NCERT Class 9 Maths Solutions in Hindi (गणित मंजरी) 2026-27

कक्षा 9 (हिंदी मीडियम) की गणित पाठ्यपुस्तक गणित मंजरी, भाग 1 (NCERT, NEP 2026-27 पाठ्यक्रम) के सभी 8 अध्यायों के लिए प्रतिनिधि (representative) हल किए गए उदाहरण नीचे दिए गए हैं, जो हर अध्याय की मुख्य अवधारणा पर आधारित हैं। These Class 9 Maths solutions are also useful as quick revision notes before exams.

पाठों की सूची और मुख्य अवधारणा

  • अध्याय 1: स्वयं को प्रवृत्त करना — निर्देशांकों का उपयोग
  • अध्याय 2: रैखिक बहुपदों का परिचय
  • अध्याय 3: संख्याओं का संसार
  • अध्याय 4: बीजीय सर्वसमिकाओं का अन्वेषण
  • अध्याय 5: मैं हूँ गोल-गोल, ऐपर-नीचे
  • अध्याय 6: समष्टि मापन— परिमाप और क्षेत्रफल
  • अध्याय 7: संभावनाओं का गणित— प्रायिकता का परिचय
  • अध्याय 8: अगले पद का पूर्वानुमान— अनुक्रमों और श्रेढ़ियों का अन्वेषण

अध्याय 1: स्वयं को प्रवृत्त करना — निर्देशांकों का उपयोग

अंतिम प्रश्नावली — सभी 16 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, ihmh101.pdf से)

प्र. 1: दोनों अक्षों के प्रतिछेद बिंदु के x-निर्देशांक और y-निर्देशांक क्या होंगे?
हल: दोनों अक्षों का प्रतिछेद बिंदु मूलबिंदु O कहलाता है, जिसके निर्देशांक (0, 0) होते हैं — अर्थात x-निर्देशांक = 0 और y-निर्देशांक = 0।

प्र. 2: बिंदु W का x-निर्देशांक –5 है। उस बिंदु H के निर्देशांक क्या होंगे जो W से होकर जाती हुई y-अक्ष के समानांतर रेखा पर स्थित हो? H किन चतुर्थांशों में स्थित हो सकता है?
हल: W से होकर जाती y-अक्ष के समांतर रेखा एक उर्ध्वाधर रेखा x = –5 है, इसलिए H के निर्देशांक (–5, y) होंगे, जहाँ y कोई भी मान हो सकता है। चूँकि x सदैव ढणात्मक है, H केवल द्वितीय चतुर्थांश (अगर y > 0) या तृतीय चतुर्थांश (अगर y < 0) में स्थित हो सकता है।

प्र. 3: बिंदु R(3, 0), A(0, –2), M(–5, –2) तथा P(–5, 2) पर विचार कीजिए। यदि वे इसी क्रम में मिलाए गए हैं तो अनुमान लगाइए — (i) RAMP की दो भुजाएं जो परस्पर लंबवत हैं। (ii) RAMP की वह भुजा जो किसी एक अक्ष के समानांतर है। (iii) दो बिंदु जो एक अक्ष में एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंद हैं — यह अक्ष कौन-सा होगा?
हल: AM भुजा (A→M) क्षैतिज है (दोनों बिंदुओं का y = –2) और MP भुजा (M→P) उर्ध्वाधर है (दोनों बिंदुओं का x = –5) — अतः (i) AM और MP परस्पर लंबवत हैं (M पर समकोण)। (ii) AM, x-अक्ष के समानांतर है और MP, y-अक्ष के समानांतर है। (iii) M(–5,–2) और P(–5,2) का x-निर्देशांक समान है और y-निर्देशांक एक-दूसरे के ओरुणात्मक हैं — अतः M और P, x-अक्ष में एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंद हैं।

प्र. 4: कार्तीय तल पर बिंदु Z(5, –6) का अंकन कीजिए। एक समकोण त्रिभुज IZN की रचना कीजिए और तीनों भुजाओं की लंबाईयां ज्ञात कीजिए। (टिप्पणी: आपके उत्तरों में अंतर हो सकता है, क्योंकि अलग-अलग निर्माण संभव हैं।)
हल: एक संभव निर्माण: मूलबिंदु N(0,0), Z से x-अक्ष पर लंब का पाद I(5,0) लेकर त्रिभुज IZN बनाएं — कोण I पर 90° होगा (IZ उर्ध्वाधर, IN क्षैतिज)। IZ = |–6 − 0| = 6 इकाई; IN = |5 − 0| = 5 इकाई; NZ = √(5²+6²) = √61 ≈ 7.81 इकाई — अतः तीनों भुजाएं ≈ 5, 6 और √61 इकाई हैं।

