कक्षा 6 (हिंदी मीडियम) की सामाजिक विज्ञान पुस्तक समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे के सभी अध्यायों के महत्वपूर्ण तथ्य इस हैंडबुक में संक्षेप में दिए गए हैं — परीक्षा से पहले जल्दी दोहराने के लिए एकदम उपयुक्त।
अध्याय 1: पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति
- अक्षांश रेखाएँ उत्तर-दक्षिण मापती हैं, देशांतर रेखाएँ पूर्व-पश्चिम
- भूमध्य रेखा = 0° अक्षांश; मुख्य याम्योत्तर = 0° देशांतर
अध्याय 2: महासागर एवं महाद्वीप
- 5 महासागर: प्रशांत, अटलांटिक, हिंद, दक्षिणी, आर्कटिक
- 7 महाद्वीप, एशिया सबसे बड़ा
अध्याय 3: स्थलरूप एवं जीवन
- मुख्य स्थलरूप: पर्वत, पठार, मैदान
- मैदान सर्वाधिक उपजाऊ व घनी आबादी वाले
अध्याय 4: इतिहास की समय-रेखा एवं उसके स्रोत
- BCE = ईसा पूर्व, CE = ईसवी सन्
- प्राथमिक स्रोत (शिलालेख/सिक्के) बनाम द्वितीयक स्रोत (इतिहासकारों की किताबें)
अध्याय 5: भारत, अर्थात इंडिया
- भारत के तीन नाम: भारत, इंडिया, हिंदुस्तान
- संविधान अनुच्छेद 1: “इंडिया, अर्थात भारत”
अध्याय 6: भारतीय सभ्यता का प्रारंभ
- सिंधु घाटी सभ्यता: नियोजित नगर-योजना, जल-निकासी व्यवस्था
- मानकीकृत बाट-माप और मुहरों का प्रयोग
अध्याय 7: भारत की सांस्कृतिक जड़ें
- वेद: ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद
- ज्ञान मौखिक परंपरा से संरक्षित हुआ
अध्याय 8: विविधता में एकता या ‘एक में अनेक’
- अनेक भाषा-धर्म-रीति-रिवाज़ के बावजूद साझा राष्ट्रीय पहचान
- संविधान सभी नागरिकों को जोड़ने वाला साझा दस्तावेज़ है
अध्याय 9: परिवार और समुदाय
- एकल परिवार बनाम संयुक्त परिवार
- पारस्परिक सहयोग समुदाय की बुनियाद है
अध्याय 10: आधारभूत लोकतंत्र — भाग 1: शासन
- शासन = नियम + निर्णय + सेवाएँ
- स्थानीय स्वशासन = “जड़ों का लोकतंत्र”
अध्याय 11: आधारभूत लोकतंत्र — भाग 2: ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सरकार
- पंचायती राज के 3 स्तर: ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, ज़िला परिषद
- ग्राम सभा = गाँव के सभी वयस्क मतदाताओं की सभा
अध्याय 12: आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार
- 3 प्रकार: नगर निगम (बड़े शहर), नगर पालिका (मध्यम), नगर पंचायत (छोटे कस्बे)
- जनसंख्या के आधार पर निकाय का प्रकार तय होता है
अध्याय 13: कार्य का महत्व
- भुगतान वाला कार्य बनाम बिना भुगतान वाला (घरेलू) कार्य
- दोनों प्रकार का कार्य समाज के लिए मूल्यवान
अध्याय 14: हमारे आस-पास की आर्थिक गतिविधियाँ
- 3 क्षेत्रक: प्राथमिक (कृषि/खनन), द्वितीयक (विनिर्माण), तृतीयक (सेवाएँ)
- एक ही उत्पाद की यात्रा में तीनों क्षेत्रक जुड़े हो सकते हैं
📄 Want this offline? Download the free PDF of this page.Download PDF

