कक्षा 6 (हिंदी मीडियम) की सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (NCERT, NCF-2023/NEP-2026-27 पाठ्यक्रम) के सभी 14 अध्यायों के लिए गतिविधि-आधारित शैली में हल किए गए प्रतिनिधि (representative) प्रश्नोत्तर नीचे दिए गए हैं। नई किताब में पुराने क्रमांकित अभ्यासों की जगह हर टॉपिक पर आधारित चर्चा और गतिविधियाँ दी गई हैं, इसलिए यहाँ हर अध्याय की मुख्य अवधारणा पर आधारित हल दिए गए हैं। These Class 6 Social Science solutions are also useful as quick revision notes before exams.
पाठों की सूची और मुख्य अवधारणा
- अध्याय 1: पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति
- अध्याय 2: महासागर एवं महाद्वीप
- अध्याय 3: स्थलरूप एवं जीवन
- अध्याय 4: इतिहास की समय-रेखा एवं उसके स्रोत
- अध्याय 5: भारत, अर्थात इंडिया
- अध्याय 6: भारतीय सभ्यता का प्रारंभ
- अध्याय 7: भारत की सांस्कृतिक जड़ें
- अध्याय 8: विविधता में एकता या ‘एक में अनेक’
- अध्याय 9: परिवार और समुदाय
- अध्याय 10: आधारभूत लोकतंत्र — भाग 1: शासन
- अध्याय 11: आधारभूत लोकतंत्र — भाग 2: ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सरकार
- अध्याय 12: आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार
- अध्याय 13: कार्य का महत्व
- अध्याय 14: हमारे आस-पास की आर्थिक गतिविधियाँ
अध्याय 1: पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति
प्रश्न: अक्षांश (latitude) और देशांतर (longitude) रेखाओं का उपयोग किस लिए किया जाता है?
हल: अक्षांश और देशांतर रेखाएँ मिलकर पृथ्वी पर किसी भी स्थान की सटीक स्थिति (exact location) बताती हैं। अक्षांश रेखाएँ (भूमध्य रेखा सहित) पृथ्वी को उत्तर-दक्षिण में मापती हैं, जबकि देशांतर रेखाएँ (मुख्य याम्योत्तर सहित) पूर्व-पश्चिम में मापती हैं — दोनों का प्रतिच्छेदन बिंदु (intersection) किसी स्थान का पता (coordinates) देता है।
प्रश्न: भूमध्य रेखा (Equator) पृथ्वी को किन दो भागों में बाँटती है?
हल: भूमध्य रेखा पृथ्वी को उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) और दक्षिणी गोलार्ध (Southern Hemisphere) में बाँटती है। भारत पूरी तरह उत्तरी गोलार्ध में स्थित है।
अध्याय 2: महासागर एवं महाद्वीप
प्रश्न: पृथ्वी पर कितने महासागर और महाद्वीप हैं? उनके नाम लिखिए।
हल: पृथ्वी पर पाँच महासागर हैं — प्रशांत, अटलांटिक, हिंद, दक्षिणी (अंटार्कटिक) और आर्कटिक महासागर। सात महाद्वीप हैं — एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अंटार्कटिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया (ओशिआनिया)।
प्रश्न: सबसे बड़ा और सबसे छोटा महाद्वीप कौन-सा है?
हल: एशिया क्षेत्रफल और जनसंख्या दोनों में सबसे बड़ा महाद्वीप है; ऑस्ट्रेलिया (महाद्वीपों में गिना जाने पर) क्षेत्रफल में सबसे छोटा महाद्वीप है।
अध्याय 3: स्थलरूप एवं जीवन
प्रश्न: पर्वत, पठार और मैदान में क्या अंतर है?
हल: पर्वत भू-सतह से बहुत ऊँचे और नुकीले उभार होते हैं (जैसे हिमालय)। पठार ऊँचे किंतु ऊपर से समतल भूभाग होते हैं (जैसे दक्कन का पठार)। मैदान अपेक्षाकृत समतल और निचले भूभाग होते हैं, जो प्रायः नदियों द्वारा बनते हैं (जैसे गंगा का मैदान) और कृषि के लिए सबसे उपजाऊ होते हैं।
प्रश्न: मैदानी क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व अधिक क्यों होता है?
