NCERT Class 6 Social Science Extra Questions in Hindi (समाज का अध्ययन)

कक्षा 6 (हिंदी मीडियम) सामाजिक विज्ञान की समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे किताब के सभी 14 अध्यायों के लिए अतिरिक्त अभ्यास व उच्च-क्रम-चिंतन (HOTS) प्रश्न नीचे दिए गए हैं, जो सामान्य समझ से आगे बढ़कर विषय की गहराई से समझ जाँचते हैं। These Class 6 Social Science important questions are handy for last-minute exam practice.

अध्याय 1: पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति

प्रश्न: यदि किसी स्थान का अक्षांश 0° है, तो वह किस रेखा पर स्थित होगा?
उत्तर: 0° अक्षांश भूमध्य रेखा (Equator) है — इसलिए वह स्थान भूमध्य रेखा पर ही स्थित होगा।

अध्याय 2: महासागर एवं महाद्वीप

प्रश्न: अभिकथन-तर्क: अभिकथन: हिंद महासागर भारत के लिए विशेष महत्व रखता है। तर्क: भारत तीन ओर से हिंद महासागर से घिरा है और इसका नाम भी इसी महासागर के नाम पर पड़ा। क्या तर्क अभिकथन की सही व्याख्या करता है?
उत्तर: हाँ — भारत का प्रायद्वीपीय आकार तीन ओर से हिंद महासागर (अरब सागर और बंगाल की खाड़ी सहित) से घिरा है, और “हिंद महासागर” नाम स्वयं भारत (Ind/Hind) के नाम पर रखा गया है, इसलिए तर्क अभिकथन की सही व्याख्या करता है।

अध्याय 3: स्थलरूप एवं जीवन

प्रश्न: पठारी क्षेत्रों में खनिज संसाधन अधिक क्यों पाए जाते हैं, जबकि जनसंख्या घनत्व कम होता है?
उत्तर: पठार प्रायः प्राचीन कठोर चट्टानों से बने होते हैं जिनमें खनिज भंडार (कोयला, लौह अयस्क आदि) प्रचुर मात्रा में मिलते हैं, लेकिन असमतल सतह, पतली मिट्टी और कृषि-योग्य भूमि की कमी के कारण वहाँ जनसंख्या घनत्व मैदानों की तुलना में कम रहता है।

अध्याय 4: इतिहास की समय-रेखा एवं उसके स्रोत

प्रश्न: यदि किसी पुरातात्विक स्थल पर सिक्के, मिट्टी के बर्तन और एक शिलालेख मिलें, तो इतिहासकार इनसे उस काल के समाज के बारे में क्या-क्या अनुमान लगा सकते हैं?
उत्तर: सिक्कों से उस समय की मुद्रा-व्यवस्था और शासक/राजवंश का पता चलता है; मिट्टी के बर्तनों से लोगों की दैनिक जीवन-शैली, शिल्प-कौशल और खान-पान की जानकारी मिलती है; शिलालेख से भाषा, लिपि, शासकीय आदेश या धार्मिक मान्यताओं का प्रमाण मिलता है। तीनों मिलकर एक सुसंगत ऐतिहासिक चित्र बनाने में मदद करते हैं।

अध्याय 5: भारत, अर्थात इंडिया

प्रश्न: भारत के संविधान में देश के लिए कौन-कौन से नाम प्रयोग किए गए हैं, और यह क्या दर्शाता है?
उत्तर: भारत के संविधान के अनुच्छेद 1 में लिखा है “इंडिया, अर्थात भारत” (India, that is Bharat) — यह दर्शाता है कि दोनों नाम संवैधानिक रूप से समान महत्व रखते हैं और देश की बहु-सांस्कृतिक, बहु-भाषिक पहचान को स्वीकार करते हैं।

अध्याय 6: भारतीय सभ्यता का प्रारंभ

प्रश्न: सिंधु घाटी सभ्यता की नगर-योजना आज के शहरी नियोजन (urban planning) से किस प्रकार मिलती-जुलती है?
उत्तर: दोनों में ग्रिड-पैटर्न सड़कें, जल-निकासी व्यवस्था और सार्वजनिक व निजी भवनों का पृथक्करण देखा जाता है — यह दर्शाता है कि व्यवस्थित शहरी नियोजन की अवधारणा हज़ारों साल पुरानी है, न कि केवल आधुनिक युग की देन।

अध्याय 7: भारत की सांस्कृतिक जड़ें

प्रश्न: मौखिक परंपरा (oral tradition) से ज्ञान का संरक्षण करने में क्या चुनौतियाँ और क्या लाभ हो सकते हैं?
उत्तर: चुनौती: पीढ़ी-दर-पीढ़ी शब्दशः (verbatim) याद रखना कठिन है, इसमें बदलाव या त्रुटि की संभावना रहती है। लाभ: यह जीवंत, लचीली परंपरा है जो सामुदायिक भागीदारी से लगातार सजीव बनी रहती है और सस्वर पाठ (जैसे वैदिक मंत्रोच्चार की परंपरा) से सटीकता भी बनाए रखी जा सकती है।

