NCERT Class 9 Maths Solutions in Hindi (गणित मंजरी) 2026-27

कक्षा 9 (हिंदी मीडियम) की गणित पाठ्यपुस्तक गणित मंजरी, भाग 1 (NCERT, NEP 2026-27 पाठ्यक्रम) के सभी 8 अध्यायों के लिए प्रतिनिधि (representative) हल किए गए उदाहरण नीचे दिए गए हैं, जो हर अध्याय की मुख्य अवधारणा पर आधारित हैं।

पाठों की सूची और मुख्य अवधारणा

  • अध्याय 1: स्वयं को प्रवृत्त करना — निर्देशांकों का उपयोग
  • अध्याय 2: रैखिक बहुपदों का परिचय
  • अध्याय 3: संख्याओं का संसार
  • अध्याय 4: बीजीय सर्वसमिकाओं का अन्वेषण
  • अध्याय 5: मैं हूँ गोल-गोल, ऐपर-नीचे
  • अध्याय 6: समष्टि मापन— परिमाप और क्षेत्रफल
  • अध्याय 7: संभावनाओं का गणित— प्रायिकता का परिचय
  • अध्याय 8: अगले पद का पूर्वानुमान— अनुक्रमों और श्रेढ़ियों का अन्वेषण

अध्याय 1: स्वयं को प्रवृत्त करना — निर्देशांकों का उपयोग

अंतिम प्रश्नावली — सभी 16 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, ihmh101.pdf से)

प्र. 1: दोनों अक्षों के प्रतिछेद बिंदु के x-निर्देशांक और y-निर्देशांक क्या होंगे?
हल: दोनों अक्षों का प्रतिछेद बिंदु मूलबिंदु O कहलाता है, जिसके निर्देशांक (0, 0) होते हैं — अर्थात x-निर्देशांक = 0 और y-निर्देशांक = 0।

प्र. 2: बिंदु W का x-निर्देशांक –5 है। उस बिंदु H के निर्देशांक क्या होंगे जो W से होकर जाती हुई y-अक्ष के समानांतर रेखा पर स्थित हो? H किन चतुर्थांशों में स्थित हो सकता है?
हल: W से होकर जाती y-अक्ष के समांतर रेखा एक उर्ध्वाधर रेखा x = –5 है, इसलिए H के निर्देशांक (–5, y) होंगे, जहाँ y कोई भी मान हो सकता है। चूँकि x सदैव ढणात्मक है, H केवल द्वितीय चतुर्थांश (अगर y > 0) या तृतीय चतुर्थांश (अगर y < 0) में स्थित हो सकता है।

प्र. 3: बिंदु R(3, 0), A(0, –2), M(–5, –2) तथा P(–5, 2) पर विचार कीजिए। यदि वे इसी क्रम में मिलाए गए हैं तो अनुमान लगाइए — (i) RAMP की दो भुजाएं जो परस्पर लंबवत हैं। (ii) RAMP की वह भुजा जो किसी एक अक्ष के समानांतर है। (iii) दो बिंदु जो एक अक्ष में एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंद हैं — यह अक्ष कौन-सा होगा?
हल: AM भुजा (A→M) क्षैतिज है (दोनों बिंदुओं का y = –2) और MP भुजा (M→P) उर्ध्वाधर है (दोनों बिंदुओं का x = –5) — अतः (i) AM और MP परस्पर लंबवत हैं (M पर समकोण)। (ii) AM, x-अक्ष के समानांतर है और MP, y-अक्ष के समानांतर है। (iii) M(–5,–2) और P(–5,2) का x-निर्देशांक समान है और y-निर्देशांक एक-दूसरे के ओरुणात्मक हैं — अतः M और P, x-अक्ष में एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंद हैं।

प्र. 4: कार्तीय तल पर बिंदु Z(5, –6) का अंकन कीजिए। एक समकोण त्रिभुज IZN की रचना कीजिए और तीनों भुजाओं की लंबाईयां ज्ञात कीजिए। (टिप्पणी: आपके उत्तरों में अंतर हो सकता है, क्योंकि अलग-अलग निर्माण संभव हैं।)
हल: एक संभव निर्माण: मूलबिंदु N(0,0), Z से x-अक्ष पर लंब का पाद I(5,0) लेकर त्रिभुज IZN बनाएं — कोण I पर 90° होगा (IZ उर्ध्वाधर, IN क्षैतिज)। IZ = |–6 − 0| = 6 इकाई; IN = |5 − 0| = 5 इकाई; NZ = √(5²+6²) = √61 ≈ 7.81 इकाई — अतः तीनों भुजाएं ≈ 5, 6 और √61 इकाई हैं।

प्र. 5: यदि ओणात्मक संख्याएँ नहीं होतीं तो निर्देशांक पद्धति कैसी होती? क्या इस पद्धति से द्वि-विमीय तल में सभी बिंदुओं को अंकित किया जा सकता था?
हल: बिना ओणात्मक संख्याओं के केवल प्रथम चतुर्थांश (जहाँ x और y दोनों धनात्मक हों) के बिंदु ही अंकित किए जा सकते, य-अक्ष के बाईं। ओर बजूरा जाने वाले या y-अक्ष के नीचे के बिंदु अंकित नहीं हो पाते। अतः समतल में सभी बिंदुओं को अंकित नहीं किया जा सकता — केवल प्रथम चतुर्थांश ही उपलब्ध होता।

प्र. 6: क्या बिंदु M(–3, –4), A(0, 0) और G(6, 8) एक ही सरल रेखा पर हैं? अंकन किए बिना एक विधि बताइए।
हल: मूलबिंदु A(0,0) से प्रत्येक बिंदु का y/x अनुपात जांचें: M के लिए –4/–3 = 4/3; G के लिए 8/6 = 4/3। दोनों बिंदुओं का y/x अनुपात समान (4/3) है, इसलिए तीनों बिंदु एक ही सरल रेखा पर हैं (रेखा y = (4/3)x)।

प्र. 7: प्रश्न 6 की विधि का उपयोग करते हुए परीक्षण कीजिए कि क्या बिंदु R(–5, –1), B(–2, –5) और C(4, –12) एक ही सरल रेखा पर हैं।
हल: R→B से B→C तक ढलान (slope) जांचें: R→B ढलान = (–5−(–1))/(–2−(–5)) = –4/3। B→C ढलान = (–12−(–5))/(4−(–2)) = –7/6। चूँकि –4/3 ≠ –7/6, अतः R, B और C एक सरल रेखा पर नहीं हैं।

प्र. 8: मूलबिंदु को एक शीर्ष के रूप में उपयोग करते हुए अंकित कीजिए — (i) एक समकोण समद्विबाहु त्रिभुज, (ii) एक समद्विबाहु त्रिभुज जिसका एक शीर्ष तृतीय चतुर्थांश में और दूसरा चतुर्थ चतुर्थांश में हो।
हल: (i) O(0,0), P(4,0), Q(0,4) — O पर 90° का कोण, OP = OQ = 4 इकाई (समद्विबाहु)। (ii) O(0,0), P(–4,–3) [तृतीय चतुर्थांश], Q(4,–3) [चतुर्थ चतुर्थांश] — OP = OQ = √(16+9) = 5 इकाई, अतः समद्विबाहु।

प्र. 9: नीचे दी गई सारणी में S, M, T के निर्देशांक दिए गए हैं — प्रत्येक पंक्ति में बताइए क्या M, ST का मध्यबिंदु है?
हल:
(–3,0), M(0,0), T(3,0): मध्यबिंदु ST = ((–3+3)/2,(0+0)/2)=(0,0)=M — हाँ
(2,3), M(3,4), T(4,5): मध्यबिंदु ST = ((2+4)/2,(3+5)/2)=(3,4)=M — हाँ
(0,0), M(0,5), T(0,–10): मध्यबिंदु ST = ((0+0)/2,(0–10)/2)=(0,–5)≠M(0,5) — नहीं
(–8,7), M(0,–2), T(6,–3): मध्यबिंदु ST = ((–8+6)/2,(7–3)/2)=(–1,2)≠M(0,–2) — नहीं
संबंध: जब M, ST का मध्यबिंदु हो, तब M = ((xS+xT)/2, (yS+yT)/2)।

प्र. 10: प्रश्न 9 का संबंध उपयोग करते हुए B के निर्देशांक ज्ञात कीजिए, यदि M(–7, 1), A(3, –4) और B(x, y) के मध्यबिंदु के रूप में दिया गया है।
हल: –7=(3+x)/2 ⇒ x=–17; 1=(–4+y)/2 ⇒ y=6। अतः B = (–17, 6)।

प्र. 11: रेखाखंड AB के त्रिविभाजन बिंदु P और Q हैं, जहाँ P, A के निकट है और Q, B के निकट है। A(4,7) और B(16,–2) होने पर P और Q के निर्देशांक ज्ञात कीजिए।
हल: P, A से B की ओर 1/3 दूरी पर है: P = A + (1/3)(B−A) = (4+(12)/3, 7+(–9)/3) = (4+4, 7–3) = (8, 4)। Q, A से B की ओर 2/3 दूरी पर है: Q = A + (2/3)(B−A) = (4+8, 7–6) = (12, 1)।

प्र. 12(i): बिंदु A(1, –8), B(–4, 7) और C(–7, –4) के लिए प्रदर्शित कीजिए कि वे एक वृत्त K पर स्थित हैं जिसका केंद्र मूलबिंदु O(0,0) है। वृत्त K की त्रिज्या क्या होगी?
हल: OA = √(1²+8²)=√65; OB = √(4²+7²)=√65; OC = √(7²+4²)=√65। तीनों दूरियाँ O से बराबर (√65) हैं, इसलिए A, B, C एक ही वृत्त K पर स्थित हैं — त्रिज्या √65 इकाई (≈8.06 इकाई)।

प्र. 12(ii): बिंदु D(–5, 6) और E(0, 9) के लिए जाँच कीजिए कि वे वृत्त K के भीतर, वृत्त पर, या वृत्त के बाहर स्थित हैं।
हल: OD = √(25+36)=√61≈7.81, जो √65≈8.06 से कम है — D वृत्त के भीतर है। OE = √(0+81)=9, जो √65≈8.06 से ज्यादा है — E वृत्त के बाहर है।

प्र. 13: त्रिभुज ABC की भुजाओं के मध्यबिंदु D, E और F हैं। D, E, F के निर्देशांक क्रमशः (5,1), (6,5) और (0,3) दिए गए हैं। A, B, C के निर्देशांक ज्ञात कीजिए।
हल: यहाँ D=BC का मध्यबिंदु, E=CA का मध्यबिंदु, F=AB का मध्यबिंदु — इस सम्बंध से A = F+E−D, B = D+F−E, C = D+E−F प्राप्त होता है। A = (0,3)+(6,5)−(5,1) = (1, 7); B = (5,1)+(0,3)−(6,5) = (–1, –1); C = (5,1)+(6,5)−(0,3) = (11, 3)। जाँच: BC का मध्यबिंदु = ((–1+11)/2,(–1+3)/2)=(5,1)=D ✔

प्र. 14: शहर की सड़कें ग्रिड में हैं, हर दिशा में 10 गलियाँ। यदि उत्तर-दक्षिण की दूसरी गली और पूर्व-पश्चिम की पाँचवीं गली के प्रतिच्छेदन को (2, 5) कहते हैं, तो (a) (4,3) और (b) (3,4) के रूप में कितने प्रतिच्छेदन व्यक्त किए जा सकते हैं?
हल: यह प्रणाली निर्देशांक पद्धति की तरह है, जहाँ पहला अंक उत्तर-दक्षिण गली की संख्या और दूसरा पूर्व-पश्चिम गली की संख्या दर्शाता है। (a) (4,3) — सिर्फ 1 प्रतिच्छेदन, जो 4थीं उत्तर-दक्षिण गली और 3री पूर्व-पश्चिम गली के मिलने पर बनता है। (b) (3,4) — यह 1 अलग प्रतिच्छेदन है (4,3) से भिन्न स्थान पर), जो 3री उत्तर-दक्षिण गली और 4थीं पूर्व-पश्चिम गली के मिलने पर बनता है — यह दिखाता है कि (4,3) और (3,4) अलग-अलग बिंदु हैं (बिल्कुल वैसे जैसे P(x,y) और Q(y,x) अलग-अलग होते हैं)।

प्र. 15: एक कंप्यूटर ग्राफिक्स स्क्रीन 800×600 पिक्सेल की है, मूलबिंदु नीचे बाएं कोने में है। वृत्त A का केंद्र A(100,150), त्रिज्या 80 पिक्सेल; वृत्त B का केंद्र B(250,230), त्रिज्या 100 पिक्सेल। (i) क्या कोई वृत्त स्क्रीन से बाहर है? (ii) क्या दोनों वृत्त एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करते हैं?
हल: (i) वृत्त A: x ∈ [20,180], y ∈ [70,230] — स्क्रीन (800×600) के भीतर। वृत्त B: x ∈ [150,350], y ∈ [130,330] — यह भी भीतर। दोनों वृत्त पूरी तरह स्क्रीन के अंदर हैं, कोई भी भाग बाहर नहीं। (ii) केंद्रों के बीच दूरी = √(150²+80²) = √28900 = 170। त्रिज्याओं का योग = 180, अंतर = 20। चूँकि 20 < 170 < 180, अतः दोनों वृत्त एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करते हैं (दो बिंदुओं पर)।