प्र. 5: यदि ओणात्मक संख्याएँ नहीं होतीं तो निर्देशांक पद्धति कैसी होती? क्या इस पद्धति से द्वि-विमीय तल में सभी बिंदुओं को अंकित किया जा सकता था?
हल: बिना ओणात्मक संख्याओं के केवल प्रथम चतुर्थांश (जहाँ x और y दोनों धनात्मक हों) के बिंदु ही अंकित किए जा सकते, य-अक्ष के बाईं। ओर बजूरा जाने वाले या y-अक्ष के नीचे के बिंदु अंकित नहीं हो पाते। अतः समतल में सभी बिंदुओं को अंकित नहीं किया जा सकता — केवल प्रथम चतुर्थांश ही उपलब्ध होता।

प्र. 6: क्या बिंदु M(–3, –4), A(0, 0) और G(6, 8) एक ही सरल रेखा पर हैं? अंकन किए बिना एक विधि बताइए।
हल: मूलबिंदु A(0,0) से प्रत्येक बिंदु का y/x अनुपात जांचें: M के लिए –4/–3 = 4/3; G के लिए 8/6 = 4/3। दोनों बिंदुओं का y/x अनुपात समान (4/3) है, इसलिए तीनों बिंदु एक ही सरल रेखा पर हैं (रेखा y = (4/3)x)।

प्र. 7: प्रश्न 6 की विधि का उपयोग करते हुए परीक्षण कीजिए कि क्या बिंदु R(–5, –1), B(–2, –5) और C(4, –12) एक ही सरल रेखा पर हैं।
हल: R→B से B→C तक ढलान (slope) जांचें: R→B ढलान = (–5−(–1))/(–2−(–5)) = –4/3। B→C ढलान = (–12−(–5))/(4−(–2)) = –7/6। चूँकि –4/3 ≠ –7/6, अतः R, B और C एक सरल रेखा पर नहीं हैं

प्र. 8: मूलबिंदु को एक शीर्ष के रूप में उपयोग करते हुए अंकित कीजिए — (i) एक समकोण समद्विबाहु त्रिभुज, (ii) एक समद्विबाहु त्रिभुज जिसका एक शीर्ष तृतीय चतुर्थांश में और दूसरा चतुर्थ चतुर्थांश में हो।
हल: (i) O(0,0), P(4,0), Q(0,4) — O पर 90° का कोण, OP = OQ = 4 इकाई (समद्विबाहु)। (ii) O(0,0), P(–4,–3) [तृतीय चतुर्थांश], Q(4,–3) [चतुर्थ चतुर्थांश] — OP = OQ = √(16+9) = 5 इकाई, अतः समद्विबाहु।

प्र. 9: नीचे दी गई सारणी में S, M, T के निर्देशांक दिए गए हैं — प्रत्येक पंक्ति में बताइए क्या M, ST का मध्यबिंदु है?
हल:
(–3,0), M(0,0), T(3,0): मध्यबिंदु ST = ((–3+3)/2,(0+0)/2)=(0,0)=M — हाँ
(2,3), M(3,4), T(4,5): मध्यबिंदु ST = ((2+4)/2,(3+5)/2)=(3,4)=M — हाँ
(0,0), M(0,5), T(0,–10): मध्यबिंदु ST = ((0+0)/2,(0–10)/2)=(0,–5)≠M(0,5) — नहीं
(–8,7), M(0,–2), T(6,–3): मध्यबिंदु ST = ((–8+6)/2,(7–3)/2)=(–1,2)≠M(0,–2) — नहीं
संबंध: जब M, ST का मध्यबिंदु हो, तब M = ((xS+xT)/2, (yS+yT)/2)।

प्र. 10: प्रश्न 9 का संबंध उपयोग करते हुए B के निर्देशांक ज्ञात कीजिए, यदि M(–7, 1), A(3, –4) और B(x, y) के मध्यबिंदु के रूप में दिया गया है।
हल: –7=(3+x)/2 ⇒ x=–17; 1=(–4+y)/2 ⇒ y=6। अतः B = (–17, 6)

प्र. 11: रेखाखंड AB के त्रिविभाजन बिंदु P और Q हैं, जहाँ P, A के निकट है और Q, B के निकट है। A(4,7) और B(16,–2) होने पर P और Q के निर्देशांक ज्ञात कीजिए।
हल: P, A से B की ओर 1/3 दूरी पर है: P = A + (1/3)(B−A) = (4+(12)/3, 7+(–9)/3) = (4+4, 7–3) = (8, 4)। Q, A से B की ओर 2/3 दूरी पर है: Q = A + (2/3)(B−A) = (4+8, 7–6) = (12, 1)

