कक्षा 6 (हिंदी मीडियम) की विज्ञान पाठ्यपुस्तक जिज्ञासा (NCERT “Curiosity”, NCF 2023 / NEP के अंतर्गत रूपांतरित 2025-26/2026-27 पाठ्यक्रम) के सभी 12 अध्यायों के सभी प्रश्नों (पाठ्य-अंतर्गत प्रश्न तथा अध्याय के अंत में दी गई “Let Us Enhance Our Learning” प्रश्नावली) के पूर्ण, प्रश्न-दर-प्रश्न हल नीचे दिए गए हैं — केवल चुनिंदा नमूना नहीं। सभी हल NCERT की आधिकारिक पाठ्यपुस्तक से मिलान करके और learninsta.com, tiwariacademy.com, studyrankers.com, careers360.com, pw.live आदि जैसे कई स्रोतों से परस्पर सत्यापित करके तैयार किए गए हैं। जहाँ कोई प्रश्न पूर्णतः चित्र/अवलोकन-आधारित था और पाठ्यपुस्तक के मूल चित्र/सारणी से मिलान किए बिना स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई, वहाँ स्पष्ट रूप से नोट किया गया है, जहाँ मूल पाठ्यपुस्तक से मिलान करने की सलाह दी जाती है।
पाठों की सूची और मुख्य अवधारणा
- अध्याय 1: विज्ञान का अनूठा संसार
- अध्याय 2: सजीव जगत में विविधता
- अध्याय 3: उचित आहार—स्वस्थ शरीर का आधार
- अध्याय 4: चुंबकों को जानें
- अध्याय 5: लंबाई एवं गति का मापन
- अध्याय 6: हमारे आस-पास की सामग्री
- अध्याय 7: ताप एवं उसका मापन
- अध्याय 8: जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा
- अध्याय 9: दैनिक जीवन में पृथक्करण विधियाँ
- अध्याय 10: सजीव—विशेषताओं का अन्वेषण
- अध्याय 11: प्रकृति की अमूल्य संपदा
- अध्याय 12: पृथ्वी से परे
अध्याय 1: विज्ञान का अनूठा संसार
अंतिम प्रश्नावली — पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक से, बहु-स्रोत सत्यापित)
(यह पाठ्यपुस्तक का परिचयात्मक अध्याय है — इसमें पारंपरिक क्रमांकित “अभ्यास” के स्थान पर चर्चा-आधारित प्रश्न दिए गए हैं, जो पूरी किताब में आगे क्या सीखेंगे, इसकी झलक देते हैं। नीचे इस अध्याय के सभी चर्चा-बिंदुओं के पूर्ण हल दिए गए हैं।)
प्र. 1: विज्ञान क्या है?
हल: विज्ञान सोचने, अवलोकन करने और चीज़ों को करने का एक तरीका है, जिससे हम अपने चारों ओर की दुनिया को समझते हैं और ब्रह्मांड के रहस्यों को उजागर करते हैं। यह रसोई से लेकर बाहरी अंतरिक्ष तक — हर जगह मौजूद है।
प्र. 2: इस पुस्तक की सहायता से हम क्या-क्या जानेंगे/खोजेंगे?
हल: हम इस पुस्तक में पृथ्वी, प्राकृतिक परिघटनाओं, विविध पेड़-पौधों और जंतुओं, भोजन, जल की अवस्थाओं, ताप, पदार्थों के गुणों, पृथक्करण विधियों, चुंबकत्व, मापन और पर्यावरण-संरक्षण जैसे अनेक विषयों को अवलोकन और प्रश्न पूछने की प्रक्रिया द्वारा समझेंगे।
प्र. 3: हम अपने प्रश्नों के उत्तर स्वयं कैसे खोज सकते हैं?
हल: वैज्ञानिक अन्वेषण द्वारा — यानी सावधानीपूर्वक अवलोकन (observation) करके, प्रश्न पूछकर, छोटे-छोटे प्रयोग (experimentation) करके और परिणामों का विश्लेषण करके हम अपने प्रश्नों के उत्तर स्वयं खोज सकते हैं। यह प्रक्रिया कुछ इस तरह चलती है: अवलोकन करें → प्रश्न पूछें → प्रयास करें → सीखें।
प्र. 4: “बुद्धिमान (wise) बनने के लिए आपको ‘क्यों’ (whys) पूछने वाला व्यक्ति बनना होगा” — इस कथन को समझाइए।
हल: जिज्ञासु मन बार-बार “क्यों” पूछकर गहराई से सोचने की आदत विकसित करता है। सच में बुद्धिमान व्यक्ति हर बात को बिना सोचे-समझे स्वीकार नहीं करते, बल्कि लगातार प्रश्न पूछकर समझने और सीखने की कोशिश करते रहते हैं — यही आलोचनात्मक और विश्लेषणात्मक (critical and analytical) सोच वास्तविक बुद्धिमत्ता को दर्शाती है।
अध्याय 2: सजीव जगत में विविधता
अंतिम प्रश्नावली — सभी 10 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक से, बहु-स्रोत सत्यापित)
प्र. 1: यहाँ दो प्रकार के बीज दिए गए हैं (गेहूँ और राजमा)। उनके पौधों की जड़ों और पत्तियों के शिराविन्यास (venation) में क्या अंतर पाया जाता है?
हल: गेहूँ (एकबीजपत्री/monocot) में रेशेदार जड़ें (fibrous roots) और समानांतर शिराविन्यास (parallel venation) होता है, जबकि राजमा (द्विबीजपत्री/dicot) में मूसला जड़ (taproot) और जालिकावत शिराविन्यास (reticulate venation) पाया जाता है।
प्र. 2: नीचे कुछ जंतुओं के नाम दिए गए हैं — उन्हें उनके आवास (habitat) के आधार पर समूहों में बाँटिए।
हल: जलीय (Aquatic): डॉल्फिन, व्हेल। स्थलीय (Terrestrial): घोड़ा, भेड़, गिलहरी, कबूतर, केंचुआ। उभयचर/दोनों जगह (Both): मेंढक, मगरमच्छ, कछुआ।
प्र. 3: मूली (radish) की जाँच कीजिए और लिखिए कि यह किस प्रकार की जड़ है। मूली के पौधे की पत्तियों में किस प्रकार का शिराविन्यास दिखाई देगा?
हल: मूली में मोटी, गूदेदार मूसला जड़ (thick, fleshy taproot) होती है। चूँकि मूली एक द्विबीजपत्री (dicot) पौधा है, अतः इसकी पत्तियों में जालिकावत शिराविन्यास (reticulate venation) देखने को मिलेगा।
प्र. 4: पहाड़ी बकरी और मैदानी क्षेत्र में पाई जाने वाली बकरी के चित्र को देखिए। दोनों में समानताएँ और अंतर बताइए।
हल: समानताएँ: दोनों एक ही कुल (family) के शाकाहारी (herbivorous) जंतु हैं। अंतर: पहाड़ी बकरी के बाल घने/मोटे होते हैं और पैर छोटे-मज़बूत होते हैं जो ठंडे व ऊँचे-नीचे इलाके के अनुकूल हैं, जबकि मैदानी बकरी के बाल पतले और शरीर की बनावट सामान्य मैदानी जलवायु के अनुसार होती है।
प्र. 5: अध्याय में बताई गई विशेषताओं के अलावा किसी अन्य लक्षण के आधार पर नीचे दिए गए जंतुओं को दो समूहों में बाँटिए।
हल: उदाहरण के लिए — कशेरुकी (vertebrates) बनाम अकशेरुकी (invertebrates), या उड़ने वाले बनाम न उड़ने वाले जंतु — किसी भी उपयुक्त लक्षण के आधार पर समूह बनाए जा सकते हैं।
प्र. 6: वनोन्मूलन (deforestation) हमारे परिवेश को कैसे प्रभावित कर सकता है? इस चुनौती का समाधान हम कैसे कर सकते हैं?
हल: वनोन्मूलन से आवास (habitat) की क्षति होती है, जैव विविधता (biodiversity) घटती है, मिट्टी का कटाव बढ़ता है और वर्षा-चक्र प्रभावित होता है। समाधान: वनरोपण (afforestation), संरक्षित क्षेत्र (protected areas) बनाना और जन-जागरूकता अभियान चलाना।
प्र. 7: समूह ‘A’ और ‘B’ के उदाहरण क्या हो सकते हैं (पत्तियों के शिराविन्यास के आधार पर)?
हल: समूह A — जालिकावत शिराविन्यास (reticulate venation) वाले द्विबीजपत्री पौधे (जैसे राजमा, आम)। समूह B — समानांतर शिराविन्यास (parallel venation) वाले एकबीजपत्री पौधे (जैसे गेहूँ, घास)।
प्र. 8: संजय गुड़हल (hibiscus) के पौधे के वर्गीकरण को लेकर उलझन में है — वह स्पष्टीकरण के लिए क्या प्रश्न पूछ सकता है?
हल: वह पूछ सकता है — पौधे की ऊँचाई कितनी है? तना कठोर है या मुलायम? तना कितना मोटा है? शाखाएँ तने के किस भाग से निकलती हैं? (इन उत्तरों के आधार पर यह तय होगा कि पौधा वृक्ष, झाड़ी या शाक की श्रेणी में आता है।)
प्र. 9: (क) समूह A के पौधों में और क्या समानता है? (ख) समूह B के पौधों में और क्या समानता है?
हल: (क) समूह A के पौधों में जालिकावत शिराविन्यास (reticulate venation) एक समान लक्षण है। (ख) समूह B के पौधों की पत्तियों में समानांतर शिराविन्यास (parallel venation) पाया जाता है।
प्र. 10: बत्तख के पैरों की बनावट अन्य पक्षियों से किस प्रकार भिन्न है? इस अंग की सहायता से बत्तख कौन-सी गतिविधि कर पाती है?