प्र. 16: कार्तीय तल पर बिंदु A(2,1), B(–1,2), C(–2,–1) और D(1,–2) का अंकन कीजिए। क्या ABCD एक वर्ग है? इस वर्ग का क्षेत्रफल क्या है?
हल: AB=√(3²+1²)=√10; BC=√(1²+3²)=√10; CD=√(3²+1²)=√10; DA=√(1²+3²)=√10 — चारों भुजाएं बराबर हैं। विकर्ण: AC=√(4²+2²)=√20; BD=√(2²+4²)=√20 — दोनों विकर्ण भी बराबर हैं। चूँकि सभी भुजाएं बराबर और दोनों विकर्ण भी बराबर हैं, ABCD एक वर्ग है। क्षेत्रफल = (विकर्ण)²/2 = 20/2 = 10 वर्ग इकाई।

अध्याय 2: रैखिक बहुपदों का परिचय

अंतिम प्रश्नावली — सभी 14 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, ihmh102.pdf से)

प्र. 1: एक बहुपद लिखिए जिसमें चर x हो, घात 3 हो और x² पद का गुणांक −7 हो।
हल: एक संभव बहुपद: p(x) = x³ − 7x² + 5 — इसमें x³ की उपस्थिति घात 3 सुनिश्चित करती है और x² का गुणांक −7 है।

प्र. 2(i): 5x² − 3x + 7 का मान ज्ञात कीजिए यदि x = 1 हो।
हल: 5(1)²−3(1)+7 = 5−3+7 = 9।

प्र. 2(ii): 4t³ − t² + 6 का मान ज्ञात कीजिए यदि t = a हो।
हल: 4a³ − a² + 6 (a के पदों में व्यक्त, आगे सरल नहीं होता)।

प्र. 3: यदि किसी संख्या को 5/2 से गुणा करते हैं और गुणनफल में 2/3 का योग करते हैं तो हमें −17/12 प्राप्त होता है — वह संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: माना संख्या = x। (5/2)x + 2/3 = −7/12 ⇒ (5/2)x = −7/12 − 8/12 = −15/12 = −5/4 ⇒ x = (−5/4)×(2/5) = −1/2।

प्र. 4: कोई धनात्मक संख्या किसी अन्य संख्या की 5 गुना है। यदि दोनों संख्याओं में 21 जोड़ दिया जाए तो प्राप्त दोनों संख्याओं में से एक संख्या दूसरी संख्या की दोगुनी है। दोनों मूल संख्याएं ज्ञात कीजिए।
हल: माना छोटी संख्या = x, बड़ी = 5x। (x+21) और (5x+21) में से एक दूसरी की दोगुनी: 5x+21 = 2(x+21) ⇒ 5x+21=2x+42 ⇒ 3x=21 ⇒ x=7। अतः संख्याएं 7 और 35 हैं। जाँच: 7+21=28, 35+21=56=2×28 ✔

प्र. 5: यदि आपके पास ₹800 हैं और आप प्रतिमाह ₹250 की बचत करते हैं तो (i) 6 महीनों पश्चात और (ii) 2 वर्षों पश्चात कुल धनराशि ज्ञात कीजिए। रैखिक प्रतिरूप बताइए।
हल: रैखिक प्रतिरूप: A(t) = 800 + 250t (t = महीनों की संख्या)। (i) t=6: 800+250×6=800+1500=₹2300। (ii) t=24 (2 वर्ष): 800+250×24=800+6000=₹6800।

प्र. 6: एक दो-अंकीय संख्या के अंकों के मध्य का अंतर 3 है। यदि संख्या के दोनों अंकों को परस्पर परिवर्तित कर दिया जाए और प्राप्त संख्या को मूल संख्या में जोड़ दिया जाए तो योगफल 143 प्राप्त होता है। दोनों संख्याएं ज्ञात कीजिए।
हल: दहाई अंक a, इकाई अंक b मानें; संख्या=10a+b, पलटी हुई=10b+a। योग: (10a+b)+(10b+a)=11(a+b)=143 ⇒ a+b=13। साथ ही |a−b|=3 ⇒ a=8,b=5 (या a=5,b=8)। अतः संख्याएं 85 और 58 हैं (यह एक-दूसरे की पलटी हैं)। जाँच: 85+58=143 ✔

प्र. 7: निम्नलिखित समीकरणों के ढलान और y-अंतःखंड की पहचान कीजिए, साथ ही x-अक्ष पर प्रतिच्छेद बिंदु भी ज्ञात कीजिए — (i) y=–3x+4, (ii) 2y=4x+7, (iii) 5y=6x–10, (iv) 3y=6x–11। क्या इनमें से कोई रेखाएं समानांतर हैं?
हल: (i) ढलान=–3, y-अंतःखंड=4 (0,4), x-अंतःखंड (4/3,0)। (ii) y=2x+3.5: ढलान=2, y-अंतःखंड=3.5 (0,3.5), x-अंतःखंड (–1.75,0)। (iii) y=1.2x–2: ढलान=1.2, y-अंतःखंड=–2 (0,–2), x-अंतःखंड (5/3,0)। (iv) y=2x−11/3: ढलान=2, y-अंतःखंड=−11/3 (0,−11/3), x-अंतःखंड (11/6,0)। रेखा (ii) और (iv) दोनों का ढलान 2 है — ये दोनों परस्पर समानांतर हैं।

प्र. 8: तापमान समीकरण: y = (9/5)(x−273) + 32 (K से °F में)। (i) x=313K पर °F ज्ञात कीजिए। (ii) y=158°F पर K ज्ञात कीजिए।
हल: (i) y=(9/5)(313−273)+32=(9/5)(40)+32=72+32=104°F। (ii) 158=(9/5)(x−273)+32 ⇒ 126=(9/5)(x−273) ⇒ x−273=126×5/9=70 ⇒ x=343K।

प्र. 9: किसी वस्तु पर नियत बल लगाने पर वस्तु द्वारा किया जाने वाला कार्य (w), बल और दूरी (d) के गुणनफल के समान होता है। नियत बल = 3 इकाई लेते हुए, दूरी = 2 इकाई पर किया गया कार्य ज्ञात कीजिए।
हल: रैखिक समीकरण: w = 3d। d=2 पर: w = 3×2 = 6 इकाई।

प्र. 10: एक रैखिक बहुपद p(x) का आलेख बिंदुओं (1,5) और (3,11) से होकर जाता है। (i) p(x) ज्ञात कीजिए। (ii) उन बिंदुओं के निर्देशांक ज्ञात कीजिए जिन पर आलेख दोनों अक्षों को प्रतिच्छेद करता है।
हल: ढलान a=(11−5)/(3−1)=3। (1,5) पर: 5=3(1)+b ⇒ b=2। अतः p(x) = 3x + 2। (ii) y-अक्ष पर: (0, 2)। x-अक्ष पर: 0=3x+2 ⇒ x=−2/3, बिंदु (−2/3, 0)।

प्र. 11: p(x)=ax+b और q(x)=cx+d इस प्रकार हैं कि (i) p(0)=5, (ii) p(x)−q(x), x-अक्ष को बिंदु (3,0) पर प्रतिच्छेद करता है, (iii) योगफल p(x)+q(x), x के सभी मानों के लिए 6x+4 के समान है। p(x) और q(x) ज्ञात कीजिए।
हल: (i) से b=5। (iii) से a+c=6 और b+d=4 ⇒ d=4−5=−1। (ii) से p(3)=q(3): 3a+5=3c−1 ⇒ 3a−3c=−6 ⇒ a−c=−2। a+c=6 और a−c=−2 को जोड़ने पर 2a=4 ⇒ a=2, c=4। अतः p(x) = 2x + 5 और q(x) = 4x − 1। जाँच: p(3)=11, q(3)=11 ✔; p+q=6x+4 ✔

प्र. 12: माचिस की तीलियों से बने षट्भुजों के बढ़ते प्रतिरूप में चरण 1=6, चरण 2=11, चरण 3=16 तीलियाँ हैं (प्रत्येक नए षट्भुज में एक भुजा साझा होने से 5 नई तीलियाँ जुड़ती हैं)। (i) अगले दो चरण बनाइए, कितनी तीलियाँ चाहिए? (ii) तालिका पूर्ण कीजिए। (iii) nवें चरण के लिए सूत्र ज्ञात कीजिए। (iv) 15वें चरण के लिए तीलियां बताइए। (v) क्या 200 तीलियों से कोई चरण पूरा बन सकता है?
हल: प्रत्येक नए चरण में 5 तीलियाँ जुड़ती हैं। (i) चरण 4 = 16+5 = 21; चरण 5 = 21+5 = 26। (ii) चरण 1,2,3,4,5,…,n → तीलियाँ: 6, 11, 16, 21, 26, …, (5n+1)। (iii) सूत्र: तीलियाँ = 5n + 1। (iv) n=15: 5(15)+1=76 तीलियाँ। (v) 5n+1=200 ⇒ 5n=199 ⇒ n=39.8, जो पूर्णांक नहीं — अतः 200 तीलियों से इस प्रतिरूप का कोई चरण पूरा नहीं बन सकता।

प्र. 13: p(x)=ax+b का आलेख बिंदुओं (2,3) और (6,11) से होकर जाता है। q(x)=cx+d का आलेख बिंदु (4,–1) से होकर जाता है और p(x) के आलेख के समानांतर है। p(x), q(x) और x-अक्ष से मिलने वाले बिंदु ज्ञात कीजिए।
हल: p का ढलान = (11−3)/(6−2)=2। (2,3) पर: 3=2(2)+b ⇒ b=–1। p(x)=2x−1। q समानांतर होने से समान ढलान c=2। (4,–1) पर: –1=2(4)+d ⇒ d=–9। q(x)=2x−9। x-अक्ष पर p: x=0.5, बिंदु (0.5,0)। x-अक्ष पर q: x=4.5, बिंदु (4.5,0)।

प्र. 14: f(x)=ax+a, जहाँ a > 0 है, के रूप के सभी रैखिक फलनों में कौन-सा गुण सामान्य है?
हल: f(x)=a(x+1) लिखा जा सकता है। f(–1)=a(–1)+a=0, a के हर मान के लिए। अतः a के हर मान के लिए यह सभी रेखाएँ निश्चित बिंदु (–1, 0) से होकर गुजरती हैं, और a > 0 होने से सभी रेखाएँ धनात्मक ढलान वाली (बढ़ती हुई) होती हैं।

अध्याय 3: संख्याओं का संसार

अंतिम प्रश्नावली — पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, ihmh103.pdf से)

प्र. 1: निम्नलिखित परिमेय संख्याओं को दीर्घ विभाजन द्वारा दशमलव में बदलिए और बताइए सांत है या आवर्ती — (i) 50/3 (ii) 2/9।
हल: (i) 50÷3 = 16.666… = 16.̅6 (आवर्ती दशमलव)। (ii) 2÷9 = 0.222… = 0.̅2 (आवर्ती दशमलव)।

प्र. 2: सिद्ध कीजिए कि √5 एक अपरिमेय संख्या है।
हल: मानें √5 परिमेय है, तो √5 = p/q (जहाँ p,q सहअभाज्य, q≠0)। चुकते 5q²=p² ⇒ p², 5 से विभाज्य ⇒ p भी 5 से विभाज्य (मानें p=5k)। प्रतिस्थापित: 5q²=25k² ⇒ q²=5k² ⇒ q भी 5 से विभाज्य। यह p,q के सहअभाज्य होने की मान्यता का विरोधाभास है। अतः √5 अपरिमेय है।

प्र. 3: निम्नलिखित दशमलव संख्याओं को p/q के रूप में रूपांतरित कीजिए।
हल: (i) 12.6 = 126/10 = 63/5। (ii) 0.0120 = 120/10000 = 3/250। (iii) 3.052 = 3052/1000 = 763/250। (iv) 1.235 = 1235/1000 = 247/200। (v) 0.23 = 23/100। (vi) 2.05 = 205/100 = 41/20। (vii) 2.125 = 2125/1000 = 17/8। (viii) 3.125 = 3125/1000 = 25/8। (ix) 2.1625 = 21625/10000 = 173/80।

प्र. 4: निम्नलिखित परिमेय संख्याओं को संख्या रेखा पर निरूपित कीजिए — (i) 0.532 (ii) 1.15।
हल: संज्ञाबर्धन (successive magnification) विधि से: (i) 0.532, 0 और 1 के बीच के भाग में 0.5 और 0.6 के बीच में, फिर 0.53 और 0.54 के बीच में बारंबार विभाजित करके 0.532 तक पहुँचते हैं। (ii) 1.15, 1 और 2 के बीच, फिर 1.1 और 1.2 के बीच विभाजित करके 1.15 तक पहुँचते हैं।

प्र. 5: 3 और 4 के मध्य 6 परिमेय संख्याएं ज्ञात कीजिए।
हल: 3=21/7, 4=28/7 — अतः 22/7, 23/7, 24/7, 25/7, 26/7, 27/7।

