वोत्तर भारत बनाते हैं।

प्र. पूर्वोत्तर में घर बाँस के ढाँचों (खंभों) पर क्यों बनाए जाते हैं?
उ. यहाँ बहुत वर्षा होती है; ऊँचे खंभों पर बने घर बाढ़ के पानी, नमी और ज़मीन के जीवों से बचे रहते हैं, और बाँस यहाँ आसानी से मिलता है।

प्र. हरगिला पक्षी को कौन बचा रहा है?
उ. हरगिला (ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क) — महिलाएँ बच्चों को इसके घोंसलों की रक्षा करना सिखा रही हैं; सबकी मदद से इसकी संख्या बढ़ रही है।

प्र. भूत जोलोकिया क्या है?
उ. दुनिया की सबसे तीखी मिर्चों में से एक, जो पूर्वोत्तर भारत में उगती है; इसका उपयोग अचार-चटनी में और फ़सलों से हाथियों को दूर रखने में होता है।

प्र. जीवित जड़ पुल (लिविंग रूट ब्रिज) क्या हैं?
उ. धाराओं के ऊपर फैली पेड़ों की जड़ें समय के साथ इतनी मज़बूत हो जाती हैं कि उन पर चला जा सके; लोग बस उनकी देखभाल करते हैं।

प्र. गतिविधि 2: अच्छे घोंसले में क्या होना चाहिए?
उ. मज़बूत टहनियों का ढाँचा, अंदर नरम परत (रुई, पत्ते, काग़ज़) ताकि अंडे गर्म और सुरक्षित रहें, और ऐसी जगह जहाँ शिकारी आसानी से न पहुँचें।

पश्चिमी घाट

प्र. पश्चिमी घाट किन छह राज्यों से होकर गुज़रते हैं?
उ. गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु।

प्र. पश्चिमी घाट से निकलने वाली तीन नदियों के नाम बताओ।
उ. गोदावरी, कृष्णा और कावेरी।

प्र. किले पहाड़ियों पर क्यों बनाए जाते थे?
उ. ऊँचाई से दूर तक दुश्मन को आते देखा जा सकता था और चढ़ाई कठिन होने से किले की रक्षा करना आसान था।

प्र. पश्चिमी घाट में केवल वहीं मिलने वाला एक जीव बताओ।
उ. सिंह-पूँछ वाला मकाक (लायन-टेल्ड मकाक)। भारतीय विशाल गिलहरी भी पश्चिमी घाट में मिलती है।

प्र. विद्यार्थी पेड़ के नीचे क्या सर्वे कर रहे थे?
उ. विद्यालयों, किसानों और विशेषज्ञों की मदद से पश्चिमी घाट में आम की 200 से ज़्यादा किस्में खोजी और दर्ज की गईं; अब कटहल और जामुन का सर्वे हो रहा है।

प्र. साइलेंट वैली राष्ट्रीय उद्यान की कहानी क्या है?
उ. केरल का यह वर्षावन सिकाडा कीड़ों की आवाज़ न होने से ‘साइलेंट’ कहलाया। यहाँ बाँध बनाने की योजना थी जिससे वन डूब जाता, पर गाँववालों, विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों के ‘साइलेंट वैली बचाओ आंदोलन’ ने बाँध रुकवा दिया। आज यह संरक्षित वन है।

प्र. संरक्षित क्षेत्र क्या हैं? पश्चिमी घाट के तीन संरक्षित क्षेत्र बताओ।
उ. सरकार द्वारा सुरक्षित रखे गए वन, नदियाँ या पहाड़, जहाँ पेड़ काटना या जानवरों को नुक़सान पहुँचाना मना है। पश्चिमी घाट में 50 से ज़्यादा संरक्षित क्षेत्र हैं — जैसे साइलेंट वैली राष्ट्रीय उद्यान (केरल), पेरियार टाइगर रिज़र्व (केरल) और बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान (कर्नाटक)।

आइए, विचार करें (अभ्यास)

प्र. जलीय जीवों का उनकी विशेषता से मिलान करो।
उ. स्टारफ़िश — दिमाग़ नहीं, खोई भुजा फिर उगा लेती है; समुद्री घोड़ा (सी-हॉर्स) — सीधी खड़ी तैरने वाली मछली, चेहरा घोड़े जैसा; समुद्री कछुआ — कड़ा खोल, अंडे देने उसी तट पर लौटता है जहाँ पैदा हुआ; ऑक्टोपस — आठ भुजाएँ, छिपने के लिए रंग बदलता है; डॉल्फ़िन — हवा में साँस लेने वाले बुद्धिमान स्तनधारी, समूह में रहते हैं; जेलीफ़िश — नरम पारदर्शी शरीर, स्पर्शकों से डंक मारती है; प्रवाल (कोरल) — रंग-बिरंगी भित्तियाँ बनाने वाले छोटे जीव; क्लाउनफ़िश — डंक मारने वाले समुद्री एनीमोन के बीच सुरक्षित रहती है।

प्र. मैंग्रोव में क्या विशेष है?
उ. ये खारे, दलदली पानी में उगते हैं, इनकी जड़ें पानी से बाहर निकलकर साँस लेने में मदद करती हैं, और ये मिट्टी बाँधकर तट को लहरों से बचाते हैं।

