NCERT Class 2 Maths Solutions in Hindi (Anandmay Ganit)

कक्षा 2 (हिंदी मीडियम) की गणित पाठ्यपुस्तक आनंदमय गणित (NCERT, NEP 2026-27 पाठ्यक्रम) के सभी 11 पाठों की सूची और हर पाठ में सिखाई गई मुख्य अवधारणा नीचे दी गई है। यह गाइड बच्चों और अभिभावकों दोनों के लिए यह समझने में मदद करता है कि हर पाठ में क्या सीखा जाएगा, ताकि घर पर अभ्यास कराना आसान हो जाए।

पाठों की सूची और मुख्य अवधारणा

  • अध्याय 1: समुद्र किनारे एक दिन — समूह में गिनना
  • अध्याय 2: आस-पास की आकृतियाँ — त्रि-आयामी आकृतियाँ
  • अध्याय 3: संख्याओं का आनंद — 100 तक की संख्याएँ
  • अध्याय 4: कहानी परछाइयों से — टोगालू) (द्वि-आयामी आकृतियाँ
  • अध्याय 5: रेखाओं से खेल
  • अध्याय 6: त्योहार पर सजावट — जोड़ना और घटाना
  • अध्याय 7: रानी का उपहार — मापन
  • अध्याय 8: समूह एवं बाँटवारा — गुणा और भाग
  • अध्याय 9: मौसम का आनंद — समय
  • अध्याय 10: मेले का आनंद — रुपये और पैसे
  • अध्याय 11: आँकड़ों के साथ कार्य – पहेलियाँ

NCERT Class 2 Maths Solutions in Hindi- Anandmay Ganit (आनंदमय गणित) | अध्याय 1: समुद्र किनारे एक दिन — हल एवं व्याख्या

यह भाग “आनंदमय गणित” (कक्षा 2, हिंदी मीडियम) के अध्याय 1 “समुद्र किनारे एक दिन” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल एवं व्याख्या देता है। इस अध्याय में समूह में गिनना (जैसे 5, 10 के समूहों में) सिखाया जाता है। (स्रोत: NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, bhjm101.pdf)

कहानी — समुद्र किनारे की दुकान

अध्याय एक समुद्र किनारे के दृश्य से शुरू होता है — नारियल के पेड़ों के बीच एक फल/गुब्बारों की दुकान है — जहां केले, जैकफ्रूट, नारियल, रंग-बिरंगे गुब्बारे और शंख-सीपियों की मालाएं समूहों में सजी हैं।

रिक्त स्थान भरिए (अभ्यास)

प्र. क. सीपियों की ___ मालाएं हैं। प्रत्येक माला में 10 सीपियां हैं।
उ. चित्र में दिखाई गई सीपियों की मालाओं को गिनकर खाली जगह भरनी है। जैसे ही प्रश्न में बताया गया है, हर माला में 10-10 सीपियां हैं — बच्चे को मालाओं की संख्या गिनकर भरनी है, और फिर चाहें तो कुल सीपियां जानने के लिए मालाओं की संख्या को 10 से गुणा किया जा सकता है (मालाओं × 10)।

प्र. ख. गुब्बारों के ___ समूह हैं। प्रत्येक समूह में ___ गुब्बारे हैं एवं ___ गुब्बारे शेष हैं।
उ. चित्र में गुब्बारे रंग-वार गुच्छों में बंधे हैं और कुछ अलग से भी रखे हैं। बच्चे को पहले पूरे-पूरे समूहों को गिनना है, फिर हर समूह में गुब्बारों की संख्या गिननी है, और अंत में जो गुब्बारे किसी भी समूह में नहीं हैं, उन्हें “शेष” में गिना जाता है।

प्र. ग. केलों के ___ गुच्छे हैं। प्रत्येक गुच्छे में ___ केले हैं एवं ___ केले शेष हैं।
उ. इसी तरह — चित्र में दिखाए गए केलों के गुच्छों को गिनकर, हर गुच्छे में केलों की संख्या गिनकर और बची हुई (समूह में न आने वाली) केलों को अलग गिनकर बल्लें भरी जाती हैं।

शंख-सीपियों से कंगन/माला बनाना (अभ्यास)