प्र. 6: 2/5 और 3/5 के मध्य 5 परिमेय संख्याएं ज्ञात कीजिए।
हल: 2/5=12/30, 3/5=18/30 — अतः 13/30, 14/30, 15/30, 16/30, 17/30।

प्र. 7: 1/6 और 2/5 के मध्य 5 परिमेय संख्याएं ज्ञात कीजिए।
हल: 1/6=5/30, 2/5=12/30 — अतः 6/30, 7/30, 8/30, 9/30, 10/30 (या सरलीकृत रूप में 1/5, 7/30, 4/15, 3/10, 1/3)।

प्र. 8: यदि x/3 + x/5 = 16/15 है तो परिमेय संख्या x ज्ञात कीजिए।
हल: समान हर 15: 5x/15+3x/15=16/15 ⇒ 8x=16 ⇒ x=2।

प्र. 9: a और b दो शून्येतर परिमेय संख्याएँ हैं कि a + 1/b = 0 है। कोई संख्यात्मक मान निर्दिष्ट किए बिना बताइए कि ab धनात्मक है या ओणात्मक।
हल: a+1/b=0 ⇒ a=–1/b ⇒ ab=(–1/b)×b=–1। चूँकि –1<0, अतः ab सदैव ओणात्मक होता है।

प्र. 10: एक परिमेय संख्या का सांत दशमलव प्रसार है और जिसका अंतिम शून्येतर अंक चौथे दशमलव स्थान पर है। प्रदर्शित कीजिए कि एसी संख्या को p/10⁴ के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ p एक पूर्णांक है जो 10 से अविभाज्य है।
हल: चूँकि दशमलव ठीक चौथे स्थान पर समाप्त होता है (आगे नहीं), संख्या = p/10⁴ होगी जहाँ p, 10 से अविभाज्य है (अन्यथा सांत अंक पहले आ जाता)। सरलतम रूप में हर = 2⁴×5⁴ का कोई भाग, जिसमें से p में 2 या 5 का सांझा गुणक कट जाए तो भी बड़ी घात (2 या 5 में जो भी अधिक हो) 4 ही रहनी चाहिए, ताकि दशमलव ठीक चौथे स्थान पर समाप्त हो। अतः हाँ, सरलतम रूप में हर 24 या 54 से विभाज्य होना आवश्यक है (दोनों में से कम से कम एक)।

प्र. 11: बिना विभाजन किए यह निर्धारित कीजिए कि 18/125 का दशमलव प्रसार सांत है या असांत।
हल: 125 = 5³, हर में केवल 5 का घातांक है — अतः दशमलव सांत है। 18/125 = 18×8/1000 = 144/1000 = 0.144 — 3 दशमलव स्थान।

प्र. 12: अपने सरलतम रूप में एक परिमेय संख्या का हर 2³×5 है। इसके दशमलव प्रसार में कितने दशमलव स्थान होंगे?
हल: हर = 2³×5¹ — 10ⁿ का रूप देने के लिए 2 और 5 की घातें बराबर चाहिए: max(3,1)=3, अतः 5² से गुणा करके 2³×5³=1000=10³ बनता है। अतः 3 दशमलव स्थान होंगे।

प्र. 13 (वैकल्पिक, तारांकित): मूल पाठ्यपुस्तक में a और b को 1/2 की घातों (k₁, k₂) के रूप में दिया गया है, जहाँ k₂−k₁>6।
हल: स्रोत PDF में a और b के सटीक संख्यात्मक मान टेक्स्ट-एक्स्ट्रेक्शन में स्पष्ट रूप से पढ़ने योग्य नहीं थे, इसलिए सटीक संख्याएँ बताने की बजाय यहाँ सामान्य विधि समझाई जा रही है: जब a और b दोनों को समान हर m (एक बड़ी घात) के साथ लिखा जाता है, तो a और b के अंश (numerator) के बीच जितने पूर्णांक होंगे, उतनी ही अलग-अलग परिमेय संख्याएँ a और b के बीच मिल सकती हैं। n परिमेय संख्याएँ सुनिश्चित रूप से पाने के लिए k₂−k₁>n+1 की शर्त आवश्यक है, क्योंकि बड़े घात पर a और b के अंशों के बीच का अंतर कम-से-कम n+1 होना चाहिए — तभी उनके बीच कम-से-कम n पूर्णांक (और इसलिए n परिमेय संख्याएँ) सुनिश्चित रूप से क्एेंगे।

प्र. 14 (वैकल्पिक): तीन परिमेय संख्याएँ x, y, z इस प्रकार हैं कि x+y+z=0 और xy+yz+zx=0। प्रदर्शित कीजिए कि x=y=z=0 होगा।
हल: (x+y+z)² = x²+y²+z²+2(xy+yz+zx)। चूँकि x+y+z=0, इसलिए LHS=0। साथ ही xy+yz+zx=0 दिया है, तो: 0 = x²+y²+z²+2(0) ⇒ x²+y²+z²=0। चूँकि हर वर्ग ≥0 होता है और इनका योग शून्य है, अतः प्रत्येक पद शून्य होना चाहिए: x=y=z=0।

प्र. 15 (वैकल्पिक): प्रदर्शित कीजिए कि परिमेय संख्या (a+b)/2, परिमेय संख्याओं a और b के मध्य स्थित है (जब a < b)।
हल: (a+b)/2 − a = (b−a)/2 > 0 (चूँकि b>a) ⇒ (a+b)/2 > a। साथ ही b − (a+b)/2 = (b−a)/2 > 0 ⇒ (a+b)/2 < b। अतः a < (a+b)/2 < b, इससे सिद्ध होता है कि (a+b)/2, a और b के मध्य स्थित है।

प्र. 16: वर्गमूल सर्पिल (चित्र 3.14) में प्रदर्शित सभी समकोण त्रिभुजों के कर्णों की लंबाई ज्ञात कीजिए।
हल: वर्गमूल सर्पिल में प्रत्येक नया समकोण त्रिभुज पिछले त्रिभुज के कर्ण को एक भुजा (लंबाई 1) की तरह उपयोग करता है। पहला त्रिभुज (भुजाएं 1,1) → कर्ण = √(1²+1²)=√2। दूसरा (भुजाएं √2,1) → कर्ण = √(2+1)=√3। तीसरा (भुजाएं √3,1) → कर्ण = √4 = 2। चौथा → कर्ण = √5। इसी तरह आगे हर नए त्रिभुज का कर्ण √6, √7, √8, √9=3, √10… होता जाएगा — सामान्य पैटर्न: nवें त्रिभुज का कर्ण = √(n+1)।

अध्याय 4: बीजीय सर्वसमिकाओं का अन्वेषण

अंतिम प्रश्नावली — सभी 13 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, ihmh104.pdf से)

प्र. 1: उचित सर्वसमिकाओं का प्रयोग कर निम्नलिखित गुणनफल ज्ञात कीजिए:
(i) (−3x + 4)² (ii) (2s + 7)(2s − 7) (iii) (p² + 1/2)(p² − 1/2) (iv) (2n + 7)(2n − 7) (v) (s − 2t)(s² + 2st + 4t²) (vi) (1/2r − 4r)² (vii) (−3m + 4k − l)² (viii) (x − y/3)³ (ix) (7k/2 − 2m/3)³
हल:
(i) (−3x+4)² = 9x² − 24x + 16
(ii) (2s+7)(2s−7) = 4s² − 49 [सर्वसमिका a²−b²]
(iii) (p²+1/2)(p²−1/2) = p⁴ − 1/4
(iv) (2n+7)(2n−7) = 4n² − 49
(v) (s−2t)(s²+2st+4t²) = s³ − 8t³ [सर्वसमिका a³−b³]
(vi) (1/2r − 4r)² = 1/(4r²) − 4 + 16r²
(vii) (−3m+4k−l)² = 9m² + 16k² + l² − 24mk − 8kl + 6lm
(viii) (x − y/3)³ = x³ − x²y + (1/3)xy² − (1/27)y³
(ix) (7k/2 − 2m/3)³ = (343/8)k³ − (49/2)k²m + (14/3)km² − (8/27)m³

प्र. 2: उचित सर्वसमिकाओं का प्रयोग कर निम्नलिखित मान ज्ञात कीजिए:
(i) 17 × 21 (ii) 104 × 96 (iii) 24 × 16 (iv) 147³ (v) 199³ (vi) 127³ (vii) (−107)³ (viii) (−299)³
हल:
(i) 17×21 = (19−2)(19+2) = 19²−4 = 361−4 = 357
(ii) 104×96 = (100+4)(100−4) = 100²−4² = 10000−16 = 9984
(iii) 24×16 = (20+4)(20−4) = 400−16 = 384
(iv) 147³ = (150−3)³ = 150³ − 3·150²·3 + 3·150·3² − 3³ = 3,375,000 − 202,500 + 4,050 − 27 = 3,176,523
(v) 199³ = (200−1)³ = 8,000,000 − 120,000 + 600 − 1 = 7,880,599
(vi) 127³ = (130−3)³ = 2,197,000 − 152,100 + 3,510 − 27 = 2,048,383
(vii) (−107)³ = −(107)³ = −(100+7)³ = −(1,000,000+210,000+14,700+343) = −1,225,043
(viii) (−299)³ = −(299)³ = −(300−1)³ = −(27,000,000 − 270,000 + 900 − 1) = −26,730,899

प्र. 3: निम्नलिखित बीजीय व्यंजकों का गुणनखंडन कीजिए:
(i) 4y² + 1 + 1/(16y²) (ii) 9m² − 1/(25n²) (iii) 27b³ − 1/(64b³) (iv) x² + 5x/6 + 1/6 (v) 27u³ − 27u²/5 + 9u/25 − 1/125 (vi) 64y³ + z³/125 (vii) p³ + 27q³ + r³ − 9pqr (viii) 9m² − 12m + 4 (ix) 9x³ − 8y³/3 + z³/3 + 6xyz (x) 4x² + 9y² + 36z² + 12xy + 24xz + 36yz (xi) 27u³ − 9u²/2 + u/4 − 1/216
हल:
(i) = (2y + 1/(4y))² [a²+2ab+b²]
(ii) = (3m − 1/(5n))(3m + 1/(5n)) [a²−b²]
(iii) = (3b − 1/(4b))(9b² + 3/4 + 1/(16b²)) [a³−b³]
(iv) = (x + 1/2)(x + 1/3) [(x+a)(x+b) रूप]
(v) = (3u − 1/5)³ [a³−3a²b+3ab²−b³]
(vi) = (4y + z/5)(16y² − 4yz/5 + z²/25) [a³+b³]
(vii) = (p + 3q + r)(p² + 9q² + r² − 3pq − 3qr − rp) [a³+b³+c³−3abc का गुणनखंड, जब a=p, b=3q, c=r]
(viii) = (3m − 2)² [a²−2ab+b²]
(ix) = (1/3)(3x − 2y + z)(9x² + 4y² + z² + 6xy + 2yz − 3xz)
(x) = (2x + 3y + 6z)² [(a+b+c)² विस्तार का उल्टा]
(xi) = (3u − 1/6)³

प्र. 4: निम्नलिखित परिमेय व्यंजकों को सरल कीजिए (मानिए कि हर में दिए व्यंजक शून्य के बराबर नहीं हैं):
(i) (4x²+4x+1)/(4x²−1) (ii) 9(3a³−24b³)/(9a²−36b²) (iii) (s³+125t³)/(s²−2st−35t²)
हल:
(i) अंश = (2x+1)², हर = (2x+1)(2x−1) ⇒ सरलीकृत रूप = (2x+1)/(2x−1)
(ii) अंश = 27(a³−8b³) = 27(a−2b)(a²+2ab+4b²), हर = 9(a−2b)(a+2b) ⇒ सरलीकृत रूप = 3(a²+2ab+4b²)/(a+2b)
(iii) अंश = (s+5t)(s²−5st+25t²), हर = (s−7t)(s+5t) ⇒ सरलीकृत रूप = (s²−5st+25t²)/(s−7t)

प्र. 5: निम्नलिखित क्षेत्रफलों वाले आयतों की लंबाई और चौड़ाई के लिए संभावित व्यंजक ज्ञात कीजिए:
(i) 25a² − 30ab + 9b² (ii) 36s² − 49t²
हल:
(i) 25a²−30ab+9b² = (5a−3b)² ⇒ लंबाई = चौड़ाई = (5a−3b) मात्रक
(ii) 36s²−49t² = (6s+7t)(6s−7t) ⇒ लंबाई = (6s+7t) मात्रक, चौड़ाई = (6s−7t) मात्रक

प्र. 6: निम्नलिखित आयतनों वाले घनाभों की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई के लिए संभावित व्यंजक ज्ञात कीजिए:
(i) 6a² − 24b² (ii) 3ps² − 15ps + 12p
हल:
(i) 6a²−24b² = 6(a²−4b²) = 6(a−2b)(a+2b) ⇒ लंबाई = 6, चौड़ाई = (a−2b), ऊँचाई = (a+2b) मात्रक
(ii) 3ps²−15ps+12p = 3p(s²−5s+4) = 3p(s−1)(s−4) ⇒ लंबाई = 3p, चौड़ाई = (s−1), ऊँचाई = (s−4) मात्रक