हल: बत्तख के पैरों में जालीदार/झिल्लीदार बनावट (webbed feet) होती है, जबकि अन्य पक्षियों की उँगलियाँ अलग-अलग होती हैं। इस जालीदार पैर की सहायता से बत्तख पानी में तैर (swim) सकती है।
अध्याय 3: उचित आहार—स्वस्थ शरीर का आधार
अंतिम प्रश्नावली — सभी 13 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक से, बहु-स्रोत सत्यापित)
प्र. 1: विषम को छाँटिए और कारण बताइए: (i) ज्वार, बाजरा, रागी, चना (ii) राजमा, मूँग, सोयाबीन, चावल
हल: (i) चना विषम है क्योंकि यह एक दलहन (pulse) है, जबकि बाकी तीनों मोटे अनाज/मिलेट्स (millets) हैं। (ii) चावल विषम है क्योंकि यह एक अनाज (cereal) है, जबकि बाकी तीनों दलहन (pulses) हैं।
प्र. 2: भारत की पारंपरिक और आधुनिक खान-पान की आदतों की चर्चा कीजिए।
हल: पारंपरिक तरीकों में स्थानीय व ताज़ी सामग्री तथा धीमी आँच पर पकाना (slow cooking) शामिल है, जिससे पोषक तत्व अधिक सुरक्षित रहते हैं। आधुनिक तरीकों में प्रसंस्कृत भोजन (processed food) और बिजली से चलने वाले उपकरणों का उपयोग अधिक होता है, जो सुविधाजनक तो है पर अक्सर कम पौष्टिक होता है।
प्र. 3: शिक्षिका कहती हैं कि अच्छा भोजन औषधि की तरह कार्य कर सकता है। रवि इस बारे में कम-से-कम दो प्रश्न पूछना चाहता है — वे प्रश्न क्या हो सकते हैं?
हल: (1) कौन-से खाद्य पदार्थ औषधि की तरह कार्य कर सकते हैं? (2) ये खाद्य पदार्थ बीमारियों को रोकने या ठीक करने में किस प्रकार सहायक होते हैं?
प्र. 4: सभी स्वादिष्ट भोजन पौष्टिक नहीं होते और सभी पौष्टिक भोजन स्वादिष्ट नहीं होते — उदाहरण सहित अपने विचार साझा कीजिए।
हल: जैसे पिज़्ज़ा स्वादिष्ट तो है पर उसमें पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जबकि करेला (bitter gourd) पौष्टिक है पर बहुतों को स्वाद में अच्छा नहीं लगता। इसलिए भोजन में संतुलन और रचनात्मक पाक-विधियों (creative cooking) की आवश्यकता होती है, ताकि भोजन स्वादिष्ट भी हो और पौष्टिक भी।
प्र. 5: मेधा सब्ज़ियाँ खाने से बचता है लेकिन प्रसंस्कृत भोजन खूब खाता है, और उसे पेट संबंधी समस्याएँ रहती हैं। उसे अपने आहार में क्या बदलाव करने चाहिए?
हल: उसे अपने आहार में फल, सब्ज़ियाँ और साबुत अनाज (whole grains) शामिल करने चाहिए, जो रेशे (fibre) से भरपूर होते हैं और पाचन में सहायक होकर कब्ज़ (constipation) जैसी समस्याओं को रोकते हैं।
प्र. 6: रेशमा को धुंधली रोशनी में देखने में परेशानी होती थी। डॉक्टर ने जाँच के बाद एक विशेष विटामिन युक्त पूरक और कुछ खाद्य पदार्थ लेने की सलाह दी। (i) वह किस कमी रोग से पीड़ित है? (ii) उसके आहार में किस पोषक तत्व की कमी हो सकती है? (iii) उसे अपने आहार में कौन-से चार खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए?
हल: (i) उसे रतौंधी (night blindness) है। (ii) विटामिन A की कमी। (iii) गाजर, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ (जैसे पालक), शकरकंद, पपीता/आम, दूध और अंडे शामिल किए जा सकते हैं।
प्र. 7: आपको ये दिए गए हैं — (i) डिब्बाबंद फलों का रस (ii) ताज़ा फलों का रस (iii) ताज़ा फल। आप किसे पसंद करेंगे और क्यों?
हल: ताज़ा फल सबसे अच्छा विकल्प है क्योंकि इसमें विटामिन, खनिज और रेशे (fibre) — तीनों सुरक्षित रहते हैं। ताज़ा जूस में अधिकांश पोषक तत्व मिलते हैं पर रेशा (fibre) निकल जाता है। डिब्बाबंद जूस में अतिरिक्त शक्कर और परिरक्षक (preservatives) मिले होते हैं तथा पोषक तत्वों की हानि भी हो सकती है।
प्र. 8: गौरव के पैर में फ्रैक्चर हो गया। डॉक्टर ने हड्डी सही की, प्लास्टर लगाया और कैल्शियम की गोलियाँ दीं। दूसरी बार जाने पर डॉक्टर ने कैल्शियम के साथ विटामिन D सिरप भी दिया। (i) डॉक्टर ने कैल्शियम की गोलियाँ क्यों दीं? (ii) दूसरी बार विटामिन D सिरप साथ में क्यों दिया? (iii) डॉक्टर की इस दवा-प्रक्रिया को लेकर आपके मन में क्या प्रश्न उठता है?
हल: (i) कैल्शियम हड्डी को जोड़ने और मज़बूत बनाने में सहायक होता है। (ii) विटामिन D शरीर को कैल्शियम को बेहतर ढंग से अवशोषित (absorb) करने में मदद करता है। (iii) प्रश्न उठता है कि पहली बार में ही कैल्शियम के साथ विटामिन D क्यों नहीं दिया गया।
प्र. 9: शक्कर (sugar) कार्बोहाइड्रेट का उदाहरण है। शक्कर की जाँच जब आयोडीन विलयन से की जाती है तो वह नीला-काला रंग नहीं देती — इसका क्या कारण हो सकता है?
हल: आयोडीन विशेष रूप से स्टार्च (starch) के साथ अभिक्रिया करके नीला-काला रंग देता है, न कि साधारण शक्कर (simple sugar) के साथ। चूँकि शक्कर में स्टार्च नहीं होता, इसलिए रंग परिवर्तन नहीं होता।
प्र. 10: रमन का कथन है — “सभी स्टार्च कार्बोहाइड्रेट हैं, परंतु सभी कार्बोहाइड्रेट स्टार्च नहीं हैं।” इस कथन के बारे में आपका क्या विचार है? इसे जाँचने के लिए एक गतिविधि की रूपरेखा बनाइए।
हल: रमन का कथन सही है — स्टार्च जैसे जटिल कार्बोहाइड्रेट (complex carbohydrates), शक्कर जैसे सरल कार्बोहाइड्रेट (simple carbohydrates) से भिन्न होते हैं। गतिविधि: शक्कर, ब्रेड, आलू और दूध जैसे विभिन्न खाद्य पदार्थों पर आयोडीन विलयन डालकर देखा जा सकता है — जिनमें रंग नीला-काला होगा, उनमें स्टार्च मौजूद है।
प्र. 11: प्रयोगशाला में आयोडीन का उपयोग करते समय मिष्टी के मोज़े और उनकी शिक्षिका की साड़ी पर आयोडीन की कुछ बूँदें गिर गईं। साड़ी पर बूँदें नीली-काली हो गईं जबकि मोज़ों पर रंग नहीं बदला — इसका क्या कारण हो सकता है?
हल: साड़ी सूती (कपास) जैसे प्राकृतिक रेशों से बनी होती है जिसमें स्टार्च होता है, इसलिए वह आयोडीन के साथ अभिक्रिया करती है। मोज़े संभवतः सिंथेटिक रेशों से बने होते हैं, जिनमें स्टार्च नहीं होता, इसलिए रंग परिवर्तन नहीं हुआ।
प्र. 12: मोटे अनाज (millets) को स्वास्थ्यवर्धक भोजन क्यों माना जाता है? क्या केवल मोटे अनाज खाने से शरीर की सारी पोषण संबंधी आवश्यकताएँ पूरी हो सकती हैं? चर्चा कीजिए।
हल: मोटे अनाज प्रोटीन, खनिज, विटामिन और रेशे (fibre) से भरपूर होते हैं, इसलिए स्वास्थ्यवर्धक माने जाते हैं। परंतु केवल मोटे अनाज खाने से शरीर की सभी पोषण आवश्यकताएँ पूरी नहीं हो सकतीं — इसके लिए दलहन, फल, सब्ज़ियाँ और दुग्ध उत्पाद जैसे विविध खाद्य समूह भी आवश्यक हैं।
प्र. 13: आपको एक विलयन का नमूना दिया गया है। आप कैसे जाँचेंगे कि यह आयोडीन विलयन हो सकता है?