पुस्तक में सुरभि नाम की बच्ची अपनी मां की मदद से शंख-सीपियों से कंगन और मालाएं बनाती है। पहले वह शंख-सीपियां गिनती है, फिर उन्हें एक-एक करके गोल आकार के कंगनों में पिरोती है।

व्याख्या: प्रत्येक कंगन में कितनी शंख-सीपियां लगीं, यह चित्र देखकर गिनना होता है — फिर बने कुल कंगनों की संख्या को प्रत्येक में लगी शंख-सीपियों से गुणा करके कुल शंख-सीपियां की जांच की जा सकती है।

NCERT Class 2 Maths Solutions in Hindi- Anandmay Ganit (आनंदमय गणित) | अध्याय 2: आस-पास की आकृतियाँ — हल एवं व्याख्या

यह भाग “आनंदमय गणित” (कक्षा 2, हिंदी मीडियम) के अध्याय 2 “आस-पास की आकृतियाँ” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल एवं व्याख्या देता है। इस अध्याय में त्रि-आयामी आकृतियों (3D shapes) की पहचान संगीत वाद्य यंत्रों के माध्यम से कराई जाती है। (स्रोत: NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, bhjm102.pdf)

गरबा उत्सव — संगीत वाद्यों की आकृतियाँ (अभ्यास)

प्र. क. ड्रम के आकार जैसे अन्य उपकरणों पर गोला लगाइए।
उ. ड्रम का आकार बेलन (cylinder) जैसा होता है — चित्र में दिखाई गई डफली/तबले जैसे बेलनाकार वाद्ययंत्र इसी आकार के हैं।

प्र. ख. मटके के आकार जैसे अन्य उपकरणों पर सही का चिह्न ✓ लगाइए।
उ. मटका (घड़ा) गोल/अंडाकार होता है — संगीत वाद्यों में जो उपकरण इसी गोल बनावट के होंगे, उन्हें सही माना जाएगा।

प्र. ग. शहनाई जैसी आकृति पर सही का चिह्न ✓ लगाइए (विकल्प: नीला शंकु/तिकोन आकार, नारंगी गोल, गुलाबी आयत)।
उ. शहनाई एक छोर से चौड़ी ओर फैलती हुई आकृति (शंकु/cone) की होती है, इसलिए दिए गए विकल्पों में से नीला शंकु-आकार वाला चिन्ह सही उत्तर है।

प्र. घ. चर्चा कीजिए कि हारमोनियम का आकार ड्रम के आकार से किस तरह भिन्न है?
उ. हारमोनियम का आकार घनाभ/बॉक्स (cuboid) जैसा होता है — इसकी सभी सतहें समतल (प्लेन) होती हैं, जबकि ड्रम का आकार बेलन जैसा होता है जिसकी सतह घुमावदार (गोल) होती है।

सबसे अलग पहचानिए (अधिक अभ्यास)

पंक्ति 1: गाजर, आइसक्रीम कोन, संतरा, आइसक्रीम कोन — इनमें सबसे अलग कौन?
उ. संतरा सबसे अलग है, क्योंकि बाकी तीनों (गाजर, आइसक्रीम कोन × 2) का आकार शंकु (cone) जैसा है, जबकि संतरा गोल (स्फीयर) होता है।

पंक्ति 2: सूर्य, घर, चाँद, पृथ्वी (ग्लोब) — इनमें सबसे अलग कौन?
उ. घर सबसे अलग है, क्योंकि सूर्य, चाँद और पृथ्वी तीनों गोल/गेंदाकार (sphere) हैं, जबकि घर का आकार गोला नहीं होता।

NCERT Class 2 Maths Solutions in Hindi- Anandmay Ganit (आनंदमय गणित) | अध्याय 3: संख्याओं का आनंद — हल एवं व्याख्या

यह भाग “आनंदमय गणित” (कक्षा 2, हिंदी मीडियम) के अध्याय 3 “संख्याओं का आनंद” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल एवं व्याख्या देता है। इस अध्याय में 100 तक की संख्याओं को पहचानना, लिखना और संख्या-पट्टी (number grid) पर आगे-पीछे गिनना सिखाया जाता है। (स्रोत: NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, bhjm103.pdf)