प्र. 12(i): बिंदु A(1, –8), B(–4, 7) और C(–7, –4) के लिए प्रदर्शित कीजिए कि वे एक वृत्त K पर स्थित हैं जिसका केंद्र मूलबिंदु O(0,0) है। वृत्त K की त्रिज्या क्या होगी?
हल: OA = √(1²+8²)=√65; OB = √(4²+7²)=√65; OC = √(7²+4²)=√65। तीनों दूरियाँ O से बराबर (√65) हैं, इसलिए A, B, C एक ही वृत्त K पर स्थित हैं — त्रिज्या √65 इकाई (≈8.06 इकाई)

प्र. 12(ii): बिंदु D(–5, 6) और E(0, 9) के लिए जाँच कीजिए कि वे वृत्त K के भीतर, वृत्त पर, या वृत्त के बाहर स्थित हैं।
हल: OD = √(25+36)=√61≈7.81, जो √65≈8.06 से कम है — D वृत्त के भीतर है। OE = √(0+81)=9, जो √65≈8.06 से ज्यादा है — E वृत्त के बाहर है।

प्र. 13: त्रिभुज ABC की भुजाओं के मध्यबिंदु D, E और F हैं। D, E, F के निर्देशांक क्रमशः (5,1), (6,5) और (0,3) दिए गए हैं। A, B, C के निर्देशांक ज्ञात कीजिए।
हल: यहाँ D=BC का मध्यबिंदु, E=CA का मध्यबिंदु, F=AB का मध्यबिंदु — इस सम्बंध से A = F+E−D, B = D+F−E, C = D+E−F प्राप्त होता है। A = (0,3)+(6,5)−(5,1) = (1, 7); B = (5,1)+(0,3)−(6,5) = (–1, –1); C = (5,1)+(6,5)−(0,3) = (11, 3)। जाँच: BC का मध्यबिंदु = ((–1+11)/2,(–1+3)/2)=(5,1)=D ✔

प्र. 14: शहर की सड़कें ग्रिड में हैं, हर दिशा में 10 गलियाँ। यदि उत्तर-दक्षिण की दूसरी गली और पूर्व-पश्चिम की पाँचवीं गली के प्रतिच्छेदन को (2, 5) कहते हैं, तो (a) (4,3) और (b) (3,4) के रूप में कितने प्रतिच्छेदन व्यक्त किए जा सकते हैं?
हल: यह प्रणाली निर्देशांक पद्धति की तरह है, जहाँ पहला अंक उत्तर-दक्षिण गली की संख्या और दूसरा पूर्व-पश्चिम गली की संख्या दर्शाता है। (a) (4,3) — सिर्फ 1 प्रतिच्छेदन, जो 4थीं उत्तर-दक्षिण गली और 3री पूर्व-पश्चिम गली के मिलने पर बनता है। (b) (3,4) — यह 1 अलग प्रतिच्छेदन है (4,3) से भिन्न स्थान पर), जो 3री उत्तर-दक्षिण गली और 4थीं पूर्व-पश्चिम गली के मिलने पर बनता है — यह दिखाता है कि (4,3) और (3,4) अलग-अलग बिंदु हैं (बिल्कुल वैसे जैसे P(x,y) और Q(y,x) अलग-अलग होते हैं)।

प्र. 15: एक कंप्यूटर ग्राफिक्स स्क्रीन 800×600 पिक्सेल की है, मूलबिंदु नीचे बाएं कोने में है। वृत्त A का केंद्र A(100,150), त्रिज्या 80 पिक्सेल; वृत्त B का केंद्र B(250,230), त्रिज्या 100 पिक्सेल। (i) क्या कोई वृत्त स्क्रीन से बाहर है? (ii) क्या दोनों वृत्त एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करते हैं?
हल: (i) वृत्त A: x ∈ [20,180], y ∈ [70,230] — स्क्रीन (800×600) के भीतर। वृत्त B: x ∈ [150,350], y ∈ [130,330] — यह भी भीतर। दोनों वृत्त पूरी तरह स्क्रीन के अंदर हैं, कोई भी भाग बाहर नहीं। (ii) केंद्रों के बीच दूरी = √(150²+80²) = √28900 = 170। त्रिज्याओं का योग = 180, अंतर = 20। चूँकि 20 < 170 < 180, अतः दोनों वृत्त एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करते हैं (दो बिंदुओं पर)।