हल: इस विलयन की कुछ बूँदें आलू या ब्रेड जैसे स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थ पर डालें। यदि रंग नीला-काला हो जाए, तो यह आयोडीन विलयन होने की पुष्टि होती है; रंग न बदलने पर यह आयोडीन विलयन नहीं है।
अध्याय 4: चुंबकों को जानें
अंतिम प्रश्नावली — सभी 11 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक से, बहु-स्रोत सत्यापित)
प्र. 1: रिक्त स्थान भरिए — (i) दो चुंबकों के असमान ध्रुव एक-दूसरे को ______ करते हैं, जबकि समान ध्रुव ______ करते हैं। (ii) चुंबक की ओर आकर्षित होने वाले पदार्थ ______ कहलाते हैं। (iii) चुंबकीय कम्पास की सुई ______ दिशा में स्थिर होती है। (iv) एक चुंबक के सदैव ______ ध्रुव होते हैं।
हल: (i) आकर्षित (attract), प्रतिकर्षित (repel)। (ii) चुंबकीय पदार्थ (magnetic materials)। (iii) उत्तर-दक्षिण (north-south)। (iv) दो (उत्तर और दक्षिण / North and South)।
प्र. 2: बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य (T) हैं या असत्य (F): (i) चुंबक को तोड़कर एक ही ध्रुव प्राप्त किया जा सकता है। (ii) चुंबक के समान ध्रुव एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं। (iii) छड़ चुंबक के पास लाने पर लोहे का बुरादा मुख्यतः चुंबक के मध्य भाग में चिपकता है। (iv) स्वतंत्र रूप से लटकाया गया छड़ चुंबक सदैव उत्तर-दक्षिण दिशा में संरेखित होता है।
हल: (i) असत्य (F) — चुंबक को कितना भी तोड़ें, हर टुकड़े में दो ध्रुव बने रहते हैं। (ii) सत्य (T)। (iii) असत्य (F) — बुरादा मुख्यतः ध्रुवों (सिरों) पर चिपकता है, मध्य भाग में सबसे कम। (iv) सत्य (T)।
प्र. 3: स्तंभ I में एक चुंबक के ध्रुव की स्थिति दूसरे चुंबक के ध्रुव के पास दर्शाई गई है और स्तंभ II में उनकी अन्योन्यक्रिया (interaction) दी गई है। रिक्त स्थान भरिए।
हल: N–N → प्रतिकर्षण (repulsion); N–S → आकर्षण (attraction); S–N → आकर्षण (attraction); S–S → प्रतिकर्षण (repulsion)।
प्र. 4: आपको एक छड़ चुंबक दिया गया है जिसके ध्रुव चिह्नित नहीं हैं। आप कैसे पता लगाएँगे कि कौन-सा सिरा उत्तर ध्रुव है और कौन-सा दक्षिण?
हल: चुंबक को धागे से बीच में बाँधकर स्वतंत्र रूप से लटकाया जाए। जब चुंबक स्थिर हो जाए, तो जो सिरा उत्तर दिशा की ओर रुकेगा वह उत्तर ध्रुव और जो दक्षिण दिशा की ओर रुकेगा वह दक्षिण ध्रुव कहलाएगा। वैकल्पिक रूप से, एक ज्ञात-ध्रुव वाले चुंबक के पास लाकर आकर्षण/प्रतिकर्षण देखकर भी ध्रुव पहचाने जा सकते हैं।
प्र. 5: दो छड़ चुंबकों में से किसी एक चुंबक की चुंबकीय शक्ति समाप्त हो गई है, बिना किसी अन्य चुंबक की सहायता के आप कैसे पता लगाएँगे कि कौन-सा चुंबक वास्तविक है?
हल: दोनों छड़ों में से एक को स्थिर रखें और दूसरी छड़ के एक सिरे को पहली छड़ की पूरी लंबाई पर घुमाएँ। यदि आकर्षण केवल सिरों पर महसूस हो और मध्य भाग में न हो, तो जो छड़ स्थिर रखी गई थी वही असली चुंबक है (क्योंकि चुंबकीय बल ध्रुवों पर सबसे अधिक होता है); यदि दोनों जगह समान आकर्षण महसूस हो तो घुमाई जा रही छड़ चुंबक है।
प्र. 6: चुंबकीय पदार्थों और अचुंबकीय पदार्थों के दो-दो उदाहरण दीजिए।
हल: चुंबकीय पदार्थ: लोहा, निकिल। अचुंबकीय पदार्थ: लकड़ी, प्लास्टिक।
प्र. 7: कम्पास का उपयोग करके दिशा ज्ञात करने की विधि समझाइए।
हल: कम्पास को समतल सतह पर रखा जाता है और उसकी चुंबकीय सुई को स्वतंत्र रूप से घूमने दिया जाता है। सुई स्थिर होने पर उसका उत्तर-चिह्नित सिरा सदैव भौगोलिक उत्तर दिशा की ओर संकेत करता है, जिससे शेष दिशाएँ (दक्षिण, पूर्व, पश्चिम) निर्धारित की जा सकती हैं।
प्र. 8: दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले चुंबकों के तीन उदाहरण दीजिए।
हल: (1) फ्रिज के दरवाज़े की चुंबकीय पट्टी। (2) कम्पास। (3) पेंसिल बॉक्स/पर्स का चुंबकीय क्लैस्प (clasp)।
प्र. 9: क्या पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुंबक की तरह व्यवहार करती है? स्पष्ट कीजिए।
हल: हाँ, पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुंबक की भाँति व्यवहार करती है जिसके भौगोलिक उत्तर और दक्षिण ध्रुव के निकट चुंबकीय ध्रुव स्थित हैं। यही कारण है कि स्वतंत्र रूप से लटका हुआ चुंबक या कम्पास की सुई सदैव उत्तर-दक्षिण दिशा में संरेखित होती है।
प्र. 10: मान लीजिए आपके पास एक चुंबक और लोहे की एक छड़ है, जो दिखने में बिल्कुल एक जैसी हैं। बिना किसी अन्य उपकरण के आप कैसे बताएँगे कि कौन-सी छड़ चुंबक है?
हल: प्रश्न 5 की विधि अपनाई जा सकती है — एक छड़ के एक सिरे को दूसरी छड़ की लंबाई पर घुमाकर देखें कि आकर्षण केवल सिरों पर होता है या पूरी लंबाई पर समान रहता है; इससे असली चुंबक की पहचान हो जाती है।
प्र. 11: चुंबक का उपयोग करने में कोई एक सावधानी (precaution) बताइए।
हल: चुंबक को अत्यधिक गर्मी, ज़ोरदार चोट (हथौड़े से मारना) या गिरने से बचाना चाहिए, क्योंकि इससे चुंबक की चुंबकीय शक्ति कमज़ोर या समाप्त हो सकती है। इसे टीवी, मोबाइल जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और क्रेडिट/डेबिट कार्डों से भी दूर रखना चाहिए।
अध्याय 5: लंबाई एवं गति का मापन
अंतिम प्रश्नावली — सभी 13 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक से, बहु-स्रोत सत्यापित)
प्र. 1: स्तंभ I में दी गई लंबाइयों को स्तंभ II की उपयुक्त इकाइयों से मिलाइए।
हल: दिल्ली से लखनऊ की दूरी → किलोमीटर; एक सिक्के की मोटाई → मिलीमीटर; एक रबड़ की लंबाई → सेंटीमीटर; स्कूल के मैदान की लंबाई → मीटर।
प्र. 2: सत्य (T) या असत्य (F) बताइए: (i) सीधी सड़क पर कार की गति रैखिक गति है (ii) संदर्भ बिंदु के सापेक्ष स्थिति बदलने वाली कोई भी वस्तु गतिमान है (iii) 1 किमी = 100 सेमी
हल: (i) सत्य (T); (ii) सत्य (T); (iii) असत्य (F) — सही है 1 किमी = 100,000 सेमी।
प्र. 3: निम्नलिखित में से कौन-सी लंबाई मापने की मानक इकाई नहीं है?
हल: बित्ता (handspan) लंबाई मापने की मानक इकाई नहीं है, क्योंकि यह व्यक्ति-व्यक्ति में भिन्न होती है।
प्र. 4: अलग-अलग स्केल/मापन टेप की खोज कीजिए और पता लगाइए कि उनसे मापी जा सकने वाली सबसे छोटी माप क्या है।
हल: 15 सेमी स्केल = 1 मिमी; लचीली टेप = 1 मिमी/1 इंच; लंबी टेप रील = 1 सेमी/1 इंच; वर्नियर कैलिपर = 0.1 मिमी; पेंच गेज (screw gauge) = 0.01 मिमी। (यह गतिविधि/अवलोकन-आधारित प्रश्न है — वास्तविक उपकरणों की जाँच करके उत्तर की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।)
प्र. 5: 1.5 किमी दूरी को मीटर में व्यक्त कीजिए।
हल: 1 किमी = 1000 मीटर ∴ 1.5 किमी = 1.5 × 1000 = 1500 मीटर।
प्र. 6: किसी काँच की बोतल के गोलाकार आधार (curved base) को मापिए।
हल: (यह गतिविधि-आधारित प्रश्न है) — एक धागे या लचीली मापन-पट्टी को बोतल के गोल आधार के चारों ओर लपेटें, फिर धागे की लंबाई को सीधी पट्टी/स्केल पर मापें।
प्र. 7: अपने मित्र की ऊँचाई मीटर, सेंटीमीटर और मिलीमीटर में मापिए।
हल: उदाहरण: 1.55 मीटर = 155 सेंटीमीटर = 1550 मिलीमीटर (रूपांतरण: 1 मी = 100 सेमी; 1 सेमी = 10 मिमी)। (वास्तविक मान आपके मित्र की वास्तविक ऊँचाई मापने पर निर्भर करता है।)
प्र. 8: अपनी कॉपी की लंबाई ढकने के लिए आवश्यक सिक्कों की संख्या का अनुमान लगाइए; फिर मापकर जाँचिए।
हल: कॉपी की लंबाई को सिक्के के व्यास से भाग दीजिए। उदाहरण: 20 सेमी लंबी कॉपी ÷ 2 सेमी व्यास वाला सिक्का = लगभग 10 सिक्के आवश्यक होंगे।
प्र. 9: रैखिक, वृत्तीय और दोलन गति के दो-दो उदाहरण दीजिए।
हल: रैखिक गति (linear motion): सीधी सड़क पर चलती कार, गिरती हुई वस्तु। वृत्तीय गति (circular motion): पंखे की गति, उपग्रह की गति। दोलन गति (oscillatory motion): झूलता हुआ पेंडुलम, कंपन करती गिटार की तार।
प्र. 10: मिमी, सेमी और मी से मापी जाने वाली तीन-तीन वस्तुओं की सूची बनाइए।
हल: मिमी: सिक्के की मोटाई, पेंच का व्यास, तार की मोटाई। सेमी: पेंसिल की लंबाई, पानी की बोतल की ऊँचाई, स्मार्टफोन की लंबाई। मी: इमारत की ऊँचाई, खेल के मैदान की चौड़ाई, मनुष्य की ऊँचाई।
प्र. 11: रोलरकोस्टर ट्रैक पर बिंदु A से F तक की गति के प्रकार बताइए।
हल: A से B = रैखिक गति; B से C = वृत्तीय गति; C से D = वृत्तीय गति; D से E = वृत्तीय गति; E से F = रैखिक गति। (वास्तविक उत्तर पाठ्यपुस्तक के चित्र की बनावट पर निर्भर करता है — मूल चित्र से मिलान करने की सलाह दी जाती है।)
प्र. 12: मीटर स्केल बनाने के लिए कौन-से पदार्थ उपयुक्त नहीं हैं और क्यों?