गिनलड़ी (मोती की लड़ी) देखिए एवं बताइए (अभ्यास)

प्र. क. गिनलड़ी में कितने मोती हैं?
उ. पुस्तक में पीले और नीले मोतियों की एक लंबी लड़ी (गिनलड़ी) चित्रित है, जिसमें बीच-बीच में “22” जैसे संख्या-कार्ड लटके हैं। बच्चे को पुस्तक में दिखाई गई वास्तविक गिनलड़ी के मोतियों को एक-एक करके गिनकर कुल संख्या बतानी है।

प्र. ख. गिनलड़ी पर कुछ ऐसे कार्ड लटके हैं, जिन पर संख्याएं नहीं लिखी हैं। इन पर मोतियों की संख्या के अनुसार संख्याएं लिखिए।
उ. खाली कार्ड तक पहुंचने वाले मोतियों को गिनकर उस स्थान पर सही संख्या लिखनी है — जैसे अगर “22” वाले कार्ड से आगे 5 मोती और हैं, तो अगले खाली कार्ड पर “27” लिखा जाएगा।

प्र. ग. नीचे दी गई संख्याओं के अनुसार कार्ड बनाइए एवं गिनलड़ी में लटकाइए — 38, 44, 58, 65, 98।
उ. हर संख्या के लिए एक कार्ड बनाकर, उसे गिनलड़ी पर उसी स्थान पर लटकाना है जहां उतने मोती गिने जाएं — जैसे “38” का कार्ड 38वें मोती के बाद लटकेगा।

संख्या पट्टी (Number Grid) — आगे-पीछे गिनना

इस भाग में 1 से 100 तक की संख्या-पट्टी पर तितली और मधुमक्खी को फूलों तक पहुँचाने के लिए कदमों की संख्या भरने को कहा गया है।

व्याख्या: इन प्रश्नों के सटीक उत्तर के लिए पुस्तक में दी गई संख्या-पट्टी पर तितली/मधुमक्खी की शुरूआती स्थिति से फूल तक के बीच के घरों (कदमों) को गिनना होता है — बच्चों को चित्र में दिखाई गई सटीक स्थिति देखकर खुद गिनना चाहिए, क्योंकि उत्तर चित्र में दिखाई गई सटीक स्थिति (तितली/मधुमक्खी और फूल की सटीक स्थिति) पर निर्भर करता है।

NCERT Class 2 Maths Solutions in Hindi- Anandmay Ganit (आनंदमय गणित) | अध्याय 4: कहानी परछाईयों से (टोगालू) — हल एवं व्याख्या

यह भाग “आनंदमय गणित” (कक्षा 2, हिंदी मीडियम) के अध्याय 4 “कहानी परछाईयों से (टोगालू)” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल एवं व्याख्या देता है। इस अध्याय में परछाईंयों के द्वारा द्वि-आयामी आकृतियों (2D shapes) को पहचानना सिखाया जाता है। (स्रोत: NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, bhjm104.pdf)

कहानी: “तोगलू गोम्बेयट” — परछाईंयों का नाटक

नकुल ने गाँव के मेले में एक एसा नाटक देखा जो परछाईयों द्वारा दर्शाया जाता है, जिसे “तोगलू गोम्बेयट” (एक परंपरागत छाया-कटपुतली कला) के नाम से जाना जाता है। नकुल और उसकी सहेली परछाईयों को देखकर खुश और अचंभित हो गए और खुद भी परछाईयाँ बनाने की कोशिश की।

अभ्यास: परछाईं का खेल

प्र. टॉर्च से घन (क्यूब), शंकु (कोन), बेलन (सिलिंडर) और गोला (स्फियर) जैसी वस्तुओं पर रोशनी डालने पर उनकी परछाईयाँ कैसी दिखती हैं?
उ. टॉर्च की रोशनी जब किसी ठोस (त्रि-आयामी) वस्तु पर पड़ती है, तो उसकी परछाईं एक सपाट द्वि-आयामी आकृति बनाती है। घन (क्यूब) की परछाईं वर्ग या आयत (square/rectangle) जैसी बनती है, शंकु (कोन) की परछाईं त्रिभुज (triangle) जैसी, बेलन (सिलिंडर) की परछाईं आयत या वृत्त जैसी, और गोले (स्फियर) की परछाईं हमेशा वृत्त (गोल/सर्कल) जैसी ही बनती है, चाहे टॉर्च किसी भी कोण से रखी जाए।

