NCERT Class 8 Science Revision Notes in Hindi (Jigyasa)

कक्षा 8 (हिंदी मीडियम) जिज्ञासा के सभी 13 अध्यायों के रिवीजन नोट्स — परीक्षा से पहले जल्दी दोहराने के लिए। These Class 8 Science notes are ideal for quick revision just before exams.

अध्याय 1: विज्ञान के अन्वेषी संसार की खोज यात्रा

विज्ञान की खोज प्रश्न पूछने, परिकल्पना बनाने, प्रयोग करने और प्रमाण-आधारित निष्कर्ष पर टिकी है। कक्षा 8 की जिज्ञासा किताब कक्षा 6-7 में शुरू हुई वैज्ञानिक यात्रा को आगे बढ़ाती है और अध्याय 1 आगे के सभी अध्यायों को जोड़ने वाला सूत्र है।

अध्याय 2: अदृश्य जीव-जगत— हमारी आँखों की क्षमता से परे

सूक्ष्मजीव (बैक्टीरिया, कवक, प्रोटोज़ोआ, शैवाल, वायरस) नंगी आँखों से नहीं दिखते। कुछ लाभकारी हैं (दही, ब्रेड, एंटीबायोटिक बनाने में), तो कुछ हानिकारक (रोग फैलाना, भोजन खराब करना)।

अध्याय 3: स्वास्थ्य— एक अमूल्य निधि

स्वास्थ्य शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण की स्थिति है, केवल रोग की अनुपस्थिति नहीं। संक्रामक रोग सूक्ष्मजीवों से फैलते हैं (फ्लू, टीबी); असंक्रामक रोग जीवनशैली/आनुवंशिक कारणों से होते हैं (मधुमेह, हृदय रोग)।

अध्याय 4: विद्युत — चुंबकीय एवं तापीय प्रभाव

विद्युत धारा का तापीय प्रभाव (हीटर, इस्तरी, फ्यूज़) और चुंबकीय प्रभाव (ऑर्स्टेड द्वारा खोजा गया, विद्युत चुंबक व मोटर का आधार) कक्षा 8 के मुख्य विद्युत सिद्धांत हैं।

अध्याय 5: बलों को जानें

संतुलित बल गति नहीं बदलते, असंतुलित बल गति/आकार बदलते हैं। गुरुत्वाकर्षण असंपर्क बल है; घर्षण के लाभ (पकड़, ब्रेकिंग) और हानियां (घिसाव, ऊर्जा हानि) दोनों हैं।

अध्याय 6: दाब, पवन, झंझावात एवं चक्रवात

वायुमंडलीय दाब पृथ्वी की वायु परत के कारण बनता है। सूर्य द्वारा असमान तापन से वायुदाब में अंतर पैदा होता है, जिससे पवन बहती है; समुद्र पर गर्म वायु के तेज़ी से उठने से चक्रवात बनते हैं।

अध्याय 7: द्रव्य की कणीय प्रकृति

द्रव्य के कणों के बीच रिक्त स्थान, आकर्षण बल और गति के आधार पर ठोस, द्रव, गैस अलग होते हैं। विसरण और वाष्पीकरण कणों की निरंतर गति के प्रमाण हैं।

अध्याय 8: द्रव्य की प्रकृति— तत्व, यौगिक और मिश्रण

तत्व सरलतम शुद्ध पदार्थ हैं; यौगिक निश्चित अनुपात में तत्वों के रासायनिक संयोजन से बनते हैं; मिश्रण भौतिक मिलन हैं (समांगी या विषमांगी)। छानना, आसवन जैसी भौतिक विधियों से मिश्रण अलग किए जा सकते हैं।

अध्याय 9: विलेयों, विलायकों और विलयनों का अदभुत संसार

विलेय + विलायक = विलयन। संतृप्त विलयन और अधिक विलेय नहीं घोल सकता; असंतृप्त विलयन घोल सकता है। तापमान विलेयता को प्रभावित करता है; मिश्र धातु ठोस विलयन का उदाहरण है।

अध्याय 10: प्रकाश— दर्पण एवं लेंस

अवतल दर्पण बड़ा/छोटा प्रतिबिंब बना सकता है (दंत चिकित्सा में उपयोग); उत्तल दर्पण हमेशा छोटा-सीधा प्रतिबिंब बनाता है (साइड मिरर में उपयोग)। उत्तल लेंस अभिसारी, अवतल लेंस अपसारी होता है — दोनों अपवर्तन के सिद्धांत पर काम करते हैं।

अध्याय 11: आकाशीय परिघटनाएँ और काल-निर्धारण

चंद्रमा सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है; उसकी कलाएँ लगभग 29.5 दिनों में बदलती हैं। सौर वर्ष ≈65 दिन, चंद्र माह ≈29.5 दिन — इस अंतर से कैलेंडर में समायोजन होता है। सूर्य घड़ी प्राचीन समय-मापन का साधन थी।

अध्याय 12: प्रकृति कैसे सामंजस्य में कार्य करती है

पारिस्थितिकी तंत्र में जैविक व अजैविक घटक परस्पर क्रिया करते हैं। उत्पादक, उपभोक्ता और अपघटक आहार श्रृंखला/जाल बनाते हैं। वनों की कटाई जैसी मानवीय गतिविधियां इस संतुलन को बिगाड़ती हैं।

अध्याय 13: हमारा आवास— पृथ्वी एक अद्वितीय जीवनदायी ग्रह

पृथ्वी उचित तापमान, तरल जल, सांस लेने योग्य वायुमंडल और ओज़ोन परत के कारण सौरमंडल का एकमात्र ज्ञात जीवनदायी ग्रह है। वायुमंडल की परतें (क्षोभमंडल, समतापमंडल, मध्यमंडल आदि) पृथ्वी को सुरक्षा प्रदान करती हैं।

पूरी श्रृंखला के लिए देखें: जिज्ञासा किताब (कैटलॉग पेज), हल (Solutions), अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न और की फैक्ट्स हैंडबुक

Written by Satish

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