हल: रबड़ (खिंचती है), कपड़ा (सिकुड़ता/खिंचता है) और कागज़ (आसानी से मुड़ जाता/फट जाता है) — ये पदार्थ स्केल के लिए उपयुक्त नहीं हैं क्योंकि इनसे सटीक और स्थिर माप नहीं मिल पातीं। प्लाईवुड या स्टील जैसी कठोर सामग्री उपयुक्त रहती है।
प्र. 13: इकाई-रूपांतरण (unit conversion) के लिए एक कार्ड-गेम डिज़ाइन कीजिए।
हल: अलग-अलग इकाइयों में बराबर मान वाले कार्ड बनाए जा सकते हैं (जैसे “100 सेमी” का कार्ड “1 मी” के कार्ड से मेल खाएगा), जिन्हें खिलाड़ी मिमी, सेमी, मी और किमी के बीच रूपांतरण करके जोड़ते हैं।
अध्याय 6: हमारे आस-पास की सामग्री
अंतिम प्रश्नावली — सभी 10 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक से, बहु-स्रोत सत्यापित)
प्र. 1: अपनी रसोई में जाकर देखिए कि आपके माता-पिता ने विभिन्न खाद्य वस्तुओं को किस प्रकार व्यवस्थित किया है। क्या आप कोई बेहतर व्यवस्था-विधि सुझा सकते हैं?
हल: (यह अवलोकन-आधारित गतिविधि है) — वस्तुओं को प्रकार के अनुसार समूहों में रखें, बार-बार उपयोग होने वाली वस्तुएँ हाथ की पहुँच में रखें, कम उपयोग होने वाली वस्तुएँ ऊँचे शेल्फ़ पर रखें, और पारदर्शी लेबल लगे डिब्बों का उपयोग करें ताकि सामग्री आसानी से पहचानी जा सके।
प्र. 2: स्तंभ I के अक्षरों को सुलझाकर स्तंभ II के गुणों से मिलाइए।
हल: पदार्थ (matter) → स्थान घेरता है और द्रव्यमान रखता है; घुलनशील (soluble) → पानी में पूरी तरह घुल जाता है; पारदर्शी (transparent) → वस्तुएँ इसके आर-पार स्पष्ट दिखाई देती हैं; चमक (lustre) → चमकदार सतह।
प्र. 3: दुकानों और घरों में सामग्री रखने वाले डिब्बे प्रायः पारदर्शी होते हैं — इसका कारण बताइए।
हल: डिब्बे पारदर्शी होने से भीतर रखी सामग्री को बिना डिब्बा खोले आसानी से पहचाना जा सकता है, जिससे समय की बचत होती है और वस्तु ढूँढ़ने में सुविधा रहती है।
प्र. 4: बताइए कि नीचे दिए गए कथन सत्य [T] हैं या असत्य [F]। असत्य कथनों को सही कीजिए।
हल: (i) असत्य — सही कथन: “लकड़ी अपारदर्शी है जबकि काँच पारदर्शी है।” (ii) सत्य। (iii) सत्य। (iv) असत्य — सही कथन: “सेब एक पदार्थ है क्योंकि यह स्थान घेरता है और इसमें द्रव्यमान होता है।”
प्र. 5: हम विभिन्न पदार्थों से बनी कुर्सियाँ देखते हैं — बताइए कि किस पदार्थ से बनी कुर्सियाँ किन गुणों (कठोरता, हल्कापन, ठंडक-अहसास न होना, सफाई में आसानी) को सबसे अधिक पूरा करती हैं?
हल: (i) कठोरता के लिए — लोहा, सीमेंट, पत्थर। (ii) हल्केपन के लिए — प्लास्टिक और बाँस। (iii) ठंडक का अहसास न देने के लिए — लकड़ी और बाँस। (iv) आसानी से साफ होने के लिए — प्लास्टिक और लोहा।
प्र. 6: आपको निम्नलिखित एकत्र करने के लिए डिब्बों की आवश्यकता है — (i) रसोई का कचरा (ii) टूटा काँच (iii) रद्दी कागज़। आप किन पदार्थों का चयन करेंगे?
हल: (i) प्लास्टिक या धातु के डिब्बे (टिकाऊपन के लिए)। (ii) धातु या सख्त प्लास्टिक के डिब्बे (मज़बूती के लिए)। (iii) हल्के प्लास्टिक या गत्ते (कार्डबोर्ड) के डिब्बे।
प्र. 7: हवा हमारे चारों ओर है परंतु हमें एक-दूसरे को देखने में बाधा नहीं डालती, जबकि यदि बीच में लकड़ी का दरवाज़ा आ जाए तो हम एक-दूसरे को नहीं देख पाते। ऐसा इसलिए है क्योंकि हवा ______ है और लकड़ी का दरवाज़ा ______ है।
हल: हवा पारदर्शी (transparent) है और लकड़ी का दरवाज़ा अपारदर्शी (opaque) है।
प्र. 8: कल्पना कीजिए कि आपके पास X और Y नामक दो रहस्यमयी पदार्थ हैं (जिनके गुण दिए गए हैं) — पदार्थ X और Y क्या हो सकते हैं?
हल: पदार्थ X संभवतः कोई कठोर, घुलनशील ठोस है (जैसे नमक या शक्कर) — कठोर इसलिए क्योंकि यह अपना आकार बनाए रखता है। पदार्थ Y संभवतः कोई मुलायम, अघुलनशील पदार्थ है (जैसे मिट्टी या रबड़) — मुलायम इसलिए क्योंकि इसका आकार आसानी से बदल जाता है।
प्र. 9: (i) “मैं कौन हूँ?” — दिए गए गुणों के आधार पर मुझे पहचानिए। (ii) अपना खुद का “मैं कौन हूँ?” प्रश्न बनाइए।
हल: (i) चमक = धातु; संपीड़ित किया जा सकने वाला (compressed) = गैस; कठोर और घुलनशील = नमक; साफ न दिखना = पारभासी (translucent) वस्तुएँ; द्रव्यमान और आयतन हो पर दिखाई न दे = हवा। (ii) उदाहरण: “मैं कमरे के तापमान पर द्रव धातु हूँ, चमकदार और भारी हूँ — मैं कौन हूँ?” (उत्तर: पारा/मरकरी)।
प्र. 10: आपको निम्नलिखित पदार्थ दिए गए हैं — सिरका, शहद, सरसों का तेल, पानी, ग्लूकोज़ और गेहूँ का आटा। ऐसे कोई दो जोड़े बनाइए जिनमें एक पदार्थ दूसरे में घुलनशील हो, और दो जोड़े ऐसे बनाइए जिनमें एक पदार्थ दूसरे में अघुलनशील रहे।
हल: घुलनशील जोड़े: सिरका और पानी; ग्लूकोज़ और पानी। अघुलनशील जोड़े: सरसों का तेल और पानी; शहद और सरसों का तेल।
अध्याय 7: ताप एवं उसका मापन
अंतिम प्रश्नावली — सभी 14 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक से, बहु-स्रोत सत्यापित)
पाठ्य-अंतर्गत प्रश्न (In-text questions)
प्र. i: क्या केवल किसी व्यक्ति को छूकर हमेशा सही ढंग से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि उसे बुखार है?
हल: नहीं, केवल छूकर हमेशा सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि हमारे हाथ का तापमान अलग-अलग हो सकता है और इससे शरीर का सटीक तापमान नहीं जाना जा सकता। सटीक जानकारी के लिए क्लिनिकल थर्मामीटर आवश्यक है।
प्र. ii: क्या छोटे बच्चों का शरीर-तापमान वयस्कों की तुलना में सामान्यतः थोड़ा अधिक होता है?
हल: हाँ, बच्चों की तेज़ उपापचय क्रिया (metabolism) के कारण उनका सामान्य तापमान (लगभग 37.0°C–37.5°C) वयस्कों (लगभग 36.1°C–37.2°C) की तुलना में थोड़ा अधिक हो सकता है।
प्र. iii: क्या स्वस्थ वृद्ध व्यक्तियों का शरीर-तापमान सामान्यतः युवा वयस्कों से कम होता है?
हल: हाँ, आयु बढ़ने के साथ उपापचय क्रिया धीमी होने के कारण स्वस्थ वृद्ध व्यक्तियों का तापमान (लगभग 36.2°C–36.8°C) प्रायः युवा वयस्कों से थोड़ा कम होता है।
प्र. iv: क्या क्लिनिकल थर्मामीटर से उबलते पानी या बर्फ का तापमान मापा जा सकता है?