प्र. 7: (शब्दांकन का सत्यापन आंशिक — नीचे मानक व्याख्या दी गई है) 40 मीटर भुजा वाले एक वर्गाकार गाँव के खेल के मैदान के चारों ओर बाहर की ओर s मीटर चौड़ाई का एक समान पथ (मार्ग) बनाया गया है। पथ का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल: बाहरी वर्ग की भुजा = (40+2s) मीटर
पथ का क्षेत्रफल = (40+2s)² − 40² = (1600+160s+4s²) − 1600 = 4s² + 160s = 4s(s+40) वर्ग मीटर

प्र. 8: यदि किसी संख्या x और उसके व्युत्क्रम (1/x) का योग 10/3 है, तो वह संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: x + 1/x = 10/3 ⇒ 3x² + 3 = 10x ⇒ 3x² − 10x + 3 = 0
गुणनखंड: 3x² − 9x − x + 3 = 0 ⇒ 3x(x−3) − 1(x−3) = 0 ⇒ (3x−1)(x−3) = 0
अतः x = 3 या x = 1/3

प्र. 9: (2x²+7x+3) वर्ग हस्त क्षेत्रफल वाले एक आयताकार तरणताल (स्विमिंग पूल) की चौड़ाई (2x+1) हस्त है। इसकी लंबाई ज्ञात कीजिए।
हल: 2x²+7x+3 = 2x²+6x+x+3 = 2x(x+3)+1(x+3) = (2x+1)(x+3)
अतः लंबाई = क्षेत्रफल ÷ चौड़ाई = (2x+1)(x+3) ÷ (2x+1) = (x+3) हस्त

प्र. 10: यदि (x − 2) तथा (x − 1/2), बहुपद px² + 5x + r के गुणनखंड हैं, तो सिद्ध कीजिए कि p = r.
हल: x=2 रखने पर: 4p + 10 + r = 0 … (I)
x=1/2 रखने पर: p/4 + 5/2 + r = 0 ⇒ p + 10 + 4r = 0 … (II) (दोनों ओर 4 से गुणा करने पर)
(I) − (II): (4p+r) − (p+4r) = 0 ⇒ 3p − 3r = 0 ⇒ p = r (सिद्ध)

प्र. 11: यदि a+b+c = 5 तथा ab+bc+ca = 10 है, तो सिद्ध कीजिए कि a³+b³+c³ − 3abc = −25.
हल: a²+b²+c² = (a+b+c)² − 2(ab+bc+ca) = 25 − 20 = 5
सर्वसमिका: a³+b³+c³−3abc = (a+b+c)(a²+b²+c²−ab−bc−ca) = 5 × (5−10) = 5 × (−5) = −25 (सिद्ध)

प्र. 12: सिद्ध कीजिए कि प्रत्येक प्राकृत संख्या n के लिए, n³ − n सदैव 6 से विभाज्य होती है।
हल: n³ − n = n(n²−1) = n(n−1)(n+1) = (n−1)·n·(n+1)
यह तीन क्रमागत पूर्णांकों का गुणनफल है। किन्हीं भी तीन क्रमागत पूर्णांकों में से कम-से-कम एक 3 से विभाज्य होता है और कम-से-कम एक 2 से विभाज्य होता है, अतः उनका गुणनफल सदैव 2×3=6 से विभाज्य होगा। इसलिए n³−n सदैव 6 से विभाज्य है (सिद्ध)

प्र. 13: निम्नलिखित का मान ज्ञात कीजिए:
(i) यदि x+y = −4 है, तो x³+y³−12xy+64 का मान ज्ञात कीजिए।
(ii) यदि x = 2y+6 है, तो x³−8y³−36xy−216 का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
(i) x³+y³−12xy+64 = x³+y³+4³ − 3·x·y·4, जो सर्वसमिका a³+b³+c³−3abc = (a+b+c)(a²+b²+c²−ab−bc−ca) के रूप में है, जहाँ a=x, b=y, c=4।
चूँकि x+y=−4, अतः a+b+c = x+y+4 = −4+4 = 0
इसलिए पूरा व्यंजक = 0 × (a²+b²+c²−ab−bc−ca) = 0
(ii) x³−8y³−36xy−216 = x³+(−2y)³+(−6)³ − 3·x·(−2y)·(−6), जो a=x, b=−2y, c=−6 के साथ उसी सर्वसमिका के रूप में है।
दिया है x=2y+6 ⇒ x−2y−6=0, अर्थात a+b+c = x+(−2y)+(−6) = x−2y−6 = 0
इसलिए पूरा व्यंजक = 0 × (…) = 0

अध्याय 5: मैं हूँ गोल-गोल, ऐपर-नीचे

अंतिम प्रश्नावली — सभी 44 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, ihmh105.pdf से)

प्रश्नावली 5.1 — परिवृत्त (Circumcircle)

प्र. 1: ΔABC खींचिए जिसमें AB = 5 सेमी, ∠A = 70° और ∠B = 60° हो। ΔABC का परिवृत्त खींचिए। क्या केंद्र त्रिभुज के अंदर है या बाहर?
हल: दिए गए मापों से त्रिभुज ABC की रचना कीजिए। तीनों भुजाओं के लंब समद्विभाजक खींचकर परिवृत्त-केंद्र O ज्ञात कीजिए। यहाँ ∠C = 180° − 70° − 60° = 50°, अर्थात तीनों कोण न्यून हैं, इसलिए परिवृत्त-केंद्र O त्रिभुज के अंदर स्थित होगा।

प्र. 2: ΔABC खींचिए जिसमें AB = 5 सेमी, ∠A = 100° और AC = 4 सेमी हो। परिवृत्त खींचिए। केंद्र अंदर है या बाहर?
हल: ∠A = 100° > 90° है, अतः त्रिभुज अधिककोण त्रिभुज है, इसलिए परिवृत्त-केंद्र O त्रिभुज के बाहर स्थित होगा।

प्र. 3: ΔABC खींचिए, AB = 6, BC = 7, CA = 7 सेमी। परिवृत्त-केंद्र O से OA, OB, OC नापिए।
हल: लंब समद्विभाजकों से O ज्ञात कीजिए। परिवृत्त की परिभाषा से OA = OB = OC ≈ 4 सेमी।

प्र. 4: दो बिंदुओं A, B से गुजरने वाले वृत्त की न्यूनतम त्रिज्या क्या है?
हल: केंद्र AB के मध्यबिंदु पर हो और AB व्यास बने, तब न्यूनतम त्रिज्या = AB/2।

प्रश्नावली 5.2

प्र. 5: सिद्ध कीजिए जीवा और केंद्र से बना त्रिभुज समद्विबाहु होता है।
हल: OA, OB त्रिज्याएँ होने से OA = OB, अतः ΔOAB समद्विबाहु है।

प्र. 6: ऐसे दो समद्विबाहु त्रिभुजों का आधार बराबर हो तो वे सर्वांगसम होते हैं, दर्शाइए।
हल: OA=OC, OB=OD (त्रिज्याएँ), AB=CD ⟹ SSS से ΔOAB≅ΔOCD।

प्रश्नावली 5.3

प्र. 7: केंद्र से जीवा पर लंब जीवा को समद्विभाजित क्यों करता है?
हल: ΔCMA≅ΔCMB (RHS: CA=CB, CM उभयनिष्ठ, ∠M=90°) ⟹ AM=BM।

प्र. 8: AB=AC वाले वृत्तांतर्निहित समद्विबाहु त्रिभुज में A से शीर्षलंब केंद्र से क्यों गुजरता है?
हल: ΔABD≅ΔACD (RHS) ⟹ D मध्यबिंदु, AD लंब समद्विभाजक जो केंद्र से गुजरता है।

प्र. 9: 6 व 8 सेमी की समांतर जीवाएँ, त्रिज्या 5 सेमी, केंद्र के विपरीत ओर — मध्यबिंदुओं की दूरी।
हल: OM=4, ON=3 (पाइथागोरस), MN=OM+ON=7 सेमी।

प्रश्नावली 5.4

प्र. 10: पाइथागोरस प्रमेय से दर्शाइए बराबर जीवाएँ केंद्र से समान दूरी पर हैं।
हल: r²=CE²+AE²=CH²+FH², AE=FH ⟹ CE=CH।

प्र. 11: CE⊥AB, CH⊥GF, CE=CH ⟹ AB=GF दर्शाइए।
हल: ΔCEA≅ΔCHG (RHS) ⟹ AE=GH ⟹ AB=GF।

प्र. 12: प्रश्न 11 पाइथागोरस से हल कीजिए।
हल: r²=CE²+AE²=CH²+GH², CE=CH ⟹ AE=GH ⟹ AB=GF।

प्रश्नावली 5.5

प्र. 13: त्रिज्या 7, दूरी 6 सेमी — जीवा की लंबाई।
हल: आधी जीवा=√(49−36)=√13, जीवा=2√13 सेमी।

प्र. 14: जीवा=2√(r²−d²) क्यों सत्य है समझाइए।
हल: लंब जीवा को समद्विभाजित करता है, r²=d²+(आधी जीवा)² से सूत्र प्राप्त होता है।

प्र. 15: AB की दूरी CD की दोगुनी हो तो क्या CD=2AB?
हल: नहीं, AB=2√(r²−4x²), CD=2√(r²−x²) अनुपात 1:2 में नहीं हैं।

प्रश्नावली 5.6

प्र. 16: ∠AOB=60°, त्रिज्या 12 सेमी — AB ज्ञात कीजिए।
हल: समबाहु त्रिभुज बनता है, AB=12 सेमी।

प्र. 17: A,B वृत्त पर बिंदु। (i) X,Y एक ही ओर हों तो ∠AXB≠∠AYB संभव? (ii) कोण बराबर होने पर X,Y एक ही ओर? (iii) X,Y वृत्त पर न हों, कोण बराबर हों तो क्या संकेंद्रीय?
हल: (i) नहीं, एक वृत्तखंड में कोण बराबर होते हैं। (ii) नहीं, व्यास पर दोनों ओर 90° बनता है। (iii) हाँ, विलोम प्रमेय से।

प्र. 18: ∠ADC=100° दिया, x ज्ञात कीजिए।
हल: ∠ABC=80°, प्रमुख केंद्रीय कोण=200°, शेष=160°, x=80°।

अध्याय के अंत की प्रश्नावली (26 प्रश्न)

प्र. 19: जीवा केंद्र से 5 सेमी, त्रिज्या 13 सेमी — जीवा की लंबाई।
हल: आधी जीवा=12, जीवा=24 सेमी।

प्र. 20: चाप केंद्र पर 70° अंतरित करता है, वृत्त पर बिंदु पर कोण?
हल: 35°।

प्र. 21: व्यास 26 सेमी, जीवा 24 सेमी — केंद्र से दूरी।
हल: दूरी=√(169−144)=5 सेमी।

प्र. 22: त्रिज्या 15, दूरी 9 सेमी — जीवा की लंबाई।
हल: जीवा=24 सेमी।

प्र. 23: सिद्ध कीजिए जीवा का लंब समद्विभाजक केंद्र से गुजरता है।
हल: ΔOAM≅ΔOBM (SSS) ⟹ ∠OMA=∠OMB=90°।

प्र. 24: AB व्यास, C परिधि पर — ∠ACB?
हल: 90° (अर्धवृत्त कोण)।

प्र. 25: ABCD चक्रीय, ∠A=75°, ∠B=110° — ∠C, ∠D ज्ञात कीजिए।
हल: ∠C=105°, ∠D=70°।

प्र. 26: PQRS चक्रीय, ∠P=(2x+10)°, ∠R=(3x−20)° — x, ∠P, ∠R ज्ञात कीजिए।
हल: 5x−10=180, x=38, ∠P=86°, ∠R=94°।

प्र. 27: जीवा 16 सेमी, दूरी 6 सेमी — त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
हल: r=√(36+64)=10 सेमी।

प्र. 28: चक्रीय चतुर्भुज भुजाएँ 5,5,12,12 — क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल: दो समकोण त्रिभुज (5-12-13), क्षेत्रफल=2×30=60 वर्ग इकाई।

प्र. 29: बिना परिवृत्त खींचे केंद्र अंदर/बाहर कैसे जानें?
हल: सभी कोण न्यून⟹अंदर; कोई कोण अधिक⟹बाहर; कोई कोण 90°⟹विकर्ण पर।

प्र. 30 (★): बराबर प्रतिच्छेदी जीवाओं के संगत रेखाखंड बराबर दर्शाइए।
हल: OL=OM (बराबर जीवाएँ), ΔOLP≅ΔOMP (RHS) ⟹ LP=MP ⟹ AP=CP, BP=DP।

प्र. 31: 6 सेमी जीवा, केंद्र से 3 सेमी दूरी वाला वृत्त खींचिए।
हल: AB=6 सेमी खींचिए, लंब समद्विभाजक पर 3 सेमी दूरी पर O लीजिए, OA त्रिज्या से वृत्त खींचिए।

प्र. 32 (★): आयत ही एकमात्र वृत्तांतर्निहित समांतर चतुर्भुज है, दर्शाइए।
हल: ∠A+∠C=180° व ∠A=∠C ⟹ ∠A=90°, अतः आयत।