प्र. 16: कार्तीय तल पर बिंदु A(2,1), B(–1,2), C(–2,–1) और D(1,–2) का अंकन कीजिए। क्या ABCD एक वर्ग है? इस वर्ग का क्षेत्रफल क्या है?
हल: AB=√(3²+1²)=√10; BC=√(1²+3²)=√10; CD=√(3²+1²)=√10; DA=√(1²+3²)=√10 — चारों भुजाएं बराबर हैं। विकर्ण: AC=√(4²+2²)=√20; BD=√(2²+4²)=√20 — दोनों विकर्ण भी बराबर हैं। चूँकि सभी भुजाएं बराबर और दोनों विकर्ण भी बराबर हैं, ABCD एक वर्ग है। क्षेत्रफल = (विकर्ण)²/2 = 20/2 = 10 वर्ग इकाई

अध्याय 2: रैखिक बहुपदों का परिचय

अंतिम प्रश्नावली — सभी 14 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, ihmh102.pdf से)

प्र. 1: एक बहुपद लिखिए जिसमें चर x हो, घात 3 हो और x² पद का गुणांक −7 हो।
हल: एक संभव बहुपद: p(x) = x³ − 7x² + 5 — इसमें x³ की उपस्थिति घात 3 सुनिश्चित करती है और x² का गुणांक −7 है।

प्र. 2(i): 5x² − 3x + 7 का मान ज्ञात कीजिए यदि x = 1 हो।
हल: 5(1)²−3(1)+7 = 5−3+7 = 9

प्र. 2(ii): 4t³ − t² + 6 का मान ज्ञात कीजिए यदि t = a हो।
हल: 4a³ − a² + 6 (a के पदों में व्यक्त, आगे सरल नहीं होता)।

प्र. 3: यदि किसी संख्या को 5/2 से गुणा करते हैं और गुणनफल में 2/3 का योग करते हैं तो हमें −17/12 प्राप्त होता है — वह संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: माना संख्या = x। (5/2)x + 2/3 = −7/12 ⇒ (5/2)x = −7/12 − 8/12 = −15/12 = −5/4 ⇒ x = (−5/4)×(2/5) = −1/2

प्र. 4: कोई धनात्मक संख्या किसी अन्य संख्या की 5 गुना है। यदि दोनों संख्याओं में 21 जोड़ दिया जाए तो प्राप्त दोनों संख्याओं में से एक संख्या दूसरी संख्या की दोगुनी है। दोनों मूल संख्याएं ज्ञात कीजिए।
हल: माना छोटी संख्या = x, बड़ी = 5x। (x+21) और (5x+21) में से एक दूसरी की दोगुनी: 5x+21 = 2(x+21) ⇒ 5x+21=2x+42 ⇒ 3x=21 ⇒ x=7। अतः संख्याएं 7 और 35 हैं। जाँच: 7+21=28, 35+21=56=2×28 ✔

प्र. 5: यदि आपके पास ₹800 हैं और आप प्रतिमाह ₹250 की बचत करते हैं तो (i) 6 महीनों पश्चात और (ii) 2 वर्षों पश्चात कुल धनराशि ज्ञात कीजिए। रैखिक प्रतिरूप बताइए।
हल: रैखिक प्रतिरूप: A(t) = 800 + 250t (t = महीनों की संख्या)। (i) t=6: 800+250×6=800+1500=₹2300। (ii) t=24 (2 वर्ष): 800+250×24=800+6000=₹6800

प्र. 6: एक दो-अंकीय संख्या के अंकों के मध्य का अंतर 3 है। यदि संख्या के दोनों अंकों को परस्पर परिवर्तित कर दिया जाए और प्राप्त संख्या को मूल संख्या में जोड़ दिया जाए तो योगफल 143 प्राप्त होता है। दोनों संख्याएं ज्ञात कीजिए।
हल: दहाई अंक a, इकाई अंक b मानें; संख्या=10a+b, पलटी हुई=10b+a। योग: (10a+b)+(10b+a)=11(a+b)=143 ⇒ a+b=13। साथ ही |a−b|=3 ⇒ a=8,b=5 (या a=5,b=8)। अतः संख्याएं 85 और 58 हैं (यह एक-दूसरे की पलटी हैं)। जाँच: 85+58=143 ✔