हल: नहीं, क्लिनिकल थर्मामीटर की माप-सीमा 35°C से 42°C तक होती है, इसलिए इससे उबलते पानी (100°C) या बर्फ (0°C या उससे कम) का तापमान नहीं मापा जा सकता।
अंतिम प्रश्नावली
प्र. 1: एक स्वस्थ मनुष्य का सामान्य तापमान लगभग ______ होता है।
हल: 37.0°C।
प्र. 2: 37°C, ______ तापमान के बराबर है।
हल: 98.4°F।
प्र. 3: रिक्त स्थान भरिए — (i) किसी वस्तु की गर्माहट या ठंडक उसके ______ से निर्धारित होती है। (ii) बर्फ जैसे ठंडे पानी का तापमान ______ थर्मामीटर से नहीं मापा जा सकता। (iii) तापमान की इकाई डिग्री ______ है।
हल: (i) ताप (temperature)। (ii) क्लिनिकल (clinical)। (iii) सेल्सियस (celsius)।
प्र. 4: प्रयोगशाला थर्मामीटर की माप-सीमा सामान्यतः ______ होती है।
हल: 10°C से 100°C।
प्र. 5: चार विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला थर्मामीटर से पानी का तापमान मापा — किसने सही विधि अपनाई?
हल: विद्यार्थी 2 ने सही ढंग से मापा, क्योंकि उसने थर्मामीटर को बीकर की दीवारों या तली को छुए बिना, सीधा (upright) रखकर मापा।
प्र. 6: दिए गए तापमानों के अनुसार थर्मामीटर के चित्रों में लाल स्तंभ (red column) रंगिए।
हल: (यह चित्र-आधारित प्रश्न है — पुस्तक के मूल चित्र में स्केल के विभाजनों के अनुसार 14°C, 17°C और 7.5°C तक रंग भरा जाना है; सटीक अंकन हेतु मूल पाठ्यपुस्तक के चित्र से मिलान करने की सलाह दी जाती है।)
प्र. 7: चित्र में दिखाए गए थर्मामीटर के भाग को देखिए और बताइए — (i) यह किस प्रकार का थर्मामीटर है? (ii) थर्मामीटर का पाठ्यांक (reading) क्या है? (iii) इस थर्मामीटर से मापा जा सकने वाला सबसे छोटा मान क्या है?
हल: (i) यह एक प्रयोगशाला थर्मामीटर है (माप-सीमा -10°C से 110°C)। (ii) पाठ्यांक 26°C है। (iii) सबसे छोटा मापा जा सकने वाला मान -10°C है।
प्र. 8: प्रयोगशाला थर्मामीटर का उपयोग हमारे शरीर का तापमान मापने के लिए नहीं किया जाता — कारण बताइए।
हल: इसकी माप-सीमा बहुत विस्तृत (-10°C से 110°C) होती है, जिससे शरीर के छोटे तापमान-परिवर्तन को सटीकता से पढ़ना कठिन होता है; साथ ही इसे लगातार संपर्क में रखना भी असुविधाजनक होता है।
प्र. 9: वैष्णवी बीमार होने के कारण स्कूल नहीं गई। उसकी माँ ने तीन दिनों तक उसका शरीर-तापमान दर्ज किया (सारणी 7.4)। (i) वैष्णवी का सबसे अधिक दर्ज तापमान क्या था? (ii) यह किस दिन और किस समय दर्ज हुआ? (iii) किस दिन उसका तापमान सामान्य हुआ?
हल: (i) 40°C। (ii) पहले दिन शाम 7 बजे। (iii) तीसरे दिन। (सटीक आँकड़े मूल पाठ्यपुस्तक की सारणी 7.4 पर आधारित हैं — मिलान करने की सलाह दी जाती है।)
प्र. 10: यदि आपको 22.5°C तापमान मापना हो, तो चित्र 7.9 में दिए गए तीन थर्मामीटरों में से आप किसका उपयोग करेंगे? स्पष्ट कीजिए।
हल: जिस थर्मामीटर में आधे-डिग्री (0.5°C) के विभाजन अंकित हों, उसी से 22.5°C जैसा सटीक मान सही ढंग से पढ़ा जा सकता है।
प्र. 11: चित्र 7.10 में थर्मामीटर द्वारा दर्शाया गया तापमान है —
हल: 27.5°C।
प्र. 12: एक प्रयोगशाला थर्मामीटर में 0°C और 100°C के बीच 50 विभाजन (divisions) हैं। इसका प्रत्येक विभाजन क्या मापता है?
हल: प्रत्येक विभाजन = 100°C ÷ 50 = 2°C मापता है।
प्र. 13: एक थर्मामीटर का स्केल बनाइए जिसका सबसे छोटा विभाजन 0.5°C पढ़ता हो। आप केवल 10°C और 20°C के बीच का भाग बना सकते हैं।
हल: (यह चित्र बनाने वाला प्रश्न है) — 10°C से 20°C के बीच कुल 10°C के अंतराल को 0.5°C के 20 बराबर विभाजनों में बाँटकर एक सीधी रेखा पर अंकित करें।
प्र. 14: किसी ने आपको बताया कि उसे 101 डिग्री बुखार है। क्या वह सेल्सियस स्केल की बात कर रहा है या फ़ॉरेनहाइट स्केल की?
हल: वह फ़ॉरेनहाइट स्केल की बात कर रहा है, क्योंकि मानव शरीर का सामान्य तापमान लगभग 37°C होता है और 101°C तो जानलेवा रूप से अत्यधिक उच्च तापमान होगा — जबकि 101°F एक सामान्य बुखार का मान है।
अध्याय 8: जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा
अंतिम प्रश्नावली — सभी 11 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक से, बहु-स्रोत सत्यापित)
प्र. i (पाठ्य-अंतर्गत): जलवाष्प युक्त हवा वायुमंडल में ऊपर क्यों उठती है?
हल: जलवाष्प हवा की तुलना में हल्की होती है, जिसके कारण यह ऊपर उठती है — ठीक उसी तरह जैसे हल्की गैस भरे गुब्बारे ऊपर उठते हैं।
प्र. 1: निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प संघनन (condensation) को सबसे सही ढंग से परिभाषित करता है?
हल: जलवाष्प का द्रव अवस्था में परिवर्तित होना — यही संघनन की सही परिभाषा है।
प्र. 2: पहचानिए कि दी गई प्रक्रियाओं में से किसमें वाष्पीकरण (evaporation) महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है — (i) रंग भरने में: जल रंग (water colours) से। (ii) कागज़ पर लिखने में: स्याही वाले पेन (ink pen) से।
हल: दोनों ही स्थितियों में सूखने की प्रक्रिया वाष्पीकरण द्वारा होती है — पानी आधारित रंग/स्याही सूखते समय उसमें मौजूद पानी वाष्पित होकर उड़ जाता है।
प्र. 3: आजकल कई जगह हरी प्लास्टिक की नकली घास दिखती है। प्राकृतिक घास के आस-पास की जगह प्लास्टिक घास की तुलना में ठंडी महसूस होती है — इसका कारण पता लगाइए।
हल: प्राकृतिक घास वाष्पोत्सर्जन (transpiration) और वाष्पीकरण (evaporation) द्वारा नमी छोड़ती है — इस प्रक्रिया में आस-पास से ऊष्मा अवशोषित होती है जिससे ठंडक महसूस होती है। प्लास्टिक की घास में यह प्रक्रिया नहीं होती, इसलिए वहाँ ठंडक नहीं मिलती।
प्र. 4: पानी के अलावा ऐसे अन्य द्रवों के उदाहरण दीजिए जो वाष्पित होते हैं।
हल: स्प्रिट/एल्कोहॉल, तेल, पेट्रोल, एसीटोन, सैनिटाइज़र और दूध।
प्र. 5: पंखे हवा को चलाकर ठंडक का अहसास देते हैं — इस बारे में आपका क्या विचार है (वाष्पीकरण से संबंध)?
हल: हवा की गति बढ़ने से वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है। पंखा गीले कपड़ों/त्वचा के पास की जलवाष्प को हटाता रहता है, जिससे वाष्पीकरण तेज़ी से होता है और ठंडक का अहसास होता है तथा गीले कपड़े जल्दी सूख जाते हैं।
प्र. 6: प्रायः नाली से कीचड़ (sludge) निकालने के बाद उसे कुछ दिनों के लिए खुला छोड़ दिया जाता है — विचार कीजिए और बताइए क्यों।
हल: गीले कीचड़ को कुछ दिनों तक खुला छोड़ने से उसमें मौजूद पानी वाष्पित होकर उड़ जाता है, जिससे कीचड़ हल्का हो जाता है और उसे ले जाना (परिवहन) आसान व सस्ता हो जाता है, साथ ही श्रमिकों के लिए संभालना भी सुरक्षित रहता है।
प्र. 7: एक दिन अपने घर की गतिविधियों का अवलोकन कीजिए — वाष्पीकरण की प्रक्रिया को समझना हमारी दैनिक गतिविधियों में कैसे सहायक है?
हल: कपड़े सुखाना, दूध ठंडा करना, फर्श पोंछना, पसीना आना और खाना पकाना जैसी दैनिक गतिविधियों में वाष्पीकरण की भूमिका होती है। यह जानना कि वाष्पीकरण सूर्य की रोशनी, हवा की गति और नमी पर निर्भर करता है, इन कार्यों को बेहतर ढंग से करने में मदद करता है (जैसे कपड़े धूप और हवादार जगह पर सुखाना)।
प्र. 8: प्रकृति में जल ठोस अवस्था में किस रूप में मौजूद रहता है?