प्र. क्या टॉर्च की स्थिति बदलने पर परछाईयों के आकार में परिवर्तन होता है?
उ. हाँ, टॉर्च को नजदीक, दूर, ऊंचा या नीचे रखने पर परछाईं क्रमशः बड़ी, छोटी, एकतरफा एवं तिरछी हो जाती है।

प्र. दिन के किस समय आपकी परछाईं सबसे छोटी होती है?
उ. दोपहर के आस-पास जब सूर्य सिर के ठीक ऊपर होता है, तब हमारी परछाईं सबसे छोटी दिखाई देती है।

NCERT Class 2 Maths Solutions in Hindi- Anandmay Ganit (आनंदमय गणित) | अध्याय 5: रेखाओं से खेल — हल एवं व्याख्या

यह भाग “आनंदमय गणित” (कक्षा 2, हिंदी मीडियम) के अध्याय 5 “रेखाओं से खेल” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल एवं व्याख्या देता है। इस अध्याय में सीधी रेखाओं (खड़ी, पड़ी, तिरछी) और घुमावदार रेखाओं की पहचान सिखाई जाती है। (स्रोत: NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, bhjm105.pdf)

अभ्यास: मैदान में आसन/व्यायाम की मुद्राएँ और रेखाएँ

प्र. क. एसे आसनों पर ⊙ बनाइए, जिनमें खड़ी रेखाएँ दिखाई दे रही हैं। ख. एसे आसनों पर ✓ बनाइए, जिनमें खड़ी और तिरछी दोनों रेखाएँ दिखाई दे रही हैं। ग. एसे आसनों पर ✗ बनाइए, जिनमें घुमावदार रेखाएँ दिखाई दे रही हैं?
उ. बच्चों को मैदान में व्यायाम करते बच्चों के चित्र देखकर पहचानना होता है कि उनके हाथ-पैर सीधी खड़ी रेखा (ऐसे बज़े हुए हाथ ऐकड़े खड़े हों), तिरछी रेखा (हाथ तिरछे कोण पर), या घुमावदार रेखा (हाथ/शरीर मुड़े-झुके) बनाते हैं।

क्या है सीधा? (धागे से रेखाएँ पहचानना)

प्र. एक धागे को दोनों हाथों से पकड़कर पड़ी रेखा, घुमावदार रेखा, तिरछी रेखा और खड़ी रेखा बनाई गई। इनमें से कौन-सी रेखाएँ “सीधी” हैं?
उ. पड़ी, खड़ी और तिरछी — तीनों रेखाएँ सीधी रेखाएँ होती हैं (इनमें कहीं भी मोड़ नहीं आता), लेकिन घुमावदार रेखा सीधी नहीं होती, क्योंकि उसमें मोड़ होता है। इसीलिए पुस्तक में दिया गया खाली स्थान “तिरछी/पड़ी/खड़ी रेखाएँ ___ होती हैं” इस शब्द से भरा जाएगा: सीधी

प्र. छूटी हुई खड़ी, पड़ी, तिरछी और घुमावदार रेखाएँ चित्र में कैसे बनाईं?
उ. पार्क के चित्र में दी गई अधूरी रेखाओं को देखकर पहचाना जाता है कि वह खड़ी है, पड़ी है, तिरछी है या घुमावदार — उसी के अनुसार पेंसिल से उसे पूरा किया जाता है।

NCERT Class 2 Maths Solutions in Hindi- Anandmay Ganit (आनंदमय गणित) | अध्याय 6: त्यौहार पर सजावट (जोड़ना और घटाना) — हल एवं व्याख्या

यह भाग “आनंदमय गणित” (कक्षा 2, हिंदी मीडियम) के अध्याय 6 “त्यौहार पर सजावट” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल एवं व्याख्या देता है। इस अध्याय में फूल-मालाओं की गिनती के जरिये स्थानीय मान (दहाई-इकाई) की समझ के साथ जोड़ना (addition) सिखाया जाता है। (स्रोत: NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, bhjm106.pdf)