हल: मैदानों की उपजाऊ मिट्टी, सपाट भूभाग और जल की सहज उपलब्धता के कारण कृषि, आवास और परिवहन आसान होते हैं — इसलिए दुनिया भर में मैदानी क्षेत्रों में सबसे घनी आबादी पाई जाती है।
अध्याय 4: इतिहास की समय-रेखा एवं उसके स्रोत
प्रश्न: ईसा पूर्व (BCE) और ईसवी सन् (CE) का क्या अर्थ है?
हल: CE (Common Era/ईसवी सन्) और BCE (Before Common Era/ईसा पूर्व) समय को मापने की एक व्यवस्था है, जिसमें एक निश्चित संदर्भ-बिंदु (वर्ष 1) के पहले की घटनाओं को BCE और उसके बाद की घटनाओं को CE कहा जाता है। इतिहास में तिथियों को क्रम से समझने के लिए यह व्यवस्था उपयोग होती है।
प्रश्न: इतिहास जानने के प्राथमिक (primary) और द्वितीयक (secondary) स्रोत में अंतर बताइए।
हल: प्राथमिक स्रोत वे मूल प्रमाण हैं जो उसी काल में बने — जैसे शिलालेख, सिक्के, स्मारक, पुरातात्विक अवशेष। द्वितीयक स्रोत वे हैं जो बाद में प्राथमिक स्रोतों के आधार पर लिखे गए — जैसे इतिहासकारों की किताबें और शोध-लेख।
अध्याय 5: भारत, अर्थात इंडिया
प्रश्न: भारत के तीन प्रमुख नाम — भारत, इंडिया और हिंदुस्तान — किस-किस परंपरा से आए हैं?
हल: “भारत” नाम प्राचीन ग्रंथों में राजा भरत की कथा और “भारतवर्ष” शब्द से जुड़ा माना जाता है। “इंडिया” नाम सिंधु (Indus) नदी से यूनानी/फारसी होते हुए अंग्रेज़ी में आया। “हिंदुस्तान” नाम भी सिंधु नदी के फारसी उच्चारण “हिंदु” से बना, जिसका अर्थ “सिंधु नदी की भूमि” है। तीनों नाम भारत के संविधान में समान रूप से मान्य हैं।
अध्याय 6: भारतीय सभ्यता का प्रारंभ
प्रश्न: सिंधु घाटी सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता) की किन्हीं दो विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
हल: (1) नियोजित नगर-योजना — सड़कें सीधी और समकोण पर काटती थीं, और एक सुव्यवस्थित जल-निकासी (drainage) व्यवस्था थी। (2) मानकीकृत माप-तौल और मुहरें (seals) — व्यापार में एक जैसी बाट-माप प्रणाली और पशु-आकृतियों वाली मुहरों का प्रयोग होता था, जो एक संगठित शहरी सभ्यता का प्रमाण देता है।
अध्याय 7: भारत की सांस्कृतिक जड़ें
प्रश्न: भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा में वेदों का क्या महत्व है?
हल: वेद (ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद) भारत के प्राचीनतम ग्रंथों में गिने जाते हैं और इनमें स्तुति, कर्मकांड, दर्शन और तत्कालीन समाज-जीवन का वर्णन मिलता है। ये मौखिक परंपरा (oral tradition) द्वारा पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित किए गए और भारतीय सांस्कृतिक जड़ों का एक मूल स्रोत माने जाते हैं।
अध्याय 8: विविधता में एकता या ‘एक में अनेक’
प्रश्न: “विविधता में एकता” से आप क्या समझते हैं? भारत के संदर्भ में एक उदाहरण दीजिए।
हल: “विविधता में एकता” का अर्थ है कि अनेक भाषाओं, धर्मों, वेशभूषाओं और रीति-रिवाज़ों के होते हुए भी लोग एक साझा राष्ट्रीय पहचान और सामूहिक भावना से जुड़े रहते हैं। उदाहरण: भारत में सैकड़ों भाषाएँ बोली जाती हैं और अनेक त्योहार अलग-अलग तरीकों से मनाए जाते हैं, फिर भी सभी नागरिक एक साझा संविधान और राष्ट्रीय पहचान से जुड़े हैं।
अध्याय 9: परिवार और समुदाय
प्रश: एकल परिवार (nuclear family) और संयुक्त परिवार (joint family) में अंतर बताइए।
हल: एकल परिवार में माता-पिता और उनके बच्चे साथ रहते हैं। संयुक्त परिवार में दादा-दादी, चाचा-चाची जैसे कई पीढ़ियों के सदस्य एक साथ रहते हैं और संसाधन तथा ज़िम्मेदारियाँ साझा करते हैं। दोनों ही परिवार-प्रकार समुदाय (community) की बुनियादी इकाई हैं।
अध्याय 10: आधारभूत लोकतंत्र — भाग 1: शासन
प्रश्न: शासन (governance) का क्या अर्थ है, और स्थानीय स्वशासन क्यों ज़रूरी है?