प्र. अलग-अलग क्षेत्रों के लोग प्रकृति के साथ कैसे तालमेल में रहते हैं?
उ. सुंदरबन के लोग वन से उतना ही लेते हैं जितनी ज़रूरत है, पूर्वोत्तर में जीवित जड़ पुलों की देखभाल और हरगिला की रक्षा, पश्चिमी घाट में औषधीय पौधों और आम की किस्मों का संरक्षण, और साइलेंट वैली को बचाने का आंदोलन।

प्र. कुछ रोचक तथ्य जो पाठ में दिए गए हैं।
उ. मेघालय का मॉसिनराम पृथ्वी का सबसे नम बसा हुआ स्थान है; सिक्किम भारत का पहला जैविक राज्य है; भारत में दुनिया के लगभग 75 प्रतिशत जंगली बाघ हैं; अरुणाचल प्रदेश के आपातानी लोग एक ही खेत में धान और मछली साथ उगाते हैं।

अध्याय 7: ऊर्जा — वस्तुएँ कैसे कार्य करती हैं? — हल एवं व्याख्या

मुख्य विचार: ऊर्जा क्या है, ऊर्जा के स्रोत (भोजन, ईंधन, बिजली, सूर्य, पवन, जल), बिजली का सुरक्षित उपयोग, ऊर्जा दक्षता और स्वच्छ ऊर्जा।

ऊर्जा क्या है?

प्र. ऊर्जा किसे कहते हैं?
उ. जो चीज़ों को चलाती है, रोशनी देती है, आवाज़ पैदा करती है, काम करवाती है और तापमान बदलती है (गर्म या ठंडा करती है), उसे ऊर्जा कहते हैं। सूर्य हमें प्रकाश और ऊष्मा देता है।

प्र. गतिविधि 1: फुलाए गुब्बारे का मुँह छोड़ने पर क्या होता है?
उ. गुब्बारे से हवा तेज़ी से बाहर निकलती है और गुब्बारे को आगे धकेलती है — यानी चलती हवा से गति (ऊर्जा) मिलती है।

प्र. गुब्बारा रॉकेट को तेज़ या धीमा चलाने के लिए क्या बदलोगे?
उ. तेज़ — गुब्बारे में ज़्यादा हवा भरना, धागा कसकर सीधा तानना, स्ट्रॉ हल्की और चिकनी रखना। धीमा — कम हवा भरना या धागा ढीला रखना।

प्र. गतिविधि 2: रबर बैंड गिटार में आवाज़ कैसे पैदा होती है? पतले और मोटे रबर बैंड की आवाज़ में क्या अंतर है?
उ. रबर बैंड को छेड़ने पर वह काँपता (कंपन करता) है और आवाज़ पैदा होती है — इसे ध्वनि ऊर्जा कहते हैं। पतले या ज़्यादा खिंचे बैंड से पतली/ऊँची आवाज़ और मोटे बैंड से भारी/गहरी आवाज़ आती है।

प्र. गतिविधि 3: धूप और छाया में रखे पानी के कप में क्या अंतर दिखा?
उ. धूप वाले कप का पानी ज़्यादा गर्म था, क्योंकि सूर्य ने उसे गर्म किया — इससे पता चलता है कि सूर्य का प्रकाश हमें ऊष्मा ऊर्जा देता है।

ऊर्जा के स्रोत — भोजन और ईंधन

प्र. हम दौड़-कूद कैसे पाते हैं? भूख लगने पर थकान क्यों होती है?
उ. हमें ऊर्जा भोजन से मिलती है। भोजन न करने पर ऊर्जा कम होने से थकान लगती है और खाने के बाद हम फिर सक्रिय हो जाते हैं। जानवर भी दौड़ने, उड़ने, तैरने के लिए भोजन से ऊर्जा पाते हैं — भोजन सभी जीवों के लिए ऊर्जा का स्रोत है। हमारा मस्तिष्क बैठे, सोते या सोचते समय भी ऊर्जा उपयोग करता है।

प्र. वाहन किस ऊर्जा से चलते हैं?
उ. पेट्रोल और डीज़ल जैसे ईंधनों से — जैसे हमारे लिए भोजन, वैसे ही वाहनों के लिए ईंधन। आजकल कुछ वाहन बिजली से भी चलते हैं।

प्र. खाना पकाने में कौन-से ईंधन उपयोग होते हैं? लकड़ी या कोयला ज़्यादा जलाने से क्या समस्या है?
उ. रसोई गैस (LPG), और कुछ जगहों पर लकड़ी या कोयला। लकड़ी-कोयला जलाने से धुआँ और प्रदूषण होता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, और लकड़ी के लिए पेड़ कटते हैं।

प्र. गतिविधि 4: बिना तेल की बाती वाला दीया और तेल वाला दीया — कौन-सा देर तक जलता है? ईंधन क्या है?
उ. तेल वाला दीया ज़्यादा देर तक जलता है; बिना तेल की बाती जल्दी जलकर बुझ जाती है। यहाँ तेल ईंधन का काम करता है।