प्र. 7: निम्नलिखित समीकरणों के ढलान और y-अंतःखंड की पहचान कीजिए, साथ ही x-अक्ष पर प्रतिच्छेद बिंदु भी ज्ञात कीजिए — (i) y=–3x+4, (ii) 2y=4x+7, (iii) 5y=6x–10, (iv) 3y=6x–11। क्या इनमें से कोई रेखाएं समानांतर हैं?
हल: (i) ढलान=–3, y-अंतःखंड=4 (0,4), x-अंतःखंड (4/3,0)। (ii) y=2x+3.5: ढलान=2, y-अंतःखंड=3.5 (0,3.5), x-अंतःखंड (–1.75,0)। (iii) y=1.2x–2: ढलान=1.2, y-अंतःखंड=–2 (0,–2), x-अंतःखंड (5/3,0)। (iv) y=2x−11/3: ढलान=2, y-अंतःखंड=−11/3 (0,−11/3), x-अंतःखंड (11/6,0)। रेखा (ii) और (iv) दोनों का ढलान 2 है — ये दोनों परस्पर समानांतर हैं

प्र. 8: तापमान समीकरण: y = (9/5)(x−273) + 32 (K से °F में)। (i) x=313K पर °F ज्ञात कीजिए। (ii) y=158°F पर K ज्ञात कीजिए।
हल: (i) y=(9/5)(313−273)+32=(9/5)(40)+32=72+32=104°F। (ii) 158=(9/5)(x−273)+32 ⇒ 126=(9/5)(x−273) ⇒ x−273=126×5/9=70 ⇒ x=343K

प्र. 9: किसी वस्तु पर नियत बल लगाने पर वस्तु द्वारा किया जाने वाला कार्य (w), बल और दूरी (d) के गुणनफल के समान होता है। नियत बल = 3 इकाई लेते हुए, दूरी = 2 इकाई पर किया गया कार्य ज्ञात कीजिए।
हल: रैखिक समीकरण: w = 3d। d=2 पर: w = 3×2 = 6 इकाई

प्र. 10: एक रैखिक बहुपद p(x) का आलेख बिंदुओं (1,5) और (3,11) से होकर जाता है। (i) p(x) ज्ञात कीजिए। (ii) उन बिंदुओं के निर्देशांक ज्ञात कीजिए जिन पर आलेख दोनों अक्षों को प्रतिच्छेद करता है।
हल: ढलान a=(11−5)/(3−1)=3। (1,5) पर: 5=3(1)+b ⇒ b=2। अतः p(x) = 3x + 2। (ii) y-अक्ष पर: (0, 2)। x-अक्ष पर: 0=3x+2 ⇒ x=−2/3, बिंदु (−2/3, 0)

प्र. 11: p(x)=ax+b और q(x)=cx+d इस प्रकार हैं कि (i) p(0)=5, (ii) p(x)−q(x), x-अक्ष को बिंदु (3,0) पर प्रतिच्छेद करता है, (iii) योगफल p(x)+q(x), x के सभी मानों के लिए 6x+4 के समान है। p(x) और q(x) ज्ञात कीजिए।
हल: (i) से b=5। (iii) से a+c=6 और b+d=4 ⇒ d=4−5=−1। (ii) से p(3)=q(3): 3a+5=3c−1 ⇒ 3a−3c=−6 ⇒ a−c=−2। a+c=6 और a−c=−2 को जोड़ने पर 2a=4 ⇒ a=2, c=4। अतः p(x) = 2x + 5 और q(x) = 4x − 1। जाँच: p(3)=11, q(3)=11 ✔; p+q=6x+4 ✔

प्र. 12: माचिस की तीलियों से बने षट्भुजों के बढ़ते प्रतिरूप में चरण 1=6, चरण 2=11, चरण 3=16 तीलियाँ हैं (प्रत्येक नए षट्भुज में एक भुजा साझा होने से 5 नई तीलियाँ जुड़ती हैं)। (i) अगले दो चरण बनाइए, कितनी तीलियाँ चाहिए? (ii) तालिका पूर्ण कीजिए। (iii) nवें चरण के लिए सूत्र ज्ञात कीजिए। (iv) 15वें चरण के लिए तीलियां बताइए। (v) क्या 200 तीलियों से कोई चरण पूरा बन सकता है?
हल: प्रत्येक नए चरण में 5 तीलियाँ जुड़ती हैं। (i) चरण 4 = 16+5 = 21; चरण 5 = 21+5 = 26। (ii) चरण 1,2,3,4,5,…,n → तीलियाँ: 6, 11, 16, 21, 26, …, (5n+1)। (iii) सूत्र: तीलियाँ = 5n + 1। (iv) n=15: 5(15)+1=76 तीलियाँ। (v) 5n+1=200 ⇒ 5n=199 ⇒ n=39.8, जो पूर्णांक नहीं — अतः 200 तीलियों से इस प्रतिरूप का कोई चरण पूरा नहीं बन सकता