हल: हिमनद (glaciers), बर्फ (snow), पाला (frost), बर्फ की टोपियाँ (ice caps) और ओले (hail) के रूप में।
प्र. 9: “जल हमारा अधिकार बनने से पहले हमारी ज़िम्मेदारी है” — इस कथन पर अपने विचार साझा कीजिए।
हल: यद्यपि जल तक पहुँच एक मौलिक अधिकार है, बढ़ती जनसंख्या के कारण जल की माँग भी बढ़ रही है, इसलिए इसका ज़िम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना और प्रदूषण रोकना हम सभी का कर्तव्य है — जल का संरक्षण करना हमारी ज़िम्मेदारी है।
प्र. 10: धूप में खड़े दुपहिया वाहन (two-wheeler) की सीट बहुत गर्म हो गई है — इसे कैसे ठंडा किया जा सकता है?
हल: सीट पर पानी छिड़कने या गीला कपड़ा रखने से यह ठंडी हो सकती है, क्योंकि पानी के वाष्पित होने की प्रक्रिया में सीट की सतह से ऊष्मा अवशोषित होती है, जिससे सतह ठंडी हो जाती है।
अध्याय 9: दैनिक जीवन में पृथक्करण विधियाँ
अंतिम प्रश्नावली — सभी 10 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक से, बहु-स्रोत सत्यापित)
प्र. 1: पृथक्करण की प्रक्रिया में हाथ से चुनने (handpicking) की क्या भूमिका है? (i) निस्यंदन (ii) छँटाई (iii) वाष्पीकरण (iv) अवक्षेपण
हल: (ii) छँटाई (sorting)।
प्र. 2: निम्नलिखित में से किसे मंथन (churning) विधि द्वारा सामान्यतः अलग किया जाता है? (i) पानी से तेल (ii) पानी से रेत (iii) दूध से मलाई (iv) हवा से ऑक्सीजन
हल: (iii) दूध से मलाई (cream from milk)।
प्र. 3: निस्यंदन (filtration) के लिए सामान्यतः कौन-सा कारक आवश्यक है? (i) उपकरण का आकार (ii) हवा की उपस्थिति (iii) छिद्रों का आकार (iv) मिश्रण का तापमान
हल: (iii) छिद्रों का आकार (pore size)।
प्र. 4: बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य [T] हैं या असत्य [F], कारण सहित। असत्य कथनों को सही कीजिए।
हल: (i) सत्य [T] — नमक को नमक-घोल से धूप में रखकर (वाष्पीकरण द्वारा) अलग किया जा सकता है। (ii) सत्य [T] — हाथ से चुनना तभी उपयोगी है जब किसी एक घटक की मात्रा कम हो। (iii) असत्य [F] — सही कथन: “फूले हुए चावल (murmura) और चावल के दानों के मिश्रण को फटकने (winnowing) द्वारा अलग किया जा सकता है, क्योंकि फूला चावल चावल के दानों से हल्का होता है,” न कि दंराई (threshing) द्वारा। (iv) सत्य [T] — सरसों तेल और नींबू पानी के मिश्रण को अवक्षेपण (decantation) द्वारा अलग किया जा सकता है। (v) असत्य [F] — सही कथन: “चावल के आटे और पानी को अलग करने के लिए वाष्पीकरण या निस्यंदन का उपयोग किया जाता है,” न कि चालन (sieving) का।
प्र. 5: स्तंभ I के मिश्रणों को स्तंभ II की पृथक्करण विधि से मिलाइए।
हल: बेसन में मिली उड़द दाल → चालन (sieving); पानी में मिला चाक पाउडर → निस्यंदन (filtration); मक्का में मिले आलू → हाथ से चुनना (handpicking); चूरे (sawdust) में मिला लोहे का चूर्ण → चुंबकीय पृथक्करण (magnetic separation); पानी में मिला तेल → अवक्षेपण (decantation)।
प्र. 6: ठोस को द्रव से अलग करने के लिए निस्यंदन के बजाय अवक्षेपण (decantation) का उपयोग किन परिस्थितियों में किया जाता है?
हल: जब ठोस कण भारी हों और वे स्वयं बर्तन के तल में बैठ (settle) जाते हों, तब निस्यंदन के बजाय अवक्षेपण का उपयोग किया जाता है — क्योंकि इसमें बिना छानने के ऊपर का साफ द्रव सावधानी से अलग बर्तन में उड़ेल दिया जाता है।
प्र. 7: क्या आप नाक के बालों (nasal hair) की उपस्थिति को किसी पृथक्करण प्रक्रिया से जोड़ सकते हैं?
हल: हाँ, नाक के बालों की तुलना निस्यंदन (filtration) प्रक्रिया से की जा सकती है। जैसे निस्यंदन द्रव या गैस से अवांछित अशुद्धियाँ हटाता है, वैसे ही नाक के बाल हवा में मौजूद धूल कण, पराग और अन्य बाहरी कणों को छानकर शरीर में प्रवेश करने से रोकते हैं।
प्र. 8: कोविड-19 महामारी के दौरान हम सभी मास्क पहनते थे। सामान्यतः ये किस पदार्थ के बने होते हैं? इनकी क्या भूमिका होती है?
हल: मास्क सामान्यतः सूती कपड़े, पॉलिएस्टर और पॉलीप्रोपिलीन से बनाए जाते हैं। ये न केवल हवा में मौजूद धूल कणों को नासिका में प्रवेश करने से रोकते हैं, बल्कि एक अवरोधक (barrier) के रूप में कार्य करके बैक्टीरिया, वायरस और अन्य रोगजनकों को भी रोकते हैं।
प्र. 9: आपको आलू, नमक और चूरे (sawdust) से बना मिश्रण दिया गया है। इस मिश्रण के प्रत्येक घटक को अलग करने के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया बताइए।
हल: सबसे पहले हाथ से चुनकर (handpicking) आलू को मिश्रण से अलग करें। शेष मिश्रण में पानी मिलाकर नमक को घोलें। इसके बाद फिल्टर पेपर से निस्यंदन (filtration) करके चूरे को नमक-घोल से अलग करें। अंत में शेष नमक-घोल को वाष्पित (evaporation) करके ठोस नमक प्राप्त करें।
प्र. 10: “बुद्धिमान लीला” नामक कहानी पढ़िए और रिक्त स्थान भरिए।
हल: लीला ने तालाब के गंदे पानी को पहले कुछ देर स्थिर छोड़ा जिससे भारी कण नीचे बैठ (settle) गए, फिर उसे मलमल के कपड़े से छान (filter) लिया। इसके बाद उसने पानी को ढके हुए बर्तन में दस मिनट तक उबाला। ठंडा होने पर उसने पानी को फिर से छाना, जिससे वह पीने योग्य (fit) हो गया। (सटीक शब्द-चयन मूल पाठ्यपुस्तक की कहानी पर निर्भर है — मिलान करने की सलाह दी जाती है।)
अध्याय 10: सजीव—विशेषताओं का अन्वेषण
अंतिम प्रश्नावली — सभी 9 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक से, बहु-स्रोत सत्यापित)
पाठ्य-अंतर्गत प्रश्न
प्र. i: एक बीज को सजीव मानें या निर्जीव?
हल: बीज एक सजीव वस्तु है, क्योंकि अनुकूल परिस्थितियों में यह अंकुरित होकर एक पौधे में विकसित हो सकता है।
प्र. ii: मच्छर के जीवन-चक्र को कैसे बाधित किया जा सकता है?
हल: लार्वानाशी (larvicide) पदार्थों का उपयोग करके मच्छर के प्रजनन स्थलों (जैसे रुका हुआ पानी) में मौजूद लार्वा को नष्ट किया जा सकता है, इससे पहले कि वे वयस्क मच्छर बनकर फैलें। तरल लार्वानाशी को सीधे पानी में डाला जाता है, जबकि टिकिया, पेलेट, ग्रेन्यूलर जैसे रूप भी प्रजनन क्षेत्रों में प्रयोग होते हैं।
अंतिम प्रश्नावली
प्र. 1: पौधों और जंतुओं के जीवन-चक्र में समानताएँ और अंतर सूचीबद्ध कीजिए।
हल: समानताएँ: दोनों में एक प्रारंभिक अवस्था के बाद विकास की अवस्थाएँ होती हैं और अंत में मृत्यु होती है; दोनों में प्रजनन अवस्था होती है जिसमें संतान उत्पन्न होती है; दोनों में नर और मादा जनन-अंग होते हैं। अंतर: पौधे का जीवन-चक्र बीज-अंकुरण से शुरू होता है जबकि जंतु का जीवन-चक्र नवजात या अंडे से शुरू होता है। पौधे जीवनभर वृद्धि करते हैं, जबकि जंतु एक निश्चित अवस्था के बाद बढ़ना बंद कर देते हैं। बीज पौधे के जीवनभर उत्पन्न होते हैं, परंतु जंतुओं में निश्चित प्रजनन समयसीमा होती है। “पौधे एक स्थान से दूसरे स्थान नहीं जा सकते” पर “जंतु एक स्थान से दूसरे स्थान जाते हैं।” पौधे फूल, शंकु या बीजाणुओं से प्रजनन करते हैं, जबकि जंतुओं में विशेष जनन-अंग होते हैं। “पौधे रंध्र और वातरंध्र से श्वसन करते हैं” जबकि “जंतुओं में फेफड़े या गलफड़ जैसे विशेष अंग होते हैं।”
प्र. 2: अगले पृष्ठ की सारणी में कुछ आँकड़े दिए गए हैं। इसका अध्ययन कर दूसरे और तीसरे स्तंभों में दी गई परिस्थितियों के लिए उपयुक्त उदाहरण खोजने का प्रयास कीजिए।
हल: वृद्धि नहीं, श्वसन नहीं → किताब (निर्जीव वस्तु, न वृद्धि न श्वसन)। वृद्धि नहीं, श्वसन → विषाणु (अकेले पड़े रहने पर निर्जीव जैसा व्यवहार करता है, पर परपोषी मिलने पर श्वसन जैसी क्रियाएँ करता है)। वृद्धि, श्वसन नहीं → रेत के टीले (हवा के अनुसार बड़े-छोटे होते हैं पर निर्जीव होने के कारण श्वसन नहीं करते)। वृद्धि, श्वसन → मनुष्य, पौधे (सजीव जो वृद्धि और श्वसन दोनों कर सकते हैं)।
प्र. 3: आपने सीखा है कि बीज-अंकुरण के लिए अलग-अलग परिस्थितियाँ आवश्यक होती हैं। इस ज्ञान का उपयोग अनाज और दालों के उचित भंडारण के लिए कैसे किया जा सकता है?