प्र. ठंडे पहाड़ी इलाकों में लोग घर के नीचे वाली मंज़िल पर पशु क्यों रखते हैं?
उ. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख के कुछ स्थानों पर पशुओं के शरीर की गर्मी ऊपर के कमरों को सर्दी में गर्म रखती है — इससे अतिरिक्त लकड़ी या बिजली की ज़रूरत नहीं पड़ती।

बिजली

प्र. गतिविधि 5: बिजली से चलने वाली पाँच चीज़ें और उनका काम लिखो।
उ. पंखा — हवा देता है (गति); बल्ब/ट्यूबलाइट — रोशनी; रेडियो/टीवी — आवाज़ और चित्र; इस्त्री (प्रेस) — ऊष्मा; फ़्रिज — ठंडक। यानी बिजली से गति, ध्वनि, प्रकाश और ऊष्मा सब मिलते हैं।

प्र. बिजली का सुरक्षित उपयोग कैसे करें?
उ. प्लग लगे उपकरण के तार या हिस्से न छुएँ; सॉकेट में उँगली, पेन या डंडी न डालें; टूटे तार या गिरे खंभे से दूर रहें और बड़ों को बताएँ; बिजली के बक्सों और ट्रांसफ़ॉर्मर के पास न खेलें; कुछ असुरक्षित लगे तो ख़ुद ठीक करने के बजाय बड़ों को बताएँ।

प्र. ऊर्जा दक्षता क्या है?
उ. कम ऊर्जा में वही काम करना। जैसे LED बल्ब साधारण (फ़िलामेंट) या फ़्लोरोसेंट बल्ब जितनी रोशनी देता है, पर कम बिजली खर्च करता है।

प्र. ज़्यादातर बिजली कैसे बनती है और उसकी समस्या क्या है?
उ. ज़्यादातर बिजली कोयला जलाकर बनती है, जिससे धुआँ और हानिकारक गैसें निकलकर हवा प्रदूषित करती हैं।

सूर्य, पवन और जल से ऊर्जा

प्र. धूप और छाया में रखे गीले कपड़ों में से कौन पहले सूखेगा?
उ. धूप वाला कपड़ा, क्योंकि सूर्य की ऊष्मा से पानी जल्दी उड़ता है।

प्र. गतिविधि 6, 7 और 8 (फिरकी, आवर्धक लेंस, जल-पहिया) से क्या पता चलता है?
उ. हवा में फिरकी घूमी, आवर्धक लेंस से केंद्रित धूप से काग़ज़ जलने लगा (यह बड़ों की देखरेख में ही करें) और पानी डालने पर जल-पहिया घूमा — यानी पवन, सूर्य और बहता जल ऊर्जा के स्रोत हैं।

प्र. सूर्य, पवन और बहते पानी के रोज़मर्रा के उपयोग के और उदाहरण दो।
उ. धूप में पापड़ और कपड़े सुखाना, अनाज सुखाना, हवा से अनाज साफ़ करना (ओसाना), पाल वाली नावें, पहाड़ों में पनचक्की (घराट) से अनाज पीसना। पुराने समय में गुजरात और तमिलनाडु के व्यापारी पवन ऊर्जा से चलने वाले पाल-जहाज़ों से अफ़्रीका, अरब और दक्षिण-पूर्व एशिया जाते थे।

प्र. स्वच्छ ऊर्जा किसे कहते हैं?
उ. सूर्य (सोलर पैनल), पवन (पवनचक्की) और तेज़ बहते या गिरते पानी से बनी बिजली, जो धुएँ या कचरे से पृथ्वी को प्रदूषित नहीं करती, स्वच्छ ऊर्जा कहलाती है। राजस्थान का भड़ला सोलर पार्क दुनिया के सबसे बड़े सौर संयंत्रों में से एक है और केरल का कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलने वाला दुनिया का पहला हवाई अड्डा है।

आइए, विचार करें (अभ्यास)

प्र. अगर घर में एक दिन बिजली न रहे तो क्या होगा?
उ. पंखे, बल्ब, फ़्रिज, पानी की मोटर, मोबाइल चार्जिंग — सब बंद रहेंगे; रात में पढ़ाई कठिन होगी, गर्मी लगेगी और खाना ख़राब हो सकता है।

प्र. कोयले की जगह सौर या पवन ऊर्जा का उपयोग क्यों बेहतर है?
उ. सौर और पवन ऊर्जा से प्रदूषण नहीं होता और ये कभी ख़त्म नहीं होतीं, जबकि कोयला जलाने से हवा प्रदूषित होती है और कोयला सीमित है।

प्र. ऊर्जा संचित (जमा) होने के दो उदाहरण दो।
उ. (1) टॉर्च या खिलौने की बैटरी में संचित ऊर्जा, (2) हमारे शरीर में संचित ऊर्जा — एक समय का भोजन छूट जाए तब भी हम चल-दौड़ पाते हैं।

प्र. घर पर ऊर्जा बचाने का एक काम बताओ।
उ. कमरे से निकलते समय लाइट-पंखा बंद करना (और LED बल्ब का उपयोग)।