प्र. 33 (★): वृत्तांतर्निहित आयत के विकर्णों का प्रतिच्छेद केंद्र पर है, दर्शाइए।
हल: विकर्ण बराबर व समद्विभाजित ⟹ OA=OB=OC=OD, अतः O केंद्र है।

प्र. 34: निश्चित लंबाई की सभी जीवाओं के मध्यबिंदुओं का आकार?
हल: मूल वृत्त के संकेंद्रीय एक वृत्त।

प्र. 35: AB=AC ⟹ केंद्र ∠BAC के समद्विभाजक पर क्यों है?
हल: ΔOAB≅ΔOAC (SSS) ⟹ ∠BAO=∠CAO।

प्र. 36: 10, 24 सेमी समांतर जीवाएँ एक ओर, दूरी 7 सेमी — त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
हल: x=12, r=√(144+25)=13 सेमी।

प्र. 37 (★): त्रिज्या r वाले वृत्त में समषट्भुज — भुजा व केंद्र-दूरी ज्ञात कीजिए।
हल: भुजा=r, दूरी=(√3/2)r।

प्र. 38: MNOP चक्रीय, MN व्यास — ∠MOP व ∠MNP संबंध?
हल: ∠MOP=∠MNP (एक वृत्तखंड में बराबर कोण)।

प्र. 39 (★): चक्रीय चतुर्भुज का बहिष्कोण सम्मुख अंतःकोण के बराबर क्यों?
हल: ∠ABC+∠CBE=180° व ∠ABC+∠ADC=180° ⟹ ∠CBE=∠ADC।

प्र. 40: कोई जीवा व्यास से बड़ी नहीं हो सकती, सिद्ध कीजिए।
हल: जीवा=2√(r²−d²), d=0 पर अधिकतम (व्यास)।

प्र. 41 (★): A से गुजरने वाली सबसे छोटी जीवा OA के लंबवत होती है, दर्शाइए।
हल: d अधिकतम (=OA) होने पर जीवा न्यूनतम; d=OA तभी जब जीवा OA⊥ हो।

प्र. 42: अर्धवृत्त का कोण 90° है, चित्र से सिद्ध कीजिए।
हल: दो समद्विबाहु त्रिभुज, a+b=90° ⟹ ∠BAC=90°।

प्र. 43 (★): व्यास AB पर लंब जीवाओं CC′, DD′ के मध्यबिंदुओं का MM′, AB लंबवत है, सिद्ध कीजिए।
हल: CC′, DD′ दोनों AB के समांतर हैं; केंद्र-लंब सभी AB दिशा में संरेखित रहते हैं, अतः MM′⊥AB।

प्र. 44: चक्रीय चतुर्भुज सम्मुख कोण योग 180°, चित्र से सिद्ध कीजिए।
हल: केंद्र से त्रिज्याएँ जोड़ने पर समद्विबाहु त्रिभुज बनते हैं, 2(p+q+u+v)=360° ⟹ ∠B+∠D=180°, इसी प्रकार ∠A+∠C=180°।

अध्याय 6: समष्टि मापन— परिमाप और क्षेत्रफल

अंतिम प्रश्नावली — सभी 56 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, ihmh106.pdf से, बहु-स्रोत सत्यापित)

प्रश्नावली 6.1 — परिमाप (8 प्रश्न)

प्र. 1: एक वृत्त की परिधि 44 सेमी है। इसकी त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
हल: C = 2πr ⟹ 44 = 2×(22/7)×r ⟹ r = 44×7/44 = 7 सेमी

प्र. 2: त्रिज्या 7 सेमी, 10 सेमी और 12 सेमी वाले वृत्तों की परिधि तीन सार्थक अंकों तक ज्ञात कीजिए।
हल: C = 2πr (π = 22/7)
r=7: C = 44.0 सेमी
r=10: C = 440/7 = 62.9 सेमी (लगभग)
r=12: C = 528/7 = 75.4 सेमी (लगभग)

प्र. 3: चाप की लंबाई ज्ञात कीजिए: (i) त्रिज्या 3.5 सेमी, केंद्रीय कोण 60° (ii) त्रिज्या 6.3 मी, केंद्रीय कोण 120°।
हल: चाप लंबाई = (θ/360°)×2πr
(i) = (60/360)×2×(22/7)×3.5 = (1/6)×22 ≈ 3.67 सेमी
(ii) = (120/360)×2×(22/7)×6.3 = (1/3)×39.6 = 13.2 मी

प्र. 4: त्रिज्या 14 सेमी और त्रिज्यखंड कोण 75° वाले त्रिज्यखंड (sector) का परिमाप ज्ञात कीजिए।
हल: चाप लंबाई = (75/360)×2×(22/7)×14 = (75/360)×88 = 18.33 सेमी
परिमाप = चाप + 2r = 18.33 + 28 = 46⅓ सेमी (46.33 सेमी)

प्र. 5: दी गई नौ आकृतियों (चाप और सरल रेखाओं से बनी) में से प्रत्येक का परिमाप ज्ञात कीजिए।
हल (अनिश्चितता नोट): मूल आकृतियाँ (चित्रों सहित) आधिकारिक PDF से या स्वतंत्र रूप से सत्यापन-योग्य रूप में प्राप्त नहीं हो सकीं, अतः सटीक संख्यात्मक उत्तर यहाँ प्रस्तुत नहीं किए जा रहे ताकि गलत जानकारी न दी जाए। सामान्य विधि: परिमाप = (सीधी भुजाओं का योग) + (चाप की लंबाई, जहाँ चाप लंबाई = (θ/360°)×2πr, प्रत्येक चाप के लिए अलग-अलग गणना करें और फिर सबको जोड़ें)।

प्र. 6: एक टायर का व्यास 56 सेमी है। (i) एक चक्कर में तय दूरी ज्ञात कीजिए। (ii) 10 किमी की दूरी तय करने में टायर के चक्करों की संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: त्रिज्या r = 28 सेमी। एक चक्कर की दूरी = परिधि = 2×(22/7)×28 = 176 सेमी = 1.76 मी
10 किमी = 10,00,000 सेमी। चक्करों की संख्या = 1000000/176 = 5681.8 ≈ 5682 चक्कर

प्र. 7: दी गई आकृतियों में फूल की पंखुड़ियों की कुल परिधि ज्ञात कीजिए।
हल (अनिश्चितता नोट): सटीक आकृतियाँ स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सकीं। द्वितीयक स्रोतों में उल्लिखित अनुमानित उत्तर 88 सेमी तथा 528 सेमी हैं, परंतु इन्हें आधिकारिक PDF से पुष्टि नहीं किया जा सका, इसलिए इन्हें अंतिम/सत्यापित उत्तर न मानें।

प्र. 8: दो वृत्तों की परिधियों का अनुपात 5:4 है। उनकी त्रिज्याओं का अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल: चूँकि C = 2πr, अतः C, r के समानुपाती है। इसलिए त्रिज्याओं का अनुपात भी 5:4 होगा।

प्रश्नावली 6.2 — त्रिभुज व चतुर्भुज के क्षेत्रफल (11 प्रश्न)

प्र. 1: त्रिभुज ADE का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसका आधार 8 सेमी और संगत ऊँचाई 10 सेमी है।
हल: क्षेत्रफल = ½×आधार×ऊँचाई = ½×8×10 = 40 सेमी²

प्र. 2: एक समद्विबाहु समलंब चतुर्भुज की समांतर भुजाएँ 40 सेमी और 20 सेमी हैं तथा दोनों असमांतर (बराबर) भुजाएँ प्रत्येक 26 सेमी हैं। इसका क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल: समांतर भुजाओं के अंतर का आधा भाग = (40−20)/2 = 10 सेमी
ऊँचाई h = √(26² − 10²) = √(676 − 100) = √576 = 24 सेमी
क्षेत्रफल = ½×(40+20)×24 = ½×60×24 = 720 सेमी²

प्र. 3: एक त्रिभुज की दो भुजाएँ 8 सेमी और 11 सेमी हैं तथा परिमाप 32 सेमी है। त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल: तीसरी भुजा = 32−8−11 = 13 सेमी; s = 32/2 = 16 सेमी
हीरोन सूत्र: क्षेत्रफल = √(s(s−a)(s−b)(s−c)) = √(16×8×5×3) = √1920 = 8√30 ≈ 43.82 सेमी²

प्र. 4: एक त्रिभुजाकार खेत की भुजाओं का अनुपात 3:5:7 है तथा परिमाप 300 मी है। खेत का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल: 3+5+7=15, गुणक = 300/15 = 20। भुजाएँ = 60 मी, 100 मी, 140 मी
s = 150 मी
क्षेत्रफल = √(150×90×50×10) = √67,50,000 = 1500√3 ≈ 2598.08 मी²

प्र. 5: एक समचतुर्भुज का एक विकर्ण दूसरे विकर्ण का दुगुना है। यदि क्षेत्रफल 128 सेमी² है, तो विकर्ण ज्ञात कीजिए।
हल: मान लें छोटा विकर्ण = d, बड़ा = 2d
क्षेत्रफल = ½×d×2d = d² = 128 ⟹ d = √128 = 8√2 ≈ 11.31 सेमी
अतः विकर्ण 8√2 सेमी (≈11.31 सेमी) और 16√2 सेमी (≈22.63 सेमी) हैं।

प्र. 6: समांतर चतुर्भुज ABCD की भुजा AB पर बिंदु P और Q इस प्रकार हैं कि ये भुजा CD के समांतर रेखा AB पर स्थित हैं। सिद्ध कीजिए ar(△PCD) = ar(△QCD)।
हल: त्रिभुज PCD और QCD का आधार CD उभयनिष्ठ है तथा दोनों के शीर्ष P, Q रेखा AB पर हैं जो CD के समांतर है। अतः दोनों त्रिभुजों की CD से ऊँचाई (AB और CD के बीच की दूरी) समान है। समान आधार व समान समांतर रेखाओं के बीच बने त्रिभुजों के क्षेत्रफल बराबर होते हैं। अतः ar(△PCD) = ar(△QCD), अर्थात अनुपात 1:1।

प्र. 7: बिंदु O समांतर चतुर्भुज PQRS के विकर्ण PR पर स्थित है। सिद्ध कीजिए ar(△PSO) = ar(△PQO)।
हल: विकर्ण PR समांतर चतुर्भुज को दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों PQR और PSR में बाँटता है (SSS सर्वांगसमता से): ar(PQR) = ar(PSR) …(i)
त्रिभुज PQR में O, PR पर है, अतः ar(PQO):ar(RQO) = PO:OR (समान ऊँचाई)। इसी प्रकार त्रिभुज PSR में ar(PSO):ar(RSO) = PO:OR।
अतः ar(PQO)/ar(RQO) = ar(PSO)/ar(RSO) = k (मान लें)
(i) से: ar(PQO)+ar(RQO) = ar(PSO)+ar(RSO)। k·ar(RQO)+ar(RQO) = k·ar(RSO)+ar(RSO) ⟹ (k+1)ar(RQO) = (k+1)ar(RSO) ⟹ ar(RQO)=ar(RSO)
अतः ar(PQO) = ar(PSO)। (सिद्ध)

प्र. 8: सिद्ध कीजिए कि किसी चतुर्भुज की भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को क्रम से मिलाने पर बनी आकृति एक समांतर चतुर्भुज होती है, जिसका क्षेत्रफल दिए गए चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा होता है।
हल: चतुर्भुज ABCD में P, Q, R, S क्रमशः AB, BC, CD, DA के मध्य-बिंदु हों। विकर्ण AC खींचने पर त्रिभुज ABC में मध्य-बिंदु प्रमेय से PQ∥AC, PQ=½AC; त्रिभुज ACD में SR∥AC, SR=½AC। अतः PQ∥SR और PQ=SR ⟹ PQRS समांतर चतुर्भुज है।
मध्य-बिंदु प्रमेय से प्रत्येक कोने वाला त्रिभुज (जैसे APS) संगत बड़े त्रिभुज के क्षेत्रफल का ¼ होता है; इन चारों कोने-त्रिभुजों का कुल क्षेत्रफल = ½ ar(ABCD)। अतः शेष ar(PQRS) = ar(ABCD) − ½ar(ABCD) = ½ ar(ABCD)। (सिद्ध)

प्र. 9: त्रिभुज ABC में AD मध्यिका है और बिंदु P भुजा AD पर स्थित है। सिद्ध कीजिए ar(△ABP) = ar(△ACP)।
हल: AD मध्यिका होने से BD=DC, अतः ar(ABD)=ar(ACD) …(i) (समान आधार, समान ऊँचाई)
इसी प्रकार त्रिभुज PBD, PCD में BD=DC, समान ऊँचाई, अतः ar(PBD)=ar(PCD) …(ii)
(i) में से (ii) घटाने पर: ar(ABD)−ar(PBD) = ar(ACD)−ar(PCD) ⟹ ar(ABP) = ar(ACP)। (सिद्ध)

प्र. 10: वर्ग ABCD के अंदर बिंदु P स्थित है। P को A, B, C, D से मिलाने पर बने त्रिभुजों में से APB व CPD “लाल” तथा BPC व DPA “हरे” रंग के हैं। लाल और हरे क्षेत्रों के क्षेत्रफलों का अनुपात ज्ञात कीजिए।
हल: ar(APB)+ar(CPD) = ½×(वर्ग का क्षेत्रफल) [क्योंकि दोनों त्रिभुजों की P से AB व CD तक की ऊँचाइयों का योग वर्ग की भुजा के बराबर होता है]
इसी प्रकार ar(BPC)+ar(DPA) = ½×(वर्ग का क्षेत्रफल)
अतः लाल क्षेत्र : हरा क्षेत्र = 1:1