रोहन एवं मित्रों की फूल-मालाएँ (अभ्यास)

प्र. रोहन एवं उसके मित्रों (सिमरन, आकाश, सुआली, जोहा, जावेद) को त्यौहार पर घर सजाने के लिए फूल मालाएँ चाहिए। हर माला में 10 फूल हैं। हर बच्चे की मालाओं और बचे हुए फूलों की संख्या के आधार पर उसके कुल फूल कैसे जोड़ें?
उ. हर बच्चे के कुल फूल जानने के लिए, मालाओं की संख्या को 10 से गुणा करके उसमें बचे हुए एकल (खुले) फूल जोड़े जाते हैं — जैसे पुस्तक के एक उदाहरण में दिखाया गया है: अगर रोहन के पास 1 माला और 2 खुले फूल हैं, तो उसके कुल फूल = 10 × 1 + 2 = 12। इसी तरह हर बच्चे के फूलों की गिनती की जाती है।

रोहन एवं सुआली के फूलों का योग (स्थानीय मान से जोड़ना)

प्र. रोहन कहता है “मेरे पास 10 + 2 = 12 फूल हैं” और सुआली कहती है “मेरे पास 50 + 3 = 53 फूल हैं”। रोहन एवं सुआली दोनों ने मिलकर कुल कितने फूल लिए?
उ. रोहन के 12 फूल और सुआली के 53 फूल जोड़ने पर: 12 + 53 = 65 फूल। यह जोड़ दहाई-इकाई (द-इ) स्थानीय मान विधि से इस तरह की जाती है — पहले इकाई के अंक जोड़े: 2 + 3 = 5, फिर दहाई के अंक जोड़े: 1 + 5 = 6, जिससे उत्तर 65 बनता है। इसीलिए रोहन और सुआली खुशी से कहते हैं — “अरे वाह! हम 65 फूल लाए हैं।”

NCERT Class 2 Maths Solutions in Hindi- Anandmay Ganit (आनंदमय गणित) | अध्याय 7: रानी का उपहार (मापन) — हल एवं व्याख्या

यह भाग “आनंदमय गणित” (कक्षा 2, हिंदी मीडियम) के अध्याय 7 “रानी का उपहार” की कहानी, गतिविधियों और प्रश्नों के हल एवं व्याख्या देता है। इस अध्याय में मापन (measurement) की आवश्यकता और मानक (स्टैंडर्ड) इकाई की समझ सिखाई जाती है। (स्रोत: NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, bhjm107.pdf)

कहानी: राजा जगदीप और पलंग की समस्या

एक बार जगदीप नाम का राजा अपनी रानी के लिए नक्काशी वाला सुंदर पलंग बनवाना चाहता था। उसने बड़ई को बुलाकर कहा: “मैं चाहता हूँ कि पलंग 10 बालिश्त लंबा हो।” बड़ई ने अपने ही हाथ के बालिश्त (हाथ-स्पेन) से नाप कर पलंग बनाया। जब पलंग तैयार हुआ, तो रानी ने कहा — “मैं पलंग पर पूरी तरह नहीं आ पा रही हूँ।” बाद में जब राजा के सेवक ने उसी पलंग को अपने हाथ के बालिश्त से मापा, तो गिनती गया — “1, 2, 3 … 14 यह पलंग तो 14 बालिश्त लंबा है।” इस पर राजा समेत सभी लोग असमंजस में पड़ गए।

अभ्यास: समस्या का कारण और समाधान

प्र. बढ़ई ने 10 बालिश्त नापकर पलंग बनाया, फिर भी वह रानी के लिए छोटा निकला और सेवक की गिनती में 14 बालिश्त आया — एसा क्यों हुआ?
उ. क्योंकि बालिश्त (हाथ-स्पेन) एक “अमानक” (non-standard) इकाई है — बड़े आदमी का हाथ बड़ा होता है और बच्चे/सेवक का हाथ छोटा। जब बड़ई ने अपने बड़े हाथ से 10 बालिश्त नापी, तो वही लंबाई छोटे हाथ से नापने पर 14 बालिश्त जितनी निकली। इसीलिए मंत्री कहते हैं कि “इस समस्या का हल मेरे पास है” — सभी के लिए समान (मानक/स्टैंडर्ड) माप इकाई, जैसे स्केल/फीता, इस्तेमाल करने से यह गलती नहीं होती।