हल: अंकुरण के लिए नमी, वायु और उपयुक्त तापमान आवश्यक होते हैं — इसलिए अनाज और दालों को ठंडी और सूखी जगह पर (जैसे कोल्ड स्टोरेज या वायुरोधी/एयरटाइट डिब्बों में) रखा जाना चाहिए, जिससे नमी और गर्मी जो अंकुरण को ट्रिगर करती है, उससे बचा जा सके।
प्र. 4: आपने सीखा है कि से (tail) टैडपोल में मौजूद होती है पर मेंढक बनने पर यह लुप्त हो जाती है। टैडपोल अवस्था में पूँछ होने का क्या लाभ है?
हल: पूँछ टैडपोल को पानी में तैरने और दिशा बदलने में मदद करती है, भोजन ढूँढ़ने और खुद को शिकारियों से बचाए रखने में सहायक होती है, तथा पानी में गति करते समय संतुलन बनाए रखने में भी मदद करती है।
प्र. 5: चरण कहता है कि लकड़ी का लट्ठा निर्जीव है क्योंकि वह गति नहीं कर सकता। चारु इसके विरुद्ध तर्क देती है कि यह सजीव है क्योंकि यह पेड़ से प्राप्त लकड़ी से बना है। चरण और चारु के इन दोनों कथनों के पक्ष या विपक्ष में अपने तर्क दीजिए।
हल: चरण के विरुद्ध तर्क: लकड़ी का लट्ठा कभी एक जीवित वृक्ष का हिस्सा था, जो सजीव था और सजीवों के लक्षण प्रदर्शित करता था — इसलिए केवल गति न कर पाना उसे हमेशा निर्जीव सिद्ध नहीं करता। चारु के विरुद्ध तर्क: एक बार पेड़ से अलग होने के बाद लकड़ी न तो गति कर सकती है, न श्वसन करती है, न वृद्धि करती है और न ही कोई अन्य जीवन-प्रक्रिया करती है — इसलिए वर्तमान में यह निर्जीव है।
प्र. 6: मच्छर और मेंढक के जीवन-चक्र में क्या समानताएँ और विशिष्ट अंतर हैं?
हल: समानताएँ: दोनों के जीवन-चक्र में चार अवस्थाएँ होती हैं। दोनों की शुरुआत अंडे से होती है। दोनों में एक लार्वल अवस्था (मेंढक में टैडपोल, मच्छर में लार्वा) होती है जो जलीय होती है। अंतर: मच्छर का जीवन-चक्र अंडा-लार्वा-प्यूपा-वयस्क होता है जबकि मेंढक का अंडा-टैडपोल-फ्रॉगलेट-वयस्क मेंढक होता है; वयस्क मच्छर पानी में नहीं रह सकता जबकि वयस्क मेंढक पानी और थल दोनों पर रह सकता है; वयस्क मच्छर लगभग 10 से 15 दिन जीवित रह सकता है जबकि मेंढक कई सप्ताह तक जीवित रह सकता है; लार्वा और प्यूपा साइफन से श्वसन करते हैं, टैडपोल गलफड़ से और वयस्क मेंढक फेफड़ों तथा त्वचा से श्वसन करता है।
प्र. 7: एक पौधे को वृद्धि के लिए सभी अनुकूल परिस्थितियाँ दी गई हैं। एक सप्ताह बाद उसके प्ररोह (shoot) और जड़ में आप क्या परिवर्तन देखने की अपेक्षा करेंगे? चित्र बनाकर कारण भी लिखिए।
हल: प्ररोह प्रकाश की दिशा में ऊपर की ओर बढ़ेगा (यह प्रकाशानुवर्तन/phototropism दर्शाता है, जो प्रकाश-संश्लेषण के लिए आवश्यक है) और जड़ें मिट्टी में नीचे की ओर बढ़ेंगी (यह गुरुत्वानुवर्तन/gravitropism दर्शाता है, जो स्थिरता व पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए आवश्यक है)। (चित्र स्वयं बनाना अपेक्षित है।)
प्र. 8: तारा और विजय ने चित्र में दिखाया गया प्रयोग स्थापित किया। उनका उद्देश्य क्या है, और उन्हें कैसे पता चलेगा कि उनका अनुमान सही है?
हल: वे यह जाँचना चाहते हैं कि बीज को किसी भी दिशा में रखें, उसका प्ररोह हमेशा ऊपर (प्रकाश की ओर) और जड़ हमेशा नीचे (मिट्टी में) बढ़ती है — यह सिद्ध करता है कि पौधों में प्रकाशानुवर्तन और गुरुत्वानुवर्तन जैसे प्राकृतिक तंत्र उनकी वृद्धि-दिशा निर्धारित करते हैं।
प्र. 9: यह जाँचने के लिए एक प्रयोग डिज़ाइन कीजिए कि तापमान का बीज-अंकुरण पर कोई प्रभाव पड़ता है।
हल: उद्देश्य: यह जाँचना कि तापमान का बीज-अंकुरण पर कोई प्रभाव पड़ता है। सामग्री: एक जैसे गमले, मिट्टी, बीज, थर्मामीटर और अलग-अलग तापमान नियंत्रित वातावरण। विधि: एकसमान मिट्टी वाले गमलों में बीज बोएं; प्रत्येक गमले को अलग-अलग तापमान (ठंडा, कमरे का सामान्य, गर्म) वाले वातावरण में रखें; सभी में बराबर मात्रा में पानी दें; दो सप्ताह तक प्रतिदिन अंकुरित बीजों की संख्या दर्ज करें। अवलोकन एवं निष्कर्ष: अलग-अलग तापमानों पर अंकुरण-दर की तुलना करके यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि किस तापमान पर अंकुरण सबसे अच्छा होता है।
अध्याय 11: प्रकृति की अमूल्य संपदा
अंतिम प्रश्नावली — सभी 16 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक से, बहु-स्रोत सत्यापित)
प्र. 1: दी गई सारणी में जल, वायु, वन और चट्टान जैसे प्राकृतिक संसाधनों को नवीकरणीय (renewable) या अनवीकरणीय (non-renewable) के रूप में वर्गीकृत करते हुए मिलान कीजिए।
हल: जल — नवीकरणीय; वायु — नवीकरणीय; वन — नवीकरणीय (परंतु पुनः उगने में लंबा समय लेता है); चट्टान/खनिज — अनवीकरणीय। (यह सारणी/मिलान-आधारित प्रश्न है — मूल पाठ्यपुस्तक की सारणी से सटीक मिलान करने की सलाह दी जाती है।)
प्र. 2: बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य (T) हैं या असत्य (F): (i) प्रकृति के पास मानव की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सभी संसाधन हैं। (ii) मशीनें प्रकृति में पाई जाती हैं। (iii) प्राकृतिक गैस अनवीकरणीय है। (iv) वायु नवीकरणीय है।
हल: (i) सत्य (T)। (ii) असत्य (F) — मशीनें मानव-निर्मित हैं, प्रकृति में नहीं पाई जातीं। (iii) सत्य (T)। (iv) सत्य (T)।
प्र. 3: रिक्त स्थान भरिए।
हल: (i) पेट्रोल/पेट्रोलियम से प्राप्त होता है — यह एक अनवीकरणीय संसाधन है। (ii) जल पृथ्वी पर जीवन के लिए सबसे आवश्यक संसाधनों में से एक है।
प्र. 4: संसाधनों को नवीकरणीय और अनवीकरणीय में वर्गीकृत कीजिए।
हल: नवीकरणीय: वन, जल, वायु, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा। अनवीकरणीय: कोयला, प्राकृतिक गैस, खनिज, पेट्रोलियम।
प्र. 5: पेट्रोलियम को अनवीकरणीय संसाधन क्यों माना जाता है?
हल: पेट्रोलियम को बनने में लाखों वर्ष लगते हैं और यह सीमित मात्रा में उपलब्ध है — एक बार समाप्त होने पर इसे फिर से (मानव जीवन-काल में) प्राप्त नहीं किया जा सकता, इसलिए इसे अनवीकरणीय संसाधन माना जाता है।
प्र. 6: वनों को पुनः उगाना कठिन क्यों होता है?
हल: पेड़ों को पूर्ण रूप से विकसित होने में कई वर्ष लगते हैं, वन का पारिस्थितिकी संतुलन (ecological balance) बनने में शताब्दियाँ लग जाती हैं, और वनोन्मूलन जैसी मानवीय गतिविधियाँ पुनर्जनन (regeneration) की प्रक्रिया को और कठिन बना देती हैं।
प्र. 7: अपनी पाँच दैनिक गतिविधियाँ बताइए जिनमें प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग होता है, और यह भी बताइए कि आप उन्हें कैसे संरक्षित कर सकते हैं।
हल: (1) पानी का उपयोग — नल खुला न छोड़कर संरक्षण करें। (2) वाहन के लिए ईंधन — कम दूरी के लिए पैदल/साइकिल का उपयोग करें। (3) बिजली की खपत — अनावश्यक उपकरण बंद रखें। (4) खाना पकाने के लिए गैस — बर्तन ढककर पकाएँ ताकि ऊर्जा बचे। (5) कागज़ का उपयोग — दोनों तरफ लिखकर कागज़ की बचत करें।
प्र. 8: ऐसी चार गतिविधियाँ बताइए जो वायु पर निर्भर करती हैं।
हल: साँस लेना, पतंग उड़ाना, गुब्बारा फुलाना और पवन ऊर्जा (windmill) से बिजली बनाना।
प्र. 9: हरित आवरण (green cover) बढ़ाने के लिए आप क्या-क्या कार्य कर सकते हैं?