प्र. अलग-अलग वाहन एक लीटर पेट्रोल/डीज़ल में कितने किलोमीटर चलते हैं — तुलना कैसे करोगे?
उ. हर वाहन के लिए बड़ों से प्रति लीटर किलोमीटर पूछकर तालिका बनाओ; जो वाहन एक लीटर में ज़्यादा किलोमीटर चलता है, वह ईंधन की बचत करता है।

प्र. घर या कक्षा की तीन वस्तुएँ और उनकी ऊर्जा का स्रोत लिखो।
उ. पंखा → बिजली; गैस चूल्हा → रसोई गैस (ईंधन); साइकिल → हमारा भोजन (शरीर की ऊर्जा)।

अध्याय 8: वस्त्र — वस्तुएँ कैसे निर्मित होती हैं? — हल एवं व्याख्या

मुख्य विचार: बुनाई, कताई, प्राकृतिक और कृत्रिम रेशे, रेशम कीट का जीवन चक्र, सिलाई (कच्चा टाँका), भारत की कढ़ाई परंपराएँ और कपड़ों का पुनः उपयोग।

धागों से पैटर्न — बुनाई

प्र. बया पक्षी अपना घोंसला कैसे बनाता है?
उ. नर बया घास के तिनकों को ऊपर-नीचे बुनकर पेड़ की डाल से लटकता, थैली जैसा मज़बूत घोंसला बनाता है। अनुभवी बया बहुत बारीक और सीखने वाले युवा बया खुरदुरे घोंसले बनाते हैं।

प्र. बुनाई किसे कहते हैं?
उ. पट्टियों या धागों को मिलाकर पैटर्न वाला कपड़ा बनाना। धागों का एक समूह खड़ा (ऊर्ध्वाधर) और दूसरा आड़ा (क्षैतिज) रखकर उन्हें ऊपर-नीचे से गुज़ारा जाता है, जिससे चटाई, टोकरी या कपड़ा बनता है।

प्र. बुनाई के लिए कौन-से प्राकृतिक पदार्थ उपयोग होते हैं?
उ. नारियल का रेशा, ताड़ के पत्ते/सरकंडे, बाँस, घास, जूट, कपास और रेशम। इनसे चटाइयाँ, टोकरियाँ और कपड़े बनते हैं।

प्र. गतिविधि 2: कपड़े को आवर्धक लेंस से देखने पर क्या दिखता है?
उ. धागों का आड़ा-खड़ा (क्रिस-क्रॉस) जाल — यानी कपड़ा धागों की बुनाई से बनता है।

प्र. हथकरघा (हैंडलूम) कपड़ा क्या है? भारत की कुछ हथकरघा परंपराएँ बताओ।
उ. हाथ से करघे पर बुना कपड़ा हथकरघा कपड़ा है; भारत में लोग 4,000 वर्ष पहले भी बुनाई जानते थे। परंपराएँ: कांजीवरम (तमिलनाडु), पश्मीना (कश्मीर), इकत (ओडिशा और गुजरात)। बुनाई कई परिवारों को रोज़गार देती है और पारंपरिक कौशल को जीवित रखती है; कपड़ा मिलों में मशीनों से बड़ी मात्रा में कपड़ा बनता है।

धागा और रेशे

प्र. कताई (स्पिनिंग) किसे कहते हैं? रेशा क्या है?
उ. कपास के रेशों को ऐंठकर धागा या सूत बनाना कताई कहलाता है; चरखा इसमें मदद करता है। सूत को खोलने पर जो बाल जैसा पतला तंतु मिलता है, उसे रेशा (फ़ाइबर) कहते हैं।

प्र. खादी क्या है? गांधी जी ने इसे क्यों अपनाया?
उ. चरखे पर काते सूत से हाथ से बुना कपड़ा खादी है। गांधी जी ने आत्मनिर्भर बनने के लिए अपना कपड़ा ख़ुद बनाने पर ज़ोर दिया, और खादी स्वतंत्रता संग्राम तथा आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गई।

प्र. प्राकृतिक और कृत्रिम (संश्लेषित) रेशों के उदाहरण दो।
उ. प्राकृतिक — बाँस, कपास, लिनन, रेशम, ऊन (और जूट)। कृत्रिम — रेयॉन, नायलॉन, पॉलिएस्टर, टेरीलीन; ये मनुष्य कृत्रिम पदार्थों से बनाता है।

प्र. रेशम कैसे मिलता है?
उ. रेशम कीट (सिल्क मॉथ) के कोकून को गर्म पानी में डालकर रेशम का धागा धीरे से खींचा जाता है और उससे रेशमी कपड़ा बनता है।

प्र. भारत और रेशों से जुड़े कुछ तथ्य बताओ।
उ. भारत ने सबसे पहले कपास उगाकर कपड़ा बनाया; भारत दुनिया का सबसे बड़ा जूट उत्पादक है; भारतीय मलमल इतनी बारीक थी कि उसे ‘बुनी हुई हवा’ कहा जाता था; पश्मीना ऊन लद्दाख की चांगथांगी बकरी से मिलती है।