प्र. नीचे दी गई वस्तुओं को अपनी पाठ्यपुस्तक से मापिए — इस गतिविधि से हमें क्या फ़ायदा होता है?
उ. पाठ्यपुस्तक जैसी एक निश्चित (समान) वस्तु से मापने पर, चाहे कोई भी बच्चा नापे, उत्तर हमेशा एक जैसा ही आएगा (बशर्ते कि पुस्तक सही से रखी गई हो)। यही वजह है कि स्केल/सेंटीमीटर-मीटर जैसी मानक इकाइयों का प्रयोग किया जाता है।

NCERT Class 2 Maths Solutions in Hindi- Anandmay Ganit (आनंदमय गणित) | अध्याय 8: समूह एवं बाँटवारा (गुणा और भाग) — हल एवं व्याख्या

यह भाग “आनंदमय गणित” (कक्षा 2, हिंदी मीडियम) के अध्याय 8 “समूह एवं बाँटवारा” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल एवं व्याख्या देता है। इस अध्याय में बार-बार जोड़ने (repeated addition) से गुणा (multiplication) तक पहुँचना सिखाया जाता है। (स्रोत: NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, bhjm108.pdf)

सड़क के दृश्य से: पहियों की गिनती (अभ्यास)

प्र. कुल 4 साइकिलें हैं। प्रत्येक साइकिल के 2 पहिये हैं। कुल पहिये कितने हुए?
उ. कुल पहिये = 2+2+2+2 = 8। यहाँ हम 2 को 4 बार जोड़ रहे हैं, इसलिए “4 बार 2 = 8” या “2 के 4 समूह 8 होते हैं”। “बार” शब्द को गुणा चिह्न (×) से भी लिखा जाता है, इसलिए 4 × 2 = 8।

प्र. ऑटोरिक्षा की संख्या = 2। प्रत्येक ऑटोरिक्षे में 3 पहिये हैं। कुल पहिये कितने हुए?
उ. कुल पहिये = 3+3 = 6। यह “2 बार 3 = 6” या “3 के 2 समूह 6 होते हैं” है, अर्थात 2 × 3 = 6।

प्र. कारों के साथ भी यही तरीका आगे बढ़ाने के लिए कहा गया है — कारों की संख्या, प्रत्येक कार में पहियों की संख्या, और कुल पहियों के खाली स्थान भरने हैं। इसे कैसे भरें?
उ. पाठ्यपुस्तक में दिखाई गई सड़क की तस्वीर में कारों को गिनकर उनकी संख्या पहले खाने में लिखें (हर कार में 4 पहिये होते हैं), फिर साइकिल और ऑटोरिक्षा की तरह ही 4 को उतनी ही बार जोड़ा जितनी कारें हैं — और उसे गुणा में भी व्यक्त किया जा सकता है (कारों की संख्या × 4)।

NCERT Class 2 Maths Solutions in Hindi- Anandmay Ganit (आनंदमय गणित) | अध्याय 9: मौसम का आनंद (समय) — हल एवं व्याख्या

यह भाग “आनंदमय गणित” (कक्षा 2, हिंदी मीडियम) के अध्याय 9 “मौसम का आनंद” की कविताओं, गतिविधियों और प्रश्नों के हल एवं व्याख्या देता है। इस अध्याय में मौसमों और उनसे जुड़े त्यौहारों के माध्यम से समय (calendar/seasons) की समझ विकसित की जाती है। (स्रोत: NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, bhjm109.pdf)

मौसमों की कविताएँ

इस अध्याय में पांच मौसमों — वसंत (spring), गर्मी (summer), बरसात (monsoon), पतझड़ (autumn) और सर्दी (winter) — पर प्यारी कविताएँ दी गई हैं। बसंत में बगीचे फूलों से भरे होते हैं, कोयल-पपीहा गाते हैं; गर्मी में सूरज खूब चमकता है और धरती पर धूप फैलती है; पतझड़ में पेड़ों से पत्ते गिरते हैं; सर्दी में ठंडी-ठंडी हवा चलती है और हम मोटे-मोटे कपड़े पहनते हैं।