हल: अधिक पेड़ लगाना, सामुदायिक वृक्षारोपण कार्यक्रमों में भाग लेना, मौजूदा पेड़ों की रक्षा करना, जन-जागरूकता अभियान चलाना और स्थानीय पर्यावरण-पहलों का समर्थन करना।
प्र. 10: (i) किस ऊर्जा स्रोत की चर्चा यहाँ की गई है? (ii) इसका एक लाभ और एक हानि बताइए।
हल: (i) सौर ऊर्जा (solar energy)। (ii) लाभ: यह नवीकरणीय और स्वच्छ (प्रदूषण-रहित) है। हानि: यह मौसम पर निर्भर है — बादल छाए होने या रात में सौर पैनल बिजली नहीं बना पाते।
प्र. 11: पेड़ों की जड़ें मिट्टी के कटाव (soil erosion) को कैसे रोकती हैं?
हल: पेड़ों की जड़ें मिट्टी के कणों को मज़बूती से बाँधे रखती हैं। यदि पेड़ न हों, तो ऊपरी उपज़ाऊ मिट्टी वर्षा के पानी में बह जाती है या तेज़ हवा से उड़ जाती है — इसे मिट्टी का कटाव कहते हैं, जिसे पेड़ों की जड़ें रोकने में सहायक होती हैं।
प्र. 12: वायु प्रदूषण के कारण और समाधान बताइए।
हल: कारण: वाहनों का धुआँ और औद्योगिक उत्सर्जन। समाधान: इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना, वायु फ़िल्टर/एयर प्यूरीफायर का उपयोग तथा अधिक वृक्षारोपण।
प्र. 13: यदि एक सप्ताह तक सूर्य का प्रकाश उपलब्ध न हो, तो क्या होगा?
हल: सौर पैनलों द्वारा बिजली उत्पादन बंद हो जाएगा, जिससे सौर ऊर्जा पर निर्भर घरों/उपकरणों को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों (जैसे बैटरी बैकअप या ग्रिड बिजली) की आवश्यकता पड़ेगी। इसके अलावा पौधों में प्रकाश-संश्लेषण भी बाधित होगा।
प्र. 14: दिए गए शब्दों (जीवाश्म ईंधन, वन, वायु, पेट्रोलियम, कोयला, जल, अनवीकरणीय संसाधन) का उपयोग करके रिक्त स्थान भरिए।
हल: (यह चित्र/शब्द-बैंक आधारित रिक्त-स्थान प्रश्न है — कोयला और पेट्रोलियम को जीवाश्म ईंधन (fossil fuels) कहा जाता है, जो अनवीकरणीय संसाधन हैं; वन, वायु और जल नवीकरणीय संसाधन हैं। सटीक वाक्य-संरचना हेतु मूल पाठ्यपुस्तक से मिलान करने की सलाह दी जाती है।)
प्र. 15: उद्योगों और आवास की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पेड़ों की बढ़ती माँग के कारण पेड़ काटे जा रहे हैं। क्या यह उचित है?
हल: यह उचित नहीं है। वनोन्मूलन (deforestation) से वन्यजीवों का आवास नष्ट होता है, मिट्टी का कटाव बढ़ता है, जलवायु परिवर्तन को बढ़ावा मिलता है, और पेड़ हमें ऑक्सीजन व भोजन के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं से भी बचाते हैं। इसलिए विकास की आवश्यकताओं और पर्यावरण-संरक्षण के बीच संतुलन बनाना ज़रूरी है — जितने पेड़ काटे जाएं, उससे अधिक नए पेड़ लगाए जाने चाहिए।
प्र. 16: अपने विद्यालय के लिए जल-संरक्षण की एक योजना बनाइए, जिसमें क्रियान्वयन के चरण और पर्यावरणीय लाभ भी शामिल हों।
हल: योजना: बगीचे की सिंचाई के लिए ग्रे वॉटर (grey water) का पुनः उपयोग करना, वर्षा जल संचयन (rainwater harvesting) प्रणाली स्थापित करना, और जल-कुशल नल (water-efficient fixtures) लगाना। क्रियान्वयन: जल-उपयोग की नियमित निगरानी करना, विद्यार्थियों को जल-बचत पहलों के लिए प्रोत्साहित करना और विद्यालय-प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करना। पर्यावरणीय लाभ: जल की बचत के साथ-साथ जल-शोधन और वितरण में लगने वाली ऊर्जा की भी बचत होती है, जिससे संपूर्ण संधारणीयता (sustainability) को बढ़ावा मिलता है।
अध्याय 12: पृथ्वी से परे
अंतिम प्रश्नावली — सभी 11 प्रश्नों के पूर्ण हल (NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक से, बहु-स्रोत सत्यापित)
प्र. 1: स्तंभ का मिलान कीजिए — पृथ्वी का उपग्रह; लाल ग्रह; तारामंडल (constellation); जिसे प्रायः ‘सांध्य तारा’ कहा जाता है।
हल: पृथ्वी का उपग्रह → चंद्रमा (Moon); लाल ग्रह → मंगल (Mars); तारामंडल → मृगशिरा/ओरायन (Orion); सांध्य तारा कहा जाने वाला ग्रह → शुक्र (Venus)।
प्र. 2: (i) दी गई पहेली को हल कीजिए (सुराग सौरमंडल के किसी ग्रह से संबंधित हैं)। (ii) इसी तरह की दो और पहेलियाँ बनाइए।
हल: (i) पहेली का उत्तर मंगल (MARS) है (दिए गए वर्ण-संकेतों के आधार पर)। (ii) विद्यार्थी अपनी पहेलियाँ बना सकते हैं, जैसे शुक्र (VENUS) या चंद्रमा (MOON) पर आधारित पहेलियाँ।
प्र. 3: निम्नलिखित में से कौन हमारे सौरमंडल का सदस्य नहीं है?
हल: सिरियस (Sirius) हमारे सौरमंडल का सदस्य नहीं है (यह एक तारा है, हमारे सौरमंडल से बाहर स्थित)।
प्र. 4: निम्नलिखित में से कौन सूर्य का ग्रह नहीं है?
हल: प्लूटो (Pluto) को अब ग्रह के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाता (यह एक बौना ग्रह/dwarf planet माना जाता है)।
प्र. 5: कौन-सा तारा अधिक चमकीला है?
हल: सिरियस (Sirius), ध्रुव तारे (Pole Star) की तुलना में अधिक चमकीला तारा है।
प्र. 6: क्या दी गई सूची में ग्रहों का क्रम सही है? जाँचिए और सुधारिए।
हल: सूर्य से ग्रहों का सही क्रम है — बुध (Mercury), शुक्र (Venus), पृथ्वी (Earth), मंगल (Mars), बृहस्पति (Jupiter), शनि (Saturn), अरुण/यूरेनस (Uranus), वरुण/नेप्च्यून (Neptune)।
प्र. 7-8: रात्रि आकाश के चित्रों में तारामंडल (जैसे सप्तर्षि/Big Dipper, लघु सप्तर्षि/Little Dipper, मृगशिरा/Orion) और ध्रुव तारे (Pole Star) को पहचानिए।
हल: ध्रुव तारे को सप्तर्षि तारामंडल की सहायता से पहचाना जाता है — सप्तर्षि के अंतिम दो तारों को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा को आगे बढ़ाने पर वह ध्रुव तारे तक पहुँचती है। (यह चित्र-पहचान आधारित प्रश्न है — मूल पाठ्यपुस्तक के आकाश-चित्र से मिलान करने की सलाह दी जाती है।)
प्र. 9: दिन के समय हमें तारे क्यों दिखाई नहीं देते?
हल: सूर्य की तेज़ रोशनी तारों की धीमी रोशनी को दबा देती है (outshine करती है), जिसके कारण दिन में तारे हमें दिखाई नहीं देते, हालांकि वे आकाश में मौजूद रहते हैं।
प्र. 10: कुछ रातों तक सप्तर्षि (Big Dipper) की स्थिति का अवलोकन करके यह जाँचिए कि यह ध्रुव तारे के चारों ओर किस प्रकार घूमता प्रतीत होता है।
हल: (यह दीर्घकालिक अवलोकन-आधारित गतिविधि है) — कई रातों तक एक ही समय पर आकाश का अवलोकन करने पर सप्तर्षि तारामंडल ध्रुव तारे के चारों ओर धीरे-धीरे घूमता हुआ प्रतीत होगा, क्योंकि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है जबकि ध्रुव तारा लगभग पृथ्वी की धुरी की सीध में स्थित है।
प्र. 11: रात्रि आकाश के बारे में एक रचनात्मक लेख/कविता लिखिए।
हल: (यह रचनात्मक-लेखन आधारित प्रश्न है, जिसका कोई निश्चित/एकल सही उत्तर नहीं है — विद्यार्थी अपने अवलोकन और कल्पना के आधार पर तारों, ग्रहों और चंद्रमा के विषय में स्वतंत्र रूप से लिख सकते हैं।)
यह पूरी श्रृंखला कक्षा 6 विज्ञान की जिज्ञासा किताब (कैटालॉग पेज) से जुड़ी है — साथ ही अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न, रिविज़न नोट्स और की फैक्ट्स हैंडबुक भी देखें।
Class 6 Science – Notes and Extra Questions
Along with these NCERT Solutions, students can also use the Class 6 Science Extra Questions and Class 6 Science Revision Notes for quick revision and extra practice.