अध्याय 8: विविधता में एकता या ‘एक में अनेक’

प्रश्न: विद्यालय एक ऐसी जगह के रूप में कैसे काम कर सकता है जो “विविधता में एकता” को बढ़ावा दे?
उत्तर: विद्यालय अलग-अलग भाषा, धर्म और पृष्ठभूमि के छात्रों को एक साथ पढ़ने, खेलने और सामूहिक गतिविधियों (जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम) में भाग लेने का अवसर देता है, जिससे बच्चे बचपन से ही विविधता का सम्मान करना और साझा पहचान में योगदान देना सीखते हैं।

अध्याय 9: परिवार और समुदाय

प्रश्न: यदि किसी समुदाय में परिवार एक-दूसरे की सहायता नहीं करते, तो इसका समुदाय के सामाजिक ताने-बाने पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
उत्तर: इससे आपसी विश्वास और सहयोग (जो समुदाय की मूल पहचान है) कमज़ोर होगा, आपातकाल में सहायता मिलना कठिन होगा, और सामाजिक अलगाव (isolation) बढ़ सकता है — इसलिए पारस्परिक सहयोग समुदाय की मज़बूती के लिए ज़रूरी माना जाता है।

अध्याय 10: आधारभूत लोकतंत्र — भाग 1: शासन

प्रश्न: अभिकथन-तर्क: अभिकथन: लोकतंत्र में स्थानीय स्वशासन को “जड़ों का लोकतंत्र” (grassroots democracy) कहा जाता है। तर्क: यह जनता को शासन की सबसे निचली और सबसे नज़दीकी इकाई तक निर्णय लेने का अधिकार देता है। क्या तर्क अभिकथन की सही व्याख्या करता है?
उत्तर: हाँ — ग्रामीण/नगरीय स्थानीय निकाय जनता के सबसे नज़दीक होते हैं और सीधे चुने गए प्रतिनिधि स्थानीय ज़रूरतों पर निर्णय लेते हैं, इसलिए इसे लोकतंत्र की जड़ या नींव कहा जाता है और तर्क अभिकथन की सही व्याख्या करता है।

अध्याय 11: आधारभूत लोकतंत्र — भाग 2: ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सरकार

प्रश्न: ग्राम सभा और ग्राम पंचायत में क्या अंतर है?
उत्तर: ग्राम सभा गाँव के सभी वयस्क (18 वर्ष या अधिक आयु के) मतदाताओं की सभा है — यह पूरे गाँव का प्रतिनिधित्व करती है। ग्राम पंचायत ग्राम सभा द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों (सरपंच/प्रधान व पंचों) की कार्यकारी इकाई है, जो दैनिक प्रशासनिक कार्य करती है। ग्राम सभा ग्राम पंचायत के काम की निगरानी और मंज़ूरी देने का काम भी करती है।

अध्याय 12: आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार

प्रश्न: किसी छोटे कस्बे के तेज़ी से बड़े शहर में बदलने पर वहाँ का स्थानीय निकाय किस प्रकार बदल सकता है?
उत्तर: जैसे-जैसे जनसंख्या और शहरीकरण बढ़ता है, नगर पंचायत को नगर पालिका में और आगे बड़े शहर बनने पर नगर पालिका को नगर निगम में उन्नत (upgrade) किया जा सकता है — यह जनसंख्या के आकार और सेवाओं की माँग के अनुसार तय होता है।

अध्याय 13: कार्य का महत्व

प्रश्न: यदि घर के काम (जैसे खाना बनाना, बच्चों की देखभाल) को आधिकारिक आर्थिक आँकड़ों (जैसे GDP) में गिना जाने लगे, तो इसका क्या प्रभाव पड़ सकता है?
उत्तर: इससे उन लोगों (अक्सर महिलाओं) के अवैतनिक योगदान को औपचारिक मान्यता मिलेगी, समाज में घरेलू काम के वास्तविक आर्थिक मूल्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, और नीति-निर्माण में इस कार्य को ध्यान में रखा जा सकेगा।

अध्याय 14: हमारे आस-पास की आर्थिक गतिविधियाँ

प्रश्न: एक किसान द्वारा उगाए गए गेहूँ से बिस्किट बनाकर दुकान में बेचे जाने तक की प्रक्रिया में तीनों क्षेत्रकों (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक) की भूमिका बताइए।
उत्तर: किसान द्वारा गेहूँ उगाना प्राथमिक क्षेत्रक की गतिविधि है; कारखाने में गेहूँ से बिस्किट बनाना द्वितीयक क्षेत्रक (विनिर्माण) है; और बिस्किट को दुकान/परिवहन के ज़रिए ग्राहक तक पहुँचाना तृतीयक क्षेत्रक (सेवा) की गतिविधि है — यह उदाहरण दिखाता है कि एक ही उत्पाद की यात्रा में तीनों क्षेत्रक आपस में जुड़े होते हैं।

Book Quiz — Chapter-wise Practice

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Written by Satish

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