प्र. 13: p(x)=ax+b का आलेख बिंदुओं (2,3) और (6,11) से होकर जाता है। q(x)=cx+d का आलेख बिंदु (4,–1) से होकर जाता है और p(x) के आलेख के समानांतर है। p(x), q(x) और x-अक्ष से मिलने वाले बिंदु ज्ञात कीजिए।
हल: p का ढलान = (11−3)/(6−2)=2। (2,3) पर: 3=2(2)+b ⇒ b=–1। p(x)=2x−1। q समानांतर होने से समान ढलान c=2। (4,–1) पर: –1=2(4)+d ⇒ d=–9। q(x)=2x−9। x-अक्ष पर p: x=0.5, बिंदु (0.5,0)। x-अक्ष पर q: x=4.5, बिंदु (4.5,0)।

प्र. 14: f(x)=ax+a, जहाँ a > 0 है, के रूप के सभी रैखिक फलनों में कौन-सा गुण सामान्य है?
हल: f(x)=a(x+1) लिखा जा सकता है। f(–1)=a(–1)+a=0, a के हर मान के लिए। अतः a के हर मान के लिए यह सभी रेखाएँ निश्चित बिंदु (–1, 0) से होकर गुजरती हैं, और a > 0 होने से सभी रेखाएँ धनात्मक ढलान वाली (बढ़ती हुई) होती हैं।

अध्याय 3: संख्याओं का संसार

अंतिम प्रश्नावली — पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, ihmh103.pdf से)

प्र. 1: निम्नलिखित परिमेय संख्याओं को दीर्घ विभाजन द्वारा दशमलव में बदलिए और बताइए सांत है या आवर्ती — (i) 50/3 (ii) 2/9।
हल: (i) 50÷3 = 16.666… = 16.̅6 (आवर्ती दशमलव)। (ii) 2÷9 = 0.222… = 0.̅2 (आवर्ती दशमलव)।

प्र. 2: सिद्ध कीजिए कि √5 एक अपरिमेय संख्या है।
हल: मानें √5 परिमेय है, तो √5 = p/q (जहाँ p,q सहअभाज्य, q≠0)। चुकते 5q²=p² ⇒ p², 5 से विभाज्य ⇒ p भी 5 से विभाज्य (मानें p=5k)। प्रतिस्थापित: 5q²=25k² ⇒ q²=5k² ⇒ q भी 5 से विभाज्य। यह p,q के सहअभाज्य होने की मान्यता का विरोधाभास है। अतः √5 अपरिमेय है

प्र. 3: निम्नलिखित दशमलव संख्याओं को p/q के रूप में रूपांतरित कीजिए।
हल: (i) 12.6 = 126/10 = 63/5। (ii) 0.0120 = 120/10000 = 3/250। (iii) 3.052 = 3052/1000 = 763/250। (iv) 1.235 = 1235/1000 = 247/200। (v) 0.23 = 23/100। (vi) 2.05 = 205/100 = 41/20। (vii) 2.125 = 2125/1000 = 17/8। (viii) 3.125 = 3125/1000 = 25/8। (ix) 2.1625 = 21625/10000 = 173/80

प्र. 4: निम्नलिखित परिमेय संख्याओं को संख्या रेखा पर निरूपित कीजिए — (i) 0.532 (ii) 1.15।
हल: संज्ञाबर्धन (successive magnification) विधि से: (i) 0.532, 0 और 1 के बीच के भाग में 0.5 और 0.6 के बीच में, फिर 0.53 और 0.54 के बीच में बारंबार विभाजित करके 0.532 तक पहुँचते हैं। (ii) 1.15, 1 और 2 के बीच, फिर 1.1 और 1.2 के बीच विभाजित करके 1.15 तक पहुँचते हैं।

प्र. 5: 3 और 4 के मध्य 6 परिमेय संख्याएं ज्ञात कीजिए।
हल: 3=21/7, 4=28/7 — अतः 22/7, 23/7, 24/7, 25/7, 26/7, 27/7

प्र. 6: 2/5 और 3/5 के मध्य 5 परिमेय संख्याएं ज्ञात कीजिए।
हल: 2/5=12/30, 3/5=18/30 — अतः 13/30, 14/30, 15/30, 16/30, 17/30

प्र. 7: 1/6 और 2/5 के मध्य 5 परिमेय संख्याएं ज्ञात कीजिए।
हल: 1/6=5/30, 2/5=12/30 — अतः 6/30, 7/30, 8/30, 9/30, 10/30 (या सरलीकृत रूप में 1/5, 7/30, 4/15, 3/10, 1/3)।