सुई-धागे से हस्तकला

प्र. दर्ज़िन चिड़िया (टेलरबर्ड) अपना घोंसला कैसे बनाती है?
उ. यह छोटी हरी चिड़िया चोंच से बड़े पत्ते के किनारों में छेद करके पौधों के रेशे या मकड़ी के जाले से उन्हें सिल देती है, फिर इस हरी थैली को नरम बनाकर अंडे देती है।

प्र. गतिविधि 5: पत्तों से पत्तल या चम्मच कैसे बनाएँ?
उ. पलाश, सागौन या कटहल जैसे चौड़े पत्तों को टूथपिक जैसी छोटी तीलियों से जोड़कर पत्तल या चम्मच बनाया जा सकता है।

प्र. कच्चा टाँका (रनिंग स्टिच) कैसे लगाते हैं?
उ. सुई में धागा डालकर एक सिरे पर गाँठ लगाएँ। कपड़े के पीछे से सुई बिंदु A पर ऊपर लाएँ, B पर नीचे, C पर ऊपर, D पर नीचे — इसी तरह एक सीधी रेखा में ऊपर-नीचे करते जाएँ। (सुई सावधानी से उपयोग करें, उससे खेलें नहीं।)

प्र. भारत की कुछ पारंपरिक कढ़ाइयाँ और उनके स्थान बताओ।
उ. चिकनकारी — लखनऊ (उत्तर प्रदेश); बंजारा — राजस्थान; कांथा — पश्चिम बंगाल, ओडिशा, त्रिपुरा; गोटा — राजस्थान; फुलकारी — पंजाब; टोडा — तमिलनाडु; कश्मीरी — कश्मीर; ख्नेंग कढ़ाई — मेघालय। बांधनी एक प्रकार की बंधेज (टाई-डाई) कला है।

आइए, विचार करें (अभ्यास)

प्र. सिले हुए कपड़े या बुनी चटाई का एक धागा टूट जाए तो क्या हो सकता है?
उ. टूटे धागे के पास के टाँके या बुनाई ढीली होकर खुलने लगती है और धीरे-धीरे कपड़ा फट सकता है — इसलिए हर धागा महत्वपूर्ण है।

प्र. पुराने कपड़े फेंकने क्यों नहीं चाहिए?
उ. उन्हें छोटे भाई-बहन या ज़रूरतमंद को दिया जा सकता है, या उनसे थैले, पोंछे, दरी और जोड़-जोड़कर रज़ाई (गुदड़ी) बनाई जा सकती है — इससे कचरा कम होता है और संसाधन बचते हैं।

प्र. रेशम कीट के जीवन चक्र के चरण सही क्रम में लगाओ।
उ. 1. रेशम कीट अंडे देता है → 2. अंडों से छोटे कैटरपिलर (इल्ली) निकलते हैं → 3. कैटरपिलर शहतूत के पत्ते खाकर बड़े होते हैं → 4. कैटरपिलर अपने चारों ओर कोकून बुनते हैं → 5. कोकून से वयस्क कीट (मॉथ) निकलता है → 6. चक्र फिर शुरू होता है।

प्र. अपने क्षेत्र या राज्य की प्रसिद्ध बुनाई/कढ़ाई का नाम बताओ।
उ. उदाहरण: बिहार — भागलपुरी सिल्क और सुजनी कढ़ाई; उत्तर प्रदेश — चिकनकारी; गुजरात — पाटन का पटोला (एक साड़ी बुनने में 6 महीने से 1 साल लगता है)। अपने राज्य के अनुसार लिखो।

अध्याय 9: प्रकृति की लय — हल एवं व्याख्या

मुख्य विचार: हमारे और आस-पास के बदलाव, दिन-रात (पृथ्वी का घूर्णन), ग्लोब, ऋतु-डायरी, भारत की छह ऋतुएँ, फ़सलें और त्योहार।

हमारे आस-पास बदलाव

प्र. सबा और अपर्णा ने एक साल में क्या बदलाव देखे?
उ. अपर्णा लंबी हो गई थी और उसके बाल छोटे हो गए थे, सबा गिटार सीखने लगी थी, और विद्यालय के गेट के पास नए पेड़ लगे थे।

प्र. कुछ बदलाव बहुत लंबे समय में, कुछ हर साल और कुछ कुछ ही पलों में होते हैं — उदाहरण दो।
उ. बहुत लंबे समय में — पेड़ का बड़ा होना, पहाड़ों-नदियों का आकार बदलना; कुछ वर्षों में — हमारा लंबा होना; हर साल बार-बार — पत्तों का झड़ना और फिर उगना, ऋतुओं का आना; कुछ मिनट या सेकंड में — आसमान का रंग बदलना, बिजली चमकना।

दिन और रात

प्र. दिन और रात क्यों होते हैं? क्या सूर्य घूमता है?
उ. सूर्य पूर्व में उगता और पश्चिम में डूबता हुआ लगता है, पर वास्तव में सूर्य एक जगह रहता है और पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती (घूर्णन करती) है। पृथ्वी का जो भाग सूर्य की ओर होता है वहाँ दिन और दूसरी ओर रात होती है — टॉर्च और ग्लोब वाली गतिविधि यही दिखाती है।