प्र. 11: त्रिभुज ABC में D भुजा BC का मध्य-बिंदु है, तथा P, Q ऐसे बिंदु हैं कि CQ∥PD है। सिद्ध कीजिए ar(△BPQ) = ½ ar(△ABC)।
हल (आंशिक अनिश्चितता — सटीक निर्माण/आकृति स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सकी): D मध्य-बिंदु होने से ar(ABD) = ar(ACD) = ½ ar(ABC)। CQ∥PD होने के कारण त्रिभुज PDC और QDC का आधार DC उभयनिष्ठ है और शीर्ष P, Q एक ऐसी रेखा पर हैं जो DC के समांतर है, अतः ar(PDC) = ar(QDC)। इस समान क्षेत्रफल के प्रतिस्थापन से ar(BPQ) = ar(BPD) + ar(PDQ) के पुनर्गठन द्वारा ar(BPQ) = ½ ar(ABC) सिद्ध होता है। (सटीक बिंदु P, Q की परिभाषा के लिए मूल आकृति आवश्यक है — विद्यार्थी कृपया पाठ्यपुस्तक की आकृति से इसकी पुष्टि करें।)

प्रश्नावली 6.3 — वृत्त, त्रिज्यखंड व वृत्तखंड के क्षेत्रफल (10 प्रश्न)

प्र. 1: 7 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त के त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि त्रिज्यखंड का कोण 60° है।
हल: क्षेत्रफल = (θ/360)×πr² = (60/360)×(22/7)×49 = (1/6)×154 = 25⅔ सेमी² (77/3 सेमी²)

प्र. 2: यदि किसी वृत्त की परिधि 44 सेमी है, तो उसके चतुर्थांश (quadrant) का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल: C=44 ⟹ r=7 सेमी
चतुर्थांश क्षेत्रफल = ¼×πr² = ¼×(22/7)×49 = ¼×154 = 38.5 सेमी²

प्र. 3: घड़ी की मिनट सुई की लंबाई 7 सेमी है। 10 मिनट में सुई द्वारा तय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल: 60 मिनट में सुई 360° घूमती है, अतः 10 मिनट में कोण = 360×10/60 = 60°
क्षेत्रफल = (60/360)×(22/7)×49 = 25⅔ सेमी² (77/3 सेमी²)

प्र. 4: 10 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त की एक जीवा केंद्र पर 90° का कोण बनाती है। लघु व दीर्घ त्रिज्यखंड के क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए (π=3.14)।
हल: लघु त्रिज्यखंड = ¼×πr² = ¼×3.14×100 = 78.5 सेमी²
वृत्त का क्षेत्रफल = 3.14×100 = 314 सेमी²
दीर्घ त्रिज्यखंड = 314−78.5 = 235.5 सेमी²

प्र. 5: 15 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त की जीवा केंद्र पर 60° का कोण बनाती है। लघु व दीर्घ वृत्तखंड के क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए (π=3.14, √3=1.73)।
हल: त्रिज्यखंड क्षेत्रफल = (60/360)×3.14×225 = ⅙×706.5 = 117.75 सेमी²
60° कोण होने पर बना त्रिभुज समबाहु है (चूँकि दोनों त्रिज्याएँ बराबर): क्षेत्रफल = (√3/4)×15² = (1.73/4)×225 = 97.31 सेमी²
लघु वृत्तखंड = 117.75−97.31 = 20.44 सेमी²
वृत्त का क्षेत्रफल = 3.14×225 = 706.5 सेमी²
दीर्घ वृत्तखंड = 706.5−20.44 = 686.06 सेमी²

प्र. 6: एक कार में दो वाइपर हैं जो एक-दूसरे को ओवरलैप नहीं करते। प्रत्येक ब्लेड 28 सेमी लंबा है और 120° के कोण में घूमता है। दोनों वाइपरों द्वारा साफ किए गए कुल क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल: एक वाइपर का क्षेत्रफल = (120/360)×(22/7)×28² = ⅓×(22/7)×784 = ⅓×2464 = 821.33 सेमी²
दोनों वाइपर = 2×821.33 = 1642⅔ सेमी²

प्र. 7: सिद्ध कीजिए कि 60° के कोण वाले वृत्तखंड का क्षेत्रफल r²(π/6 − √3/4) होता है।
हल: वृत्तखंड का क्षेत्रफल = त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल − समबाहु त्रिभुज (60° के लिए) का क्षेत्रफल
= (60/360)πr² − (√3/4)r² = πr²/6 − √3r²/4 = r²(π/6 − √3/4)। (सिद्ध)

प्र. 8: त्रिज्या r वाले वृत्त में एक समबाहु त्रिभुज अंकित है। सिद्ध कीजिए त्रिभुज व वृत्त के क्षेत्रफलों का अनुपात 3√3/(4π) है।
हल: वृत्त में अंकित समबाहु त्रिभुज की भुजा a = r√3
त्रिभुज का क्षेत्रफल = (√3/4)×a² = (√3/4)×3r² = 3√3r²/4
वृत्त का क्षेत्रफल = πr²
अनुपात = (3√3r²/4)/(πr²) = 3√3/(4π) ≈ 0.413। (सिद्ध)

प्र. 9: त्रिज्या r वाले वृत्त में एक वर्ग अंकित है। सिद्ध कीजिए वर्ग व वृत्त के क्षेत्रफलों का अनुपात 2/π है।
हल: वर्ग का विकर्ण = 2r (व्यास के बराबर), अतः भुजा a = r√2
वर्ग का क्षेत्रफल = a² = 2r²; वृत्त का क्षेत्रफल = πr²
अनुपात = 2r²/πr² = 2/π ≈ 0.637। (सिद्ध)

प्र. 10: त्रिज्या r वाले वृत्त में एक नियमित षट्भुज अंकित है। सिद्ध कीजिए षट्भुज व वृत्त के क्षेत्रफलों का अनुपात 3√3/(2π) है।
हल: नियमित षट्भुज की भुजा = r (परिवृत्त त्रिज्या के बराबर)। यह 6 समबाहु त्रिभुजों में बँटता है, प्रत्येक का क्षेत्रफल = (√3/4)r²
षट्भुज का क्षेत्रफल = 6×(√3/4)r² = 3√3r²/2; वृत्त का क्षेत्रफल = πr²
अनुपात = 3√3/(2π) ≈ 0.827। (सिद्ध)

अध्याय के अंत में प्रश्न (27 प्रश्न)

प्र. 1: बीजीय सर्वसमिकाओं (a+b)², (a+b)(a−b), और (a+b+c)² को ज्यामितीय क्षेत्रफल आकृतियों द्वारा निरूपित कीजिए।
हल: (a+b)²: भुजा (a+b) वाले वर्ग को भुजा a व b वाले दो वर्गों तथा दो a×b आयतों में बाँटा जा सकता है ⟹ a²+2ab+b² = (a+b)²।
(a+b)(a−b): भुजा a वाले वर्ग में से भुजा b वाला वर्ग काटकर शेष भाग को पुनर्व्यवस्थित करने पर लंबाई (a+b), चौड़ाई (a−b) वाला आयत बनता है, क्षेत्रफल a²−b² = (a+b)(a−b)।
(a+b+c)²: भुजा (a+b+c) वाले वर्ग को a, b, c के अनुसार 9 भागों (3 वर्ग + 6 आयत) में बाँटने पर योग a²+b²+c²+2ab+2bc+2ca = (a+b+c)² प्राप्त होता है।

प्र. 2: एक समद्विबाहु त्रिभुज का परिमाप 40 सेमी है तथा प्रत्येक बराबर भुजा 15 सेमी है। इसका क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल: आधार = 40−15−15 = 10 सेमी; s = 20 सेमी
क्षेत्रफल = √(20×5×5×10) = √5000 = 50√2 ≈ 70.7 सेमी²

प्र. 3: एक समद्विबाहु त्रिभुज का आधार 10 सेमी है और क्षेत्रफल 60 सेमी² है। बराबर भुजाओं की लंबाई ज्ञात कीजिए।
हल: 60 = ½×10×h ⟹ h = 12 सेमी
बराबर भुजा = √(12²+5²) = √(144+25) = √169 = 13 सेमी

प्र. 4: एक समकोण त्रिभुज का क्षेत्रफल 54 सेमी² है और एक भुजा (लंब) 12 सेमी है। इसका परिमाप ज्ञात कीजिए।
हल: 54 = ½×आधार×12 ⟹ आधार = 9 सेमी
कर्ण = √(9²+12²) = √225 = 15 सेमी
परिमाप = 9+12+15 = 36 सेमी

प्र. 5: एक त्रिभुज की भुजाओं का अनुपात 2:3:4 है तथा परिमाप 45 सेमी है। इसका क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल: भुजाएँ = 10, 15, 20 सेमी; s = 22.5 सेमी
क्षेत्रफल = √(22.5×12.5×7.5×2.5) ≈ 72.62 सेमी²

प्र. 6: एक त्रिभुज की भुजाएँ 7 सेमी, 24 सेमी, 25 सेमी हैं। इसका क्षेत्रफल दो विधियों से ज्ञात कीजिए।
हल: विधि 1 (हीरोन सूत्र): s=28, क्षेत्रफल = √(28×21×4×3) = √7056 = 84 सेमी²
विधि 2: चूँकि 7²+24²=625=25², यह समकोण त्रिभुज है। क्षेत्रफल = ½×7×24 = 84 सेमी²
दोनों विधियों से क्षेत्रफल 84 सेमी² प्राप्त होता है।

प्र. 7: एक साइकिल के पहिये का व्यास 60 सेमी है। 100 चक्करों में तय दूरी ज्ञात कीजिए।
हल: r=30 सेमी। परिधि = 2×(22/7)×30 = 1320/7 ≈ 188.57 सेमी प्रति चक्कर
100 चक्करों में दूरी = 18857 सेमी ≈ 188.57 मी

प्र. 8: यदि किसी वृत्त की परिधि 66 सेमी है, तो उसके चतुर्थांश का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
हल: C=66 ⟹ r=10.5 सेमी
चतुर्थांश = ¼×(22/7)×10.5² = ¼×346.5 = 86⅝ सेमी² (86.625 सेमी²)

प्र. 9: एक कार के पहिये की बाहरी त्रिज्या 28 सेमी है। (i) एक चक्कर में तय दूरी ज्ञात कीजिए। (ii) 1 किमी दूरी तय करने में चक्करों की संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: (i) परिधि = 2×(22/7)×28 = 176 सेमी
(ii) 1 किमी = 100000 सेमी; चक्कर = 100000/176 ≈ 568²⁄₁₁ चक्कर

प्र. 10: दो आयतों का क्षेत्रफल और परिमाप दोनों समान हैं। क्या वे सर्वांगसम होने चाहिए?
हल: नहीं, आवश्यक नहीं। ab=cd तथा a+b=c+d को संतुष्ट करने वाली भुजाओं के दो भिन्न युग्म {a,b} और {c,d} — सामान्यतः प्रश्न का आशय यह दिखाना है कि केवल क्षेत्रफल व परिमाप बराबर होने से आकार तय नहीं होता।

प्र. 11: समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल सूत्र का उपयोग करके सिद्ध कीजिए कि समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½×(समांतर भुजाओं का योग)×ऊँचाई होता है।
हल: समलंब चतुर्भुज ABCD (AB∥CD) की एक सर्वांगसम प्रति को 180° घुमाकर मूल आकृति से जोड़ने पर एक समांतर चतुर्भुज बनता है जिसका आधार=(AB+CD) और ऊँचाई=h। इसका क्षेत्रफल = (AB+CD)×h। यह दो सर्वांगसम समलंब चतुर्भुजों से बना है, अतः एक समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½×(AB+CD)×h।

प्र. 12: समलंब चतुर्भुज को एक विकर्ण द्वारा दो त्रिभुजों में बाँटकर सिद्ध कीजिए कि इसका क्षेत्रफल = ½×(a+b)×h होता है।
हल: समलंब चतुर्भुज ABCD (AB=a, CD=b, AB∥CD) में विकर्ण AC खींचने पर यह त्रिभुज ABC और ACD में बँटता है।
ar(ABC) = ½×a×h; ar(ACD) = ½×b×h (दोनों की ऊँचाई h समान है क्योंकि AB∥CD)
कुल क्षेत्रफल = ½ah + ½bh = ½(a+b)h। (सिद्ध)

प्र. 13: दो सर्वांगसम समलंब चतुर्भुजों को जोड़कर एक समांतर चतुर्भुज बनाकर समलंब चतुर्भुज के क्षेत्रफल का सूत्र निकालिए।
हल: समांतर भुजाएँ a, b तथा ऊँचाई h वाले दो सर्वांगसम समलंब चतुर्भुजों को उल्टा करके जोड़ने पर आधार (a+b), ऊँचाई h वाला समांतर चतुर्भुज बनता है, क्षेत्रफल=(a+b)h। एक समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½(a+b)h।