अभ्यास: मौसम, नाम और त्यौहार मिलाना

प्र. मौसम के चित्रों को उनके नाम और उस मौसम में आने वाले त्यौहारों के साथ मिलाइए।
उ. भारत में हर मौसम के साथ कुछ त्यौहार जुड़े होते हैं: वसंत के साथ — होली, बैसाखी, गुड़ी पड़वा; गर्मी के साथ — रामनवमी, महावीर जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा; पतझड़ के साथ — दशहरा, शरद पूर्णिमा, दीपावली; सर्दी के साथ — शिवरात्रि, लोहड़ी, बिहू, क्रिसमस, गणतंत्र दिवस, गुरु नानक जयंती। इस तरह हर मौसम की अपनी खास पहचान और त्यौहार होते हैं।

प्र. आपकी छुट्टियाँ किस मौसम में होती हैं? आपका जन्मदिन किस मौसम में आता है?
उ. यह प्रश्न हर बच्चे के लिए अलग-अलग होता है, क्योंकि यह उसकी अपनी छुट्टियों और जन्मतिथि पर निर्भर करता है। इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों को यह सोचना सिखाना है कि साल में आने वाले विभिन्न मौसम कौन-से महीनों में आते हैं।

NCERT Class 2 Maths Solutions in Hindi- Anandmay Ganit (आनंदमय गणित) | अध्याय 10: मेले का आनंद (रुपये और पैसे) — हल एवं व्याख्या

यह भाग “आनंदमय गणित” (कक्षा 2, हिंदी मीडियम) के अध्याय 10 “मेले का आनंद” की कहानी, गतिविधियों और प्रश्नों के हल एवं व्याख्या देता है। इस अध्याय में रुपये-पैसों की पहचान, खर्च और बचत की गिनती सिखाई जाती है। (स्रोत: NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, bhjm110.pdf)

कहानी: रूपल का मेला

रूपल को मेले में जाना बहुत पसंद है। वह अपने मित्रों के साथ पास के मेले में गई। उसकी माँ ने उसे ₹50 दिए। उसने अधिकतर पैसे झूला झूलने में खर्च कर दिए। (स्रोत: NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, bhjm110.pdf)

अभ्यास: रूपल ने कितना खर्च किया?

प्र. झूले के नीचे दिखाई गई नोटों/सिक्कों से रूपल ने प्रत्येक झूले पर कितना-कितना खर्च किया, यह पहचानकर लिखिए।
उ. मेरी-गो-राउंड के नीचे ₹10 का नोट दिखाया गया है, यानी रूपल ने मेरी-गो-राउंड पर ₹10 खर्च किए। ट्रेन की सवारी के नीचे ₹20 का नोट दिखाया गया है, यानी ट्रेन पर ₹20 खर्च किए। ंफेरिस व्हील के नीचे दो सिक्के दिखाए गए हैं ।

प्र. रूपल का कुल खर्च कैसे जोड़ा जाता है, और उसके पास कितने पैसे बचे?
उ. प्रत्येक झूले पर खर्च की गई राशियों को जोड़कर कुल खर्च निकाला जाता है, फिर “रूपल की माँ द्वारा दिए गए पैसे (₹50) − खर्च हुए पैसे = रूपल के पास बचे हुए पैसे” — इस घटाने से बचे हुए पैसे ज्ञात हो जाते हैं।

प्र. रूपल की एक मित्र के पास ₹50 में से ₹8 बचे थे। पता कीजिए कि उसने कुल कितने रुपये खर्च किए?
उ. मित्र खुद समझाती है — “मेरे पास ₹8 बचे हैं और मैंने ₹20 का झूला झूला, कुल ₹28 हुए। फिर मैंने ₹20 खाने-पीने में खर्च किए, कुल ₹48 हुए।” यह वह खर्च की गई राशियों को बचे हुए ₹8 में बार-बार जोड़कर वापस ₹50 तक पहुँचने की विधि है। सीधे घटाकर भी निकाल सकते हैं: मित्र ने कुल खर्च किए = ₹50 − ₹8 = ₹42।