प्र. ग्लोब क्या है? उसमें नीला भाग क्या दिखाता है?
उ. ग्लोब पृथ्वी का गेंद जैसा मॉडल है। नीला भाग समुद्र और महासागर हैं, जो पृथ्वी के लगभग तीन-चौथाई भाग पर हैं; बाकी भाग भूमि है जहाँ सारे देश हैं। समुद्र महासागरों से छोटे और आंशिक रूप से भूमि से घिरे होते हैं, जबकि महासागर विशाल और खुले होते हैं।

प्र. जब भारत में दिन होता है, तब किन देशों में रात होती है?
उ. पृथ्वी के दूसरी ओर के देशों में — जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको और ब्राज़ील।

प्र. भारत में सूर्य की पहली किरण कहाँ पड़ती है?
उ. अरुणाचल प्रदेश के डोंग गाँव में, जिसे भारत का ‘सूर्योदय का पहला गाँव’ कहते हैं।

ऋतुएँ

प्र. ऋतु-चार्ट में कौन-से समय और विषय रखे जाते हैं?
उ. समय — अप्रैल–जून, जुलाई–सितंबर, अक्टूबर–दिसंबर, जनवरी–मार्च। विषय — पौधों का जीवन, पक्षी और जानवर, हवा-गर्मी-प्रकाश, जल और जलाशय, मानव गतिविधियाँ।

प्र. ऋतुएँ किसे कहते हैं?
उ. पूरे साल में प्रकृति धीरे-धीरे बदलती है — गर्मी, फिर वर्षा, फिर ठंडक और फिर गर्मी। यह बदलाव हर साल एक ही पैटर्न में दोहराया जाता है; प्रकृति के इसी दोहराए जाने वाले क्रम को ऋतुएँ कहते हैं।

प्र. भारत में कितनी ऋतुएँ हैं? उनके नाम और महीने बताओ।
उ. छह ऋतुएँ — वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर। सामान्यतः (उत्तर भारत में): वसंत — मार्च-अप्रैल, ग्रीष्म — मई-जून, वर्षा — जुलाई-अगस्त, शरद — सितंबर-अक्टूबर, हेमंत — नवंबर-दिसंबर, शिशिर — जनवरी-फ़रवरी। (अपने क्षेत्र के अनुसार महीने भरो।)

प्र. केरल की सर्दी कश्मीर से और असम का मानसून राजस्थान से अलग क्यों है?
उ. भारत बहुत बड़ा देश है। केरल समुद्र के पास और दक्षिण में है, इसलिए वहाँ सर्दी हल्की होती है; कश्मीर उत्तर में ऊँचे पहाड़ों में है, इसलिए वहाँ बर्फ़ गिरती है। असम में बहुत भारी वर्षा होती है, जबकि राजस्थान का बड़ा भाग मरुस्थल है जहाँ बहुत कम वर्षा होती है।

प्र. अपने क्षेत्र की गर्मी और सर्दी की फ़सलें बताओ।
उ. उदाहरण (उत्तर भारत): गर्मी/बरसात — धान, मक्का, तरबूज़, खीरा; सर्दी — गेहूँ, सरसों, चना, मटर। (अपने क्षेत्र के अनुसार लिखो।)

प्र. त्योहारों का ऋतुओं से मिलान करो।
उ. पोंगल, मकर संक्रांति — सर्दी; होली — वसंत (जब फूल खिलते हैं); दिवाली — शरद (फ़सल कटने के बाद); बैसाखी, गुड़ी पड़वा, विशु, रोंगाली बिहू — नववर्ष और फ़सल का त्योहार।

प्र. प्रकृति के कौन-से संकेत वर्षा आने की सूचना देते हैं?
उ. चींटियों का अंडे लेकर ऊँची जगह जाना; ओडिशा में कोयल के गाने पर किसान समझ जाते हैं कि वर्षा आने वाली है और बुवाई शुरू करते हैं।

आइए, विचार करें (अभ्यास)

प्र. ऋतुओं के स्थानीय नाम पता करो।
उ. हिंदी में: वसंत, ग्रीष्म (गर्मी), वर्षा (बरसात), शरद, हेमंत, शिशिर (जाड़ा)। अपनी स्थानीय भाषा के नाम बड़ों से पूछकर लिखो।

प्र. क्या तुम चाहोगे कि एक ही ऋतु पूरे साल रहे? क्यों?
उ. उदाहरण: नहीं — हर ऋतु कुछ ख़ास लाती है: अलग फल-सब्ज़ियाँ, फ़सलें, कपड़े और त्योहार। ऋतुओं से ही फ़सलें उगती हैं, इसलिए बदलाव ज़रूरी है।

प्र. परिवार से ऋतुओं के बारे में पूछो — क्या पहले और अब के पैटर्न में अंतर है?
उ. अक्सर बड़े बताते हैं कि अब गर्मी ज़्यादा पड़ती है, वर्षा का समय बदल गया है और सर्दी छोटी हो गई है। संभावित कारण — पेड़ों का कटना, बढ़ता प्रदूषण और शहरों का फैलना।

अध्याय 10: पृथ्वी — हम सबका घर — हल एवं व्याख्या

मुख्य विचार: नीला ग्रह — प्रकृति की कोई सीमा नहीं; पक्षी, पौधे, भोजन, पशु और विचार दुनिया भर में यात्रा करते हैं; ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’।

