कक्षा 6 (हिंदी मीडियम) गणित प्रकाश के सभी 10 अध्यायों के रिवीजन नोट्स — परीक्षा से पहले जल्दी दोहराने के लिए।
अध्याय 1: गणित में पैटर्न
- त्रिकोणीय संख्याएँ: 1, 3, 6, 10, 15, 21… (अंतर 2,3,4,5,6 बढ़ता है)
- वर्ग संख्याएँ: 1, 4, 9, 16, 25… (n × n)
- पैटर्न पहचानना गणित में तर्कशक्ति विकसित करने का पहला कदम है।
अध्याय 2: रेखाएँ और कोण
- न्यून कोण: 0°–90° से कम; समकोण: ठीक 90°; अधिक कोण: 90°–180° के बीच; सरल कोण: ठीक 180°
- पूरक कोण (complementary): योग 90°; संपूरक कोण (supplementary): योग 180°
- चांदे (protractor) से कोण मापने की सही दिशा 0° रेखा से शुरू करना है।
अध्याय 3: संख्याओं का खेल
- भाज्यता के नियम: संख्या 2 से भाज्य यदि अंतिम अंक सम हो; 3 से भाज्य यदि अंकों का योग 3 से भाज्य हो; 9 से भाज्य यदि अंकों का योग 9 से भाज्य हो; 5 से भाज्य यदि अंतिम अंक 0 या 5 हो।
- संख्या और उसकी उल्टी संख्या का अंतर हमेशा 9 (2-अंक) या 99 (3-अंक) से भाज्य होता है।
अध्याय 4: आँकड़ों का प्रबंधन और प्रस्तुतिकरण
- आवृत्ति सारणी (frequency table), पिक्टोग्राफ और बार ग्राफ — आँकड़े दिखाने के तीन मुख्य तरीके।
- Mode = सबसे अधिक बार आने वाला मान।
- बार ग्राफ में हमेशा दोनों अक्षों (axes) पर सही शीर्षक और इकाई (unit) लिखें।
अध्याय 5: अभाज्य समय
- अभाज्य संख्या: जिसके केवल दो गुणनखंड हों (1 और स्वयं) — जैसे 2, 3, 5, 7, 11…
- भाज्य संख्या (composite): जिसके दो से अधिक गुणनखंड हों।
- HCF = उभयनिष्ठ गुणनखंडों में सबसे बड़ा; LCM = उभयनिष्ठ गुणजों में सबसे छोटा।
अध्याय 6: परिमाप और क्षेत्रफल
- आयत का परिमाप = 2×(लंबाई+चौड़ाई); क्षेत्रफल = लंबाई×चौड़ाई
- वर्ग का परिमाप = 4×भुजा; क्षेत्रफल = भुजा×भुजा
- क्षेत्रफल हमेशा वर्ग इकाई (जैसे वर्ग सेमी) में मापा जाता है, परिमाप सीधी इकाई (सेमी, मीटर) में।
अध्याय 7: भिन्न
- भिन्नों को जोड़ने/घटाने के लिए पहले हर (denominator) को समान (LCD) बनाएं।
- तुल्य भिन्न (equivalent fractions): अंश और हर को समान संख्या से गुणा/भाग करने पर बनती हैं (जैसे 1/2 = 2/4 = 3/6)।
अध्याय 8: रचनाओं के साथ खेलना
- कंपास से वृत्त, रेखाखंड का लंब समद्विभाजक और कोण समद्विभाजक बनाए जा सकते हैं।
- स्केल और कंपास से 60° और 90° जैसे कोण बिना चांदे के भी बनाए जा सकते हैं।
अध्याय 9: सममिति
- सममिति रेखा वह रेखा है जो किसी आकृति को दो बिल्कुल बराबर (दर्पण-प्रतिबिंब) भागों में बाँटती है।
- वर्ग में 4, आयत में 2, समबाहु त्रिभुज में 3 और वृत्त में अनंत सममिति रेखाएँ होती हैं।
अध्याय 10: शून्य के दूसरी ओर
- ऋणात्मक संख्याएँ शून्य से छोटी होती हैं और संख्या रेखा पर शून्य के बाईं ओर होती हैं।
- दो ऋणात्मक संख्याओं में जो शून्य के पास हो वह बड़ी होती है (जैसे −2 > −6)।
- वास्तविक जीवन में तापमान, लिफ्ट/बेसमेंट की मंज़िलें और बैंक खाते में कमी जैसे उदाहरणों में ऋणात्मक संख्याएँ प्रयोग होती हैं।
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