प्र. 8: यदि x/3 + x/5 = 16/15 है तो परिमेय संख्या x ज्ञात कीजिए।
हल: समान हर 15: 5x/15+3x/15=16/15 ⇒ 8x=16 ⇒ x=2

प्र. 9: a और b दो शून्येतर परिमेय संख्याएँ हैं कि a + 1/b = 0 है। कोई संख्यात्मक मान निर्दिष्ट किए बिना बताइए कि ab धनात्मक है या ओणात्मक।
हल: a+1/b=0 ⇒ a=–1/b ⇒ ab=(–1/b)×b=–1। चूँकि –1<0, अतः ab सदैव ओणात्मक होता है

प्र. 10: एक परिमेय संख्या का सांत दशमलव प्रसार है और जिसका अंतिम शून्येतर अंक चौथे दशमलव स्थान पर है। प्रदर्शित कीजिए कि एसी संख्या को p/10⁴ के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ p एक पूर्णांक है जो 10 से अविभाज्य है।
हल: चूँकि दशमलव ठीक चौथे स्थान पर समाप्त होता है (आगे नहीं), संख्या = p/10⁴ होगी जहाँ p, 10 से अविभाज्य है (अन्यथा सांत अंक पहले आ जाता)। सरलतम रूप में हर = 2⁴×5⁴ का कोई भाग, जिसमें से p में 2 या 5 का सांझा गुणक कट जाए तो भी बड़ी घात (2 या 5 में जो भी अधिक हो) 4 ही रहनी चाहिए, ताकि दशमलव ठीक चौथे स्थान पर समाप्त हो। अतः हाँ, सरलतम रूप में हर 24 या 54 से विभाज्य होना आवश्यक है (दोनों में से कम से कम एक)।

प्र. 11: बिना विभाजन किए यह निर्धारित कीजिए कि 18/125 का दशमलव प्रसार सांत है या असांत।
हल: 125 = 5³, हर में केवल 5 का घातांक है — अतः दशमलव सांत है। 18/125 = 18×8/1000 = 144/1000 = 0.144 — 3 दशमलव स्थान

प्र. 12: अपने सरलतम रूप में एक परिमेय संख्या का हर 2³×5 है। इसके दशमलव प्रसार में कितने दशमलव स्थान होंगे?
हल: हर = 2³×5¹ — 10ⁿ का रूप देने के लिए 2 और 5 की घातें बराबर चाहिए: max(3,1)=3, अतः 5² से गुणा करके 2³×5³=1000=10³ बनता है। अतः 3 दशमलव स्थान होंगे।

प्र. 13 (वैकल्पिक, तारांकित): मूल पाठ्यपुस्तक में a और b को 1/2 की घातों (k₁, k₂) के रूप में दिया गया है, जहाँ k₂−k₁>6।
हल: स्रोत PDF में a और b के सटीक संख्यात्मक मान टेक्स्ट-एक्स्ट्रेक्शन में स्पष्ट रूप से पढ़ने योग्य नहीं थे, इसलिए सटीक संख्याएँ बताने की बजाय यहाँ सामान्य विधि समझाई जा रही है: जब a और b दोनों को समान हर m (एक बड़ी घात) के साथ लिखा जाता है, तो a और b के अंश (numerator) के बीच जितने पूर्णांक होंगे, उतनी ही अलग-अलग परिमेय संख्याएँ a और b के बीच मिल सकती हैं। n परिमेय संख्याएँ सुनिश्चित रूप से पाने के लिए k₂−k₁>n+1 की शर्त आवश्यक है, क्योंकि बड़े घात पर a और b के अंशों के बीच का अंतर कम-से-कम n+1 होना चाहिए — तभी उनके बीच कम-से-कम n पूर्णांक (और इसलिए n परिमेय संख्याएँ) सुनिश्चित रूप से क्एेंगे।

प्र. 14 (वैकल्पिक): तीन परिमेय संख्याएँ x, y, z इस प्रकार हैं कि x+y+z=0 और xy+yz+zx=0। प्रदर्शित कीजिए कि x=y=z=0 होगा।
हल: (x+y+z)² = x²+y²+z²+2(xy+yz+zx)। चूँकि x+y+z=0, इसलिए LHS=0। साथ ही xy+yz+zx=0 दिया है, तो: 0 = x²+y²+z²+2(0) ⇒ x²+y²+z²=0। चूँकि हर वर्ग ≥0 होता है और इनका योग शून्य है, अतः प्रत्येक पद शून्य होना चाहिए: x=y=z=0