प्र. 14: सिद्ध कीजिए कि पतंग (kite) का क्षेत्रफल = ½×(विकर्णों का गुणनफल) होता है।
हल: पतंग ABCD के विकर्ण AC व BD परस्पर लंबवत बिंदु O पर मिलते हैं (पतंग का गुणधर्म)। विकर्ण BD द्वारा:
ar(ABCD) = ar(ABD)+ar(CBD) = ½×BD×AO + ½×BD×CO = ½×BD×(AO+CO) = ½×BD×AC = ½×d₁×d₂। (सिद्ध)

प्र. 15: एक आयत ABCD की भुजाएँ a, b हैं तथा एक अन्य आयत PQRS की भुजाएँ 2a, 2b हैं। दर्शाइए कि ABCD की 4 प्रतियाँ PQRS में समा जाती हैं; तथा भुजाएँ 3 गुनी करने पर क्षेत्रफल 9 गुना होने की जाँच कीजिए।
हल: ar(ABCD)=ab, ar(PQRS)=(2a)(2b)=4ab= 4×ar(ABCD)। अतः 2×2 ग्रिड में ठीक 4 आयत ABCD समाते हैं। इसी तरह भुजाएँ 3 गुनी करने पर क्षेत्रफल (3a)(3b)=9ab, अर्थात 3×3 ग्रिड में 9 प्रतियाँ समाती हैं। हीरोन सूत्र से त्रिभुज के लिए भी भुजाएँ n गुनी करने पर क्षेत्रफल n² गुना हो जाता है, यही सामान्य नियम है।

प्र. 16-27: (अनिश्चितता नोट) ये शेष 12 प्रश्न (मूल पाठ्यपुस्तक की जटिल आकृतियों — छायांकित भाग, फूल-पैटर्न, संकेंद्रीय वृत्त, अनियमित बहुभुज आदि — पर आधारित) मूल NCERT आकृतियों के बिना स्वतंत्र रूप से सत्यापन-योग्य ढंग से हल नहीं किए जा सके, क्योंकि PDF robots.txt द्वारा अवरुद्ध था और द्वितीयक स्रोतों में आकृतियाँ स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं थीं। गलत/अपुष्ट उत्तर देने से बचने हेतु इन्हें यहाँ छोड़ा जा रहा है — विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक की मूल आकृतियों के साथ इन्हें हल करने की सलाह दी जाती है। इनमें शामिल विषय: वृत्त-अनुपात प्रतिरूप (n=10,20,50), नौ सर्वांगसम आयत पहेली, कटान-पुनर्व्यवस्थापन प्रमाण, फूल पैटर्न परिमाप/क्षेत्रफल, संकेंद्रीय वृत्त वलय क्षेत्रफल (सिद्ध प्रश्न — यह एक हल किया गया है, देखें ऊपर धारा 6.3 प्रकार), समकोण त्रिभुज अर्धवृत्त प्रमेय (हल किया गया, देखें ऊपर), तथा आयत-त्रिभुज अनुपात व्युत्पत्ति।

अध्याय 7: संभावनाओं का गणित— प्रायिकता का परिचय

अंतिम प्रश्नावली — सभी 16 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, ihmh107.pdf से)

प्र. 1: रिक्त स्थान भरें: (i) एक असंभव घटना की प्रायिकता ___ होती है। (ii) किसी यादृच्छिक प्रयोग के सभी संभावित परिणामों के समुच्चय को ___ कहते हैं। (iii) एक निश्चित (certain) घटना की प्रायिकता ___ होती है। (iv) एक निष्पक्ष सिक्के को उछालने पर चित (head) आने की प्रायिकता ___ होती है।
हल: (i) 0 (ii) प्रतिदर्श समष्टि (sample space) (iii) 1 (iv) 1/2

प्र. 2: 50 विद्यार्थियों के एक सर्वेक्षण में 15 विद्यार्थियों ने फुटबॉल पसंद किया। यह मान ___ (बारंबारता/सापेक्ष बारंबारता) है और इसका मान ___ है।
हल: यह सापेक्ष बारंबारता (relative frequency) है। मान = 15/50 = 3/10 = 0.3

प्र. 3: निम्नलिखित में से किन प्रयोगों के परिणाम समप्रायिक (equally likely) हैं? (i) कार का स्टार्ट होना या न होना (ii) एक निष्पक्ष सिक्के को उछालना (iii) एक निष्पक्ष पासे को फेंकना (iv) एक थैले (3 लाल, 7 नीली गेंदें) से एक गेंद निकालना (v) नवजात शिशु का लड़का या लड़की होना
हल: (i) समप्रायिक नहीं — कार के स्टार्ट होने और न होने की संभावना बराबर नहीं है। (ii) समप्रायिक — चित और पट दोनों की प्रायिकता 1/2। (iii) समप्रायिक — प्रत्येक फलक की प्रायिकता 1/6। (iv) समप्रायिक नहीं — लाल और नीली गेंदों की संख्या भिन्न (3 और 7) है। (v) समप्रायिक — सामान्य रूप से लड़का या लड़की होने की प्रायिकता प्रत्येक 1/2 मानी जाती है।

प्र. 4: निम्नलिखित के लिए प्रतिदर्श समष्टि लिखकर प्रायिकता ज्ञात कीजिए: (i) दो सिक्कों को एक साथ उछालने पर कम से कम एक चित आना (ii) 1 से 10 तक अंकित कार्डों में से एक सम संख्या आना (iii) एक पासे को फेंकने पर 4 से बड़ी संख्या आना (iv) एक थैले (3 लाल, 2 नीली, 1 हरी गेंद) में से लाल गेंद न आना (v) तीन सिक्कों को उछालने पर ठीक दो चित आना
हल: (i) S={HH,HT,TH,TT}; अनुकूल={HH,HT,TH}=3; P=3/4 (ii) सम संख्याएँ {2,4,6,8,10}=5; P=5/10=1/2 (iii) 4 से बड़ी {5,6}=2; P=2/6=1/3 (iv) कुल गेंदें=6; लाल न होने वाली=3; P=3/6=1/2 (v) कुल परिणाम=8; ठीक दो चित {HHT,HTH,THH}=3; P=3/8

प्र. 5: एक थैले में तीन कैंडी हैं — स्ट्रॉबेरी, नींबू और पुदीना स्वाद वाली। यादृच्छया एक कैंडी निकालने पर उसके स्ट्रॉबेरी स्वाद वाली होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल: कुल कैंडी=3, अनुकूल परिणाम=1; P=1/3

प्र. 6: एक बच्चे के पास 2 प्रकार की कमीज़ें और 3 प्रकार की पैंट हैं। सारणी बनाकर बताइए कि वह कितने भिन्न-भिन्न प्रकार से पोशाक पहन सकता है।
हल: कुल संयोजन = 2×3 = 6 (शर्ी1-पैंी1, शर्ी1-पैंी2, शर्ी1-पैंी3, शर्ी2-पैंी1, शर्ी2-पैंी2, शर्ी2-पैंी3)

प्र. 7: एक टायर कंपनी ने 1000 टायरों का परीक्षण करके यह आँकड़े एकत्र किए कि प्रत्येक टायर कितनी दूरी (किमी में) तय करने के बाद खराब हुआ। इन आँकड़ों के आधार पर प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि यादृच्छया चुना गया टायर — (i) 4000 किमी से कम चले (ii) 4000 से 14000 किमी के बीच चले (iii) 14000 किमी से अधिक चले।
हल: (i) P=1/50=0.02 (ii) P=107/200=0.535 (iii) P=89/200=0.445 [जाँच: 4/200+107/200+89/200=200/200=1 ✓]

प्र. 8: शब्द ‘PEACE’ के प्रत्येक अक्षर को अलग-अलग कार्ड पर लिखकर एक थैले में रखा गया है। इसमें से यादृच्छया एक कार्ड निकालने पर प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि निकाला गया अक्षर — (i) P, E अथवा C में से कोई एक हो (ii) E न हो।
हल: PEACE में अक्षर: P,E,A,C,E (5 अक्षर) (i) P,E,C=4; P=4/5 (ii) E नहीं=3; P=3/5

प्र. 9: एक स्पिनर पर तीर 1 से 8 तक अंकित संख्याओं में से किसी एक पर समप्रायिक रूप से रुकता है। तीर के निम्नलिखित पर रुकने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए — (i) 8 पर (ii) एक विषम संख्या पर (iii) 2 से बड़ी संख्या पर (iv) 9 से छोटी संख्या पर (v) 3 के गुणज पर।
हल: (i) P=1/8 (ii) {1,3,5,7}=4; P=1/2 (iii) {3,4,5,6,7,8}=6; P=3/4 (iv) सभी 8 संख्याएँ 9 से छोटी हैं; P=1 (v) {3,6}=2; P=1/4

प्र. 10: एक टोकरी में 4 लाल और 5 नीली गेंदें हैं। बिना प्रतिस्थापन के क्रमशः दो गेंदें निकाली जाती हैं। वृक्ष आरेख बनाकर ज्ञात कीजिए — (i) पहली गेंद लाल और दूसरी नीली आने की प्रायिकता (ii) दोनों गेंदें नीली आने की प्रायिकता।
हल: कुल गेंदें=9 (i) P=(4/9)×(5/8)=5/18 (ii) P=(5/9)×(4/8)=5/18

प्र. 11: एक जोड़ी पासों को एक साथ फेंका जाता है। इससे जुड़ी एक ऐसी घटना का उदाहरण दीजिए जिसकी प्रायिकता 0 (असंभव) हो, और एक ऐसी घटना का उदाहरण दीजिए जिसकी प्रायिकता 1 (निश्चित) हो।
हल: योग की सीमा 2 से 12 है। असंभव घटना (P=0): “योग 13 होना”। निश्चित घटना (P=1): “योग 2 से 12 के बीच होना”।

प्र. 12: निम्नलिखित प्रायिकताएँ ज्ञात कीजिए: (i) दो पासों के अंकों के योग का 5 से बड़ी अभाज्य संख्या होना (ii) थैले (4 लाल, 3 हरी, 2 नीली) से बिना प्रतिस्थापन दो गेंदें निकालने पर भिन्न रंग होना (iii) तीन सिक्कों में पहला चित हो और कुल ठीक दो चित आएं (iv) अंकों 1,2,3,4 से बनी चार अंकों की संख्या का सम होना (v) 4 विकल्पों वाले 3 प्रश्नों में अनुमान से ठीक 2 सही होना
हल: (i) योग 7(6 तरीके)+11(2 तरीके)=8/36=2/9 (ii) समान रंग=(6+3+1)/36=5/18; भिन्न रंग=1−5/18=13/18 (iii) {HHT,HTH}=2/8=1/4 (iv) 12/24=1/2 (v) C(3,2)×(1/4)²×(3/4)=9/64

प्र. 13: एक डिब्बे में 1,2,3,4 अंकित 4 गेंदें हैं, जिनमें से क्रमशः दो गेंदें निकाली जाती हैं। वृक्ष आरेख बनाकर प्रतिदर्श समष्टि लिखिए जब — (i) प्रतिस्थापन सहित (ii) प्रतिस्थापन रहित निकाली जाए।
हल: (i) 4×4=16 परिणाम (ii) 4×3=12 परिणाम

प्र. 14: एक सिक्के को उछालने और साथ ही 1 से 6 तक अंकित 6 कार्डों में से एक कार्ड निकालने पर बनने वाली प्रतिदर्श समष्टि लिखिए।
हल: 2×6=12 परिणाम; S={H1,H2,H3,H4,H5,H6,T1,T2,T3,T4,T5,T6}

प्र. 15: तीन सिक्कों को उछालकर प्राप्त चित की संख्या दर्ज की जाती है। सही प्रतिदर्श समष्टि चुनिए: (i) {1,2,3} (ii) {0,1,2} (iii) {0,1,2,3,4} (iv) {0,1,2,3}
हल: सही उत्तर (iv) {0,1,2,3} है, क्योंकि चित की संख्या 0 से 3 तक हो सकती है।

प्र. 16: एक आयताकार क्षेत्र (3 मी × 2 मी) पर यादृच्छया एक पासा गिराया जाता है, जिसके भीतर 1 मी व्यास का एक वृत्त बना है। प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि पासा वृत्त के अंदर गिरेगा।
हल: आयत का क्षेत्रफल=6 वर्ग मी; वृत्त का क्षेत्रफल=π×(1/2)²=π/4=(22/7)/4=11/14 वर्ग मी (π=22/7); प्रायिकता=(11/14)/6=11/84≈0.131

अध्याय 8: अगले पद का पूर्वानुमान— अनुक्रमों और श्रेढ़ियों का अन्वेषण

अंतिम प्रश्नावली — सभी 15 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, ihmh108.pdf से, बहु-स्रोत सत्यापित)

प्र. 1: एक समान्तर श्रेढ़ी (AP) का 31वाँ पद ज्ञात कीजिए, जिसका 11वाँ पद 38 है और 16वाँ पद 73 है।
हल: माना प्रथम पद = a तथा सार्व अंतर = d।
a + 10d = 38 … (i)
a + 15d = 73 … (ii)
समीकरण (ii) में से (i) घटाने पर: 5d = 35 ⟹ d = 7
समीकरण (i) से: a = 38 − 70 = −32
31वाँ पद = a + 30d = −32 + 30×7 = −32 + 210 = 178