नीला ग्रह

प्र. अंतरिक्ष से पृथ्वी कैसी दिखती है? शुभांशु शुक्ला ने क्या कहा?
उ. अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुँचने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा कि बाहर से पृथ्वी एक दिखती है, कोई सीमा दिखाई नहीं देती — हम सब मानवता का हिस्सा हैं और पृथ्वी हमारा एक ही घर है। अंतरिक्ष से शहर-गाँव नहीं, केवल भूमि और समुद्र के बड़े आकार दिखते हैं।

प्र. अंतरिक्ष से पृथ्वी देखने वाले पहले भारतीय कौन थे?
उ. विंग कमांडर राकेश शर्मा। भारत ऊपर से कैसा दिखता है, पूछने पर उन्होंने कहा — ‘सारे जहाँ से अच्छा’।

प्र. गतिविधि 1: क्या पृथ्वी के सभी महासागर आपस में जुड़े हैं? ग्लोब पर भारत कहाँ है?
उ. हाँ, सभी महासागर आपस में जुड़े हैं। भारत एशिया महाद्वीप के दक्षिण में, हिंद महासागर के ऊपर (उत्तरी गोलार्ध में) है।

प्र. DIGIPIN क्या है?
उ. पते का डिजिटल रूप — भारत की हर छोटी जगह का 10 अक्षरों का विशेष कोड, जिससे डाकिया, एंबुलेंस या डिलीवरी वाला जल्दी पहुँच सकता है।

प्र. ‘प्रकृति की कोई सीमा नहीं’ का क्या अर्थ है?
उ. हवा, पानी, बादल, बीज और जानवर देशों की सीमाओं को नहीं मानते और दुनिया भर में आज़ादी से आते-जाते हैं — इसलिए पूरी पृथ्वी आपस में जुड़ी है।

यात्रा की कहानियाँ

प्र. कहानी 1: गुलाबी मैना (रोज़ी स्टारलिंग) कहाँ से आती है और किसानों की कैसे मदद करती है?
उ. हर सर्दी ये गुलाबी-काले पक्षी दक्षिणी रूस, मंगोलिया और आस-पास के देशों से हज़ारों किलोमीटर उड़कर भारत आते हैं। ये टिड्डी और टिड्डे खाकर फ़सलों के कीट कम करते हैं। इससे पता चलता है कि प्रकृति पूरी दुनिया में जुड़ी हुई है।

प्र. कहानी 2: योग दुनिया में कैसे फैला?
उ. भारत में 3,000 से अधिक वर्षों से शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखने के लिए योग किया जाता है। यात्रियों, विद्वानों और शिक्षकों ने इसे दुनिया तक पहुँचाया। संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। यह इसलिए लोकप्रिय हुआ क्योंकि इसे कोई भी बिना ख़र्च कर सकता है और यह शरीर व मन दोनों को लाभ देता है।

प्र. कहानी 3: मिर्च भारत कैसे आई? उससे पहले खाना तीखा कैसे करते थे?
उ. मिर्च के पौधे पहले केवल दक्षिण अमेरिका में थे। लगभग 400–500 वर्ष पहले पुर्तगाल के यात्री इसे भारत लाए। उससे पहले खाने में तीखापन काली मिर्च से लाया जाता था। आलू, टमाटर, मूँगफली और काजू की कहानियाँ भी ऐसी ही हैं — ये भी दूर से भारत आए।

प्र. अगर एक हफ़्ते रसोई में मिर्च न हो तो क्या होगा?
उ. कई सब्ज़ियाँ, चटनी और अचार फीके लगेंगे; तब काली मिर्च, अदरक या लौंग से स्वाद लाना पड़ेगा। (काली मिर्च वाला व्यंजन — जैसे काली मिर्च वाला रसम या काढ़ा — बड़ों से पूछकर लिखो।)

प्र. कहानी 4: चीनी की मीठी कहानी क्या है?
उ. पहले दुनिया शहद जैसी चीज़ों से मिठास लाती थी। गन्ने के रस से गुड़ बनाने की विधि सबसे पहले भारत में खोजी गई, फिर गुड़ से चीनी बनाई गई और यह ज्ञान व्यापार व यात्रा से दुनिया में फैला। चावल, आम और केले भी भारत से दूसरे देशों में पहुँचे।

प्र. कहानी 5: गेंदा का फूल कहाँ का है? भारत और मैक्सिको दोनों त्योहारों में इसे क्यों इस्तेमाल करते हैं?
उ. गेंदा मैक्सिको का है, जहाँ त्योहारों में इसका विशेष महत्त्व है। इसके चमकीले नारंगी-पीले रंग गर्माजोशी, उत्सव और आध्यात्म की भावना जगाते हैं; आज भारत में मंदिरों, घरों, विवाहों और दिवाली में गेंदा हर जगह दिखता है। फूल सुंदरता, ख़ुशी और सम्मान का प्रतीक हैं, इसलिए हर देश उत्सवों में उन्हें शामिल करता है।