प्र. 15 (वैकल्पिक): प्रदर्शित कीजिए कि परिमेय संख्या (a+b)/2, परिमेय संख्याओं a और b के मध्य स्थित है (जब a < b)।
हल: (a+b)/2 − a = (b−a)/2 > 0 (चूँकि b>a) ⇒ (a+b)/2 > a। साथ ही b − (a+b)/2 = (b−a)/2 > 0 ⇒ (a+b)/2 < b। अतः a < (a+b)/2 < b, इससे सिद्ध होता है कि (a+b)/2, a और b के मध्य स्थित है

प्र. 16: वर्गमूल सर्पिल (चित्र 3.14) में प्रदर्शित सभी समकोण त्रिभुजों के कर्णों की लंबाई ज्ञात कीजिए।
हल: वर्गमूल सर्पिल में प्रत्येक नया समकोण त्रिभुज पिछले त्रिभुज के कर्ण को एक भुजा (लंबाई 1) की तरह उपयोग करता है। पहला त्रिभुज (भुजाएं 1,1) → कर्ण = √(1²+1²)=√2। दूसरा (भुजाएं √2,1) → कर्ण = √(2+1)=√3। तीसरा (भुजाएं √3,1) → कर्ण = √4 = 2। चौथा → कर्ण = √5। इसी तरह आगे हर नए त्रिभुज का कर्ण √6, √7, √8, √9=3, √10… होता जाएगा — सामान्य पैटर्न: nवें त्रिभुज का कर्ण = √(n+1)

अध्याय 4: बीजीय सर्वसमिकाओं का अन्वेषण

प्रश्न: सर्वसमिका का प्रयोग कर (2x+3y)² का प्रसार कीजिए।
हल: (a+b)²=a²+2ab+b² के अनुसार, (2x+3y)² = 4x²+12xy+9y²

प्रश्न: 105×95 का मान सर्वसमिका (a+b)(a−b)=a²−b² का प्रयोग कर ज्ञात कीजिए।
हल: 105×95 = (100+5)(100−5) = 100²−5² = 10000−25 = 9975

अध्याय 5: मैं हूँ गोल-गोल, ऐपर-नीचे

प्रश्न: एक वृत्त में समान लंबाई की दो जीवाएं केंद्र पर कैसे कोण बनाती हैं?
हल: समान लंबाई की जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण अंतरित करती हैं।

प्रश्न: यदि वृत्त की त्रिज्या 5 सेमी है और जीवा की केंद्र से दूरी 3 सेमी है, तो जीवा की लंबाई ज्ञात कीजिए।
हल: अर्ध-जीवा = √(5²−3²) = √16 = 4 सेमी, अतः जीवा की पूरी लंबाई = 8 सेमी

अध्याय 6: समष्टि मापन— परिमाप और क्षेत्रफल

प्रश्न: हीरोन के सूत्र से त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए जिसकी भुजाएं 5, 6, 7 सेमी हैं।
हल: s=(5+6+7)/2=9; क्षेत्रफल=√[s(s−a)(s−b)(s−c)]=√[9×4×3×2]=√216≈14.7 वर्ग सेमी

प्रश्न: 7 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त की परिधि और क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए (π=22/7 का उपयोग करें)।
हल: परिधि=2πr=2×22/7×7=44 सेमी; क्षेत्रफल=πr²=22/7×49=154 वर्ग सेमी

अध्याय 7: संभावनाओं का गणित— प्रायिकता का परिचय

प्रश्न: एक सिक्के को 50 बार उछालने पर 28 बार चित (Head) आया। चित आने की प्रायोगिक प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल: प्रायोगिक प्रायिकता = अनुकूल परिणाम/कुल प्रयास = 28/50 = 0.56

प्रश्न: एक थैले में 3 लाल और 2 नीली गेंदें हैं। यादृच्छया एक गेंद निकालने पर वह लाल होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल: प्रायिकता = 3/5 = 0.6

अध्याय 8: अगले पद का पूर्वानुमान— अनुक्रमों और श्रेढ़ियों का अन्वेषण

प्रश्न: समांतर श्रेढ़ी 2, 5, 8, 11,… का 10वाँ पद ज्ञात कीजिए।
हल: a=2, d=3; a₁₀=a+9d=2+27=29

प्रश्न: गुणोत्तर श्रेढ़ी 3, 6, 12, 24,… का सार्वअनुपात (common ratio) ज्ञात कर अगला पद बताइए।
हल: सार्वअनुपात r=6/3=2; अगला पद = 24×2=48

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Written by Satish

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