प्र. 2: वह समान्तर श्रेढ़ी ज्ञात कीजिए जिसका तीसरा पद 16 है, तथा जिसका 7वाँ पद 5वें पद से 12 अधिक है।
हल: a + 2d = 16 … (i)
(a + 6d) − (a + 4d) = 12 ⟹ 2d = 12 ⟹ d = 6
समीकरण (i) से: a + 12 = 16 ⟹ a = 4
अतः अभीष्ट श्रेढ़ी है: 4, 10, 16, 22, 28, … (a = 4, d = 6)

प्र. 3: 7 से विभाज्य कितनी तीन अंकों की संख्याएँ हैं?
हल: सबसे छोटी तीन अंकों की संख्या जो 7 से विभाज्य है = 105
सबसे बड़ी = 994
यह एक समान्तर श्रेढ़ी है: 105, 112, …, 994 जिसमें a = 105, d = 7
अंतिम पद: aₙ = a + (n−1)d
994 = 105 + (n−1)×7
889 = (n−1)×7 ⟹ n−1 = 127 ⟹ n = 128
अतः 7 से विभाज्य तीन अंकों की 128 संख्याएँ हैं।

प्र. 4: 10 और 250 के बीच 4 के कितने गुणज हैं?
हल: 10 से बड़ा 4 का पहला गुणज = 12, तथा 250 से छोटा अंतिम गुणज = 248
यह श्रेढ़ी है: 12, 16, 20, …, 248 जिसमें a = 12, d = 4
248 = 12 + (n−1)×4
236 = (n−1)×4 ⟹ n−1 = 59 ⟹ n = 60
अतः 4 के 60 गुणज इस परिसर में हैं।

प्र. 5: वह गुणोत्तर श्रेढ़ी (GP) ज्ञात कीजिए जिसके प्रथम दो पदों का योग −4 है, तथा पाँचवाँ पद तीसरे पद का 4 गुना है।
हल: माना प्रथम पद = a, सार्व अनुपात = r
शर्त 1: a + ar = −4 ⟹ a(1 + r) = −4 … (i)
शर्त 2: ar⁴ = 4×ar² ⟹ r² = 4 ⟹ r = ±2
स्थिति (क): r = 2 ⟹ a(1+2) = −4 ⟹ a = −4/3
GP: −4/3, −8/3, −16/3, …
स्थिति (ख): r = −2 ⟹ a(1−2) = −4 ⟹ −a = −4 ⟹ a = 4
GP: 4, −8, 16, −32, …
अतः दो संभव गुणोत्तर श्रेढ़ियाँ प्राप्त होती हैं।

प्र. 6: 100 को क्रमागत (लगातार) प्राकृतिक संख्याओं के योग के रूप में व्यक्त करने के सभी संभव तरीके ज्ञात कीजिए।
हल: माना संख्याएँ a से प्रारंभ होकर k पद हैं, तो योग = k×a + k(k−1)/2 = 100
⟹ k(2a + k − 1) = 200
k के विभिन्न भाजकों की जाँच करने पर:
k = 5 ⟹ 5(2a+4) = 200 ⟹ 2a+4 = 40 ⟹ a = 18
अतः 100 = 18 + 19 + 20 + 21 + 22
k = 8 ⟹ 8(2a+7) = 200 ⟹ 2a+7 = 25 ⟹ a = 9
अतः 100 = 9 + 10 + 11 + 12 + 13 + 14 + 15 + 16
अतः 100 को क्रमागत प्राकृतिक संख्याओं के योग के रूप में दो प्रकार से व्यक्त किया जा सकता है।

प्र. 7: किसी संवर्धन (कल्चर) में जीवाणुओं की संख्या प्रत्येक घंटे दोगुनी हो जाती है। यदि प्रारंभ में 30 जीवाणु थे, तो दूसरे घंटे के अंत में, चौथे घंटे के अंत में तथा nवें घंटे के अंत में कितने जीवाणु होंगे?
हल: यह एक गुणोत्तर श्रेढ़ी है जिसमें a = 30, r = 2
nवें घंटे के अंत में जीवाणुओं की संख्या = a × rⁿ = 30 × 2ⁿ
दूसरे घंटे के अंत में: 30 × 2² = 30 × 4 = 120 जीवाणु
चौथे घंटे के अंत में: 30 × 2⁴ = 30 × 16 = 480 जीवाणु
nवें घंटे के अंत में: 30 × 2ⁿ जीवाणु

प्र. 8: एक समान्तर श्रेढ़ी के चौथे और आठवें पदों का योग 24 है, तथा छठे और दसवें पदों का योग 44 है। श्रेढ़ी के प्रथम तीन पद ज्ञात कीजिए।
हल: (a+3d) + (a+7d) = 24 ⟹ 2a + 10d = 24 ⟹ a + 5d = 12 … (i)
(a+5d) + (a+9d) = 44 ⟹ 2a + 14d = 44 ⟹ a + 7d = 22 … (ii)
समीकरण (ii) में से (i) घटाने पर: 2d = 10 ⟹ d = 5
समीकरण (i) से: a + 25 = 12 ⟹ a = −13
प्रथम तीन पद: a, a+d, a+2d = −13, −8, −3

प्र. 9: n का वह न्यूनतम मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए प्रथम n प्राकृतिक संख्याओं का योग 1000 से अधिक हो जाए।
हल: प्रथम n प्राकृतिक संख्याओं का योग Sₙ = n(n+1)/2
शर्त: n(n+1)/2 > 1000 ⟹ n(n+1) > 2000
जाँच करने पर: 44×45 = 1980 (पर्याप्त नहीं)
45×46 = 2070 (पर्याप्त है)
सत्यापन: S₄₅ = 45×46/2 = 1035, जो 1000 से अधिक है।
S₄₄ = 44×45/2 = 990, जो 1000 से कम है।
अतः अभीष्ट न्यूनतम मान n = 45 है।

प्र. 10: गुणोत्तर श्रेढ़ी 2, 8, 32, … का कौन-सा पद 131072 है? इस श्रेढ़ी के लिए व्यापक (explicit) तथा पुनरावर्ती (recursive) सूत्र भी लिखिए।
हल: यहाँ a = 2, r = 8/2 = 4
माना n-वाँ पद 131072 है, तो: a×rⁿ⁻¹ = 131072
2 × 4ⁿ⁻¹ = 131072 ⟹ 4ⁿ⁻¹ = 65536
चूँकि 4⁸ = 65536, अतः n − 1 = 8 ⟹ n = 9
अतः 131072 इस श्रेढ़ी का 9वाँ पद है।
व्यापक सूत्र: tₙ = 2 × 4ⁿ⁻¹
पुनरावर्ती सूत्र: t₁ = 2, tₙ = 4×tₙ₋₁ (n ≥ 2 के लिए)

प्र. 11: एक गुणोत्तर श्रेढ़ी के प्रथम तीन पदों का योग 13/12 है, तथा उनका गुणनफल −1 है। सार्व अनुपात तथा पद ज्ञात कीजिए।
हल: माना तीन पद हैं: a/r, a, ar
गुणनफल: (a/r)×a×(ar) = a³ = −1 ⟹ a = −1
योग: a/r + a + ar = 13/12
−1/r − 1 − r = 13/12
1/r + r = −13/12 − 1 = −25/12
दोनों पक्षों को r से गुणा करने पर: 1 + r² = −25r/12
12r² + 25r + 12 = 0
विविक्तकर = 25² − 4×12×12 = 625 − 576 = 49, √49 = 7
r = (−25 ± 7)/24 ⟹ r = −18/24 = −3/4 अथवा r = −32/24 = −4/3
जब r = −3/4: पद हैं a/r = 4/3, a = −1, ar = 3/4 ⟹ 4/3, −1, 3/4
जब r = −4/3: पद हैं a/r = 3/4, a = −1, ar = 4/3 ⟹ 3/4, −1, 4/3
अतः सार्व अनुपात r = −3/4 अथवा −4/3, तथा पद क्रमशः 4/3, −1, 3/4 (या इसके विपरीत क्रम में) हैं।

प्र. 12: यदि किसी गुणोत्तर श्रेढ़ी के चौथे, दसवें तथा सोलहवें पद क्रमशः x, y तथा z हैं, तो सिद्ध कीजिए कि x, y, z भी गुणोत्तर श्रेढ़ी में हैं।
हल: माना श्रेढ़ी का प्रथम पद a तथा सार्व अनुपात r है।
x = ar³, y = ar⁹, z = ar¹⁵
y² = (ar⁹)² = a²r¹⁸
xz = (ar³)×(ar¹⁵) = a²r¹⁸
चूँकि y² = xz, अतः x, y, z गुणोत्तर श्रेढ़ी में हैं (सार्व अनुपात r⁶ के साथ)। इति सिद्धम्।

प्र. 13: एक गुणोत्तर श्रेढ़ी के प्रथम तीन पदों का योग 26 है, तथा उनके वर्गों का योग 364 है। श्रेढ़ी के पद ज्ञात कीजिए।
हल: माना तीन पद हैं: a/r, a, ar
योग: a/r + a + ar = 26 ⟹ a(1/r + 1 + r) = 26 … (i)
वर्गों का योग: a²/r² + a² + a²r² = 364 ⟹ a²(1/r² + 1 + r²) = 364 … (ii)
समीकरण (i) का वर्ग करने पर: a²(1/r + 1 + r)² = 676
a²[(1/r² + 1 + r²) + 2(1/r + r + 1)] = 676
समीकरण (ii) का प्रयोग करते हुए: 364 + 2a²(1/r + r + 1) = 676
2a²(1/r + r + 1) = 312 ⟹ a²(1/r + r + 1) = 156
समीकरण (i) से a(1/r+1+r) = 26, अतः इसे a से गुणा करने पर: a²(1/r+1+r) = 26a
अतः 26a = 156 ⟹ a = 6
समीकरण (i) में रखने पर: 1/r + 1 + r = 26/6 = 13/3
1/r + r = 13/3 − 1 = 10/3
दोनों पक्षों को r से गुणा करने पर: 1 + r² = 10r/3 ⟹ 3r² − 10r + 3 = 0
विविक्तकर = 100 − 36 = 64, √64 = 8
r = (10 ± 8)/6 ⟹ r = 3 अथवा r = 1/3
जब r = 3: पद = a/r, a, ar = 2, 6, 18
जब r = 1/3: पद = 18, 6, 2
अतः अभीष्ट पद हैं: 2, 6, 18 (क्रम के अनुसार)

प्र. 14: माना P₁ = 1, P₂ = 2 तथा n > 2 के लिए Pn = P₁ + P₂ + … + Pn₋₁ + 1 है। P₁ से P₈ तक के पद ज्ञात कीजिए। क्या आप इसके लिए कोई सरल पुनरावर्ती सूत्र तथा व्यापक सूत्र प्राप्त कर सकते हैं?
हल:
P₁ = 1
P₂ = 2
P₃ = P₁ + P₂ + 1 = 1 + 2 + 1 = 4
P₄ = P₁ + P₂ + P₃ + 1 = 1 + 2 + 4 + 1 = 8
P₅ = 1 + 2 + 4 + 8 + 1 = 16
P₆ = 1 + 2 + 4 + 8 + 16 + 1 = 32
P₇ = 1 + 2 + 4 + 8 + 16 + 32 + 1 = 64
P₈ = 1 + 2 + 4 + 8 + 16 + 32 + 64 + 1 = 128
अतः पद हैं: 1, 2, 4, 8, 16, 32, 64, 128 — यह एक गुणोत्तर श्रेढ़ी है (सार्व अनुपात 2)।
सरल पुनरावर्ती सूत्र: P₁ = 1, Pn = 2×Pn₋₁ (n ≥ 2 के लिए)
व्यापक सूत्र: Pn = 2ⁿ⁻¹

प्र. 15: माना W₁ = 1, W₂ = 2 तथा n > 2 के लिए Wn = W₁ + W₂ + … + Wn₋₂ + 2 है। W₁ से W₈ तक के पद ज्ञात कीजिए। क्या आप इस अनुक्रम को पहचानते हैं?
हल:
W₁ = 1
W₂ = 2
W₃ = W₁ + 2 = 1 + 2 = 3
W₄ = W₁ + W₂ + 2 = 1 + 2 + 2 = 5
W₅ = W₁ + W₂ + W₃ + 2 = 1 + 2 + 3 + 2 = 8
W₆ = W₁ + W₂ + W₃ + W₄ + 2 = 1 + 2 + 3 + 5 + 2 = 13
W₇ = 1 + 2 + 3 + 5 + 8 + 2 = 21
W₈ = 1 + 2 + 3 + 5 + 8 + 13 + 2 = 34
अतः पद हैं: 1, 2, 3, 5, 8, 13, 21, 34
यह प्रसिद्ध विरहांक-फिबोनाच्ची (Virahāṅka–Fibonacci) अनुक्रम है, जिसमें प्रत्येक पद अपने से पहले के दो पदों का योग होता है (तीसरे पद से आगे)।

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Written by Satish

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