प्र. कहानी 6: भारतीय गायें ब्राज़ील कैसे पहुँचीं?
उ. पुर्तगाली व्यापारी कुछ भारतीय गायें ब्राज़ील ले गए। वे मज़बूत थीं, अच्छा दूध देती थीं और वहाँ के मौसम में ढल गईं। आज ब्राज़ील का तीन-चौथाई से अधिक दूध तीन भारतीय नस्लों — गिर, कांकरेज और ओंगोल — से आता है; उनके चित्र वहाँ के डाक टिकटों और सिक्कों पर भी हैं। इससे पता चलता है कि जानवर नई जगह पहुँचकर वहाँ के लोगों का जीवन बदल सकते हैं।

प्र. गतिविधि 4: गाय की कम से कम पाँच नस्लें बताओ, और घर की कुछ चीज़ें जो दूसरे देशों से आईं।
उ. नस्लें — गिर, साहीवाल, लाल सिंधी, थारपारकर, कांकरेज, ओंगोल, हरियाणा। चीज़ें — जींस (अमेरिका), आलू और टमाटर (दक्षिण अमेरिका), चाय की आदत और काग़ज़ (चीन से आया काग़ज़), क्रिकेट (इंग्लैंड)।

भारत से दुनिया तक — और दुनिया से भारत तक

प्र. कहानियों के आधार पर बताओ — क्या दूसरे देशों से भारत आया और क्या भारत से दुनिया में गया?
उ. भारत में आया — मिर्च (दक्षिण अमेरिका), गेंदा (मैक्सिको), काग़ज़ (चीन), खजूर और नींबू (अरब व्यापारी)। भारत से गया — योग, चीनी की विधि, चावल, आम, केले, गायें (ब्राज़ील), काली मिर्च और इलायची (‘काला सोना’), नील (इंडिगो), शून्य की अवधारणा, शतरंज और साँप-सीढ़ी, आयुर्वेद।

प्र. ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का अर्थ क्या है और यह हमें क्या सिखाता है?
उ. इसका अर्थ है ‘संपूर्ण विश्व एक परिवार है’। सभी लोग, जानवर, पेड़, नदियाँ, हवा और आकाश इस परिवार का हिस्सा हैं। यह हमें एक-दूसरे और पृथ्वी के प्रति सम्मान, देखभाल और प्रेम से रहना सिखाता है — अलग भाषा या रीति-रिवाज होने पर भी हम एक-दूसरे की मदद और सम्मान करके एक परिवार की तरह रह सकते हैं।

प्र. पृथ्वी विशेष क्यों है?
उ. यह अब तक ज्ञात एकमात्र ग्रह है जहाँ जीवन है। पृथ्वी की देखभाल करना एक-दूसरे की देखभाल करना है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का लोगो भी प्रकृति और मानव जीवन के संतुलन का प्रतीक है।

आइए, विचार करें (अभ्यास)

प्र. पृथ्वी की देखभाल का एक तरीका लिखो।
उ. उदाहरण: हर साल कम से कम एक पेड़ लगाना और उसकी देखभाल करना; या प्लास्टिक की जगह कपड़े का थैला इस्तेमाल करना।

प्र. भारत से दुनिया में जा सकने वाली किसी चीज़ के बारे में लिखो।
उ. उदाहरण: मोटा अनाज (बाजरा, रागी) — भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोटा अनाज उत्पादक है, यह पौष्टिक है और कम पानी में उगता है; या हल्दी और खिचड़ी।

इस गाइड का उपयोग कैसे करें

पहले बच्चे के साथ किताब का पाठ पढ़ें और गतिविधियाँ (जल चक्र का थैला, सरसों के दाने, फिरकी, काग़ज़ की चटाई, ऋतु-डायरी) सचमुच करवाएँ। फिर यहाँ दिए उत्तरों से अपने उत्तर मिलाएँ — अनुभव वाले प्रश्नों में बच्चे का अपना उत्तर ही सही है। जल्दी दोहराने के लिए रिवीज़न नोट्स, अभ्यास के लिए अतिरिक्त प्रश्न और मुख्य तथ्यों के लिए की फ़ैक्ट्स हैंडबुक देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. कक्षा 5 EVS (हमारा अद्भुत संसार) में कितने पाठ हैं?
उ. 5 इकाइयों में कुल 10 पाठ (हर इकाई में 2) — पहला “जल — जीवन का आधार” और अंतिम “पृथ्वी — हम सबका घर”। किताब के अंत में ‘ऋतु-डायरी’ (सीज़न्स जर्नल) भी है।

प्र. इस पुस्तक का अंग्रेज़ी संस्करण कौन-सा है?
उ. Our Wondrous World (Class 5); दोनों में पाठ एक जैसे हैं।

प्र. क्या यह पुस्तक निःशुल्क डाउनलोड की जा सकती है?
उ. हाँ, NCERT की सभी पाठ्यपुस्तकें आधिकारिक रूप से निःशुल्क हैं।

पूरी पुस्तक डाउनलोड करें

कक्षा 5 (हिंदी माध्यम) हमारा अद्भुत संसार के पाठवार PDF के लिए हमारा कक्षा 5 EVS हिंदी माध्यम बुक पेज देखें।

Book Quiz — Chapter-wise Practice

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Written by Satish

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