NCERT Class 2 Maths Solutions in Hindi- Anandmay Ganit (आनंदमय गणित) | अध्याय 11: आँकड़ों के साथ कार्य — हल एवं व्याख्या

यह भाग “आनंदमय गणित” (कक्षा 2, हिंदी मीडियम) के अंतिम अध्याय 11 “आँकड़ों के साथ कार्य” की गतिविधियों और प्रश्नों के हल एवं व्याख्या देता है। इस अध्याय में चित्रों से आँकड़े (डेटा) इकट्ठे करके तालिका बनाना और उसे पड़कर सवालों का उत्तर देना सिखाया जाता है। (स्रोत: NCERT आधिकारिक पाठ्यपुस्तक, bhjm111.pdf)

अभ्यास: मनपसंद रंग (तालिका बनाना)

प्र. चित्र में 10 बच्चे अलग-अलग रंग (लाल, हरा, नीला, पीला) के कपड़े पहने हुए हैं। हर रंग के कितने बच्चे हैं, गिनकर तालिका पूरी कीजिए।
उ. चित्र में बच्चों को गिनकर: लाल रंग के कपड़े पहने 1 बच्चा, हरे रंग के 3 बच्चे, नीले रंग के 4 बच्चे, और पीले रंग के 2 बच्चे हैं। इन सबको जोड़ने पर 1+3+4+2 = 10 बच्चे बनते हैं, जो चित्र में दिखाए गए कुल बच्चों की संख्या से मेल खाता है।

प्र. सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला रंग कौन-सा है?
उ. नीला रंग, क्योंकि तालिका में नीले रंग के सबसे अधिक (4) बच्चे हैं।

अभ्यास: पिकनिक (फलों की तालिका)

प्र. पिकनिक पर बच्चों को केला, संतरा, सेब, कीवी और अंगूर जैसे फल दिए गए। बच्चे अपनी-अपनी पसंद का फल लेकर खा रहे हैं। इसे तालिका में कैसे भरें?
उ. चित्र में हर फल के नीचे उसे खा रहे बच्चों को गिनकर तालिका में संख्या भरनी है। फिर इसी तालिका की मदद से प्रश्नों के उत्तर दिए जाते हैं — जैसे कुल बच्चों की संख्या क्या है, कितने बच्चे फल खा रहे हैं, सबसे अधिक बच्चे कौन-सा फल खा रहे हैं और सबसे कम बच्चे कौन-सा फल खा रहे हैं। इस प्रकार की तालिका बनाना ही “आँकड़ों के साथ कार्य” (data handling) कहलाता है।

इस गाइड का उपयोग कैसे करें

पहले संबंधित पाठ को किताब में पढ़ें, फिर यहाँ दी गई मुख्य अवधारणा को दोबारा पढ़कर जाँचें कि बच्चे को अवधारणा समझ आई या नहीं। शुरुआती कक्षाओं में समाधान से ज़्यादा ज़रूरी है कि बच्चा गिनती, आकृतियों और रोज़मर्रा की चीज़ों से जोड़कर सीखे — इसलिए हर पाठ के बाद घर की वस्तुओं (जैसे बर्तन, खिलौने, फल) का उपयोग करके अभ्यास कराएँ।

यह किताब क्यों महत्वपूर्ण है

आनंदमय गणित NCERT की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार तैयार की गई पाठ्यपुस्तक है, जिसमें कहानियों, खेलों, गतिविधियों और चित्रों के माध्यम से बुनियादी अवधारणाओं को विकसित करने पर ज़ोर दिया गया है। यह रटने पर जोर देने की बजाय समझ बनाने पर जौर देती है, इसलिए स्कूल और घर — दोनों जगह पर इसी तरीके से पढ़ाना सबसे फ़ायदेमंद रहता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र. इस किताब में कुल कितने पाठ हैं?
उ. वर्तमान NEP 2026-27 संस्करण में कुल 11 मुख्य पाठ हैं।

प्र. क्या यह पुस्तक निःशुल्क डाउनलोड की जा सकती है?
उ. हाँ, NCERT की सभी पाठ्यपुस्तकें आधिकारिक रूप से निःशुल्क हैं; लिंक नीचे दिए गए कैटलॉग पेज पर मिलेंगे।

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Written by Satish

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