हल: शासन का अर्थ है समाज को चलाने के लिए नियम बनाना, निर्णय लेना और सेवाएँ (सड़क, पानी, स्वास्थ्य आदि) उपलब्ध कराना। स्थानीय स्वशासन (जैसे पंचायत) इसलिए ज़रूरी है क्योंकि स्थानीय लोग अपने क्षेत्र की समस्याओं को सबसे बेहतर समझते हैं और उन्हीं के प्रतिनिधि निर्णय लें तो समाधान अधिक प्रभावी होते हैं — यह लोकतंत्र को जनता के सबसे नज़दीक ले जाता है।
अध्याय 11: आधारभूत लोकतंत्र — भाग 2: ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सरकार
प्रश्न: पंचायती राज व्यवस्था के तीन स्तर कौन-से हैं?
हल: पंचायती राज व्यवस्था के तीन स्तर हैं — (1) गाँव स्तर पर ग्राम पंचायत (Gram Panchayat), जिसकी बैठक ग्राम सभा (Gram Sabha, सभी वयस्क मतदाताओं की सभा) कहलाती है; (2) खंड/ब्लॉक स्तर पर पंचायत समिति (Panchayat Samiti); (3) ज़िला स्तर पर ज़िला परिषद (Zila Parishad)। ये तीनों मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन चलाते हैं।
अध्याय 12: आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार
प्रश्न: शहरी स्थानीय निकायों के तीन मुख्य प्रकार कौन-से हैं?
हल: बड़े शहरों के लिए नगर निगम (Municipal Corporation), मध्यम आकार के कस्बों/शहरों के लिए नगर पालिका (Municipality/Nagar Palika), और छोटे कस्बों (गाँव से शहर में परिवर्तित होते क्षेत्रों) के लिए नगर पंचायत (Nagar Panchayat) — जनसंख्या और क्षेत्र के आकार के आधार पर इनमें से एक निकाय बनाया जाता है।
अध्याय 13: कार्य का महत्व
प्रश्न: भुगतान वाले (paid) और बिना भुगतान वाले (unpaid) कार्य में अंतर स्पष्ट कीजिए।
हल: भुगतान वाला कार्य वह है जिसके लिए मज़दूरी या वेतन मिलता है (जैसे नौकरी, दुकान चलाना)। बिना भुगतान वाला कार्य (जैसे घर के काम, बच्चों की देखभाल) आर्थिक आँकड़ों में अक्सर नहीं गिना जाता, लेकिन समाज और परिवार के लिए उतना ही मूल्यवान (valuable) है।
अध्याय 14: हमारे आस-पास की आर्थिक गतिविधियाँ
प्रश्न: प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रक (sectors) में उदाहरण सहित अंतर बताइए।
हल: प्राथमिक क्षेत्रक प्रकृति से सीधे जुड़ी गतिविधियाँ हैं — कृषि, मछली पालन, खनन। द्वितीयक क्षेत्रक में कच्चे माल को वस्तुओं में बदला जाता है — जैसे कारखानों में निर्माण (manufacturing)। तृतीयक क्षेत्रक सेवाओं से जुड़ा है — जैसे शिक्षा, परिवहन, बैंकिंग। तीनों क्षेत्रक मिलकर किसी भी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बनाते हैं।
Class 6 Social Science – Notes and Extra Questions
Along with these NCERT Solutions, students can also use the Class 6 Social Science Extra Questions and Class 6 Social Science Revision Notes for quick revision and extra practice.

